MRI स्कैन

परिचय

मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) एक प्रकार का स्कैन है जो शरीर के अंदर की विस्तृत छवियों का उत्पादन करने के लिए मजबूत चुम्बकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।

एमआरआई स्कैनर एक बड़ी ट्यूब होती है जिसमें शक्तिशाली चुम्बक लगे होते हैं। आप स्कैन के दौरान इस ट्यूब के अंदर लेटते हैं।

एमआरआई स्कैन का उपयोग शरीर के लगभग किसी भी हिस्से की जाँच के लिए किया जा सकता है, जिन में निम्न शामिल हैं:

  • मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी
  • हड्डियाँ और जोड़े
  • स्तन
  • दिल और रक्त वाहिकाएँ
  • आंतरिक अंग, जैसे कि जिगर, गर्भ या प्रोस्टेट ग्रंथि

एमआरआई स्कैन के परिणामों का उपयोग स्थितियों का निदान करने, उपचार की योजना बनाने और यह आकलन करने में किया जा सकता है कि पिछला उपचार कितना प्रभावी रहा है।

एमआरआई स्कैन कैसे काम करता है, इसके बारे में और पढ़ें।

एमआरआई स्कैन के दौरान क्या होता है?

एमआरआई स्कैन के दौरान, आप को एक सपाट बिस्तर पर लिटाया जाता है, जिसे स्कैनर के अंदर ले जाया जाता है। आपके शरीर के जिस हिस्से को स्कैन किया जा रहा है, उसके आधार पर, आपको पहले सिर से या पैरों की तरफ से स्कैनर में ले जाया जाएगा।

एमआरआई स्कैनर किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाता है जो एक्स-रे और इसी तरह की प्रक्रियाओं को करने में प्रशिक्षित होता है, जिसे रेडियोग्राफर कहा जाता है। वो कंप्यूटर का उपयोग करके स्कैनर को नियंत्रित करते हैं जो स्कैनर से अलग कमरे में होता है जिससे उसे स्कैनर से उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र से दूर रखा जा सके।

आप एक इंटरकॉम के माध्यम से रेडियोग्राफर से बात करने में सक्षम होंगे और वो आपको पूरे स्कैन के दौरान टेलीविज़न मॉनिटर पर देख पाएँगे।

स्कैन के दौरान एक निश्चित समय पर, स्कैनर ज़ोर से थपथपाने जैसा शोर करेगा। इससे पता चलता है कि स्कैनर कॉयल में विद्युत प्रवाह चालू और बंद किया जा रहा है। आपको कानों में पहनने के लिए इयरप्लग या हेडफोन दिए जाएँगे।

यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने एमआरआई स्कैन के दौरान जितना संभव हो सके स्थिर रहें। स्कैन 15 से 90 मिनट के बीच रहेगा जो इस बात पर निर्भर करता है कि किस आकार का क्षेत्र स्कैन किया जा रहा है और कितने चित्र लिए जा रहे हैं।

एमआरआई स्कैन कैसे किया जाता है, इसके बारे में और पढ़ें।

यह कैसे किया जाता है

मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन एक दर्द रहित प्रक्रिया है जो 15 से 90 मिनट के बीच रहता है, जो क्षेत्र के आकार और स्कैन की जाने वाली छवियों की संख्या पर निर्भर करता है।

स्कैन से पहले

जब तक कि अन्यथा सलाह न दी जाए, आप अपने एमआरआई स्कैन के दिन, खा-पी सकते हैं और किसी भी दवा को हमेशा की तरह ले सकते हैं।

कुछ मामलों में आपको स्कैन से चार घंटे पहले कुछ भी खाने या पीने के लिए मना किया जा सकता है और कभी-कभी आपको पहले से काफी मात्रा में पानी पीने के लिए कहा जा सकता है। यह स्कैन किए जा रहे क्षेत्र पर निर्भर करेगा।

जब आप अस्पताल पहुँचते हैं, तो आपको आमतौर पर आपके स्वास्थ्य और चिकित्सा के इतिहास के बारे में एक प्रश्नावली भरने के लिए कहा जाएगा। इससे मेडिकल स्टाफ को जितना संभव हो सके स्कैन को सुरक्षित करने में सहायता मिलेगी। एमआरआई स्कैन कौन करवा सकतें है और कौन नहीं, इसके बारे में और पढ़ें।

एक बार जब आप प्रश्नावली पूरी भर देते हैं, तो आपको आमतौर पर स्कैन के लिए आपको आपके हस्ताक्षरित सहमति देने के लिए कहा जाएगा।

चूँकि MRI स्कैनर मज़बूत चुम्बकीय क्षेत्र का उत्पादन करता है, इसलिए आपके शरीर से किसी भी धातु की वस्तुओं को निकालना महत्वपूर्ण है, जिसमें शामिल हैं:

  • घड़ियाँ
  • आभूषण, जैसे कि कान के बुंदे और हार
  • पियर्सिंग, जैसे कि कान, निप्पल और नाक के छल्ले
  • दंतावली (नकली दाँत)
  • सुनने की मशीन
  • नकली बाल (कुछ नकली बालों में धातु के कण होते हैं)

कोई भी कीमती सामान आमतौर पर एक सुरक्षित लॉकर में संग्रहीत किया जा सकता है।

आपके शरीर के किस हिस्से को स्कैन किया जा रहा है, इसके आधार पर, आपको प्रक्रिया के दौरान अस्पताल का गाउन पहनने की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपको गाउन पहनने की आवश्यकता नहीं है, तो आपको धातु के ज़िप, कसनी, बटन, अंडरवीयर (ब्रा), बेल्ट या बकल के बिना कपड़े पहनने चाहिए।

कुछ एमआरआई स्कैन में कंट्रास्ट डाई का एक इंजेक्शन शामिल होता है। यह कुछ ऊतकों और रक्त वाहिकाओं को अधिक स्पष्ट रूप से और अधिक विस्तार से दिखाता है।

गुर्दे की गंभीर बीमारी वाले लोगों में ऊतक और अंग को नुकसान पहुँचाने के लिए कंट्रास्ट डाई संभव है। इसलिए, यदि आपको गुर्दे की बीमारी का इतिहास है, तो आपको यह निर्धारित करने के लिए रक्त परीक्षण करने कहा जा सकता है कि आपके गुर्दे कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं और क्या स्कैन के साथ आगे बढ़ना सुरक्षित है।

एमआरआई स्कैन एक दर्द रहित प्रक्रिया है, इसलिए आमतौर पर एनेस्थीसिया (दर्द निवारक दवा) की आवश्यकता नहीं होती है। यदि आपको बंद स्थानों का डर है, तो आराम में सहायता के लिए एक हल्के शान्तिकर दवा के लिये बोल सकते हैं। यदि आप एक शान्तिकर दवा चाहते हैं, तो आपको स्कैन होने से पहले अपने डॉक्टर या सलाहकार से अच्छी तरह से पूछ लेना चाहिए।

यदि आप स्कैन के दौरान शान्तिकर दवा लेने का फैसला करते हैं, तो आपको अपने घर पर ड्राइव करने के लिए एक दोस्त या परिवार के सदस्य की व्यवस्था करने की आवश्यकता होगी क्योंकि आप 24 घंटे तक ड्राइव करने में असमर्थ होंगे (नीचे देखें)।

सामान्य संवेदनाहारी (दवा जो आपको बेहोश करती है) का उपयोग अक्सर तब किया जाता है जब छोटे बच्चों और शिशुओं का एमआरआई स्कैन होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्कैन के दौरान स्थिर रहना बहुत महत्वपूर्ण है, जो कि छोटे बच्चों और शिशु अक्सर जागने पर नहीं हो पाते है।

स्कैन के दौरान

एमआरआई स्कैनर एक छोटा सिलेंडर होता है जो दोनों सिरों पर खुला रहता है। आप एक मोटर से चलने वाले बिस्तर पर लेट जाएँगे जो स्कैनर के अंदर ले जाया जाता है। आपके शरीर के जिस हिस्से को स्कैन किया जा रहा है, उसके आधार पर बताया जायेगा कि पहले सिर या पैैर की तरफ से स्कैनर में प्रवेश करेंगे।

कुछ मामलों में, शरीर के एक हिस्से को स्कैन किया जा सकता है, जैसे कि सिर या छाती। इस फ्रेम में रिसीवर होते हैं जो स्कैन के दौरान आपके शरीर द्वारा भेजे गए संकेतों को उठाते हैं और यह बेहतर गुणवत्ता वाली छवि निकालने में सहायता कर सकते हैं।

एमआरआई स्कैनर को संचालित करने के लिए एक कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है, जो स्कैनर द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र से दूर रखने के लिए एक अलग कमरे में स्थित होता है।

रेडियोग्राफर कंप्यूटर का संचालन करते है इसलिए वो आपसे अलग कमरे में मौजूद होंगे। हालाँकि आप उनसे आमतौर पर एक इंटरकॉम के माध्यम से बात कर पाएँगे और वे आपको हर समय एक टेलीविज़न मॉनिटर पर देख पाएँगे।

जब आपका स्कैन हो रहे होता है, तो किसी मित्र या परिवार के सदस्य को आपके साथ कमरे में रहने की अनुमति दी जा सकती है। बच्चे के साथ आमतौर पर उनके माता-पिता रह सकते हैं। जो कोई भी आपके साथ रहता है, उनसे पूछा जाएगा कि उनके शरीर में पेसमेकर या कोई अन्य धातु की वस्तु तो नहीं है। उन्हें कपड़ों और धातु की वस्तुओं को हटाने के बारे में भी इन्हीं दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

छवियों को धुंधला होने से बचने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर के स्कैन होने वाले हिस्से को तब तक स्थिर रखें जब तक कि रेडियोग्राफर आपको आराम करने के लिए नहीं कहता।

एक स्कैन में कुछ सेकंड से लेकर तीन या चार मिनट तक का समय लग सकता है। छोटे स्कैन के दौरान आपको अपनी साँस रोककर रखने के लिए कहा जा सकता है। किस आकार का क्षेत्र स्कैन किया जा रहा है और कितने चित्र लिए जा रहे हैं, इस पर निर्भर होते हुए, पूरी प्रक्रिया में 15 से 90 मिनट लगेंगे।

प्रक्रिया के दौरान निश्चित समय पर, एमआरआई स्कैनर जोर से थपथपाने जैसा शोर करेगा। इससे पता चलता है कि स्कैनर कॉयल में विद्युत प्रवाह चालू और बंद किया जा रहा है। आपको कानों में पहनने के लिए इयरप्लग या हेडफोन दिए जाएँगे।

यदि आप चाहते हैं तो आप आमतौर पर स्कैन के दौरान हेडफोन के माध्यम से संगीत सुन सकते हैं, और कुछ मामलों में जो आप अपनी पसंद सुनने के लिए अपनी खुद की संगीत सीडी ला सकते हैं।

जब आपका स्कैन खत्म हो जाएगा तो आपको स्कैनर से बाहर निकाला जाएगा।

स्कैन के बाद

एक एमआरआई स्कैन आमतौर पर एक न-भरती मरीज़ प्रक्रिया के रूप में किया जाता है। इसका मतलब है कि आपको रात भर अस्पताल में रहने की आवश्यकता नहीं होगी। स्कैन के बाद, आप सामान्य गतिविधियों को तुरंत फिर से शुरू कर सकते हैं।

हालाँकि, यदि आपने शान्तिकर दवा ली है, तो एक दोस्त या रिश्तेदार को आपको घर ले जाने और पहले 24 घंटों के लिए आपके साथ रहने की आवश्यकता होगी। शान्तिकर दवा लेने के 24 घंटे बाद तक गाड़ी चलाना, भारी मशीनरी चलाना या शराब पीना सुरक्षित नहीं है।

आपके एमआरआई स्कैन को अध्ययन करने के लिये रेडियोलॉजिस्ट (स्कैन और एक्स-रे की व्याख्या करने में प्रशिक्षित एक डॉक्टर) और संभवतः अन्य विशेषज्ञों के साथ बात करने की आवश्यकता होगी। इसलिए यह संभावना नहीं है कि आप अपने स्कैन के परिणाम तुरंत जान पाएँगे।

रेडियोलॉजिस्ट स्कैन की व्यवस्था करने वाले डॉक्टर को एक रिपोर्ट भेजेगा, जो आपके साथ परिणामों पर बात करेगा। तत्काल आवश्यकता न होने पर, एमआरआई स्कैन के परिणाम आने में आमतौर पर एक या दो सप्ताह लगते हैं।

इसका उपयोग कौन कर सकता है

मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग बहुत सुरक्षित है और अधिकांश लोगों में यह प्रक्रिया हो सकती है, जिसमें गर्भवती महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं।

हालाँकि, कुछ ऐसे उदाहरण हैं जहाँ एमआरआई स्कैन की सलाह नहीं दी जा सकती है क्योंकि स्कैन के दौरान उपयोग किए जाने वाले मजबूत चुम्बक आपके शरीर में किसी भी धातु के प्रत्यारोपण या टुकड़े को प्रभावित कर सकते हैं।

एमआरआई स्कैन कराने से पहले, आपको मेडिकल स्टाफ को बताना चाहिए, अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में कोई धातु है, जैसे:

  • एक पेसमेकर - एक विद्युत उपकरण जिसका उपयोग अनियमित दिल की धड़कन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है
  • इंप्लांटेबल कार्डियोवर्टर-डीफिब्रिलेटर (ICD) - पेसमेकर के समान उपकरण जो दिल की धड़कन को नियंत्रित करने के लिए बिजली के झटके का उपयोग करता है
  • एक नस उत्तेजक - लंबे समय के नस दर्द का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक विद्युत प्रत्यारोपण
  • एक कर्णावर्त्त प्रत्यारोपण - सुनने वाली मशीन के समान एक उपकरण लेकिन कान के अंदर शल्य चिकित्सा द्वारा प्रत्यारोपित
  • एक दवा पंप प्रत्यारोपण - दर्द निवारक दवा को सीधे शरीर के किसी क्षेत्र जैसे निचले हिस्से में पहुँचाकर लंबे समय के दर्द का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है
  • मस्तिष्क धमनीविस्फार क्लिप - छोटी धातु की क्लिप का उपयोग मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं को सील करने के लिए किया जाता है जिनका अन्यथा फटने का खतरा होगा
  • आपकी आँखों या रक्त वाहिकाओं में या उसके आस-पास धातु के टुकड़े (उन व्यक्तियों में आम व्यक्ति जो वेल्डिंग या धातु का कार्य करते हैं)
  • कृत्रिम धातु दिल के वाल्व
  • शिश्न प्रत्यारोपण - स्तंभन दोष (नपुंसकता) का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है
  • नेत्र प्रत्यारोपण - जैसे कि छोटी धातु की क्लिप का उपयोग रेटिना को जगह पर रखने के लिए किया जाता है
  • एक अंतर्गर्भाशयी उपकरण (आईयूडी) - एक गर्भनिरोधक उपकरण जो प्लास्टिक और तांबे से बना होता है और गर्भ के अंदर लगाया जाता है
  • कृत्रिम जोड़, जैसे कि कुल्हा प्रतिस्थापन या घुटना प्रतिस्थापन के लिए उपयोग किया जाता है
  • दंत भराव और कृत्रिम दाँत
  • बंधाव क्लिप - महिला नसबंदी में प्रयुक्त (एक ऑपरेशन जो स्थायी रूप से एक महिला को गर्भवती होने से रोकता है)
  • सर्जिकल क्लिप या स्टेपल - एक ऑपरेशन के बाद घावों को बंद करने के लिए उपयोग किया जाता है

आपके शरीर में कुछ धातु होने का मतलब यह नहीं है कि आपका एमआरआई स्कैन नहीं हो सकता है, लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि मेडिकल स्टाफ को स्कैन के बारे में पता हो ताकि वे हर एकल मामले के आधार पर निर्णय ले सकें कि अगर कोई जोखिम है या स्कैन को जितना संभव हो उतना सुरक्षित सुनिश्चित करने के लिए कुछ और करना आवश्यक है।

उदाहरण के लिए, आप एक पेसमेकर या डिफीब्रिलेटर के साथ एमआरआई कर सकते हैं यदि कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) या कोई अन्य प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर डिवाइस को एमआरआई-सुरक्षित बनाने में सक्षम हों। उन्हें प्रक्रिया के दौरान आपके दिल की धड़कन पर ध्यान देने की भी आवश्यकता होगी।

यदि आप अनिश्चित हैं कि आपके शरीर में धातु के टुकड़े हैं या नहीं, तो आपको यह पुष्टि करने के लिए एक्स-रे की आवश्यकता होगी यद् ऐसा है या नहीं।

टैटू

कुछ टैटू स्याही में धातु के निशान होते हैं, लेकिन अधिकांश टैटू एमआरआई स्कैनर में सुरक्षित होते हैं। यदि आपको स्कैन के दौरान अपने टैटू में कोई असुविधा या गर्मी महसूस हो रही है तो रेडियोग्राफर को तुरंत बताएँ

गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान एमआरआई स्कैन के जोखिम का सुझाव देने के लिए कोई सबूत नहीं है। हालाँकि, एहतियात के तौर पर, गर्भावस्था के दौरान आमतौर पर पहले तीन महीनों में एमआरआई स्कैन की सलाह नहीं दी जाती है।

सुरक्षा

एमआरआई स्कैन एक दर्द रहित और सुरक्षित प्रक्रिया है। यदि आपको बंद स्थानों का डर है, तो आप इसमें असहज महसूस कर सकते हैं, लेकिन रेडियोग्राफर के समर्थन से, अधिकांश लोग आराम से कर पाते हैं। कभी-कभी पहले स्कैनर के अंदर पैरों की तरफ से जाना आसान हो सकता है, हालाँकि हमेशा ऐसा करना संभव नहीं होता है।

एमआरआई स्कैन में एक्स-रे तरंगों के सामने शरीर को उजागर करना शामिल नहीं है। इसका मतलब यह है कि जो लोग विशेष रूप से तरंगों के प्रभाव के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं, जैसे कि गर्भवती महिलाएँ और बच्चे, यदि आवश्यक हो तो इसका उपयोग कर सकते हैं।

हालाँकि, हर किसी का एमआरआई स्कैन नहीं हो सकता है। उदाहरण के लिए, यह हमेशा उन लोगों के लिए संभव नहीं होता है जिनके अंदर कुछ प्रकार के प्रत्यारोपण फिट होते हैं, जैसे कि पेसमेकर (एक बैटरी संचालित डिवाइस जो अनियमित दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में सहायता करता है)।

इस पर व्यापक शोध किया गया है कि क्या एमआरआई स्कैन के दौरान उपयोग की जाने वाले चुम्बकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगें मानव शरीर के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हुआ हो कि इसमें जोखिम है, जिसका अर्थ है कि एमआरआई वर्तमान में उपलब्ध सबसे सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं में से एक है।

एमआरआई स्कैन कौन करवा सकतें है और कौन नहीं, इसके बारे में और पढ़ें।

यह कैसे काम करता है

मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन के दौरान, आप को एक मजबूत चुम्बकीय क्षेत्र में लिटाया जाता है और रेडियो-आवृत्ति तरंगों को आपके शरीर में भेेेेजा जाता है। यह आपके शरीर के अंदर की विस्तृत छवियों का उत्पादन करता है।

मानव शरीर का अधिकांश भाग पानी के अणुओं से बना होता है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन परमाणु होते हैं। प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु के केंद्र में एक छोटा कण भी होता है जिसे प्रोटोन कहा जाता है। प्रोटोन छोटे चुम्बक की तरह होते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।

जब आप शक्तिशाली स्कैनर चुम्बक के अंदर लेटते हैं, तो आपके शरीर में प्रोटोन एक ही दिशा में ऊपर की तरफ होते हैं, उसी तरह जैसे कि एक चुम्बक कम्पास की सुई को खींच सकता है।

तब छोटी रेडियो तरंगों के को शरीर के कुछ क्षेत्रों में भेजा जाता है, जो प्रोटोन को पंक्ति से बाहर निकाल देते हैं। जब रेडियो तरंगों को बंद कर दिया जाता है, तो प्रोटोन पुनः रेखांकित होते हैं और ऐसा होने से रेडियो सिग्नल भेजते हैं, जिन्हें रिसीवर द्वारा उठाया जाता है।

ये संकेत शरीर में प्रोटोन के सटीक स्थान के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। वो शरीर में विभिन्न प्रकार के ऊतक के बीच अंतर करने में भी सहायता करते हैं, क्योंकि विभिन्न प्रकार के ऊतकों में प्रोटोन अलग-अलग गति से रेखांकित होते हैं और अलग-अलग संकेत उत्पन्न करते हैं।

उसी तरह से जैसे कंप्यूटर स्क्रीन पर लाखों पिक्सल जटिल चित्र बना सकते हैं, शरीर के लाखों प्रोटोन के संकेतों को शरीर के अंदर की एक विस्तृत छवि बनाने के लिए संयोजित किया जाता है।

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