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दर्दनाक इरेक्शन (priapism)

प्रियपिज्म क्या है?

प्रियपिज्म(priapism) निरंतर और कभी-कभी दर्दनाक इरेक्शन होता है जो कई घंटों तक रह सकता है।

यह इरेक्शन जरूरी नहीं यौन स्टिम्युलेशन

या उत्साह से जुड़ा हुआ हो, और ये स्खलन (जब वीर्य लिंग से निकल जाता है) के बाद भी शांत नहीं होता है।

यह इरेक्शन चार घंटे से भी ज्यादा समय तक कायम रहता है। इस समय के दौरान लिंग का शाफ्ट सख्त हो जाता है और लचीलापन खो देता है लेकिन लिंग का शीर्ष (ग्लैन्स) आमतौर पर कोमल रहता है। लिंग में या तो दर्द होता है या वह नाजुक बना रहता है।

प्रियपिज्मएक मेडिकल इमर्जेंसी होती है- आपको अगर ऐसी शिकायत हो रही है तो आप तुरंत मेडिकल सहायता लें।

अगर 24 घंटे में इसका इलाज नहीं होता है तो आपका लिंग स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है और हो सकता है भविष्य में आपको इरेक्शन में परेशानी हो सकती है।

प्रियपिज्म के प्रकार

प्रियपिज्म के दो मुख्य प्रकार होते हैं-

  • धीमा रक्त प्रवाह वाला ( इस्कैमिक) प्रियपिज्म - सबसे आम और गंभीर प्रकार का प्रियपिज्म जो आमतौर पर लिंग की आर्टरीज में ब्लॉकेज की वजह से होता है।
  • तीव्र रक्त प्रवाह वाला (नॉन- इस्कैमिक) प्रियपिज्म- काफी दुर्लभ और आमतौर पर गुप्तांगों या पेरिनियम (गुप्तांगों और गुदा मार्ग के बीच का हिस्सा) में किसी चोट की वजह से होता है।

प्रियपिज्म की वजह क्या होती है?

प्रियपिज्म उस वक्त होता है जब इरेक्शन के दौरान लिंग में स्पंजि तिस्शुस को भरने वाला खून लिंग से बाहर निकलने में सक्षम नहीं होता। इसकी वजह होती हैं-

  • सिकल सेल एनिमिया का एक दुष्प्रभाव (एक जेनेटिक ब्लड डिसआर्डर जहां रेड ब्लड सेल्स असामान्य रूप से विकसित हो जाते हैं)
  • किसी दवा का साइड इफेक्ट जैसे सिल्डेनाफिल (वियाग्रा) , जो लिंग में इरेक्शन के विकार को ठीक करने के लिए प्रयोग की जाती है।

प्रियपिज्म के कारण क्या होते हैं और प्रियपिज्म की पहचान कैसे होती है इसके बारे में और अधिक पढ़ें।

प्रियपिज्म का उपचार

अगर आपको इस्कैमिक(ischaemic, धीमे रक्त प्रवाह वाला) प्रियपिज्म है तो जितनी जल्दी आपको उपचार मिलेगा वह उतना ही प्रभावी रहेगा।

ऐसे में अमूमन एस्पाइरेशन की सलाह दी जाती है। यह एक प्रक्रिया है जिसमें एक सुई और सीरिंज का प्रयोग होता है ताकि आपके लिंग में से रक्त को बाहर निकाला जा सके।

अगर यह काम नहीं करती है तो आपके लिंग में दवा को इंजेक्ट किया जाता है जो रक्त वाहिनियों को संकुचित कर देती है और आपके लिंग से रक्त को बाहर निकालने में मदद करती है।

सर्जरी की सलाह केवल तभी दी जाती है जब अन्य उपचार नाकाम हो जाते हैं। इसके लिए कई तरह के सर्जिकल प्रोसीजर उपलब्ध हैं जो आपको होने वाले प्रियपिज्म के प्रकार पर निर्भर करते हैं।

प्रियपिज्म का उपचार कैसे होता है इसके बारे में और अधिक पढ़ें।

प्रियपिज्म की वजह

प्रियपिज्म लिंग को रक्त की आपूर्ति में होने वाली समस्या होती है। कई स्वास्थ्य स्थितियां और दवाएं लिंग से रक्त को निकलने में बाधा पैदा कर देती हैं।

इरेक्शंस

जब कोई व्यक्ति यौन रूप से उत्तेजित हो जाता है तो उसका नर्वस सिस्टम नाइट्रिक ऑक्साइड नामक केमिकल छोड़ता है। नाइट्रिक ऑक्साइड लिंग को रक्त की आपूर्ति करने वाली आर्टरीज की दीवारों को ढीला करता है और उन्हें चौड़ा करता है। इससे लिंग के स्पांजी टिशू तक रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे यह फैलता है और सख्त हो जाता है और इरेक्शन हो जाता है।

यौन उत्तेजना की भावना के गुजरने के बाद लिंग की आर्टीज को संकुचित (पतले होना) होना होता है जिससे अतिरिक्त रक्त लिंग से बाहर निकल जाता है और वह पहले जैसी मुलायम स्थिति में लौट आता है।

कोई भी चीज जो नर्वस सिस्टम या रक्त के प्रवाह(या दोनों) पर असर डालती है उससे प्रियपिज्म हो सकता है।

सिकल सेल एनिमिया

सिकल सेल एनिमिया एक हेरेडिटेरी रक्त की स्थिति है जहां रेल ब्लड सेल असामान्य रूप से विकसित हो जाते हैं। रेड बल्ड सेल्स आमतौर पर गोल और लचीले होते हैं और फेफड़ों से शरीर के बाकी हिस्सों तक ऑक्सीजन को लेकर जाते हैं।

बहरहाल, सिकल सेल अनीमिया वाले लोगों में रेड ब्लड सेल का आकार और टेक्स्चर बदल सकता है। वे सख्त, चिपचिपे और अर्धचंद्राकार हो जाते हैं।

पुरुषों में यह संभव है कि सख्त ब्लड सेल्स लिंग की रक्त वाहिकाओं में फंस कर रह जाएं जिससे दर्द भरा और लगातार होने वाला इरेक्शन हो जाए।

दवा

कई तरह की दवाएं नसों की सामान्य कार्यप्रणाली को बाधित कर सकती है जो लिंग में आर्टरीज को चौड़ा कर इरेक्शन पाने में मदद करती है।

नस यौन उत्तेजना की अवस्था के गुजर जाने के बाद आर्टरीज को संकुचित करना भूल जाते हैं , जिससे इस्केमिक

प्रियपिज्म हो सकता है।

इस्कैमिक प्रियपिज्म से जुड़ी दवाएँ हैं-

  • इरेक्टाइल डिसफ्कंशन के उपचार के लिए ओरल मेडिकेशन, जैसे सिलडेनाफिल (वियाग्रा), टाडालाफिल (सियालिस) और वर्डेनलाफिल (लेविट्रा) (गोलियां या कैप्सूल)
  • इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन के लिए दवाएँ जो लिंग में सीधे इंजेक्ट की जाती हैं जैसे एल्प्रोस्टाडिल
  • रक्त को पतला करने वाली दवा जैसे वारफारिन तथा हेपारिन
  • कुछ तरह के एंटीडिप्रेसेंट्स जैसे फ्लुक्सेटाइन(प्रोजैक) तथा बुप्रोपियन
  • हाई ब्लड प्रेशर (हाइपटेंशन) के उपचार में प्रयोग होने वाली कुछ दवाएं जैसे कैलिशयम चैनल ब्लॉकर्स

इसके अतिरिक्त कुछ रिक्रिएशनल ड्रग्स भी प्रियपिज्म से जुड़ी हुई हैं जिनमें शामिल हैं-

  • कोकीन
  • एक्सटेसी
  • मेथोम्फेटामाइन (क्रिस्टल मैथ)
  • भांग, कैनबिस

प्रियपिज्म के कम सामान्य कारण

प्रियपिज्म के कम सामान्य कारणों में शामिल हैं-

  • थैलासेमिया- एक रक्त विकार जिसमें सिकल सेल एनिमिया जैसी स्थिति होती है
  • रक्त का कैंसर जैसे क्रोनिक ल्यूकेमिया और मल्टीपल माइलोमा
  • कैंसर जो निकटतम टिशू या अंग तक फैल गया हो जैसे प्रोस्टेट कैंसर या ब्लैडर कैंसर और जो लिंग के अंदर रक्त के प्रवाह को बाधित कर रहा हो
  • रीढ की हड्डी में चोट
  • खून का थक्का
  • फैब्री डिजीज- एक दुर्लभ, जेनेटिक कंडीशन जो मेटाबोलिज्म पर असर डालती हो ( एक प्रक्रिया जो भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करती है)

अगर मुझे प्रियपिज्म है तो इसका पता कैसे लग सकता है?

प्रियपिज्म को आमतौर पर आपके डॉक्टर द्वारा आपके लिंग की जांच करने और आपके लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछताछ कर डायग्नोज किया जाता है।

उदाहरण के लिए आपसे पूछा जा सकता है-

  • आपका लिंग कितने समय तक इरेक्ट रहा है
  • आपका लिंग दर्द कर रहा है या नाजुक है
  • क्या आपको कोई ज्ञात रक्त विकार है जोसे सिकल सेल एनिमिया
  • क्या आप कोई ऐसी दवा ले रहे हैं जिससे प्रियपिज्म साइड इफेक्ट के रूप में हुआ है जैसे सिल्डेनाफिल ( वियाग्रा)
  • क्या आपको हाल ही में लिंग या पेरिनियम (आपके गुप्तांगों और गुदामार्ग के बीच का हिस्सा) में कोई चोट लगी है
  • क्या आपने हाल ही में कोई रिक्रिएशनल ड्रग्स ली हैं जैसे कोकीन या एक्सटेसी

ब्लड टेस्ट

प्रियपिज्म क्यों हो रहा है यह जानने के लिए ब्लड टेस्ट की जरूरत होती है। ये आपके रक्त में मौजूद समस्याओं को पहचानने में मदद करते हैं जैसे अनिमिया(रेड ब्लड सेल्स की कमी) या असामान्य रूप से व्हाइट सेल्स की बढ़ी हुई संख्या। यह ल्यूकेमिया के संकेत भी हो सकता है।

ब्लड टेस्ट आपके शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तरों को भी मापते हैं। असामान्य रूप से ऑक्सीजन का कम स्तर और कार्बन डाइऑक्साइड का ज्यादा स्तर इस्कैमिक प्रियपिज्म ( रक्त का धीमा प्रवाह) का मजबूत संकेत देते हैं।

अगर नॉन- इस्कैमिक प्रियपिज्म आपके गुप्तांगों या आसपास के हिस्सों में किसी चोट की वजह से होने की आशंका है, तो आपको स्कैन के लिए रेफर किया जाएगा जैसे अल्ट्रासाउंड स्कैन। इससे आपके लिंग में रक्त वाहिनियों में होने वाली समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।

प्रियपिज्म का उपचार कैसे होता है

प्रियपिज्म का उपचार आपको होने वाले प्रियपिज्म के प्रकार पर निर्भर करता है।

रक्त का तीव्र प्रवाह(नॉन-इस्कैमिक) प्रियपिज्म में उपचार की जरूरत नहीं होती। कई मामले कुछ घंटों में अपनेआप ठीक हो जाते हैं।

अगर आपके गुप्तांगो का हिस्सा चोटिल हो गया है और आपको काफी दर्द हो रहा है और निरंतर इरेक्शन की समस्या बनी हुई है तो अपने लिंग के एक छोटे तौलिया में रखकर आईस पैक दें। सीढ़ियां ऊपर-नीचे चढ़ने से भी राहत मिल सकती है।

अगर आपके लक्षणों में सुधार नहीं होता है तो अपने निकटतम अस्पताल में जाकर मेडिकल सहायता लें।

आपको अपने लिंग में होने वाले रक्त के प्रवाह को अस्थायी रूप से रोकने के लिए सर्जरी भी करवानी पड़ सकती है।

अगर आपमें धीमे रक्त प्रवाह वाले (इस्कैमिक) प्रियपिज्म की पहचान होती है तो एस्पाइरेशन या सिम्पैथोमाइमेटिक इंजेक्शन की सलाह भी दी जा सकती है।

एस्पाइरेशन

यह प्रियपिज्म के लिए दिया जाना वाला पहला उपचार है।

आपके लिंग को लोकल एनास्थेटिक की मदद से सुन्न किया जाता है और एक छोटी सुई और सीरिंज से आपके लिंग से रक्त को बाहर निकाला जाता है।

कुछ मामलों में रक्त वाहिनियों को स्टेराइल वाटर से धोया जाता है ताकि उसमें फंसे किसी कचरे को बाहर निकाला जा सके। इसे इरिगेशन कहा जाता है।

एस्पाइरेशन और इरिगेशन से आमतौर पर दर्द देने वाले लक्षणों से निजात मिलती है और आपको इरेक्शन शांत हो जाता है। बहरहाल आपको ऐसा करने से पहले कई उपचार सत्रों की जरूरत होती है।

सिम्पैथोमाइमेटिक(Sympathomimetic) इंजेक्शन

अगर आपके लक्षणों में एस्पाइरेशन से राहत नहीं मिलती है तो अगला कदम एक प्रकार की दवा होगी जिसे सिम्पैथोमाइमेटिक कहते हैं यह सीधे आपके लिंग के टिशू में प्रवेश करवाई जाती है।

सिम्पैथोमाइमेटिक आपके लिंग में रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने का कम करती है जिससे आपके लिंग से रक्त बाहर निकालने में मदद मिलती है साथ ही उसमें और रक्त को धकेले जाने को भी रोकती है।

सिम्पैथोमाइमेटिक का एक प्रकार होता है जिसे फेनाइलफेराइन कहा जाता है जो आमतौर पर इसलिए लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसका सिम्पैथोमाइमेटिक की तुलना में साइड इफेक्ट का जोखिम कम होता है।

फेनाइलफेराइन के साइड इफेक्ट में शामिल हैं:

  • ब्लड प्रेशर में वृद्धि, जिससे आप उनींदा महसूस कर सकते हैं और सिर चकरा सकता है
  • सिरदर्द
  • टैचिकार्डिया (धड़कनें तेज होना)
  • अनियमित हृदय गति साफ-साफ महसूस होना

अगर आप में स्वास्थ्य की ऐसी स्थिति हो जो रक्त का दबाव बढ़ने से और गंभीर हो सकती है जैसे हृदय रोग तो आपको नियमित रूप से ब्लड प्रशर की जांच और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम(ईसीजी) करवानी होगी। इसीजी आपके दिल के इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को मापता है।

सर्जरी

अगर आपके लक्षणों में एस्पाइरेशन या सिम्पैथोमाइमेटिक इंजेक्शन से कोई सुधार नहीं होता है तो सर्जरी करवाने की सलाह दी जा सकती है। इसके लिए कई तरह के सर्जिकल प्रोसीजर उपलब्ध हैं। इसका चयन आपके प्रियपिज्म के प्रकार पर निर्भर करता है।

अगर आपको इस्कैमिक प्रियपिज्म है तो शंट सर्जरी की सलाह दी जाती है। इसमें आपके लिंग में एक छोटा डिवाइस फिट किया जाता है जिसे शंट कहते हैं जिससे आपके लिंग की रक्त की आपूर्ति का मार्ग बदल दिया जाता है।

प्रियपिज्म की सर्जरी करवाने वाले कुछ पुरुषों को इसके बाद इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अनुभव होता है। बहरहाल इसके होने के जोखिम का सटीक आकलन कर पाना काफी मुश्किल हो क्योंकि इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जुड़े कई अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे खुद प्रियपिज्म जो इस मुद्दे को भ्रमित कर देते हैं।

अगर आपको भी प्रियपिज्म की सर्जरी करवाने के बाद इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या का अनुभव होता है तो आपको इसके लिए आगे सर्जरी करवाने की जरूरत है जैसे आपके लिंग के अंदर आर्टिफिशियल इंप्लांट करवाना।

प्रियपिज्म के लिए सर्जरी करवाने से पहले आपको अपने सर्जन से इसके लाभ और हानि के बारे में चर्चा कर लेनी चाहिए।

अगर आपको नॉन इस्कैमिक (उच्च रक्त प्रवाह) वाला प्रियपिज्म है तो एम्बोलाइजेशन(embolisation) नाम की सर्जिकल तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसका लक्ष्य क्षतिग्रस्त आर्टरी को बाधित करने के लिए एक छोटा डिवाइस लिंग में प्रवेश करवाकर रक्त के प्रवाह को रोकना होता है।

सर्जिकल लिगेशन एक अन्य तरीका है जिससे नॉन-इस्कैमिक प्रियपिज्म का इलाज किया जाता है। इसके दौरान सर्जन आपके लिंग तक रक्त प्रवाह को सामान्य स्थिति में पहुंचाने के लिए क्षतिग्रस्त आर्टरी को बांध देता है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन का उपचार कैसे किया जाता है इसके बारे में और अधिक पढ़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।