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क्या मुख मैथुन से कैंसर हो सकता है?

कुछ तरह के मुंह के कैंसर मुंह और गले में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (human papilloma virus, एचपीवी (HPV)) के संक्रमण से संबंधित होते हैं। जानिए, मुख मैथुन से इस संक्रमण के संभावित खतरों के बारे में और इससे कैसे बचा जाए।

मुंह के कैंसर को कभी-कभी सिर और गले का कैंसर भी कहा जाता है। और इसमें मुंह, होंठ और जीभ का कैंसर व टॉन्सिल्स, एसोफैगस (oesophagus,भोजन नलिका), र्लैरिंक्स (larynx, स्वर यंत्र), नेज़ोफ़ारिन्क्स (nasopharynx, वह जगह, जो नाक और गले को जोड़ती है) और थायरॉयड ग्रंथि के कैंसर शामिल हैं।

मुंह के कैंसर के क्या कारण हैं?

विशेषज्ञ कई सालों से ये बात जानते हैं कि मुंह के कैंसर के सबसे प्रमुख कारक हैं- शराब पीना, धूम्रपान करना या तंबाकू चबाना। मगर इस बात के भी प्रमाण मिल रहे हैं कि एचपीवी (HPV) के साथ मुंह में संक्रमण भी मुंह के कैंसर की बड़ी वजह हैं।

करीब 25 प्रतिशत मुंह और 35 प्रतिशत गले के कैंसर एचपीवी(HPV) ) से जुड़े होते हैं। लेकिन इसका सही आंकड़ा विभिन्न अध्ययनों में अलग-अलग दिया गया है। संभवत: वायरस की जांच के अलग-अलग तरीकों की वजह से ऐसा हो या धूम्रपान और अन्य जोखिम भरे कारकों के स्तर के हिसाब से इसमें अंतर आता हो।

मुंह के कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के सैंपल में एचपीवी (HPV) ) वायरस मिलने का मतलब यह कतई नहीं है कि उसे इस वायरस की वजह से कैंसर हुआ।

वायरस कैंसर कोशिकाओं की आनुवांशिक सामग्री का हिस्सा बन जाता है और उन्हें विकसित होने के लिए प्रेरित करता है।

आपके मुंह में एचपीवी (HPV) कैसे पहुँचता है?

सौ से भी ज्यादा प्रकार के एचपीवी(HPV) होते हैं और ये करीब 15 तरीके के कैंसरों से जुड़े होते हैं। इन 15 को उच्च जोखिम प्रकार के एचपीवी (HPV) के नाम से जाना जाता है।

मुंह में पाए जाने वाले एचपीवी(HPV) लगभग पूरी तरह यौन संबंध के जरिए स्थानांतरित होते हैं। इसलिए संभव है कि मुख मैथुन इसके फैलने की शुरुआती जड़ हो। उच्च जोखिम वाले एचपीवी(HPV) योनि और गुदा मैथुन के जरिए भी स्थानांतरित होते हैं और ये इनसे भी जुड़े होते हैं-

  • सर्वाइकल कैंसर
  • वलवर और वजाइना का कैंसर
  • गुदा कैंसर
  • पुरुष जननांग संबंधी कैंसर
  • स्वर यंत्र कैंसर
  • टॉन्सिल कैंसर

कुछ एचपीवी (HPV) त्वचा के त्वचा से संपर्क के जरिए भी स्थानांतरित होते हैं और मस्सा(warts) बन जाते हैं, जिनमें गुप्तांग का मस्सा(genital warts) शामिल है। ऐसे एचपीवी (HPV) , जो दिखने वाले मस्से का कारण बनते हैं, वे कम जोखिम वाले होते हैं और ये वैसे नहीं होते जो कैंसर की वजह बनें।

ज्यादा यौन सक्रिय लोग (करीब 90 प्रतिशत) 25 साल की उम्र तक ही या तो उच्च या कम जोखिम वाले जननांग संबंधी एचपीवी (HPV) की चपेट में आ जाते हैं लेकिन सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत लोगों में ही साफ नजर आने वाला जननांग का मस्सा विकसित होता है। इसलिए इससे कई लोग संक्रमित हो चुके हैं लेकिन कुछ ही प्रभावित हैं।

यह पता नहीं चल पाया है कि मुंह में एचपीवी(HPV) संक्रमण कितना सामान्य है। 2009-10 में एक अंतरराष्ट्रीय़ संस्था द्वारा किए गए एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया था कि अमेरिकी पुरुषों में मुंह के एचपीवी (HPV) का प्रसार 10 फीसदी और महिलाओं में 3.6 प्रतिशत है। इस अध्ययन के मुताबिक ओरल एचपीवी (HPV) का खतरा बढ़ाने वाले कारकों में इन चीजों को शामिल किया गया है:

आपके मुंह में एचपीवी (HPV) कैसे पहुँचता है?

सौ से भी ज्यादा प्रकार के एचपीवी(HPV) होते हैं और ये करीब 15 तरीके के कैंसरों से जुड़े होते हैं। इन 15 को उच्च जोखिम प्रकार के एचपीवी (HPV) के नाम से जाना जाता है।

मुंह में पाए जाने वाले एचपीवी(HPV) लगभग पूरी तरह यौन संबंध के जरिए स्थानांतरित होते हैं। इसलिए संभव है कि मुख मैथुन इसके फैलने की शुरुआती जड़ हो। उच्च जोखिम वाले एचपीवी(HPV) योनि और गुदा मैथुन के जरिए भी स्थानांतरित होते हैं और ये इनसे भी जुड़े होते हैं-

  • सर्वाइकल कैंसर
  • वलवर और वजाइना का कैंसर
  • गुदा कैंसर
  • पुरुष जननांग संबंधी कैंसर
  • स्वर यंत्र कैंसर
  • टॉन्सिल कैंसर

कुछ एचपीवी (HPV) त्वचा के त्वचा से संपर्क के जरिए भी स्थानांतरित होते हैं और मस्सा(warts) बन जाते हैं, जिनमें गुप्तांग का मस्सा(genital warts) शामिल है। ऐसे एचपीवी (HPV) , जो दिखने वाले मस्से का कारण बनते हैं, वे कम जोखिम वाले होते हैं और ये वैसे नहीं होते जो कैंसर की वजह बनें।

ज्यादा यौन सक्रिय लोग (करीब 90 प्रतिशत) 25 साल की उम्र तक ही या तो उच्च या कम जोखिम वाले जननांग संबंधी एचपीवी (HPV) की चपेट में आ जाते हैं लेकिन सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत लोगों में ही साफ नजर आने वाला जननांग का मस्सा विकसित होता है। इसलिए इससे कई लोग संक्रमित हो चुके हैं लेकिन कुछ ही प्रभावित हैं।

यह पता नहीं चल पाया है कि मुंह में एचपीवी(HPV) संक्रमण कितना सामान्य है। 2009-10 में एक अंतरराष्ट्रीय़ संस्था द्वारा किए गए एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया था कि अमेरिकी पुरुषों में मुंह के एचपीवी (HPV) का प्रसार 10 फीसदी और महिलाओं में 3.6 प्रतिशत है। इस अध्ययन के मुताबिक ओरल एचपीवी (HPV) का खतरा बढ़ाने वाले कारकों में इन चीजों को शामिल किया गया है:

  • उम्र : 30 से 34 साल और 60 से 64 साल के आयुवर्ग में इसका प्रसार चरम पर पहुंचता है।
  • यौन साथियों की संख्या : 20 से ज्यादा यौन साथी रखने वाले 20 प्रतिशत लोगों में ओरल एचपीवी (HPV) संक्रमण मिला।
  • वर्तमान में रोज पी जाने वाली सिगरेटों की संख्या

इस बात के अच्छे खासे सबूत हैं कि कुछ मुंह के कैंसरों के जोखिम कारक यौन व्यवहार से जुड़े होते हैं। इन जोखिम कारकों में ये शामिल हैं:

  • कभी मुख मैथुन करना
  • अपने जीवनकाल में चार या उससे ज्यादा लोगों के साथ मुख मैथुन करना
  • पुरुषों के बीच कम उम्र (18 साल से कम) में पहला सेक्स करना

वर्तमान में, इस बात को लेकर बहुत कम शोध किया गया है जो ये बताता हो कि महिला के साथ मुख मैथुन के मुकाबले पुरुष का पुरुष के साथ मुख मैथुन करने के क्या संभावित खतरे हैं। मगर हमें यह पता है कि एचपीवी (HPV) से जुड़ा ऑरोफेरिंजियल(oropharyngeal) कैंसर महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में दोगुना होता है और हेटरोसेक्सुअल (विषमलिंगी) पुरुषों में 40वें और 50वें साल की उम्र में ज्यादा सामान्य (समलैंगिक पुरुषों के मुकाबले) है।

यह संकेत देता है कि महिलाओं के साथ मुख मैथुन, पुरुषों के साथ मुख मैथुन के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। हालांकि, यह सही नहीं लग सकता है लेकिन एचपीवी(HPV) की कॉन्सेंट्रेशन पतली होती है। इसलिए योनि की नम त्वचा में वायरस की मात्रा लिंग की सूखी त्वचा और उससे निकलने वाले गाढ़े पदार्थ के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है। और यह इस बात पर असर डालता है कि वायरस कितनी आसानी से स्थानांतरित होगा। एक अन्य शोध संकेत करता है कि एचपीवी(HPV) वीर्य में भी मौजूद होता है और स्खलन के समय बाहर निकलता है।

दूसरे संक्रमण जिनके बारे में निश्चित तौर पर जानकारी है कि वे मुख मैथुन के जरिए फैलते हैं, उनमें हर्पीज, क्लैमिडिया, सिफलिस और गोनोरिया शामिल हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि अपने यौन साथी के साथ सुरक्षित मुख मैथुन करके खुद को सुरक्षित रखें।

एचपीवी(HPV) किस तरह कैंसर की वजह बनता है?

एचपीवी (HPV) सीधे तौर पर आपको कैंसर नहीं देता है लेकिन जिन कोशिकाओं को संक्रमित करता है, उनमें बदलाव का कारण बन जाता है(बतौर उदाहरण, गले या सर्विक्स में) और फिर ये कोशिकाएं कैंसरयुक्त हो जाती हैं।

एचपीवी (HPV) से संक्रमित बहुत कम लोगों में ही कैंसर विकसित होता है। 90 प्रतिशत मामलों में शरीर खुद दो साल के अंदर इन संक्रमण को प्राकृतिक रूप से खत्म कर देता है।

हालांकि, जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनके शरीर से इस वायरस के खुद खत्म होने की संभावना बहुत कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि धूम्रपान त्वचा में मौजूद खास रक्षात्मक कोशिकाओं, जिन्हें प्रतिरक्षा निगरानी कोशिकाएं कहा जाता है, को नष्ट कर देता है और वायरस को बने रहने की इजाज़त दे देता है। सर्विकल और योनिमुखीय (वल्वर) कैंसर ऐसी महिलाओं में दुर्लभ होता है, जो धूम्रपान नहीं करतीं, जब तक कि वे इम्यूनोसप्रेशन (कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली) के किसी दूसरे कारण से नहीं ग्रस्त हों।

अगर कोशिकाओं में बदलाव होता है तो इसमें लंबा समय लगता है- यहां तक कि कई दशक। एचपीवी (HPV) से संबंधित मुंह के कैंसर का इलाज गैर एचपीवी (HPV) संबंधी मुंह के कैंसरों के मुकाबले ज्यादा अच्छी तरह प्रतिक्रिया देता है।

क्या एचपीवी (HPV) वैक्सीन पुरुषों और महिलाओं की मदद कर सकती है?

दुनिया के कई देशों में 12 और 13 साल की लड़कियों को नियमित रूप से एचपीवी(HPV) वैक्सीन दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह मालूम है कि सभी सर्विकल कैंसर एचपीवी (HPV) से संबंधित होते हैं और ये वैक्सीन महिलाओं को सुरक्षा देती है। ये वैक्सीन महिलाओं को एचपीवी (HPV) से संबंधित योनमुखीय और योनि कैंसरों से भी बचाती है।

साथ ही यह उन्हें संभवत: गुदा और मुंह के कैंसर से भी बचाएगी। हालांकि, फिलहाल इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि वैक्सीन मुंह के कैंसर से बचाएगी लेकिन ऐसा माना जाता है कि एचपीवी (HPV) जिस तरह मुंह, गले और गुदा कैंसर का कारण बनता है, ठीक वैसे ही सर्विकल कैंसर की भी वजह बनता है।

समय के साथ जब एचपीवी (HPV) वैक्सीन से महिलाओं में एचपीवी (HPV) संक्रमण के मामले घटेंगे, तो सामान्य आबादी में भी एचपीवी (HPV) संक्रमण कम हो जाएगा। इसलिए यह कम पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करेगा। ऑस्ट्रेलिया में पहले ही ऐसा हो चुका है, जहां टीकाकरण अभियान शुरू होने के चार साल के अंदर 21 साल से कम उम्र की महिलाओं और विषमलिंगी पुरुषों में जननांग के मस्से के मामले आश्चर्यजनक रूप से कम हो गए।

हालांकि, टीकाकरण सिर्फ लड़कियों को ही दिया जाता है और महिलाएं उन पुरुषों को सुरक्षा नहीं दे पाएंगी, जो पुरुषों के साथ सेक्स करते हैं।

दुनिया के कई देशों में लड़कों और पुरुषों को नियमित रूप से एचपीवी(HPV) वैक्सीन नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें सर्विकल कैंसर से सुरक्षा की जरूरत नहीं होती है। टीकाकरण और प्रतिरक्षा को लेकर बनी संयुक्त समिति द्वारा दूसरे तरह के कैंसरों पर एचपीवी (HPV) वैक्सीन के असर को लेकर बढ़ते प्रमाणों की समीक्षा की जा रही है।

ऐसे पुरुष जो पुरुषों के साथ सेक्स करते हैं, उन्हें एचपीवी (HPV) संक्रमण से संबंधित गुदा कैंसर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। और एचआईवी के सह-संक्रमण के साथ यह और भी बदतर हो सकता है। इस बात के प्रमाण हैं कि एचपीवी (HPV) वैक्सीन एचपीवी (HPV) संबंधित गुदा कैंसर और इलाज के बाद दोबारा पहले जैसा गुदा कैंसर होने से बचाती है।

अगर आप मुंह के कैंसर तो लेकर चिंतित हैं

अगर आप मुंह के कैंसर को लेकर चिंतित हैं तो डॉक्टर को दिखाएं। जब मुंह का कैंसर होता है तो इसके लक्षण बहुत साफ-साफ नजर आते हैं और डॉक्टर आपके मुंह में देखते ही इसका पता लगा लेंगे। अगर मुंह के कैंसर का जल्दी पता चल जाता है तो इसका इलाज करना आसान होता है लेकिन इनमें करीब आधे कैंसर के बारे में तब पता चलता है, जब यह गले के अंदर तक फैल चुका होता है।

मुंह के कैंसर के लक्षणों में ये शामिल हैं:

  • आपकी जीभ या आपके मुंह के अंदर की परत पर लाल या लाल और सफेद धब्बे।
  • एक या एक से ज्यादा मुंह में छाले जो तीन हफ्ते बाद भी ठीक नहीं होते हैं।
  • आपके मुंह में सूजन जो पिछले तीन हफ्ते से ज्यादा समय से है।
  • निगलते समय दर्द
  • ऐसा महसूस होना जैसे गले में कुछ फंस गया हो।

मुंह के कैंसर के लक्षणों के बारे में पढ़ें

सुरक्षित मुख मैथुन (ओरल सेक्स) -

आप पुरुष के लिंग पर कंडोम का इस्तेमाल करके सुरक्षित मुख मैथुन कर सकते हैं क्योंकि यह मुंह और लिंग के बीच एक अवरोध का काम करता है। महिला के जननांगों पर एक डैम (बहुत पतली चौकोर, मुलायम प्लास्टिक) लगाकर संक्रमण से बचा जा सकता है।

एसटीआई और सुरक्षित सेक्स के बारे में और जानिए।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।