अंडाशय पुटी

अवलोकन

अंडाशय पुटी एक तरल पदार्थ से भरी थैली है जो एक महिला के अंडाशय पर विकसित होती है। वे बहुत आम हैं और आमतौर पर किसी भी लक्षण का कारण नहीं बनती।

अधिकांश अंडाशय पुटियाँ प्राकृतिक रूप से विकसित हो जाती हैं और कुछ महीनों में बिना किसी उपचार की आवश्यकता के गायब हो जाती हैं

अंडाशय

अंडाशय, फली के आकार के दो छोटे अंग हैं जो महिला प्रजनन प्रणाली का हिस्सा हैं। एक महिला के दो अंडाशय होते हैं – गर्भाशय के दोनों तरफ एक-एक (गर्भाशय)।

अंडाशय के दो मुख्य कार्य हैं:

  • मासिक धर्म चक्र के हिस्से के रूप में लगभग हर 28 दिनों में एक अंडा जारी करना
  • महिला सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को जारी करने के लिए, जो महिला प्रजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

अंडाशय पुटियाँ एक ही समय में दोनों अंडाशय को प्रभावित कर सकती हैं, या वे केवल एक को भी प्रभावित कर सकती हैं।

अंडाशय पुटी के प्रकार

अंडाशय पुटियों के दो मुख्य प्रकार हैं:

  • कार्यात्मक अंडाशय पुटियाँ – वे पुटियाँ जो मासिक धर्म चक्र के हिस्से के रूप में विकसित होती हैं और आमतौर पर हानि-रहित और अल्पकालिक होती हैं; ये सबसे आम प्रकार की हैं
  • रोगात्मक अंडाशय पुटियाँ - पुटियाँ जो असामान्य कोशिका वृद्धि के परिणामस्वरूप बनती हैं; ये प्राय: आम नहीं हैं

अंडाशय पुटियाँ कभी-कभी एक अंतर्निहित स्थिति के कारण भी बन सकती, जैसे एंडोमेट्रियोसिस।

अधिकतर पुटियाँ कैंसर का कारण नहीं बनती हैं (अच्छी हैं), हालांकि एक छोटी संख्या कैंसर का कारण बन सकती हैं(घातक)। कैंसर की पुटियाँ उन महिलाओं में अधिक पाई जाती है जिनका मासिक धर्म बंद होने वाला है या हो चुका है।

अंडाशय पुटियों के कारणों के बारे में और पढ़ें।

अंडाशय पुटियों का इलाज करना

एक अंडाशय पुटी का इलाज करने की आवश्यकता है या नहीं, यह निम्नलिखित पर निर्भर करेगा:

  • इसका आकार और रूप
  • क्या आपके कोई लक्षण हैं
  • आपका मासिक धर्म बंद ही चुका है या नहीं

ज्यादातर मामलों में, पुटी अक्सर कुछ महीनों के बाद गायब हो जाता है। इसकी पुष्टि के लिए अनुवर्ती अल्ट्रासाउंड स्कैन का उपयोग किया जा सकता है।

क्योंकि मासिक धर्म बंद होने के बाद महिलाओं में अंडाशय के कैंसर का जोखिम कुछ अधिक होता है, पुटी की निगरानी के लिए नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड स्कैन और रक्त परीक्षण आमतौर पर प्रति वर्ष करवाने की सलाह दी जाती है।

यदि पुटियाँ बड़ी हैं, और लक्षण का कारण बन रही हैं या कैंसर होने की सम्भावना है तो पुटियों को हटाने के लिए सर्जिकल उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

अंडाशय पुटियों के इलाज के बारे में और पढ़ें।

अंडाशय पुटियाँ और प्रजनन क्षमता

अंडाशय पुटियाँ आमतौर पर आपको गर्भवती होने से नहीं रोकती हैं, हालांकि वे कभी-कभी गर्भधारण करना कठिन बना सकती हैं।

यदि आपको अपनी पुटियाँ हटाने के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है, तो आपका सर्जन जहाँ तक संभव है, आपकी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने का प्रयत्न करेगा। इसका मतलब यह हो सकता है कि केवल पुटी को हटा दिया जाए और अंडाशय को छोड़ दिया जाए, या केवल एक अंडाशय को हटा दिया जाए।

कुछ मामलों में आपके दोनों अंडाशय हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यक हो सकती है, उस स्थिति में आप कोई अंडे नहीं दे पायेंगी। सुनिश्चित करें कि अपने ऑपरेशन से पहले आप अपने सर्जन से अपनी प्रजनन क्षमता पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में बात करती हैं।

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एक अंडाशय पुटी आमतौर पर तभी लक्षणों का कारण बनती है अगर वह फट जाती है, बहुत बड़ी है, या अंडाशय में रक्त की आपूर्ति को अवरुद्ध करती है।

इन मामलों में आपके साथ निम्नलिखित हो सकता है:

  • श्रोणि दर्द - यह सुस्त, भारी सनसनी से लेकर अचानक, गंभीर और तेज दर्द तक हो सकता है
  • सेक्स के दौरान दर्द
  • अपनी आँतों को खाली करने में कठिनाई
  • पेशाब करने की लगातार आवश्यकता
  • भारी माहवारी, अनियमित माहवारी या सामान्य से कम माहवारी
  • फूला हुआ और सूजा हुआ पेट
  • केवल थोड़ा सा खाने के बाद पेट बहुत भरा हुआ महसूस करना
  • गर्भवती होने में कठिनाई - हालांकि अंडाशय पुटियों वाली अधिकतर महिलाओं की प्रजनन क्षमता अप्रभावित रहती है (अंडाशय पुटी और प्रजनन क्षमता देखें)
  • यदि आपमें अंडाशय पुटी के लगातार लक्षण हैं तो अपने चिकित्सक से मिलें।
  • यदि आपको अचानक, गंभीर श्रोणी दर्द है, तो आपको तुरंत इनमें से किसी से संपर्क करना चाहिए:
  • आपका डॉक्टर या कार्य-घंटों के बाद उपलब्ध स्थानीय सेवा
  • टेलीफोन द्वारा गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं
  • आपका निकटतम दुर्घटना और आपातकाल (ए और ई) विभाग

कारण और प्रकार

अंडाशय पुटी आमतौर पर उन महिलाओं में स्वाभाविक रूप से विकसित होती हैं जिन्हें मासिक धर्म आता है।

ये उन महिलाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं जिनको मासिक धर्म होना बंद हो गया है।

अंडाशय पुटि के प्रकार

अंडाशय पुटी के कई अलग-अलग प्रकार हैं, जिन्हें निम्नलिखित में से किसी एक में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • कार्यात्मक पुटियाँ
  • रोगात्मक पुटियाँ

कार्यात्मक पुटियाँ

कार्यात्मक अंडाशय पुटियाँ मासिक धर्म चक्र से जुड़ी होती हैं। वे उन लड़कियों और महिलाओं को प्रभावित करती हैं जिनका मासिक धर्म बंद नहीं हुआ है, और ये बहुत आम हैं।

हर महीने, एक महिला का अंडाशय एक अंडा जारी करता है, जो अंडाशय नलिका से गुजरते हुए गर्भाशय में जाता है, जहाँ एक पुरुष के शुक्राणु से गर्भ धारण किया जा सकता है।

प्रत्येक अंडा अंडाशय के अंदर एक आकार ग्रहण करता है जो एक कूप या खोल के रूप में जाना जाता है। कूप में तरल पदार्थ होता है जो विकसित हो रहे अंडे की रक्षा करता है है और जब अंडा निकलता है तो वह फट जाता है।

फिर भी, कभी-कभी एक कूप एक अंडा जारी नहीं करता, या अपने तरल पदार्थ जारी नहीं कर पाता और अंडा जारी होने के बाद सिकुड़ जाता है। यदि ऐसा होता है, तो कूप सूज सकता है और पुटी बन सकता है।

कार्यात्मक पुटियोँ से कैंसर नहीं होता (अच्छी) हैं और आमतौर पर हानिरहित होती हैं, हालांकि वे कभी-कभी श्रोणि दर्द जैसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। इनमें से अधिकतर बिना किसी उपचार की आवश्यकता के कुछ महीनों में गायब हो जाएँगी।

रोगात्मक पुटियाँ

रोगात्मक पुटियाँ असामान्य कोशिका वृद्धि के कारण होने वाली पुटियाँ हैं और मासिक धर्म चक्र से संबंधित नहीं हैं। वे मासिक धर्म बंद होने से पहले और बाद में विकसित हो सकती हैं।

रोगात्मक पुटियाँ या तो अंडे उत्पन्न करने के लिए उपयोग में आने वाली कोशिकाओं से विकसित होती हैं या उन कोशिकाओं से जो अंडाशय के बाहरी भाग को कवर करती हैं।

वे कभी-कभी फट सकती हैं या बहुत बड़ी बन सकती हैं और अंडाशय को रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध कर सकती हैं।

रोगात्मक पुटियों से आमतौर पर कैंसर नहीं बनता, लेकिन एक छोटी संख्या की पुटियों से कैंसर(घातक) बन जाता है और अक्सर शल्य चिकित्सा द्वारा इन्हें हटा दिया जाता है।

स्थितियाँ जिनके कारण अंडाशय पुटियाँ बनती हैं

कुछ मामलों में, अंडाशय पुटियाँ एक अंतर्निहित स्थिति जैसे एंडोमेट्रियोसिस के कारण बन जाती हैं।

एंडोमेट्रियोसिस तब होता है जब ऊतक के टुकड़े, जो गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) को रेखा की तरह घेरे होते हैं, गर्भाशय से बाहर निकल अंडाशय नलिका, अंडाशय, मूत्राशय, आंत, योनि या मलाशय में पाए जाते हैं। इस ऊतक में कभी-कभी रक्त से भरी पुटियाँ बन सकती हैं।

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण आपके अंडाशय पर बहुत सारी छोटी, हानिरहित पुटियाँ विकसित हो जाती हैं। पुटियाँ छोटे अंड कूप होती हैं जो अण्डोत्सर्ग के लिए नहीं बढ़ती हैं और परिवर्तित हार्मोन के स्तर का परिणाम होती हैं।

निदान

यदि आपके डॉक्टर के ख्याल से आपको अंडाशय पुटी हो सकती है, तो आपको संभवतः एक अल्ट्रासाउंड स्कैन के लिए संदर्भित किया जाएगा, जो आपकी योनि के अंदर एक प्रोब रखकर किया जाता है। यदि अल्ट्रासाउंड स्कैन के दौरान एक पुटी की पहचान होती है, तो आपको इसकी निगरानी, कुछ हफ्तों में एक बार फिर से अल्ट्रासाउंड स्कैन करवा कर, करने की आवश्यकता हो सकती है, या आपका डॉक्टर आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ (एक डॉक्टर जो महिला प्रजनन स्वास्थ्य में विशेषज्ञता रखता है) को संदर्भित कर सकता है। अगर इस बात की चिंता है कि आपकी पुटी से कैंसर हो सकता है, आपका डॉक्टर उच्च स्तर के रसायनों को देखने के लिए रक्त परीक्षण की व्यवस्था करेगा जो अंडाशय के कैंसर का संकेत दे सकते हैं। फिर भी, इन रसायनों के उच्च स्तर होने का मतलब यह नहीं है कि आपको कैंसर है, क्योंकि उच्च स्तर गैर-कैंसर जैसी निम्नलिखित स्थितियों के कारण भी हो सकते हैं:

  • एंडोमेट्रिओसिस
  • एक श्रोणी संक्रमण
  • फाइब्रॉएड
  • आपका मासिक धर्म

इलाज

ज्यादातर मामलों में, उपचार की आवश्यकता के बिना कुछ महीनों में अंडाशय पुटियाँ गायब हो जाती हैं।

उपचार की आवश्यकता है या नहीं, यह निम्नलिखित पर निर्भर करेगा:

  • इसका आकार और रूप
  • क्या आपके कोई लक्षण हैं
  • क्या आपका मासिक धर्म बंद हो गया – मासिक धर्म बंद होने के बाद महिलाओं में अंडाशय के कैंसर का थोड़ा अधिक जोखिम होता है

सतर्क प्रतीक्षा

ज्यादातर मामलों में, "सतर्क प्रतीक्षा" की नीति की सिफारिश की जाती है।

इसका मतलब है कि आपको तत्काल उपचार प्राप्त नहीं होगा, लेकिन पुटियाँ चली गई हैं या नहीं, इसकी जाँच के लिए आपको कुछ हफ्तों या महीनों बाद अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाना पड़ सकता है।

जिन महिलाओं का मासिक धर्म बंद हो चुका है, उन्हें एक साल तक हर चार महीने में अल्ट्रासाउंड स्कैन और रक्त परीक्षण कराने की सलाह दी जा सकती है, क्योंकि उन्हें अंडाशय के कैंसर का खतरा थोड़ा अधिक है।

यदि स्कैन से पता चलता है कि पुटी गायब हो गई है, तो आगे के परीक्षण और उपचार आमतौर पर आवश्यक नहीं होते हैं। यदि पुटी अभी भी है तो सर्जरी की सिफारिश की जा सकती है।

सर्जरी

बड़ी या लगातार अंडाशय पुटियों को, या उन पुटियों को जो लक्षण पैदा कर रही हैं, आमतौर पर शल्य चिकित्सा द्वारा हटाने की आवश्यकता होती है।

सर्जरी की उस वक्त भी आमतौर पर सिफारिश की जाती है यदि ऐसी चिंताएं हैं कि पुटी कैंसरग्रस्त है या कैंसरग्रस्त हो सकती है।

अंडाशय की पुटियों को हटाने के लिए दो प्रकार की सर्जरी का उपयोग किया जाता है:

  • लेप्रोस्कोपी
  • लैपरोटॉमी

ये आमतौर पर सामान्य निश्चेतना के तहत किए जाते हैं।

लेप्रोस्कोपी

लैप्रोस्कोपी का उपयोग करके अधिकतर पुटियों को हटाया जा सकता है। यह एक प्रकार की कीहोल सर्जरी है, जहाँ आपके पेट में छोटे-छोटे कट लगाए जाते हैं और श्रोणी में गैस डाली जाती है ताकि सर्जन आपके अंडाशय तक पहुँच सके।

एक लेप्रोस्कोप (ट्यूब के आकार का माइक्रोस्कोप जिसके अंत में लाइट लगी होती है) आपके पेट में डाला जाता है, ताकि सर्जन आपके आंतरिक अंगों को देख सके। आपकी त्वचा में किये गए छोटे कटों के माध्यम से सर्जन पुटी को हटा देता है।

पुटी को हटा दिए जाने के बाद, घुलने योग्य टांके का उपयोग करके कटों को बंद कर दिया जाएगा।

लेप्रोस्कोपी को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि इससे दर्द कम दर्द होता है और ठीक होने में कम समय लगता है। ज्यादातर महिलायें उसी दिन या अगले दिन घर जा सकती हैं।

लैपरोटॉमी

यदि आपका पुटी विशेष रूप से बड़ा है, या ऐसी सम्भावना है कि यह कैंसरग्रस्त हो सकता है, तो लैपरोटॉमी की सिफारिश की जा सकती है।

लैप्रोटॉमी के दौरान, सर्जन को पुटी तक बेहतर पहुँच प्रदान करने के लिए आपके पेट में एक बड़ा कट बनाया जाता है।

पूरे पुटी और अंडाशय को हटाया जा सकता है और यह जाँचने के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है कि यह कैंसरग्रस्त है या नहीं। टांके या स्टेपल का उपयोग चीरा बंद करने के लिए किया जाएगा।

प्रक्रिया के बाद आपको कुछ दिनों तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता हो सकती है।

शल्य चिकित्सा के बाद

अंडाशय की पुटी हटा दिए जाने के बाद, आपको पेट में दर्द महसूस होगा, हालांकि इसमें एक या दो दिन में सुधार होना चाहिए।

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद, आपको संभवतः दो सप्ताह के लिए चीजों को सहज ढंग से लेने की आवश्यकता होगी। लैपरोटॉमी के बाद ठीक होने में आमतौर पर अधिक समय लगता है, संभवतः छह से आठ सप्ताह के आसपास।

यदि पुटी को परीक्षण के लिए भेजा गया है, तो उसका परिणाम कुछ हफ्तों में आ जाना चाहिए और आपका सलाहकार आपके साथ चर्चा करेगा कि क्या आपको किसी और उपचार की आवश्यकता है।

अपने चिकित्सक से संपर्क करें यदि आपको ठीक होने के दौरान निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं:

  • भारी रक्तस्राव
  • आपके पेट में गंभीर दर्द या सूजन
  • उच्च तापमान (बुखार)
  • काला(गाढ़ा) या बदबूदार योनि स्राव

ये लक्षण संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।

आपकी प्रजनन क्षमता

यदि आपका मासिक धर्म बंद नहीं हुआ है, तो आपका सर्जन जितना संभव होगा, आपकी प्रजनन प्रणाली को संरक्षित रखने की कोशिश करेगा। यह आमतौर पर संभव है कि बस पुटी को हटा दिया जाये और दोनों अंडाशयोँ को बरकरार रखा जाये, जिसका अर्थ है कि आपकी प्रजनन क्षमता काफी हद तक प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

यदि आपके एक अंडाशय को हटाने की आवश्यकता है, तो बचा हुआ अंडाशय अभी भी हमेशा की तरह हार्मोन और अंडे जारी करेगा। आपकी प्रजनन क्षमता काफी हद तक प्रभावित नहीं होनी चाहिए, हालाँकि आपको गर्भवती होने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है।

कभी-कभी, मासिक धर्म बंद न होने वाली महिलाओं के दोनों अंडाशय हटाने की आवश्यक हो सकती है। इससे मासिक धर्म समय से पहले बंद हो जाता है और इसका मतलब है कि आप अब किसी अंडे का उत्पादन नहीं कर सकती।

फिर भी, आपके गर्भ में दान किया अंडाणु प्रत्यारोपित करने के बाद बच्चा होना भी संभव हो सकता है। इसकी चर्चा उन केंद्रों के विशेषज्ञों के साथ करने की आवश्यकता होगी जो सहायक प्रजनन तकनीकों में माहिर हैं।

जिन महिलाओं का मासिक धर्म बंद हो चुका है, उनके दोनों अंडाशय हटाये जा सकते हैं क्योंकि वे अब अंडे का उत्पादन नहीं करती।

सुनिश्चित करें कि आप अपने ऑपरेशन से पहले अपने सर्जन के साथ अपनी प्रजनन चिंताओं पर चर्चा करती हैं।

कैंसर का उपचार

यदि आपके परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि आपका पुटी कैंसरग्रस्त है, तो आपके दोनों अंडाशय, आपका गर्भ (गर्भाशय) और आसपास के कुछ ऊतकों को निकालने की आवश्यकता हो सकती है।

इससे मासिक धर्म समय से पहले बंद हो जायेगा और इसका मतलब है कि अब आप गर्भवती होने में सक्षम नहीं होंगी।

अंडाशय के कैंसर के इलाज के बारे में और पढ़ें।

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