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स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks)

स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) बारीक लकीरें या लाइन होती हैं जो त्वचा के ऊपरी तह पर बनती हैं।

डॉक्टर ज़्यादातर स्ट्रेच मार्क्स को स्ट्रिया (stria), स्ट्रीये (striae) या - गर्भावस्था के दौरान - स्ट्रिए ग्रैविडरूम (striae gravidarum) कहते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) शुरू में ज़्यादातर लाल या बैंगनी रंग के होते हैं जो धीरे धीरे हल्के होकर चाँदी-सफ़ेद रंग के हो जाते हैं। ये अधिकतर लम्बे और पतले होते हैं।

इस विषय में शामिल हैं :

  • स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) कहाँ होते हैं?
  • स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) कब होते हैं?
  • स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) कैसे पड़ते हैं?
  • किस कारण से स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) होते हैं?
  • स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) का इलाज
  • स्ट्रेच मार्क्स(Stretch mark

स्ट्रेच मार्क्स कहाँ पर होते हैं?

जहाँ पर भी त्वचा पर खिंचाव होता है वहाँ पर स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं , लेकिन ये अधिकतर उन्ही जगहों पर होते हैं जहां पर फ़ैट जमा होता है, जैसे:

  • पेट
  • स्तन
  • ऊपरी बाजू
  • कूल्हे
  • जाँघे
  • कंधे(कसरत करने वालों के)

कभी, कुछ ख़ास बढ़ते हुए लड़कों की पीठ पर स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) हो जाते हैं जो रीड़ की हड्डी पर एक दूसरे के ऊपर होते हैं ( जैसे सीड़ी)।

कुशिंग सिंड्रोम(Cushing's syndrome) ( जिसमें खून में बड़ी मात्रा में एक हॉर्मोन होता है जिसे कोर्टिसोल (cortisol) कहते हैं, नीचे देखें) की वजह से होने वाले स्‍ट्रेच मार्क्‍स चौड़े और बड़े होते हैं, साथ ही यह चेहरे पर भी नजर आते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स कब होते हैं?

स्ट्रेच मार्क्स ज़्यादातर होते हैं:

  • गर्भावस्था के दौरान
  • अचानक से बहुत ज़्यादा वज़न बढ़ने के बाद
  • किशोरावस्‍था के दौरान
  • अगर आपके परिवार में स्ट्रेच मार्क्स पहले भी होते रहे हों
  • अगर आपकी तबियत ठीक ना हो या कोई सिंड्रोम हो, जैसे कुशिंग सिंड्रोम (Cushing's syndrome) या मार्फ़न सिंड्रोम (Marfan syndrome)
  • लम्बे समय तक या ग़लत तरीक़े से कॉर्टिकोस्टेरॉड(corticosteroid) के इलाज से

इन सभी के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

गर्भावस्था

ज़्यादातर स्ट्रेच मार्क्स गर्भावस्था के बाद के चरण में होता है, जिससे 10 में से 8 महिलाएं प्रभावित होती हैं। आपको स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) होंगे या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि आपकी त्वचा किस तरह की है और कितनी लचीली है।

गर्भवास्था के दौरान, पैदा होने वाले होर्मोंस पेल्विस (pelvis) के लिग़ामेंट्स(ligaments) को मुलायम कर देते हैं, जिससे जन्म के समय वो ज़्यादा लचीले हो जाते हैं। लिग़ामेंट्स टिशू(tissue) के मज़बूत तार होते हैं जो जोड़ों को मिलाते हैं। वैसे, होर्मोंस हमारी त्वचा के फ़ाइबर्ज़(fibres) को मुलायम भी बनाते हैं, जिससे स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) होने की संभावना बढ़ जाती है।

जैसे आपका बच्चा बढ़ता है और आपकी त्वचा खिंचती है, आपके पेट पर स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं। ये आपकी जाँघों और स्तनों पर भी बड़ सकते हैं क्यूँकि ये भी बड़े हो रहे होते हैं।

अधिकतर स्ट्रेच मार्क्स बच्चे के जन्म के बाद हल्के हो जाते हैं और कम नज़र आते हैं लेकिन ये पूरी तरह से कभी नहीं हटते हैं।

वज़न का जल्दी बढ़ना

आपको स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) हो सकते हैं अगर आपने थोड़े समय में ही बहुत वज़न बड़ा लिया हो तो। ये कई बार वज़न घटने के बाद भी रह जाते हैं लेकिन धीरे धीरे हल्के हो जाते हैं।

लगातार डाइयटिंग से भी स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं क्यूँकि वज़न बढ़ता और घटता रहता है। अगर आप अपना वज़न कम करना चाहते हो तो, इसे धीरे धीरे कर करें जिससे त्वचा पर ज़ोर ना पड़े। पढ़ें कैसे सुरक्षित रूप से वज़न घटा सकते हैं।

तगड़े लोगों और खिलाड़ियों को भी स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं क्यूँकि उनकी मांसपेशियाँ आकार में बढ़ती हैं।

प्यूबर्टी

प्यूबर्टी के दौरान शरीर बहुत तेजी से बढ़ रहा होता है ।

लड़कों के कन्धों और पीठ पर स्ट्रेच मार्क्स आ सकते हैं और लड़कियों के कूल्हों, जाँघों और स्तनों पर।

पारिवारिक इतिहास

अगर आपके किसी समीप के रिश्तेदार को स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) हैं जैसे आपकी माँ ,तब अधिक आकांशा है कि यह आपके भी हो सकते हैं।

वैसे स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) आदमी या औरत , परिवार के किसी भी सदस्य को हो सकते हैं लेकिन यह आमतौर पर औरतों को होते हैं।

किसी अंतर्निहित स्‍वास्‍थ्‍य अवस्‍था के कारण

कई बार स्ट्रेच मार्क्स का संबंध दुर्लभ अवस्‍था या सिंड्रोम जैसे कुशिंग सिंड्रोम(Cushing's syndrome) या मार्फन सिंड्रोम(Marfan syndrome) के कारण भी हो सकते हैं।

जब शरीर ज़रूरत से ज्यादा कोर्टिसोल (cortisol) हॉर्मोन बनाता है तो कुशिंग सिंड्रोम (Cushing's syndrome) हो जाता है जिसे स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) का कारण माना जाता है।

मार्फन सिंड्रोम (Marfan syndrome) एक गलत जीन (gene) के कारण होता है जिससे शरीर कि त्वचा और उनसे जुड़ने वाले ऊतक (tissues) कमजोर हो जाते हैं, उनका लचीलापन (खिंचाव की क्षमता) कम हो जाता है। मतलब स्ट्रेच मार्क्स के प्रति त्वचा का प्रतिरोध उतना नहीं रहता जितना होना चाहिए।

मार्फन सिंड्रोम(Marfan syndrome) में स्ट्रेच मार्क्स कन्धों, कूल्हों, और पीठ के निचले हिस्सों पर होते हैं।

कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स(Corticosteroids)

कुछ ख़ास मामलों में लम्बे या गलत तरीके से कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) के इस्तेमाल से स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) हो जाते हैं जैसे त्वचा के इलाज के लिए क्रीम्स या लोशन्स का इस्तेमाल करना, जिसमे एक्जिमा(eczema) का इलाज भी शामिल है।

कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स(Corticosteroids) हॉर्मोन कोर्टिसोल (cortisol) की तरह ही काम करता है। ये त्वचा की सूजन की परेशानी में मदद करता है लेकिन, कोर्टिसोल जैसे, ये हमारी त्वचा में कोलेजन (collagen) की मात्रा घटा देते हैं।

कोलेजन (collagen) एक प्रोटीन होता है जो त्वचा को लचीला रखने में मदद करता है। अगर आपकी त्वचा में कम कोलेजन (collagen) होगा तो आपके ज्यादा स्ट्रेच मार्क्स बढ़ेंगे।

जब भी कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स क्रीम या लोशन का इस्तेमाल करें तो उत्पादक द्वारा दिए निर्देशों का पालन करें कि उसे कैसे और कहाँ इस्तेमाल करना है। चेहरा, बगल, और पेट और जांघ के बीच का हिस्सा ज्यादा संवेदनशील होते हैं। अगर आप अनिश्चित हों तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट(pharmacist) की सलाह लें ।

स्ट्रेच मार्क्स कैसे बढ़ते हैं

स्ट्रेच मार्क्स होने से पहले त्वचा पतली, सपाट और गुलाबी हो जाती है और वहां खुजली सी होती है।

स्ट्रेच मार्क्स लाल या बैंगनी धारी या लकीरों जैसे दिखते हैं, लेकिन आपकी त्वचा के रंग के अनुसार ये गुलाबी, लाल-भूरी या डार्क ब्राउन भी हो सकते हैं।

ये दो समकक्ष सीधी लकीरों के धब्बों की तरह आपके शरीर में हो सकते हैं और चोट के निशान की तरह दिख सकते हैं। पूरी तरह से सीधी होने से पहले, शुरुआत में ये लकीरें हलकी उभरी हुई और झुर्रियों सी लगती हैं।

जैसे लकीरें सीधी होती जाती हैं, वो हल्की होते हुए सफ़ेद या चाँदी जैसे रंग की हो जाती हैं। समय बीतने पर यह आमतौर पर कम दिखती हैं, वैसे इसमें कई बार बहुत साल लग जाते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स के क्या कारण हैं

शरीर के अचानक बढ़ने या वज़न के बढ़ने से जब त्वचा तेजी से खींचती है तो स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं।

खिंचाव से त्वचा की बीच की परत (डर्मिस,dermis) फट जाती है, जो गहरी त्वचा की परत को दिखाती है, और स्ट्रेच मार्क्स बन जाते हैं।

डर्मिस(dermis) में मज़बूत, आपस में जुड़े हुए फाइबर(fibres) होते हैं जो आपकी त्वचा को स्ट्रेच होने देते हैं जैसे आपका शरीर बढ़ता है। वैसे, जल्दी बढ़ना त्वचा को ज्यादा खिंचाव देता है और फाइबर (fibres) टूट जाते हैं।

डर्मिस(dermis) के खिंचाव नीचे की ब्लड वेसल्स (blood vessels) को दिखाने लगते हैं, जिससे शुरुआत में स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) लाल या बैंगनी नज़र आते हैं।

जब ब्लड वेसल्स(blood vessels) सिकुड़ने(छोटे होने) लगते हैं, तब त्वचा के नीचे का पीला फैट दिखता है, और आपके स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) चाँदी-सफ़ेद रंग के हो जाते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स का उपचार

ज्यादातर स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) अलग से नज़र नहीं आते हैं और समय के साथ हल्के पड़ जाते हैं।

अगर आपको ज्यादा स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) हैं, या ये आपके शरीर के बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं तो, इनके इलाज के लिए कुछ उपाय हैं। वैसे, ऐसा कोई सबूत नहीं है जो ये कह सके कि यह कारगर होंगे।

कामोफ्लॉज(Camouflage)

कॉस्मेटिक कामोफ्लाज(Cosmetic camouflage) (सौंदर्य प्रसाधन) दवाई की दुकानों पर मिल जाते हैं। इनका इस्तेमाल त्वचा के उन छोटे हिस्सों पर किया जा सकता है जो स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) से प्रभावित हों। कुछ प्रकार पर पानी का प्रभाव नहीं पड़ता है और वो दो से तीन दिन तक रह सकता है।

क्रीम्स,जैल और लोशन्स

क्रीम्स (creams), जैल (gels) और लोशन्स (lotions) के उत्पादक अधिकतर दावा करते हैं कि इनसे स्ट्रेच मार्क्स हटाए जा सकते हैं। मगर इनसे शायद ही स्ट्रेच मार्क्स होने से रुक सकते हैं, या उन्हें हल्का कर सकते हैं जितना वो एक समय के बाद हो जाते हैं।

ये उत्पाद दरअसल त्वचा को मुलायम बनाने के लिए हैं और फार्मेसी (pharmacies), सुपर मार्केट्स (supermarkets) और स्वास्थय और सौंदर्य की दुकानों पर मिल जाते हैं। इन्हे अधिकतर तब लगाया जाता है जब स्ट्रेच मार्क्स) लाल या बैंगनी ही हों।

लेज़र थेरेपी

लेज़र थेरेपी(Laser therapy) पूरी तरह से स्ट्रेच मार्क्स को नहीं हटा पाती है, लेकिन ये उन्हें हल्का करने में और कम दिखाई देने में मदद करती है।

कई प्रकार की लेज़र थेरेपी (Laser therapy) स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) के ईलाज के लिए इस्तेमाल होती है।

पल्स्ड डाई लेज़र (Pulsed dye laser) उपचार, एक लेज़र (laser) उपचार जो उपलब्ध है। इसमें दर्द नहीं होता है और इसे शुरुआत में इस्तेमाल कर सकते हैं, जब आपके स्ट्रेच मार्क्स लाल और बैंगनी ही हों।

लेज़र (laser) से निकली ऊर्जा को स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) के नीचे की रक्त वाहिकाएं सोख लेती हैं। रक्त की वाहिकाएं फट जाती हैं और लाल या बैगनी रंग पूरी तरह से हट जाता है या सफ़ेद हो जाता है।

कॉस्मेटिक सर्जरी(Cosmetic surgery)

स्ट्रेच मार्क्स के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी(Cosmetic surgery) महँगी है और कभी कभी ही करवाने के लिए कहा जाता है।

अगर आपके पेट पर स्ट्रेच मार्क्स(Stretch marks) हैं और बहुत ज्यादा ढीली त्वचा है , तो शायद आपकी एब्डोमिनोप्लास्टी (abdominoplasty) (टमी टक) की जा सकती है।

यह एक प्रकार की कॉस्मेटिक सर्जरी(cosmetic surgery) है जो ज्यादा वसा और त्वचा हमारे पेट से निकालती है और नाभि के नीचे के स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) से छुटकारा दिलवाती है।

स्ट्रेच मार्क्स को रोकना

स्ट्रेच मार्क्स को हमेशा नहीं रोका जा सकता है -उदाहरण के लिए, ये अधिकतर गर्भावस्था के दौरान होते हैं वैसे, कुछ चीज़ें हैं जो हम कर सकते हैं जिससे स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना को कम किया जा सकता है।

वज़न और आहार

आमतौर पर थोड़े समय में ही जल्दी ज्यादा वज़न बढ़ जाने से स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं। जल्दी वज़न को बढ़ाने और घटाने से बचना चाहिए, इनसे स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) कम करने में मदड मिलेगी।

अगर आपको वज़न कम करने की जरूरत हो तो, आपको इसे धीरे धीरे पौष्टिक, संतुलित आहार खाते हुए और नियमित तौर पर कसरत करते हुए करना चाहिए। आपको एक हफ्ते में 0.5kg से ज्यादा वज़न कम नहीं करना चाहिए ।सावधानी से वज़न कम करने के बारे में और पढ़े।

यह आवश्यक है कि पौष्टिक खाएं, संतुलित आहार जो विटामिन्स और मिनरल्स(vitamins and minerals) से भरपूर हो, खासतौर पर विटामिन इ (vitamin E), विटामिन सी( vitamin C) और मिनरल्स, जिंक (zinc) और सिलिकॉन (silicon)। ये विटामिन्स (vitamins) और मिनरल्स (minerals) आपकी त्वचा को सेहतमंद रखने में मदद करेंगे।

एक संतुलित आहार आपके शरीर को सभी जरूरी विटामिन्स(vitamins) और मिनरल्स (minerals) प्रदान करता है। डाइटरी सप्प्लिमेंट्स (Dietary supplements) स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) कम करने के लिए जरूरी नहीं हैं।

बॉडी मास इंडेक्स(Body mass index)( बी एम आई ) एक मानक है जिसे अधिकतर लोग यह देखने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं कि उनका वज़न उनकी लम्बाई और शारीरिक निर्माण के अनुसार स्वस्थ है या नहीं। अधिकतर वयस्कों में, १८.५ से २५ (18.5 to 25)BMI को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

आप BMI हेल्थी वेट कैलकुलेटर (healthy weight calculator) के इस्तेमाल से जान सकते हैं कि कहीं आपका वज़न ज्यादा तो नहीं है।

गर्भावस्था के दौरान

गर्भावस्था के दौरान के स्ट्रेच मार्क्स(स्ट्रिए ग्रैविडरूम, striae gravidarum) अधिकतर हार्मोनल(hormonal) बदलाव के कारण होते हैं जिससे आपकी त्वचा प्रभावित होती है। धीरे धीरे गर्भावस्था में वज़न बढ़ना, काफी हद तक स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) के प्रभाव को काम कर सकता है।

गर्भावस्था में, वज़न का थोड़े समय में ही बड़ जाना सामान्य बात है। दरअसल, यह एक भ्रान्ति है कि आपको गर्भावस्था में दो के लिए खाना पड़ता है, चाहे आपके जुड़वा या तीन भी होने वाले हों।

अगर आप गर्भवती हैं तो आपको कोई ख़ास आहार की आवयशकता नहीं है, लेकिन आपको हर दिन अनेक प्रकार का आहार खाना चाहिए जिससे आपके और आपके बच्चे को संतुलित पोषण मिल सके। आपका आहार होलवीट कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates) से भरपूर होना चाहिए, जैसे ब्रेड और पास्ता, साथ के साथ फल और सब्ज़ियां भी।

गर्भावस्था के दौरान आहार और अधिक वजन के बारे में अधिक पड़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।