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सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर

परिचय

सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर (SAD) यानी मौसमी भावात्मक विकार एक तरह का अवसाद है, जिसमें मौसमी पैटर्न शामिल होता है।अवसाद के लक्षण हर साल एक ही समय पर होते हैं, आमतौर पर सर्दियों में।

दूसरी तरह के अवसाद के साथ एसएडी के मुख्य लक्षणों में से दो हैं - अच्छा महसूस न करना और जिंदगी में रुचि की कमी। SAD के मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • सामान्य से कम सक्रिय होना
  • ज्यादा सोना
  • मौसमी विकार के लक्षणों के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें
  • सर्दी से अवसाद

SAD को कभी-कभी विंटर डिप्रेशन यानी 'सर्दी के अवसाद' के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसके लक्षण खासतौर पर साल के इस समय में अधिक गंभीर होते हैं।

लक्षण खासतौर पर सर्दियों में शुरू होते हैं, जब दिन छोटे होने लगते हैं। यह दिसंबर, जनवरी, फरवरी में सबसे गंभीर होता है।

ज्यादातर मामलों में SAD के लक्षण खत्म होने से पहले, वसंत में सुधरने लगते हैं।

SAD के क्या कारण हैं?

एसएडी के सटीक कारण पूरी तरह से समझ में नहीं आए हैं, लेकिन माना जाता है ये साल के छोटे दिनों में सूरज की कम रोशनी की वजह होता है।

सूरज की रोशनी दिमाग के कुछ रसायनों और हार्मोन्स पर असर डालती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसका क्या प्रभाव होता है। एक मानना यह भी है कि रोशनी दिमाग के एक हिस्से को उत्तेजित करती है, जिसे हाइपोथैलेमस कहा जाता है, जो आपके मूड, भूख और नींद को नियंत्रण में करता है। ये चीजें, आप कैसा महसूस करते हैं, इन बातों को प्रभावित कर सकती हैं।

SAD वाले लोगों में सूरज की रोशनी की कमी और दिमाग में कुछ रसायनों की समस्या की वजह से हाइपोथैलेमस ठीक से काम करना बंद कर देता है। ऐसा सोचा जाता है कि इन चीजों को रोशनी की कमी प्रभावित करती है:

  • हार्मोन मेलाटोनिन( melatonin) का उत्पादन
  • हार्मोन सेरोटोनिन(serotonin) का उत्पादन
  • शरीर में सिरकैडियन का रेग्युलेशन (शरीर की आंतरिक घड़ी, जो 24 घंटे में कई तरह की जैविक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है)

मेलाटोनिन, सेरोटोनिन और शरीर की सिरक्रैडियन रिद्म पर सूरज की रोशनी के असर के बारे में पढ़ें।

SAD का परीक्षण

अगर आपको एसएडी के लक्षण हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें। वह आपके मानसिक स्वास्थ्य की जांच कर सकते हैं।

आपसे आपके मूड, जीवनशैली, खाने और सोने के तरीके और आपके विचारों और व्यवहार में मौसम की वजह से किसी तरह के बदलाव के बारे में पूछा जा सकता है।

मौसमी विकार(SAD) के निदान के बारे में और पढ़ें।

SAD के उपचार

किसी भी प्रकार के अवसाद की तरह SAD के साथ रहना मुश्किल हो सकता है। यह आपको थका हुआ, तनावग्रस्त और दुखी महसूस करा सकता है। हालांकि इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।

SAD का इलाज आम तौर पर रोशनी की थेरेपी से किया जाता है। इसमें एक रोशनी के बॉक्स के सामने या नीचे बैठना शामिल है। रोशनी के बॉक्स एक तेज रोशनी उत्पन्न करते हैं। ये कई प्रकार के डिजाइन में आते हैं, जिनमें डेस्क लैंप और दीवार पर फिक्स हुए लैंप भी शामिल हैं।

SAD के इलाज के लिए एक रोशनी के बॉक्स का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें और निर्देशों का पालन करें।

आपके लक्षणों की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर टॉकिंग थेरेपी, जैसे कि कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) यानी संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी या अवसादरोधी दवाएं आपके डॉक्टर द्वारा बताई जा सकती हैं।

वे आपके लिए सबसे उपयुक्त इलाज का सुझाव देंगे, जिसमें कई तरह के उपचार का समायोजन हो सकता है।

मौसमी भावात्मक विकार का इलाज कैसे किया जा सकता है, इसके बारे में और पढ़ें।

लक्षण

मौसमी भावात्मक विकार के लक्षण सामान्य अवसाद की तरह ही होते हैं, लेकिन ये हर साल एक विशेष समय पर ही आते हैं।

अधिकांश लोगों के लक्षण शरद ऋतु या सर्दियों में शुरू होते हैं और वसंत में सुधरने लगते हैं।

इसके लक्षण शरद ऋतु के शुरुआती दौर में आम तौर पर बहुत हल्के होते हैं। सर्दी के बढ़ने के साथ बदतर होते जाते हैं जब धूप की मात्रा कम हो जाती है। हालांकि लक्षणों की प्रकृति और गंभीरता हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है।

एसएडी के साथ कुछ लोग एक-ध्रुवीय(unipolar) अवसाद का अनुभव करते हैं, जबकि दूसरे लोग हल्का द्विध्रुवीय अवसाद महसूस करते हैं।

एकध्रुवीय अवसाद वहां होता है, जहां केवल अवसाद संबंधी लक्षणों का अनुभव किया जाता है। द्विध्रुवीय अवसाद में अवसाद की बढ़ती हुई अवधि शामिल होती है। इसके बाद उच्च श्रेणी की अवधि होती है, जहां आप खुश, शक्ति-वान और बहुत अधिक मिलनसार महसूस करते हैं।

SAD के लक्षण

सभी तरह के अवसादों के साथ एसएडी के मुख्य लक्षणों में बेकार महसूस करना, सामान्य और रोज़मर्रा की जिंदगी में खुशी और रुचि का खो जाना शामिल हैं। अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • चिड़चिड़ा महसूस करना
  • निराश महसूस करना
  • अपराधबोध और बेकार की भावनाएं
  • कम आत्मसम्मान
  • अनिश्चितता
  • रोने जैसा महसूस करना
  • तनाव या चिंता महसूस करना
  • यौन क्रिया का कम होना

इन लक्षणों के अलावा आपमें अन्य लक्षण भी हो सकते हैं:

  • सामान्य से कम सक्रिय होना
  • थका हुआ महसूस करना और सामान्य से अधिक नींद का आना
  • सुस्त महसूस करना (ऊर्जा में कमी)
  • ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होना
  • ज्यादा भूख लगना और सामान्य से अधिक भोजन करना (हाइपरफैगिया)

कई लोगों के लिए एसएडी के साथ जीना मुश्किल हो सकता है और यह आपकी रोज़मर्रा की जिंदगी पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। हालांकि एसएडी का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।

मौसमी विकार के इलाज के बारे में और पढ़ें।

कारण

मौसमी भावनात्मक विकार या SAD का सटीक कारण अज्ञात है। अवसाद के लक्षणों को सर्दियों के छोटे दिनों से जोड़कर देखा जा सकता है, जब शरीर सूरज की रोशनी के संपर्क में कम होता है।

दुनियाभर के विशेषज्ञ 1980 से एसएडी पर शोध कर रहे हैं। इस स्थिति में किस तरह सुधार किया जा सकता है, इस विषय में कई सारे सिद्धांत विकसित किए गए हैं, जिन पर नीचे चर्चा की गई है।

हाइपोथैलेमस(Hypothalamus)

सूरज से आप जो रोशनी प्राप्त करते हैं, उससे आपके शरीर के हारमोन्स और दिमाग पर असर पड़ता है। हालांकि अभी तक दिमाग पर इसका क्या असर पड़ता है, इसे समझा नहीं जा सका है।

एक सिद्धांत के अनुसार, दिमाग के एक हिस्से को सूरज का प्रकाश प्रभावित करता है, जिसे हाइपोथैलेमस कहा जाता है। यह आपके मूड, नींद और भूख को नियंत्रित करता है। इसका प्रभाव इस पर पड़ता है कि आप कैसा महसूस करते हैं।

एसएडी से प्रभावित लोगों में सूरज की रोशनी की कमी और मस्तिष्क में कुछ रसायन के साथ एक समस्या हाइपोथैलेमस को ठीक से काम करने से रोकती है।

माना जाता है कि प्रकाश की कमी:

  • हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन को प्रभावित करती है
  • सेरोटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करती है
  • आपकी सिरकैडियन के बहाव को बाधित करती है

मेलाटोनिन(Melatonin)

मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है, जो नींद को प्रभावित करता है। यह आपके मस्तिष्क में एक छोटी ग्रंथि द्वारा निर्मित होता है, जिसे पीनियल ग्लैंड(pineal gland) कहते हैं। जब अंधेरा होता है तो पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन का उत्पादन करती हैं ताकि आप नींद महसूस कर सकें।

जब प्रकाश होता है, तब रेटिना (आपकी आंखों के पीछे कोशिकाओं की प्रकाश संवेदनशील परत) प्रकाश को एक विद्युत आवेग में बदल देता है, जो हाइपोथैलेमस तक पहुँचता है। हाइपोथैलेमस शरीर की कई ग्रंथियों को संदेश भेजता है, जिसमें पीनियल ग्रंथि शामिल होती है, जो कम मेलाटोनिन का उत्पादन करती है।

सर्दियों के मौसम में कुछ लोगों में सामान्य से अधिक मात्रा में मेलाटोनिन का उत्पादन होता है, जिसके परिणामस्वरूप नींद न आना और ऊर्जा का स्तर कम होने जैसे लक्षण सामने आते हैं।

सेरोटोनिन(Serotonin)

सेरोटोनिन मूड, भूख और नींद को प्रभावित करने वाला एक अन्य हार्मोन है। यह एक न्यूरोट्रांसमीटर भी है, जिसका मतलब है कि यह तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संदेशों को प्रसारित करता है। कम घंटों की धूप का मतलब है कि कम सेरोटोनिन का उत्पादन।

यदि आप एसएडी से पीड़ित हैं तो सर्दियों के मौसम में आपका सेरेटोनिन स्तर औसत से कम हो सकता है। इसका मतलब यह है कि तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संदेश ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप एसएडी के लक्षण पैदा होने लगते हैं, जैसे कि अच्छा महसूस न करना।

सिरकैडियन रिद्म(Circadian rhythm)

आपका शरीर आपके मूड, नींद, भूख, पाचन और ऊर्जा के स्तर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जैविक कार्यों और प्रक्रियाओं को समय पर करने के लिए सूर्य जैसे प्रकाश स्रोतों का उपयोग करता है।

शरीर के इन कार्यों को सिरकैडियन रिद्म के नाम से जाना जाता है और यह आमतौर पर 24 घंटे में होता है। हालांकि सूरज की रोशनी की कमी की वजह से शरीर की आंतरिक घड़ी पर फर्क पड़ सकता है, जिससे अवसाद और कम ऊर्जा जैसे एसएडी के लक्षण हो सकते हैं।

अन्य कारण

कई अन्य कारण और तथ्य अवसाद से जुड़े हुए हैं, जिनमें से कुछ की वजह से SAD होता है। कुछ संभावनाएं हैं:

  • आनुवंशिक और पारिवारिक कारण: अवसाद के पारिवारिक इतिहास का मतलब है कि आपको कुछ खास वंशागत गुणसूत्र विरासत में मिले हैं, जिनकी वजह से अवसाद आसानी से हो सकता है
  • बचपन के प्रतिकूल अनुभव: जैसे की उपेक्षा, शारीरिक उत्पीड़न या यौन शोषण
  • व्यक्तित्व: उदाहरण के तौर पर, हो सकता है कि आपका व्यक्तित्व ऐसा हो कि स्वाभाविक रूप से काफी चिंतित रहते हों
  • मनोवैज्ञानिक कारण: ये इससे संबंधित है कि दिमाग कैसे काम करता है, जैसे कि आपकी भावनाएं और जिस तरह से आप चीजों के बारे में सोचते हैं
  • सामाजिक कारण: आपके दूसरों के साथ रिश्ते, उदाहरण के लिए, आपके क़रीबी दोस्त हैं या नहीं

रोग की पहचान

अगर आपको मौसमी विकार के लक्षण हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें। यदि आपमें लक्षण पाए जाते हैं तो प्रभावशाली उपचार उपलब्ध हैं।

आपका डॉक्टर आपके मानसिक स्वास्थ्य की जांच करने के लिए आपका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कर सकता है। आपसे इस विषय में सवाल किए जा सकते हैं:

  • आपकी मनोदशा
  • आपकी जीवनशैली
  • आपके खान-पान का तरीका
  • आपके सोने का तरीका
  • क्या मौसम के साथ आपके विचारों में कोई परिवर्तन आता है
  • क्या आपके निजी जीवन के इतिहास में ऐसा कुछ है, जो आपमें अवसाद पैदा कर सकता है, जैसे बचपन में शारीरिक शोषण
  • क्या आपके परिवार के इतिहास में ऐसा कुछ हुआ है, जो आपमें अवसाद संबंधी विकार पैदा कर सकता है, जैसे कि परिवार में अवसाद का इतिहास होना

आपके लक्षणों के किसी अन्य संभावित कारणों की पड़ताल के लिए आपका डॉक्टर एक संक्षिप्त शारीरिक जांच कर सकता है।

अवसाद की पहचान

अवसाद की पहचान के लिए दो प्रमुख वर्गीकृत प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। आपका डॉक्टर SAD की पहचान के लिए इनमें से किसी एक प्रणाली का इस्तेमाल कर सकता हैः

  • जो लक्षण आपको हैं
  • आपके लक्षण कितने गंभीर हैं
  • आपके लक्षण कितनी देर बने रहते हैं
  • आपके लक्षणों की प्रगति क्या है
  • आपके लक्षण आपको सामान्य गतिविधियाँ करने के लिए किस हद तक रोकते हैं
  • आपको अवसाद के स्तर का पता चल सकता है कि यह कम है मध्यम है या गंभीर है

मौसमी अवसाद

SAD की पहचान अक्सर मुश्किल होती है, क्योंकि कई अन्य तरह के अवसाद भी हैं, जिनके लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं। लिहाजा आपको और आपके डॉक्टर को यह पहचानने में कई साल लग सकते हैं कि आपके लक्षण एक निश्चित पैटर्न बना रहे हैं।

एसएडी की पहचान मौसम पर निर्भर करता है:

  • दो या दो से ज्यादा सालों से एक ही मौसम में आपको एक ही तरह के लक्षण दिखाई देते हैं
  • आपके अवसाद का समय आपके बिना अवसाद के समय के बाद होता है
  • आपके मौसमी मूड परिवर्तन के लिए कोई अन्य स्पष्टीकरण या कारण हैं

इलाज

सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर यानी मौसमी भावात्मक विकार (एसएडी) का कई तरह की पद्धतियों से सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।

आपके लक्षणों की गंभीरता और स्वभाव के आधार पर आपके डॉक्टर आपके लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त इलाज का सुझाव देंगे। इसमें कई तरह के उपचारों का संयोजन भी शामिल हो सकता है, जिससे बेहतर परिणाम मिल सकें।

प्रकाश द्वारा चिकित्सा SAD का एक प्रसिद्ध इलाज है। लेकिन इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि SAD के इलाज के लिए प्रकाश द्वारा चिकित्सा का प्रयोग दीर्घकालीन लाभ में सहयोग देता हो। लेकिन शोध यह सुझाव देता है कि कम वक्त में इसके प्रभावशाली परिणाम हो सकते हैं।

मनोसामाजिक इलाज

मनोसामाजिक इलाज मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलू दोनों पर ध्यान देता है। कुछ मुमकिन मनोसामाजिक इलाज नीचे दिए गए हैं।

कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी

कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) इस सोच के साथ शुरू की जाती है कि आपकी समस्याएं अक्सर आपकी ही बनाई हुई होती हैं। यह खुद में ऐसी स्थिति नहीं है जो आपको दुखी कर रही है, पर आप इसके बारे में कैसा सोचते हैं और इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

आप कुछ चीजों के बारे में कैसा सोचते हैं, इसमें बदलाव लाना आपके व्यवहार को बदलने में मदद करेगा, जिसकी वजह से वह स्थिति आपको ज्यादा समय तक दुख महसूस नहीं कराएगी।

सीबीटी के कई तरह के सत्रों में विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉक्टर शामिल होते हैं, जो कुछ हफ्तों और महीनो तक चलता है, जिसमें आपके कार्यक्रम हो सकते हैं:

  • खुद की मदद के लिए व्यक्तिगत कार्यक्रम
  • इस कार्यक्रम की रूपरेखा आपके और आपके साथी के लिए बनाई गयी है (अगर आपका अवसाद आपके रिश्ते पर असर डाल रहा है)
  • एक समूह कार्यक्रम, जिसे आप अपनी जैसी स्थिति वाले दूसरे लोगों के साथ पूरा कर सकते हैं
  • कंप्यूटर आधारित सीबीटी प्रोग्राम, जिसे प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा चलाया जाता है और आपकी जरूरतों को पूरा करता है

सीबीटी के बारे में और पढ़ें।

परामर्श और मनोवेगीय मनोचिकित्सा

परामर्श एक तरह की बातचीत करने की थेरेपी है, जिसमें एक प्रशिक्षित परामर्शदाता से आपकी चिंताओं और समस्याओं के बारे में बातचीत शामिल होती है।

परामर्श के बारे में अधिक पढ़ें।

मनोवेगीय मनोचिकित्सा के दौरान आप अपने और दूसरों के बारे में कैसा महसूस करते हैं, इस बारे में चर्चा करते हैं और आप अपने अतीत के अनुभव के बारे में बताते हैं।

इस सत्र का लक्ष्य यह पहचानना है कि आप आज कैसा महसूस कर रहे हैं, कहीं इसके पीछे अतीत की किसी घटना का कोई प्रभाव तो नहीं है।

मनोचिकित्सा के बारे में और पढ़ें।

एंटीडिप्रेसेंट्स

एंटीडिप्रेसेंट्स अक्सर अवसाद का इलाज करने के लिए दी जाती हैं और ये कभी-कभी गंभीर लक्षण होने पर एसएडी का इलाज करने के लिए भी प्रयोग की जाती है।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रिअप्टेक इनहिबिटर(SSRIs) एसएडी का इलाज करने के लिए एंटीडिप्रेसेंट्स का प्राथमिकता से इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है। यह आपके दिमाग में सेरोटोनिन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ाता है, जो आपकी मनोदशा अच्छी करने में सहायता करता है।

अगर आपको एंटीडिप्रेसेंट्स का सुझाव दिया गया है, तो इन बातों से सचेत रहें:

  • पूरे तरीके से इलाज करने के लिए चार से छह हफ्तों का समय लग सकता है
  • यह जरूरी है कि अगर आपको बेहतर लगने लगा है तो भी दवाई का प्रयोग वैसे ही किया जाना चाहिए जैसा सुझाव दिया गया है
  • कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स के दुष्प्रभाव होते हैं और ये दूसरे इलाज की तरह हो सकते हैं, जो आप पहले से ही ले रहे हों

पेट की ख़राबी एंटीडिप्रेसेंट्स का एक सामान्य दुष्प्रभाव है। होने वाले दुष्प्रभावों को जानने के लिए आपकी दवा के साथ आने वाली जानकारी देखें।

इसका सबूत सीमित है कि एंटीडिप्रेसेंट SAD का इलाज करने में प्रभावी हैं। इनको सबसे ज्यादा प्रभावी तब माना जाता है, जब इन्हें सर्दियों की शुरुआत में लिया जाए (लक्षणों के दिखने से पहले) और बसंत तक लिया जाए।

एंटीडिप्रेसेंट्स के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें।

प्रकाश द्वारा थेरेपी

एसएडी के कुछ लोगों के लिए प्रकाश के उपचार की पद्धति उनके मूड को बेहतर बनाने के लिए प्रभावशाली हो सकती है। इसमें प्रकाश बक्से के सामने या नीचे बैठना शामिल है।

यह कई प्रकार के डिजाइन में आते हैं, जिनमें डेस्क लैंप और दीवार पर लगे फिक्स लैंप होते हैं। प्रकाश का बॉक्स एक तेज रोशनी उत्पन्न करता है। लक्स में रोशनी की तीव्रता को मापा जाता है- उच्च लक्स, ब्राइटर लाइट।

एसएडी के इलाज के लिए प्रकाश बॉक्स का उपयोग करने से पहले बॉक्स के निर्माता के निर्देशों और जानकारी को देखे, जैसे:

  • क्या उत्पाद एसएडी का इलाज करने में सक्षम है
  • प्रकाश की तीव्रता, जिसे आप उपयोग कर रहे हैं
  • आपको प्रकाश के सामने कितनी देर तक बैठने की जरूरत है

प्रकाश बॉक्स खरीदते समय सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसे बॉक्स का चयन करें, जो निर्माता की ओर से पूरी तरह से प्रमाणित है और SAD के इलाज के लिए सही है।

प्रकाश की तीव्रता आपके लिए सही नहीं हो सकती अगर:

  • आपको आंखों की समस्याएं है या आपकी आँखें प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं
  • अगर आप किसी तरह का इलाज ले रहे हैं, जैसे एंटीडिप्रेसेंट्स
  • मिर्गी होना - ऐसी स्थिति, जो दौरे का कारण बनती है (दौरे पढ़ना)

अगर आप किसी विशेष उत्पाद की उपयुक्तता के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें।

प्रकाश थेरेपी कैसे काम करती है

माना जाता है कि सर्दियों में अंधेरे के कारण सूरज के प्रकाश की अनुपलब्धता को प्रकाश थेरेपी से पूरा किया जा सकता है।

ज्यादा प्रकाश आपके दिमाग में मेलाटोनिन (हार्मोन, जो आपको नींद का अनुभव कराता है) के उत्पादन को कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है और सेरोटोनिन को बनने में मदद करता है (हार्मोन, जो आपके मूड को प्रभावित करता है)।

सर्दियों के महीनों के दौरान आपके शरीर से निकलने वाले मेलाटोनिन और सेरोटोनिन के स्तर में बदलाव से आपके एसएडी के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि यह समस्या सूरज की कम रोशनी के कारण होती है और इसका असर दिमाग से निकलने वाले हार्मोन पर पड़ता है।

प्रकाश चिकित्सा में अनुसंधान

प्रकाश चिकित्सा की समग्र प्रभावशीलता के बारे में मिले-जुले सबूत हैं। इस क्षेत्र में किए गए शोध की तुलना करना मुश्किल है, क्योंकि प्रकाश स्रोतों की एक किस्म का उपयोग किया गया था और नैदानिक परीक्षण (चिकित्सा परीक्षण) अक्सर कम समय में किए जाते थे।

हालांकि कई अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला है कि प्रकाश चिकित्सा असरदायक होती है, खासतौर पर अगर यह सुबह की जाती है। कम समय में परिणाम देने के लिए प्रकाश चिकित्सा को सबसे अच्छा माना जाता है। इसका मतलब यह है कि यह आपके लक्षणों को कम करने में सहायता करती है, लेकिन आप अगली सर्दियों में भी एसएडी से प्रभावित हो सकते हैं।

प्रकाश चिकित्सा के दुष्प्रभाव

होते हैं। हालांकि इन बेहद मुश्किल से सामने आने वाले मामलों में आप अनुभव कर सकते हैं:

  • हल्की बेचैनी या चिड़चिड़ापन
  • सिर दर्द
  • सोने में समस्या (देर शाम के दौरान प्रकाश चिकित्सा से बचें)
  • अगर प्रकाश चिकित्सा के समय आपको कोई दुष्प्रभाव नजर आता है तो अपने डॉक्टर से मिलें
सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।