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मॉर्निंग सिकनेस

गर्भावस्था में उल्टी और मितली

गर्भावस्था में मि‍तली और उल्टी, जिसे मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है, शुरूआत के दिनों में बहुत आम है। ये समस्या परेशानी का कारण हो सकती है, लेकिन आपके बच्चे के लिए किसी भी तरह का जोखिम पैदा नहीं करती और आम तौर पर गर्भावस्था के 16 से 20 हफ़्तों तक ठीक हो जाती है।

कुछ महिलाओं में मितली और उल्टी गंभीर रूप ले सकती है जिसे हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (एचजी) कहा जाता है, जो ख़तरनाक हो सकता है। कुछ मामलों में हस्पताल में इसका इलाज कराने की ज़रूरत पड़ सकती है। हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

मॉर्निंग सिकनेस होने पर कुछ महिलाओं को उल्टियाँ होती हैं और कुछ को सिर्फ़ उबकाई महसूस होती है, उलटी नहीं होती। "मॉर्निंग सिकनेस" सिर्फ़ सुबह के समय होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि दिन या रात, किसी भी समय आपको इसका अनुभव हो सकता है और कुछ महिलाएं दिन भर भी इसे महसूस कर सकती हैं।

यह माना गया है कि गर्भावस्था के पहले 12 हफ्तों में हार्मोनल परिवर्तन मॉर्निंग सिकनेस के कारणों में से एक हो सकता है।

गर्भावस्था के बाद के हफ़्तों में, लक्षणों में कमी आती है। कुछ महिलाओं में, गर्भावस्था के तीसरे महीने तक लक्षण ख़त्म हो जाते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को इससे इससे लम्बे समय तक भी मितली और उल्टी की समस्या रहती है और 10 में से 1 महिला को 20 सप्ताह के बाद भी ऐसा महसूस होता है।

मॉर्निंग सिकनेस कितनी आम समस्या है?

गर्भावस्था की शुरूवात में ऊबकायी, उल्टी और थकान आम हैं। लगभग आधी गर्भवती महिलाओं को उल्टी की समस्या होती है और पहले 12 हफ्तों में 80% से अधिक महिलाओं (100 में से 80) ​​को मितली या ऊबकायी महसूस होती है।

लोग कभी-कभी मॉर्निंग सिकनेस को गर्भावस्था की एक छोटी सी असुविधा मानते हैं, लेकिन कुछ महिलाओं के दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों और जीवन की गुणवत्ता पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

मॉर्निंग सिकनेस के  उपचार

यदि आपको मॉर्निंग सिकनेस है तो इसे कम करने के लिए डॉक्टर आपको शुरू में अपने आहार और दैनिक जीवन में कुछ  बदलाव करने का परामर्श देंगे। इनमें शामिल हैं : 

  • भरपूर आराम करना - थकान से ये समस्या बढ़ सकती है
  • यदि आपको सुबह के समय ऐसा महसूस होता है तो आप बिस्तर से आराम से धीरे धीरे उठें - यदि संभव हो, तो उठने से पहले सूखी टोस्ट या बिस्किट जैसी कोई चीज़ खाएं। 
  • अधिक मात्रा में पेय पदार्थ लें, जैसे पानी और एक बार में पीने के बजाय थोड़ा थोड़ा और बार बार पीएँ, क्योंकि इससे उल्टी की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
  • काम फ़ैट(वसा) और ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ (जैसे रोटी, चावल और पास्ता) का सेवन करें कम मात्रा में थोड़ा थोड़ा। ज्यादातर महिलाएं मीठे या मसालेदार खाद्य पदार्थों की तुलना में टोस्ट, क्रिस्प ब्रेड और कुरकुरे खाद्य पदार्थ लेना ज़्यादा पसंद करती हैं। 
  • ज़्यादा मात्रा में खाने की बजाए के बजाय कई बार थोड़ा थोड़ा खाएँ- लेकिन खाना बंद न करें। 
  • गर्म के बजाय ठंडा भोजन करें, क्यूँकि ठंडे खाने से महक नहीं आती और खाने की महक से आपको मितली आने की सम्भावना है। 
  • ऐसे खाद्य पदार्थों की महक से बचें जिससे आपको उबकाई आए।
  • ठंडे या मीठे पेय पदार्थ से परहेज़ करें 
  • खाना बनाने जैसे कार्यों में अपने करीबी लोगों की मदद लें, लेकिन यदि यह संभव नहीं तो बेक्ड आलू या पास्ता जैसे ब्लैंड, चिकनाई रहित चीज़ें बनाएँ जो आसानी से बन सके। 
  • आप अपना ध्यान भटकाने की कोशिश करें - इसके बारे में  ज़्यादा सोचने से ये समस्या और परेशान कर सकती है  
  •  आरामदायक कपड़े पहनें जो कमर के पास टाइट ना हों। 

यदि आपकी मॉर्निंग सिकनेस की  समस्‍या गम्भीर है तो डॉक्टर दवा लेने की सलाह दे सकते हैं।

मितली और उलटी के उपचार

यदि आपकी मितली और उल्टी गंभीर है और आपके आहार और जीवनशैली में बदलाव करने के बाद भी सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर कुछ समय के लिए गर्भावस्था में उपयोग करने के लिए सुरक्षित एंटी-सिकनेस दवा लेने की सलाह दे सकते हैं।

इस तरह की दवा को एंटीएमैटिक कहा जाता है। आम तौर पर दिए जाने वाले एंटीमेटिक्स के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। लेकिन ऐसा कम होता है। इसमें मांसपेशियों का अचानक हिलना शामिल है।

कुछ एंटीहिस्टामाइन (हे फ़ीवर जैसे एलर्जी का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं) भी एंटीएमैटिक्स के रूप में दिए जा सकते हैं। डॉक्टर आपको एंटीहिस्टामाइन दे सकते है जो गर्भावस्था में लेना सुरक्षित हो। यदि आप इन्हें लेना चाहती हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें।  

अदरक मॉर्निंग सिकनेस में लाभदायक है

कुछ साक्ष्‍य हैं कि अदरक लेने से मितली और उल्टी को कम करने में मदद मिल सकती है। अभी तक, गर्भावस्था के दौरान अदरक खाने से कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया।

कुछ महिलाओं को लगता है कि अदरक के बिस्कुट या अदरक के पेय पदार्थों  से मितली कम हो सकती है। आपके लिए क्या काम करता है, यह देखने के लिए आप विभिन्न चीजों को आज़मा कर देख सकती हैं।

गर्भावस्था में विटामिन और सप्लीमेंट के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें। 

एक्यूप्रेशर मॉर्निंग सिकनेस कम कर सकता है

गर्भावस्था में मितली के लक्षणों को कम करने के लिए कलाई पर एक्यूप्रेशर देना प्रभावशाली हो सकता है। एक्यूप्रेशर के लिए  एक विशेष बैंड या ब्रेसलेट पहनना होता है। कुछ शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि शरीर के कुछ हिस्सों पर दबाव डालने से मस्तिष्क से कुछ रसायन निकलते है जो मितली और उल्टी को कम करने में मदद करते हैं।

गर्भावस्था के दौरान एक्यूप्रेशर का उपयोग करने से किसी गम्भीर दुष्प्रभाव की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है, जबकि कुछ महिलाओं के हाथ सुन्न हुए हैं और हाथ में  दर्द और सूजन भी महसूस किया है।

डॉक्टर से कब मिलें

यदि आपको कुछ भी खाने या पीने के बाद उल्टी हो रही तो आप कुपोषण और डीहायड्रेशन(पानी की कमी) की शिकार हो सकती हैं ।इनमें से कुछ भी होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें :

  • बहुत गहरे रंग का पेशाब आना या आठ घंटे से अधिक समय तक पेशाब न आना
  • 24 घंटे तक कुछ भी खाने या पीने के बाद उलटी होना 
  • बहुत कमज़ोरी महसूस करना, चक्कर आना या खड़े होने पर बेहोश हो जाना।
  • पेट में दर्द होना। 
  • 38 डिग्री सेल्सियस (100.4 डिग्री फे.) या उससे ज़्यादा  बुखार होना 
  • ख़ून की उल्टी

मूत्र मार्ग के संक्रमण (यूटीआई) भी मितली और उल्टी का कारण हो सकते हैं। यूटीआई एक संक्रमण है जो आम तौर पर मूत्राशय को प्रभावित करता है लेकिन गुर्दे में भी फैल सकता है। 

यदि आपको पेशाब करते समय दर्द हो या आपके पेशाब में रक्त निकले तो आपको यूरिन इन्फ़ेक्शन हो सकता है और इसके उपचार की आवश्यकता होगी। अपने पेशाब को डाइलयूट(पतला) करने और दर्द को कम करने के लिए खूब पानी पिएँ। आपको 24 घंटे के अंदर अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मॉर्निंग सिकनेस होने की सम्भावना

विभिन्न कारणों से आपको गर्भावस्था में मितली और उल्टी होने की अधिक संभावना हो सकती है। इनमें शामिल है:

  • पिछली बार गर्भावस्था में मितली और उल्टी
  • परिवार में किसी को गर्भावस्था में मितली और उल्टी आना, या मॉर्निंग सिकनेस होना 
  • पहले से मोशन सिकनेस होना - उदाहरण के लिए, एक कार में बैठने पर उबकाई आना 
  • इस्ट्रोजेन वाले गर्भ निरोधकों का उपयोग करते समय मितली आना।
  • मोटापा - अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 या उससे अधिक है।
  • तनाव
  • गर्भ में जुड़वा या तीन बच्चे होना 
  • पहली बार गर्भवती होना 

मितली और उल्टी से निपटने के  सुझावों के लिए और पार्टनर के लिए सलाह हेतु ‘प्रेग्नन्सी सिकनेस सपोर्ट’ साइट देखें।   

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।