प्रागार्तव(पीएमएस)

परिचय

प्रागार्तव(पीएमएस) नाम महिला के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और व्यवहार संबंधी उन लक्षणों को दिया गया है जो एक महिला के मासिक धर्म के दो सप्ताह पहले उत्पन हो सकते हैं। इसे मासिक धर्म के पूर्व तनाव (PMT) के रूप में भी जाना जाता है।

पीएमएस के कई भिन्न-भिन्न लक्षण हैं, लेकिन इसके विशिष्ट उदाहरण निम्नलिखित हैं:

ये लक्षण आमतौर पर तब ठीक होने लगते हैं जब आपका मासिक धर्म शुरू होता है और उसके कुछ दिनों बाद बिल्कुल ठीक हो जाते हैं।

प्रसव उम्र की लगभग सभी महिलाओं में प्रागार्तव (पीएमएस) के कुछ पूर्व लक्षण होते हैं, लेकिन 20 वर्ष के अंत से 40 वर्ष की शुरुआत में महिलाओं को पीएमएस का अनुभव होने की सबसे अधिक संभावना होती है।

हर 20 में से 1 महिला में ऐसे लक्षण इतने गंभीर होते हैं जो उन्हें अपना सामान्य जीवन जीने से रोकते हैं। यह अक्सर अधिक गंभीर प्रकार के पीएमएस का परिणाम होता है जिसे मासिक धर्म से पूर्व बेचैनी की समस्या (पीएमडीडी) के रूप में जाना जाता है।

पीएमएस के लक्षणों के बारे में अधिक पढ़ें

आपको अपने चिकित्सक के पास कब जाना चाहिए

यदि आपको पीएमएस के लक्षणों से निपटने में मुश्किल हो रही है तो आपको अपने चिकित्सक के पास जाना चाहिए।

वे यह निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं कि क्या आपको पीएमडीडी (PMDD) है, और आपके द्वारा अनुभव किए जा रहे लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए आपको सलाह देने और उपचार करने में सक्षम हो सकते हैं।

यह क्यों होता है?

पीएमएस का सटीक कारण पूरी तरह से समझ नहीं आया है। हालांकि, इसे एक महिला के मासिक धर्म के दौरान शरीर में हार्मोन के बदलते स्तर से जुड़ा हुआ माना जाता है।

तथ्य यह है कि गर्भावस्था के दौरान और रजोनिवृत्ति, के बाद जब हार्मोन का स्तर स्थिर होता है तब पीएमएस में सुधार होता है, जो इस सिद्धांत का समर्थन करता है।

जीवनशैली के कुछ कारकों को पीएमएस के लक्षणों को बढ़ावा देने का कारण भी माना जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • व्यायाम न करना और वज़न अधिक होना
  • तनाव
  • ख़राब आहार लेना

पीएमएस के कारणों के बारे में अधिक पढ़ें

पीएमएस लक्षणों में सुधार

यदि आपके लक्षण गंभीर नहीं हैं, तो जीवनशैली में कुछ बदलाव आपको पीएमएस में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • पौष्टिक आहार
  • अपने स्वास्थ्य और स्वस्थता को बेहतर बनाने के लिए नियमित व्यायाम करें
  • उन तकनीकों को सीखें जो तनाव को दूर करने में मदद करती हैं
  • नियमित रूप से नींद लें

ज्यादा गंभीर मामलों में मनोवैज्ञानिक चिकित्सा या हार्मोन से संबंधित दवाओं की अनुशंसा की जा सकती है।

पीएमएस के इलाज के बारे में और पढ़ें

प्रागार्तव (पीएमएस) के लक्षण

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प्रागार्तव( पीएमएस) के कई भिन्न-भिन्न लक्षण होते हैं, जो हर व्यक्ति में विभिन्न हो सकते हैं और हर महीने उनमें थोड़ा-सा बदलाव हो सकता है।

आपको हर महीने समान पीएमएस लक्षण हो सकते हैं जिनकी प्रबलता भिन्न होती है, या हर कुछ महीनों में कुछ विभिन्न लक्षण होते हैं। पीएमएस हर महिला के लिए विभिन्न होता है।

पीएमएस के लक्षण आमतौर पर आपके मासिक धर्म चक्र में समान समय में प्रकट होते हैं। यह आपके मासिक धर्म शुरू होने से दो सप्ताह पहले तक हो सकता है।

आमतौर पर आपका मासिक धर्म शुरू होने के बाद लक्षणों में सुधार होता है और तब तक नहीं दिखते जब तक कि आपका चक्र फिर से शुरू न हो जाए।

पीएमएस के सामान्य लक्षण

पीएमएस के 100 से अधिक भिन्न-भिन्न लक्षण दर्ज किए गए हैं। सबसे सामान्य में से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं।

शारीरिक लक्षण

  • सूजन महसूस करना
  • आपके पेट में दर्द और परेशानी
  • सिर दर्द
  • पीठ में दर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • स्तनों में दर्द
  • सोने में परेशानी (अनिद्रा)
  • मतली
  • वज़न बढ़ना (1 किग्रा तक)

कोई भी दीर्घकालिक (पुरानी) बीमारी, जैसे कि दमा या माईग्रेन, और गंभीर हो सकती है।

मनोवैज्ञानिक और व्यवहार संबंधी लक्षण

  • स्वभाव में परिवर्तन
  • परेशान या भावुक होना
  • चिड़चिड़ापन या क्रोध महसूस करना
  • रोना
  • व्यग्रता
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • भ्रम और विस्मृति
  • भद्दापन
  • बेचैनी
  • थकान
  • आत्मसम्मान में कमी
  • कामेच्छा की क्षति – संभोग में रुचि की हानि
  • भूख में कमी या भोजन की लालसा

मासिक धर्म से पूर्व बेचैनी की समस्या (पीएमडीडी)

हालांकि पीएमएस से पीड़ित अधिकांश महिलाएं अपने लक्षणों से असहज महसूस करती हैं, कुछ प्रतिशत में गंभीर लक्षण होते हैं जो उन्हें अपना सामान्य जीवन जीने से रोकते हैं।

यह पीएमएस के अधिक गंभीर प्रकार का परिणाम है जिसे मासिक धर्म से पूर्व बेचैनी की समस्या (पीएमडीडी) के रूप में जाना जाता है।

पीएमडीडी के लक्षण पीएमएस के समान हैं, लेकिन अधिक अतिशयोक्तिपूर्ण होते हैं और अक्सर यह लक्षण शारीरिक तुलना में मनोवैज्ञानिक तौर पर अधिक होते हैं।

लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • निराशा की भावना
  • निरंतर उदासीनता या अवसाद (डिप्रेशन)
  • अत्यधिक क्रोध और चिंता
  • सामान्य गतिविधियों में रुचि कम होना
  • सामान्य से बहुत अधिक या कम सोना
  • आत्मसम्मान में कमी
  • अत्यधिक तनाव और चिड़चिड़ापन

चूंकि अवसाद पीएमडीडी का एक सामान्य लक्षण है, इसलिए संभव है कि पीएमडीडी से ग्रसित महिलाएं आत्महत्या के बारे में सोच सकती हैं।

पीएमडीडी से निपटना विशेष रूप से कठिन हो सकता है क्योंकि यह आपके दैनिक जीवन और रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

आपको अपने चिकित्सक के पास कब जाना चाहिए

मासिक धर्म शुरू होने से दो हफ्ते पहले आपका हल्के पीएमएस लक्षणों का अनुभव करना सामान्य है। हालांकि, अगर यह लक्षण रोज़मर्रा की ज़िंदगी को मुश्किल बना रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

आप अपना मासिक धर्म आने तक प्रत्येक दिन में कैसा महसूस करती हैं आपका डॉक्टर आपको रिकॉर्ड करने के लिए एक डायरी का उपयोग करने के लिए कह सकता है।

आपको ऐसा कम से कम दो या तीन महीनों के लिए करना पड़ सकता है, ताकि आपका डॉक्टर आपके लक्षणों का कोई भी पैटर्न देख सके।

पीएमडीडी का निदान केवल तब किया जाता है जब आपके स्वभाव के लक्षण आपके रिश्तों को गंभीरता से प्रभावित करते हैं और आप कार्यस्थल या स्कूल में ठीक से काम करना बंद कर देते हैं।

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको पीएमडीडी है तो वह आपको आगे के मूल्यांकन और उपचार के लिए एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास भेज सकता है।

प्रागार्तव (पीएमएस) के कारण

प्रागार्तव(पीएमएस) का सटीक कारण पूरी तरह से समझ में नहीं आया है, लेकिन लक्षणों में कई चीज़ें शामिल हो सकती हैं।

हार्मोन में बदलाव

आपके मासिक धर्म चक्र के दौरान, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ता और गिरता है। पीएमएस के कई लक्षणों में हार्मोन परिवर्तन को सबसे बड़ा कारक माना जाता है।

तथ्य यह है कि गर्भावस्था के दौरान और रजोनिवृत्ति (मेनोपाज़), के बाद जब हार्मोन का स्तर स्थिर होता है तब पीएमएस में सुधार होता है, जो इस सिद्धांत का समर्थन करता है।

मस्तिष्क में रासायनिक परिवर्तन

यह भी सुझाव दिया गया है कि मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोन के स्तर में परिवर्तन आपके मस्तिष्क में कुछ रसायनों जैसे सेरोटोनिन के स्तर को प्रभावित कर सकता है।

सेरोटोनिन को आपकी मनोदशा को विनियमित करने और आपको ख़ुशनुमा महसूस करने में मदद करने के लिए जाना जाता है, इसलिए हार्मोन के स्तर में परिवर्तन के कारण सेरोटोनिन के स्तर में कमी अक्सर पीएमएस से जुड़ी मनोदशा में परिवर्तन की व्याख्या कर सकती है।

यह भी समझा जा सकता है कि एक प्रकार की अवसादरोधी दवा जो सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाती है – जिसे चयनात्मक सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) के रूप में जाना जाता है – पीएमएस से ग्रसित कुछ महिलाओं की मदद करती है।

जीवनशैली के कारक

जीवनशैली से सबंधित भी कई कारक हैं जो आपके पीएमएस के ग्रसित होने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इन्हें नीचे उल्लिखित किया गया है।

वज़न और व्यायाम

अनुसंधान से पता चला है कि यदि आप मोटे हैं (यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स 30 से अधिक है) और यदि आप कम व्यायाम करते हैं तो आपको पीएमएस होने की संभावना अधिक है।

तनाव

जैसे -जैसे आप अधिक तनावग्रस्त हो जाते हैं पीएमएस के लक्षण आपको और भी गंभीर लग सकते हैं। हालांकि इसका प्रत्यक्ष कारण नहीं है, तनाव पीएमएस के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

आहार

कुछ खाद्य पदार्थों का बहुत अधिक सेवन और कुछ का बहुत कम सेवन पीएमएस के लक्षणों में बढ़ावा कर सकता है। उदाहरण के लिए, बहुत अधिक नमकीन भोजन से आप फूला हुआ महसूस कर सकते हैं।

शराब और कैफीन युक्त पेय आपकी मनोदशा और ऊर्जा के स्तर को बाधित कर सकते हैं। विटामिन और खनिजों का निम्न स्तर आपके पीएमएस के लक्षणों को और भी गंभीर बना सकता है।

प्रागार्तव(पीएमएस) का इलाज

प्रागार्तव(पीएमएस) के उपचार से आपको अपने लक्षणों में सुधार करने में मदद मिल सकती है ताकि वे आपके दैनिक जीवन में हस्तक्षेप न करें।

यदि आपका पीएमएस हल्का या मध्यम है, तो चिकित्सा उपचार का सहारा लेने से पहले आपको अपने आहार और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए।

ऐसा इसलिए है क्योंकि कई चिकित्सा उपचारों के दुष्प्रभाव हो सकते हैं जो आपके पीएमएस के लक्षणों से भी गंभीर हो सकते हैं।

जीवन शैली में परिवर्तन

आहार

निम्नलिखित तरीके आपको स्वस्थ, संतुलित आहार बनाए रखने में और पीएमएस के लक्षणों को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं:

  • पेट का फूलना कम करने में मदद करने के लिए थोड़ा - थोड़ा भोजन अधिक बार खाएं
  • पेट का फूलना और तरल अवरोधन को सीमित करने के लिए नमकीन भोजन खाने से बचें
  • निर्जलीकरण से बचने के लिए ख़ूब पानी पिएं– निर्जलीकरण होने से सिरदर्द और थकान और गंभीर हो सकती है
  • बहुत सारे जटिल कार्बोहाइड्रेट खाएं, जो फल, सब्ज़ियों और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जा सकते हैं
  • PMS के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लक्षणों को सुधारने के लिए पनीर और दूध जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाएं - यदि आप डेयरी उत्पाद नहीं खा सकते हैं, तो कैल्शियम से भरपूर सोया विकल्प का उपयोग करें
  • बहुत सारे फल और सब्ज़ियां खाएं, जो विटामिन और खनिजों से भरपूर हैं और आपके पीएमएस के लक्षणों को कम कर सकते हैं - दिन में कम से कम पांच हिस्सों में खाने का लक्ष्य रखें
  • कैफीन और अल्कोहल से बचें, जो आपकी मनोदशा और ऊर्जा के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं

धूम्रपान

यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने से हल्के पीएमएस लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

धूम्रपान कैसे छोड़ें के बारे में और पढ़ें

व्यायाम

यदि संभव हो, तो हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट (2 घंटे और 30 मिनट) मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक क्रिया करने का लक्ष्य रखें। क्रिया के उदाहरणों में पैदल चलना, तैराकी और साइकिल चलाना शामिल हैं।

व्यायाम आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और अवसाद और थकान को कम करने में मदद कर सकता है।

योग और पाइलेट्स जैसे स्ट्रेचिंग और साँस लेने के व्यायाम से आप बेहतर नींद ले सकते हैं और अपने तनाव के स्तर को कम कर सकते हैं।

पूरक उपचार

कई ग़ैर-निर्धारित वैकल्पिक उपचार और पूरक हैं जो पीएमएस के इलाज में मदद करने का दावा करते हैं। कुछ महिलाओं को इनके द्वारा अपने लक्षणों में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

उदाहरण के लिए, कैल्शियम, विटामिन डी, मैग्नीशियम और एग्नेस कैस्टस (एक जड़ी बूटी जिसे चैस्टबेरी के रूप में जाना जाता है) के पूरक पीएमएस के कुछ लक्षणों को कम कर सकते हैं।

हालांकि, कई पूरक चिकित्सा और पूरक का या तो परीक्षण नहीं किया गया है या प्रभावी साबित नहीं हुए हैं।

किसी भी पूरक को लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि उन्हें कुछ दवाओं के साथ या अधिक मात्रा में लेना हानिकारक हो सकता है।

यदि आप एक पूरक उपचार लेने का निर्णय लेते हैं, तो एक बार में एक ही लें ताकि आपको पता चल जाए कि क्या यह आपके लिए सही है। यदि आपके लक्षण तीन महीने के बाद नहीं बदलते हैं, तो अपने चिकित्सक के पास वापस जाएं, क्योंकि वे एक अन्य उपचार की सिफ़ारिश कर सकते हैं।

मनोवैज्ञानिक चिकित्सा

यदि आप में मनोवैज्ञानिक लक्षण हैं, जैसे कि अवसादग्रस्त या भावुक होना, तो एक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करना सहायक हो सकता है।

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को हल करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए उपचारों के एक समूह के लिए शब्द है। एक संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सक आपको अपने कुछ लक्षणों के प्रबंधन के लिए नए तरीके सीखने में मदद कर सकता है।

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी के बारे में और पढ़ें

चिकित्सा उपचार

यदि आपको गंभीर पीएमएस है या आपको मासिक धर्म से पूर्व बेचैनी की समस्या (पीएमडीडी) है, तो आप मेडिकल ट्रीटमेंट लेने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, कोई एक ऐसा उपचार नहीं है जो सभी के लिए कार्य करता है।

उपचार की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। इससे पहले कि किसी के आपके अनुकूल होने का पता चले, आपको कई प्रयास करने पड़ सकते हैं। आपके उपचार का चयन आपके लक्षणों और उनकी गंभीरता, और दवा के संभावित दुष्प्रभावों पर आधारित होगा।

यदि आप पीएमएस के लिए निर्धारित उपचार ले रहे हैं, तो आपको अपने लक्षणों में कोई भी बदलाव दर्ज करने के लिए कहा जा सकता है ताकि आप जान सकें कि यह आपके लिए कितना प्रभावी है। यदि उपचार आपके लक्षणों को कम नहीं करता है, तो आपके लिए कोई विकल्प निर्धारित किया जा सकता है।

पीएमएस के लिए चिकित्सा उपचार में शामिल हैं:

  • दर्द निवारक दवा
  • एक संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोली
  • एस्ट्रोजन-केवल पैच और प्रत्यारोपण
  • चयनात्मक सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई)
  • गोनाडोट्रॉफ़िन-रिलीज़िंग हार्मोन (GnRH) एनालॉग्स

इन्हें नीचे और अधिक विस्तार से वर्णित किया गया है।

दर्द निवारक दवा

दर्द निवारक दवा पेरासिटामोल और नॉन-स्टेरायडल एंटी- इन्फ्लैमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) सहित, पीएमएस के कुछ दर्दनाक लक्षणों से छुटकारा दिला सकती है जैसे:

  • पेट में ऐंठन
  • सिर दर्द
  • मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों का दर्द

ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के काउंटर पर उपलब्ध हैं, इसलिए इन्हें लेने से पहले निर्माता के निर्देशों को पढ़ लें। 16 साल से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए और दमा से पीड़ित लोगों को आईबुप्रोफेन नहीं लेनी चाहिए।.

मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां

साथ ही गर्भावस्था को रोकने के लिए, संयुक्त गर्भनिरोधक गोली कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन (जब आपके अंडाशय से एक अंडा निकलता है) को रोककर पीएमएस के लक्षणों में सुधार करने में मदद कर सकता है।

विशेष रूप से, नए प्रकार की गर्भनिरोधक गोली जिसमें हार्मोन प्रोजेस्टोजन के कुछ संस्करण होते हैं, जैसे कि यास्मीन गोली, पीएमएस के कुछ लक्षणों के इलाज के लिए प्रभावी होती है, और पीएमडीडी के लक्षणों में सुधार के लिए भी प्रभावी हो सकती है।

हालांकि, गर्भनिरोधक गोलियां सभी महिलाओं की मदद नहीं करती हैं और पीएमएस के लक्षणों जैसे स्तन दर्द या उदास मनोदशा के समान दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

एस्ट्रोजन-केवल पैच और प्रत्यारोपण

संयुक्त गर्भनिरोधक गोलियों की तरह, एस्ट्रोजन-केवल पैच और प्रत्यारोपण अण्डोत्सर्ग को रोककर पीएमएस के कुछ लक्षणों को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, उनका आमतौर पर उपयोग केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में पीएमएस का इलाज करने के लिए किया जाता है।

जब तक आपकी हिस्टेरेक्टॉमी (आपके गर्भाशय को हटाना) नहीं होती है, तब तक एस्ट्रोजन पैच और प्रत्यारोपण को भी हार्मोन प्रोजेस्टोजन की कम खुराक के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

इससे गर्भ की अस्तर (एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया) के मोटा होने के जोखिम को कम करना है, जो गर्भ कैंसर में विकसित हो सकती है। यह प्रोजेस्टोजन टैबलेट या प्रोजेस्टोजेन-रिलीजिंग अंतर्गर्भाशयी प्रणाली (आईयूएस) के रूप में हो सकता है।

एस्ट्रोजन पैच का उपयोग करने के साइड इफेक्ट्स में त्वचा की जलन, खुजली और खराश शामिल हो सकते हैं, और अतिरिक्त प्रोजेस्टोजन खुराक के पीएमएस के लक्षणों के समान दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

चयनात्मक सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई)

यदि आपको गंभीर पीएमएस या पीएमडीडी है तो चयनात्मक सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) सबसे प्रभावी उपचार हो सकता है।

एसएसआरआई, जैसे कि फ्लुओक्सेटीन और सेराट्रलाइन, अवसादरोधी होते हैं जिन्हें रोज़ाना थकावट, भोजन की इच्छा और नींद की समस्याओं और अवसाद से निपटने के लिए लिया जा सकता है।

हालांकि, एसएसआरआई के नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं, जो उनके लाभों से अधिक हो सकते हैं, जैसे:

गोनैडोट्रॉफ़िन-रिलीज़िंग हार्मोन (GnRH) एनालॉग्स

गोनैडोट्रॉफ़िन-रिलीज़िंग हार्मोन (जीएनआरएच) एनालॉसग सिंथेटिक हार्मोन हैं जो एक अस्थायी रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़)की स्थिति बनाते हैं और एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन को रोककर आपके मासिक धर्म को रोकते हैं। उन्हें इंजेक्शन के रूप में लिया जाता है।

GnRH एनालॉग्स का उपयोग केवल गंभीर पीएमएस वाली महिलाओं में किया जाना चाहिए जब अन्य सभी उपचार विफल हो गए हों। अक्सर उनके भी दुष्प्रभाव होते हैं जैसे:

  • गर्मी लगना
  • योनि का सूखापन
  • कामेच्छा की हानि
  • ऑस्थिसुषिरता

उन्हें छह महीने तक अकेले लिया जाना चाहिए।

यदि GnRH एनालॉग्स का उपयोग इससे अधिक समय के लिए किया जाता है, तो आपको ऑस्टियोपोरोसिस जैसी रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की जटिलताओं को कम करने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) लेने की सलाह दी जाएगी।

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