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पुरुषों में छाले

परिचय

थ्रश एक प्रकार का फ़ंगल संक्रमण है जो कैंडिडा अल्बीकेन्स (Candida albicans) नामक फंगस से होता है। स्त्री और पुरुष दोनों को ही ये हो सकता है परंतु इसको स्त्रियों में ज़्यादा पाया जाता है।

थ्रश को को मेडिकल भाषा में कैंडिडिआसिस(candidiasis) कहते हैं।

यह कैसा दिखता है?

पुरुषों में अक्सर यह लिंग के सिरे को प्रभावित कर सूजन, लम्पी और गंध्युक्त स्खलन और मूत्र विसर्जन के समय दर्द जैसे लक्षण पैदा करता है। थ्रश के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

यह त्वचा को(कैंडिडल त्वचा संक्रमण), और मुंह के अंदर को भी प्रभावित करता है(ओरल थ्रश (oral thrush) या मुंह के छाले)।

क्या मुझे डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अगर आपको पहली बार लगा है की आपको थ्रश है तो सलाह के लिए डॉक्टर को दिखाना सबसे उचित है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसके लक्षण यौन संबंधों से होने वाले रोगों (STI) के जैसे होते हैं। डॉक्टर आपको अंतर बता सकते हैं।

अगर आपको पहले भी थ्रश हो चुका है और आप लक्षणों को पहचानते हैं तो आप दवाओं से खुद इसका इलाज कर सकते हैं। इसके लिए दवाइयाँ बिना किसी मेडिकल पर्चे के उपलब्ध हैं।

अगर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है और आपको थ्रश हुआ है, तो भी आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसके संक्रमण का गम्भीर रूप, इनवेसिव कैंडिडिआसिस(invasive candidiasis) होने का खतरा है। और जानकारी के लिए इसकी जटिलताओं को देखें।

थ्रश की रोकथाम और इलाज

थ्रश के इलाज के लिए दवाइयाँ बिना पर्चे के भी उपलब्ध हैं। अगर आपका लिंग इससे प्रभावित है, तो आप अपने दवा विक्रेता से फ्लूकोनाज़ोल(fluconazole) की गोली मांगे। जांघ के बीच का भाग या कहीं और ये संक्रमण होने पर आपका दवा विक्रेता आपको क्रीम या मलहम दे सकते हैं।

थ्रश का यौन सम्बंध के दौरान फैलने का खतरा होता है परन्तु ये यौन सम्बन्धों से फैलने वाला रोग नहीं है। हालाँकि दोनो पार्ट्नर को दुबारा संक्रमण से बचने के लिए इलाज की जरूरत हो सकती है। किसी महिला से सम्बंध बनाते समय इससे दोबारा संक्रमित होना सामान्य है। इस बारे में अपने डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट से सलाह लें।

सभी मामले इसी कारण से नहीं होते हैं और बहुत से मामलों में ये संक्रमण उन महिलाओं या पुरुषों में देखा गया है जो यौन संबंध बनाने में सक्रिय नहीं होते।

थ्रश के इलाज के बारे में और पढ़ें।

अपने लिंग को नियमित साफ करने से और अपने साथी से यौन क्रिया के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करने से आप इससे बच सकते हैं (अगर उनको थ्रश है तो)। अपने जननांगों में खुशबूदार नहाने के साबुन और जेल को इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि ये जलन पैदा कर सकते हैं। धोने के बाद, अपने लिंग को ठीक तरह से सुखाएँ।

ढीले- ढाले सूती जांघिये पहनने से आपके लिंग की आगे की त्वचा में नमी नहीं होती जिससे कैंडिडा फ़ंगस(candida fungus) के बढ़ने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।

थ्रश क्यों होता है?

कैंडिडा अल्बीकेन्स फ़ंगस हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से पाया जाती है, खासकर नम और गर्म हिस्सों, जैसे, मुँह के अंदर और जननांगों के इर्द-गिर्द।

सामन्यतया, ये परेशानी की बात नहीं, क्योंकि हमारे प्रतिरक्षा तंत्र(रोग और संक्रमण के खिलाफ शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा) और अन्य बैक्टीरिया इसे नियंत्रण में रखते हैं।

फिर भी, कुछ स्थितियों के कारण ये फ़ंगस बढ़ जाता है और संक्रमण का कारण बन सकता हैं। आपको इसका ख़तरा ज़्यादा है अगर:

आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है

आपका वज़न ज़्यादा है और शरीर थुलथुला(ये फ़ंगस ऐसे में अधिक फैलता है)

आपको टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज़ है- क्योंकि डायबिटीज़ से जुड़े ग्लूकोज की अधिक मात्रा फ़ंगस को बढ़ावा देती है, साथ ही, डायबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को ज्यादा पसीना आता है जो फ़ंगस को बढ़ने में मदद करता है।

पुरुषों में थ्रश के कारण जानने के लिए और पढ़ें।

लक्षण

अगर आपको बैलेंटिस थ्रश (balanitis thrush) है, तो आपको बहुत से खास लक्षण महसूस होंगे।

जैसे:

लिंग या शिश्न के सिरे के चारों तरफ की त्वचा लाल होना

लिंग या शिश्न के सिरे पर सूजन

लिंग या शिश्न के सिरे पर जलन और पीड़ा होना

फ़ोरस्किन के नीचे गाढ़ा स्त्राव

लिंग के सिरे पर पर खुजली होना

दुर्गन्ध

लिंग के सिरे की खाल(फ़ोरस्किन) को पीछे करने में मुश्किल होना(फाइमोसिस(phimosis))

मूत्र विसर्जन में दर्द होना

यौन सम्बंध बनाने में दर्द होना

थ्रश एक त्वचा के संक्रमण के रूप में

कैंडिडा के अधिकतर संक्रमण शरीर के उन हिस्सों में होते हैं जहाँ त्वचा की तहें एक दूसरे के सम्पर्क में आती हैं जैसे:

बगलें

पेट और जांघ के बीच का भाग

उंगलियों के बीच की जगह

आपके जननांगों और गुदा द्वार( वह छेद जहाँ से मल निकलता है ) के बीच की त्वचा

अत्यधिक मोटे लोगों को भी अपनी त्वचा की तहों के बीच इस संक्रमण का ख़तरा रहता है। यह संक्रमण अक्सर एक लाल दर्द भरे खुजलीदार चकत्ते(रैश) के रूप में शुरू होता है। रैश पर छोटे लाल धब्बे भी हो सकते हैं। प्रभावित त्वचा कठोर हो जाती है, जिससे सफेद-पीला दही जैसा पदार्थ निकलता है। अगर आपकी अंगुलियां के बीच की त्वचा प्रभावित हैं तो यह कठोर, नरम और सफेद हो जाती है।

कारण

थ्रश कैंडिडा अल्बीकेन्सCandida albicans) फ़ंगस के कारण होता है।

कैंडिडा अल्बीकेन्स

बहुत लोगों के शरीर मे इस फ़ंगस की थोड़ी मात्रा होती है। सामन्यतया यह परेशानी का कारण नहीं है क्योंकि हमारे प्रतिरक्षा तंत्र और अन्य बैक्टीरिया(अच्छे जीवाणु) इसे हमारे शरीर में नियंत्रित रखते है।

जब आपके शरीर के अच्छे जीवाणु नष्ट हो जाते हैं (जो कैंडिडा को नियंत्रित रखते हैं) तब थ्रश होता है। उदाहरण के लिए, अगर आप संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबायोटिक लेते हैं, तो एंटीबायोटिक अच्छे और बुरे जीवाणु में फर्क नहीं कर पाता और दोनों पर ही हमला करता है।

साथ ही, अगर आपकी तबियत काफ़ी ख़राब है और आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है, तो थ्रश के लिए ज़िम्मेदार कैंडिडा फ़ंगस तेज़ी से बढ़ सकता है।

व्यक्तिगत स्वच्छता

कैंडिडा गर्म और नम स्थितियों में बढ़ता है। इसलिए, अगर आप नहाने के बाद अपने लिंग को अच्छे से नहीं सुखाते हैं तो आपको थ्रश हो सकता है।

खुशबूदार नहाने के साबुन और जेल को इस्तेमाल करना आपके लिंग में जलन पैदा कर सकता है, जिससे थ्रश की संभावना बढ़ जाती है। कैंडिडा पहले से ही क्षतिग्रस्त त्वचा में बढ़ता है। HIV, डायबिटीस और अन्य परिस्थितियाँ

वो लोग जिन्हें HIV, डायबिटीज़ और ऐसी अन्य बीमारियाँ हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करती हैं, उनको थ्रश होने का ज़्यादा ख़तरा है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि संक्रमण बहुत जल्दी फैलता है और कमजोर हुआ प्रतिरक्षा तंत्र उससे लड़ने के लिए उतना मजबूत नहीं होता।

अगर आपको अनियंत्रित डायबिटीज़ (सामन्यतया, इसलिए क्योंकि आपको ये पता नहीं होता कि आपको ये है) है तो आपको थ्रश होने की संभावना ज्यादा है। डायबिटीज़ के आम लक्षण हैं:

बहुत प्यास लगना

बार बार मूत्र विसर्जन करना

वजन कम होना

अगर आपको ये लक्षण हैं, या आपको थ्रश है जो इलाज के बाद भी बार बार लौटता रहता है, तो अपने डॉक्टर से मिलें।

परीक्षण

अगर आपको लगता है कि आपको थ्रश के लक्षण(लिंग या त्वचा पर) हैं और आपका पहले ऐसे कोई समस्या नहीं हुई है तो अपने डॉक्टर से मिलें।

ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसे इसके कुछ छुपे हुए कारण हो सकते हैं जिनकी और जांच करने की आवश्यकता है। उदाहरण के तौर पर, आपको डायबिटीज़ हो सकता है, जिसको जाँच नहीं की गयी हो। या फिर, आपके लक्षण थ्रश के अलावा किसी और चीज से हो सकते हैं जैसे त्वचा के बैक्टिरियल संक्रमण से।

आमतौर पर, अगर आपको थ्रश पहले भी हो चुका है तो तब तक आपको दुबारा जाँच करने की ज़रूरत नहीं है जब तक थ्रश इलाज से ठीक हो जाए।थ्रश की पहचान डॉक्टर कर सकते हैं।

आगे की जाँच जरूरी होती है अगर :

आपके लक्षण बहुत गंभीर हैं

आपके लक्षण इलाज के बाद भी रहते हैं

आपको थ्रश बार बार होता है

जांच में अक्सर प्रभावित हिस्से से टिशू(tissus) का नमूना लेने के लिए स्वैब(प्लास्टिक की एक छोटी छड़ जिसके एक सिरे पर रुई लगी हो) का इस्तेमाल होता है। इन टिशुस की जाँच किसी भी संक्रमण पैदा करने वाले एजेंट जैसे कैंडिडा अल्बीकेन्स फ़ंगस, की उपस्थिति के लिए होती है ।

आपको खून और मूत्र की जांच की सलाह दी जा सकती है, ये जानने के लिए कि कहीं आप डायबिटीज़ जैसी किसी बीमारी से ग्रस्त तो नहीं, जिससे आपको थ्रश का ख़तरा ज़्यादा है।

थ्रश का बार बार होना

अगर आपको पहले थ्रश हुआ है और आप अपने लक्षणों को पहचानते हैं, तो आप आप दवा विक्रेता से बिना पर्चे की दवाइयाँ लेकर इलाज कर सकते हैं।

अगर आपको थ्रश बार बार होता रहता है और इलाज से भी ठीक नहीं होता, तो डॉक्टर से मिलें जिससे वो जाँच कर सकें और उचित इलाज की सलाह दे सकें।

अगर आप एक विषमलैंगिक(heterosexual) पुरुष हैं जिसको थ्रश है, तो संभावित है कि आपके साथी को भी होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि कैंडिडा फ़ंगस अक्सर योनि के अंदर रहता है। इसलिए आप दोनों को ही इलाज करवा लेना चाहिए ताकि आप दोनों एक दूसरे को बार बार संक्रमित ना कर सकें।

इलाज

टॉपिकल इमिडाजोल(Topical imidazoles) नामक एन्टी-फंगल क्रीम लिंग के अलावा सभी थ्रश से पीड़ित हिस्सों के लिए प्रमुख इलाज है।

टॉपिकल इमिडाजोल फ़ंगस की कोशिकाओं की दीवारों को तोड़ कर इसका इलाज करता है।

टॉपिकल इमिडाजोल के उदाहरण हैं:

क्लोट्रीमजोल (clotrimazole)

एकोनजोल (econazole)

केटोकॉनजोल (ketoconazole)

माइकोनजोल (miconazole )

इसमे से अधिकांश आपके दवा विक्रेता के पास बिना पर्चे के ही मिल जाएंगी। दवा विक्रेता बता सकता है कि कौन सा इलाज आपके लिए सबसे उपयुक्त है।

टॉपिकल इमिडाजोल का सबसे आम दुष्प्रभाव क्रीम लगाने पर एक हल्की जलन का एहसास है।

कुछेक लोगों को टॉपिकल इमिडाजोल की वजह से अधिक जलन समस्या हुई है। अगर ऐसा होता है तो क्रीम लगाना बन्द कर दें और अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

अगर आपको खुजली हो रही है, तो डॉक्टर आपको कॉर्टिकोस्टेरॉइड(corticosteroid) क्रीम एक अतिरिक्त इलाज के रूप में दे सकते है। कॉर्टिकोस्टेरॉइड प्रभावित टिशुस में सूजन को घटाता है। यह खुजली के लक्षणों को खत्म करने में मदद करेगा।

डॉक्टर के मुताबिक दोबारा संक्रमण सामान्य है इसलिए इलाज के दौरान यौन क्रिया से बचना या फिर कंडोम का इस्तेमाल करना बेहतर है। कभी-कभार दोनो यौन साथियों को दुबारा संक्रमण रोकने के लिए इलाज की जरूरत होती है। इस बारे में अपने डॉक्टर या दवा विक्रेता से सलाह लें।

फ्लूकोनजोल (Fluconazole)

अगर आपके लक्षण 14 दिन तक नहीं सुधरते हैं , आपको किसी अन्य एन्टीफंगल दवा की जरूरत पड़ेगी। एक गोली के रूप में फ्लूकोनजोल इलाज के लिए बेहतर है।

फ्लूकोनजोल लिंग के थ्रश को ठीक करने का मुख्य इलाज है। फ्लूकोनजोल वाले सभी उत्पाद बिना पर्चे के उपलब्ध हैं।

फ्लूकोनजोल उन कुछ एंजाइमों(प्रोटीन की एक प्रकार जो शरीर के अंदर काम की रासायनिक क्रियाओं को चलाता है) को नष्ट करने से काम करती है जो फ़ंगस की कोशिकाओं को जीवित रहने औऱ उन्हें बढ़ाने में मददगार हैं।

फ्लूकोनाज़ोल के सबसे आम दुष्प्रभाव हैं :

मितली आना

पेट दर्द

डायरिया

पेट फूलना

अगर आपके लक्षण फ्लूकोनाज़ोल लेने के 14 दिन में भी नहीं सुधरते हैं, तो अपने डॉक्टर की सलाह लें। आपको एक चर्म रोग विशेषज्ञ(डर्मेटोलॉजिस्ट) की जरूरत होगी।

स्वच्छता

अगर आपको थ्रश है, तो अच्छी साफ-सफाई का ध्यान रखना आपके संक्रमण को खत्म कर सकता है। प्रभावित हिस्से को गर्म पानी से अच्छे से धोएं। बाथ टब में नहाने से बेहतर है फ़व्वारे से नहाना। खुशबूदार नहाने के साबुन और जेल को इस्तेमाल करने से बचें , क्योंकि ये आपके लिंग में जलन पैदा कर सकते है।

धोने के बाद, प्रभावित हिस्से को अच्छे से सुखाएँ क्योंकि कैंडिडा फ़ंगस नमी वाले स्थानों में बढ़ता है। ढीले- ढाले सूती जांघिये पहनना आपकी त्वचा और लिंग को सूखा और ठंडा रखने में मदद कर सकता है, जिससे आपकी त्वचा और फ़ोरस्किन के नीचे कैंडिडा फफूंद के बढ़ने की संभावना रहती है।

जटिलतायें

अगर आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है तो कैंडिडा फफूंद का आपके खून में फैलने का खतरा है।

इसको इनवेसिव कैंडिडिआसिस(invasive candidiasis) कहते हैं।

इनवेसिव कैंडिडिआसिस (Invasive candidiasis)

संक्रमण आपके शरीर में बहुत जल्दी फैलता है और कई अंगों को प्रभावित करता है। इनवेसिव कैंडिडिआसिस होने का ख़तरा (जिनका पता है), इन स्थितियों में है :

HIV होना

टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज़ होना

इममुनिसुपप्रेसेंट्स (immunosuppressants) इस्तेमाल करना – एक तरह की दवा जिसका इस्तेमाल शरीर जब किसी नए अंग को ग्रहण करते समय उसे अस्वीकार करे, उसे ऐसा करने से रोकने के लिए होता है

हाई डोज़ की केमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी करवाना

सेन्ट्रल वेनस कैथिटर (central venous catheter (CVC)) – का इस्तेमाल करना - आपके सीने में दवा देने के लिए सीधी लगाए जाने वाली एक नली; ये अक्सर लम्बे इलाज की अवधि में दर्द भरे कई इंजेक्शन को बार बार देने से बचने के लिए होता है।

डायलिसिस – एक इलाज जिसमे किडनी या गुर्दे के काम के लिए मशीन का इस्तेमाल किया जाता है, सामान्यतः किड्नी फ़ेल होने पर ऐसा किया जाता है

, इनवेसिव कैंडिडिआसिस के लक्षण कई प्रकार के हो सकते हैं, ये इस बात पर निर्भर करता है की संक्रमण शरीर के किस हिस्से में है। शुरुआती लक्षण हैं:

38ºC (101.4ºF) या उससे अधिक बुखार

कँपकँपी

मितली

सरदर्द

अगर आपको थ्रश और ऊपर दिए गया कोई भी लक्षण है या काम समय में आपको ऊपर दिया गया कोई भी लक्षण विकसित हुआ है, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।

इनवेसिव कैंडिडिआसिस एक मेडिकल आपातकालीन स्थिति है जिसमे आई.सी.यू. (intensive care unit (ICU)) में तुरन्त दाखिला जरूरी होता है। आई.सी.यू में संक्रमण का एन्टीफंगल दवा से इलाज होता है साथ ही, शरीर के बाक़ी अंगों को अपना कार्य करने में सहायता प्रदान की जाती है।

अगर आपको इनवेसिव कैंडिडिआसिस का ज़्यादा ख़तरा है -उदाहरण के लिए, आपको डायबिटीज़ है या आप डायलिसिस पर हैं , तो डॉक्टर आपको थ्रश संक्रमण विकसित होने पर सावधानी के लिए अस्पताल में दाखिल होने की सलाह देंगे।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।