एडिमा

एडिमा, या जलोदर, शरीर में द्रव जमा होने के लिए एक पारिभाषिक शब्द है।

द्रव जमा होने से प्रभाव ऊतक में सूजन आ जाती है। सूजन शरीर के किसी खास हिस्से में आ सकती है – उदाहरण के लिए, किसी चोट की वजह से – या फिर इसका प्रसार अधिक हो सकता है।

ऐसा आम तौर पर एडिमा में होता है जो कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियों, जैसे हृदय के रुकने या किडनियों के रुकने के परिणामस्वरूप होता है।

त्वचा में फुलाव या सूजन के अलावा, एडिमा निम्नलिखित का कारण भी बन सकता है:

  • त्वचा की विवर्णता
  • त्वचा में ऐसे क्षेत्र जिनको दबाए जाने पर आपकी उंगलियों के निशान पड़ जाते हैं (जिसे पिटिंग एडिमा कहते हैं)
  • हाथ-पैरों में दर्द, संवेदनशीलता
  • जोड़ों में अकड़न
  • वजन बढ़ना या घटना
  • बढ़ा हुआ रक्त दाब और नाड़ी की दर

एडिमा के प्रकार

एडिमा शरीर में कहीं भी हो सकता है लेकिन टांगों और टखनों में यह काफी सामान्य होता है, जहां पर इसे पेरिफेरल एडिमा के नाम से जाना जाता है।

एडिमा के अन्य प्रकार हैं:

  • सेरेब्रल एडिमा (मष्तिष्क को प्रभावित करता है)
  • पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों को प्रभावित करता है)
  • मैक्युलर एडिमा (आँखों को प्रभावित करता है)

इडियोपैथिक एडिमा शब्द का इस्तेमाल उन मामलों के लिए किया जाता है जिसमें डॉक्टर कारण का पता नहीं लगा पाते हैं।

एडिमा का कारण क्या है?

एडिमा अक्सर किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य परिस्थिति का लक्षण होता है। यह निम्नलिखित परिस्थितियों या उपचारों के परिणामस्वरूप हो सकता है:

  • गर्भावस्था
  • किडनी की बीमारी
  • हृदयागति रुकना
  • फेफड़ों की लंबे समय की बीमारी
  • थायराइड की बीमारी
  • लिवर की बीमारी
  • कुपोषण
  • दवाएं, जैसे कोर्टिकोस्टेरॉयड या उच्च रक्त दाब (हाइपरटेंशन) की दवाई
  • गर्भनिरोधक गोली

पैरों में होने वाले एडिमा के कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • रक्त का थक्का
  • फूली हुई नसें
  • एक पुटी या फोड़ा

एडिमा कभी-कभार निम्नलिखित के परिणामस्वरूप भी हो सकता है:

  • लंबी अवधियों के लिए गतिहीन रहने पर
  • गर्म मौसम
  • ऊंचाईयों पर जाने से
  • त्वचा पर छाले

लिंफोडेमा

लिंफोडेमा शरीर के ऊतकों में द्रव जमा होने का सामान्य कारण है। लसीका तंत्र के क्षतिग्रस्त या अवरुद्ध होने पर यह होता है।

लसीका तंत्र शरीर भर में ग्रंथियों (लसीका पर्वों) की एक श्रृंखला होती है जो रक्त वाहिकाओं के समान वाहिकाओं के एक नेटवर्क से जुड़ी होती हैं। शरीर के ऊतकों को घेरने वाला द्रव आम तौर पर पास की लसीका वाहिका में चला जाता है ताकि इसे रक्त से बाहर और वापस रक्त में प्रवाहित किया जा सके।

हालाँकि, यदि लसीका वाहिकाएँ अवरुद्ध होती हैं तो अतिरिक्त द्रव को पुनः अवशोषित नहीं किया जा सकता है और यह ऊतक में जमा हो जाएगा।

लिंफोडेमा के बारे में अधिक पढ़ें।

एडिमा का उपचार

आम तौर पर, जिस अंतर्निहित समस्या की वजह से द्रव असंतुलन उत्पन्न होता है, उसकी पहचान और उपचार के साथ एडिमा समाप्त हो जाता है।

स्वयं-सहायता

आपका डॉक्टर आपको स्वयं कुछ चीजों को करने की सलाह दे सकता है जिससे द्रव का जमा होना कम हो सकता है, इन सलाहों में शामिल हैं:

  • वजन घटाना (यदि आपका वजन अधिक है)
  • नियमित व्यायाम करना, जैसे टहलना, तैरना और साइकलिंग
  • अपना प्रवाह बेहतर बनाने के लिए दिन में तीन से चार बार अपने पैरों को उठाना
  • लंबे अवधियों के लिए खड़े रहने से बचना

डाईयूरेटिक्स

डाईयूरेटिक्स एक प्रकार की दवा होती है, द्रव का जमा रोकने के लिए जिसकी सलाह डॉक्टर द्वारा दी जा सकती है। ये आपके द्वारा उत्पन्न किए जाने वाले यूरीन की मात्रा बढ़ाकर काम करती हैं।

हर कोई डाईयूरेटिक्स का इस्तेमाल नहीं कर सकता है और कुछ मामले में यह स्थिति को और भी बिगाड़ देती हैं। इनका इस्तेमाल मुख्यताः उन लोगों के उपचार के लिए किया जाता है जिनमे एडिमा हृदयागति रुकने की वजह से विकसित होता है।

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