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माइग्रेन

Contents

प्रस्तावना

माइग्रेन अक्सर हल्का अथवा कष्टदायक सिरदर्द होता है जिसमें सिर की एक ओर झनझनाहट वाला तेज दर्द महसूस होता है।

कई व्यक्तियों में मिचली, उल्टी और प्रकाश अथवा ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि जैसे लक्षण भी होते हैं।

माइग्रेन एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जो लगभग पाँच महिलाओं में से एक और लगभग 15 पुरुषों में से एक को प्रभावित करती हैं। सामान्यतः यह प्रारंभिक वयस्कता में आरम्भ होती है।

माइग्रेन निम्न सहित कई प्रकार की होती हैं :

  • पूर्वाभास युक्त माइग्रेन - जिसमें माइग्रेन आरम्भ होने से पूर्व टिमटिमाते प्रकाश जैसे विशिष्ट चेतावनी संकेत प्रस्तुत होते हैं
  • पूर्वाभास रहित माइग्रेन - जिसमें माइग्रेन किसी विशिष्ट चेतावनी के संकेतो के बिना उत्पन्न होता है
  • सिरदर्द रहित माइग्रेन जिसे शांत माइग्रेन भी कहा जाता है - जिसमें माइग्रेन के सिरदर्द के बिना पूर्वाभास अथवा अन्य लक्षणों का अनुभव होता ह
  • कुछ व्यक्तियों में बारंबार माइग्रेन, सप्ताह में कई बार होता है अन्य व्यक्तियों में केवल कभी-कभी ही माइग्रेन होता है। माइग्रेन के दौरो की अवधि कई वर्षों तक हो सकतीे है।

इस लेख में निम्न प्रश्नों पर सहायक जानकारी सम्मिलित है :

  • माइग्रेन के लक्षण?
  • माइग्रेन के प्रकार?
  • माइग्रेन के कारण?
  • माइग्रेन का उपचार?
  • माइग्रेन लक्षणों के संदर्भ में डॉक्टर से कब संपर्क करें?
  • माइग्रेन की रोक-थाम कैसे करें?

चिकित्सीय सलाह कब ली जाये

यदि आप में माइग्रेन के बारंबार अथवा कष्टदाई लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

माइग्रेन में पैरासिटामोल अथवा इबुप्रोफेन जैसे साधारण दर्द-निवारक प्रभावकारी हो सकते हैं। लेकिन सावधान रहें ध्यान रखें और अत्यधिक दर्-दनिवारक (दर्द की दवाइयां न लें क्योंकि ऐसा करने से कुछ समय के पश्चात सिरदर्दों का उपचार अधिक कठिन हो सकता हैं।

यदि आपको बारंबार माइग्रेन (महीने में पाँच से अधिक बार) हो रहा है तो, औषधिओं से फायदा के बावजूद, आपको अपने डॉक्टर से एप्पोइंटमेंट लेनी चाहिये ताकि आप उनके द्वारा प्रस्तावित रोग-निरोधी उपचार से लाभ उठा सकें।

यदि आपको अथवा आपके किसी साथी को निम्न स्थितियों का आभास हो रहा हो तो आपको तुरन्त एम्बुलेंस बुलानी चाहिये :

  • एक या दोनों बाजुओं और/अथवा चेहरे के एक ओर लकवा या कमजोरी
  • लड़खड़ाती या अस्पष्ट बोली
  • अचानक अंधकार उत्पन्न करने वाली ऐसी दुखदायी सिरदर्द जिसे पहले कभी अनुभव न किया हो
  • सिरदर्द के साथ उच्च ताप (बुखार), अकड़ी गर्दन, दिमागी व्याकुलता, दौरे, दोहरी दृष्टि और चकत्ता

ये लक्षण स्ट्रोक (लकवा) अथवा मेनिंजाइटिस जैसे अधिक गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं, और यथासंभव शिघ्रातिशीघ्र उनकी किसी डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिये।

माइग्रेन के रोग-निदान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

माइग्रेन के कारण

माइग्रेन का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, हालांकि यह माना जाता है कि यह मस्तिष्क में रसायन, नाड़ियों और रक्त कोशिकाओं में अल्पकालिक परिवर्तनों के कारण होता है।

माइग्रेन का अनुभव करने वालों में से लगभग आधे व्यक्तियों का कोई निकट रिश्तेदार भी इससे ग्रसित होता है, जिससे वंशाणुओं को कारक होना माना जा सकता है।

कुछ व्यक्तियो में माइग्रेन के दौरे निम्न सहित कुछ विशिष्ट प्रेरकों से संबन्धित होते हैं :

  • माहवारी का आरम्भ होना
  • मानसिक तनाव
  • थकावट
  • कुछ विशिष्ट आहार अथवा पेयजल

माइग्रेन का उपचार

माइग्रेन का कोई उपचार नहीं है, परन्तु लक्षणों को कम करने में सहायक कई उपचार उपलब्ध हैं :

इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • दर्द-निवारक औषधियाँ - जिनमें पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी बिना नुस्खे वाली औषधियाँ सम्मिलित हैं
  • ट्रिपटाँस - औषधियाँ जो मस्तिष्क में माइग्रेन उत्पन्न करने वाले परिवर्तनों को उलटनें में सहायक हो सकें
  • एंटी-एमेटिक्स - औषधियाँ जो अक्सर मिचली और उल्टी कम करन के लिये दी जाती हैं

माइग्रेन के दौरे के दौरान, कई व्यक्तियों के लिये अंधकारमाय कमरे में सोना अथवा लेटना भी सहायक होता है।

माइग्रेन रोक-थाम

यदि आप मानसिक तनाव या किसी विशिष्ट आहार को माइग्रेन

का कारण मानते/मानती हैं, तो इस प्रेरक को कम करने से भी माइग्रेन के दौरो के जोखिम कम किये जा सकते हैं।

नियमित व्यायाम, नींद व आहार के साथ-साथ स्वयं को हाइड्रेट रखना (पानी पीना) और कैफेटिन और मदिरापान जैसे पेय को सीमित करना भी सामान्य स्वस्थ जीवनशैली को बनाये रखने में सहायक होता है।

यदि आपके माइग्रेन कष्टदायी है और संभावित प्रेरको को दूर रहने का प्रयास करने के बावजूद आप लक्षणों से पीड़ित \हैं, तो आपके डॉक्टर दौरों से बचने के लिये औषधियों का नुस्खा दे सकते हैं।

माइग्रेन रोकथाम में प्रयोग आने वाली औषधियों में एंटी-सीज़र औषधि टोपिरामेट और सामान्यत: उच्च रक्तचाप का उपचार करने वाली प्रोप्रानोलोल नामक औषधियां होती हैं। माइग्रेन के लक्षणों में सुधार आने में कई सप्ताह लग सकता है।

दृष्टिकोण

आपकी जीवन की गुणवत्ता को माइग्रेन सिरदर्द अत्यंत प्रभावित कर सकता है और आपको सामान्य दैनिक गतिविधियां करने से रोक सकता हैं। अक्सर यह दर्द लोगों को कई दिनों तक बिस्तर पर रहने को बाध्य कर सकता हैं।

हालाँकि, लक्षणों को कम करने और दौरों की रोकथाम के लिये कई उपचार उपलब्ध हैं।

कभी-कभी समय बीतने के साथ माइग्रेन के दौरे अत्यंत तकलीफदायक हो सकते हैं परन्तु अधिकतर लोगों में कई वर्षों बाद धीरे-धीरे सुधार आ जाता है।

लक्षण

आम तौर पे माइग्रेन का मुख्य लक्षण सिर की एक ओर तीव्र सिरदर्द का होना है।

दर्द अक्सर एक नियंत्रित अथवा कष्टदायक झनझनाहट वाला होता है जो आपकी हलचल से बढ़ जाता है और आपको सामान्य गतिविधियां करने से रोकता है।

कुछ मामलों में, दर्द सिर की दोनों ओर हो सकता है और आपके चेहरे अथवा गर्दन को पीड़ित कर सकता है।

अतिरिक्त लक्षण

माइग्रेन से संबन्धित लक्षणों में अक्सर निम्न सम्मिलित होते हैं :

  • मिचली
  • उल्टी
  • प्रकाश और ध्वनि के प्रति बढ़ी हुई संवेदनशीलता - इसलिये माइग्रेन से ग्रसित कई व्यक्ति किसी शांत, अंधेरे कमरे में विश्राम करना चाहते हैं।

कभी-कभी कुछ व्यक्तियों में निम्न सहित अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं :

  • पसीना आना
  • कमजोर एकाग्रता, (व्यग्रता)
  • अत्यंत गर्म अथवा अत्यंत ठंडा महसूस करना
  • पेट में दर्द
  • दस्त

माइग्रेन से ग्रसित सभी व्यक्तियों में ये अतिरिक्त लक्षण नहीं होते हैं और कुछ व्यक्ति बिना सिरदर्द ही उन्हें अनुभव करते हैं।

अक्सर माइग्रेन के लक्षण चार घंटे से तीन दिन तक रहते हैं, हालांकि बाद में एक सप्ताह तक थकावट महसूस हो सकती है।

पूर्वाभास के लक्षण

लगभग तीन में से एक माइग्रेन प्रभावित व्यक्ति को अल्पकालिक चेतावनी लक्षण महसूस होते हैं जिन्हें किसी माइग्रेन से पहले के पूर्वाभास कहते हैं। इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • दृष्टि संबंधी समस्याएं - जैसे की टिमटमाता प्रकाश देखना, टेढ़े-मेढ़े पैटर्न अथवा अंधबिन्दु
  • सुन्नता अथवा पिनों और सुईयों जैसी सिहरन का एहसास - जो अक्सर आपके चेचरे, होंठो और जिह्वा को प्रभावित करने से पूर्व एक हाथ में आरम्भ होता है और बाजू पर ऊपर की ओर जाता है
  • चक्कर आना अथवा असंतुलित महसूस करना
  • बोलने में कठिनाई
  • बेहोशी - (हालांकि यह असामान्य है)

पूर्वाभास के लक्षण लगभग पाँच मिनट से एक घंटे के भीतर विकसित होते हैं। कुछ व्यक्तियों में पूर्वाभास के पश्चात केवल हल्की सिरदर्द होती है अथवा कोई सिरदर्द महसूस नहीं होती है।

चिकित्सीय सलाह कब ली जाये

यदि आप में बारंबार अथवा कष्टदाई माइग्रेन के लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं जो पैरासिटामोल जैसी बिना नुस्खे की दर्द-निवारक औषधि के अनियमत प्रयोग से ठीक नहीं हो रहे, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।

ध्यान रखें और अत्यधिक दर्द-निवारक औषधियाँ न लें क्योंकि ऐसा करने से कुछ समय के पश्चात सिरदर्दों का उपचार अधिक कठिन हो सकता हैं।

यदि औषधिओं से नियंत्रण में आने के बावजूद, आपको बारंबार माइग्रेन (महीने में पाँच से अधिक बार) हो रहा है तो, आपको अपने डॉक्टर से एप्पोइंटमेंट लेना चाहिये ताकि आप उनके द्वारा प्रस्तावित रोग-निरोधी उपचार के लाभ उठा सकें।

यदि आपको अथवा आपके किसी साथी को निम्न स्थितियों का आभास हो रहा हो तो आपको तुरन्त एम्बुलेंस बुलानी चाहिये :

  • एक या दोनों बाजुओं और/अथवा चेहरे के एक ओर लकवा अथवा कमजोरी
  • लड़खड़ाती या अस्पष्ट बोली
  • अचानक अंधकार उत्पन्न करने वाली ऐसी दुखदायी सिरदर्द जिसे पहले कभी अनुभव न किया हो
  • सिरदर्द के साथ उच्च ताप (बुखार), अकड़ी गर्दन, दिमागी व्याकुलता, दौरे, दोहरी दृष्टि और चकत्ता

ये लक्षण स्ट्रोक (लकवा) अथवा मेनिंजाइटिस जैसे अधिक गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं, और यथासंभव शिघ्रातिशीघ्र इनकी किसी डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिये।

कारण

माइग्रेन का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, हालांकि यह माना जाता है कि यह मस्तिष्क में नाड़ियों के सिग्नल, रसायन और रक्त कोशिकाओं में अल्पकालिक गातिविधि के कारण होता है।

यह स्पष्ट नहीं है कि मस्तिष्क की गतिविधि में किस कारण परिवर्तन होता है, परन्तु यह सम्भव है कि आपके वंशाणु माइग्रेन के दौरों के लिये प्रेरक बनें।

माइग्रेन प्रेरक

कई माइग्रेन प्रेरक सुझाये गये हैं जिनमें हार्मोनल, भावनात्मक, शारीरिक, आहारीय, पर्यावरिक और औषधीय कारक सम्मिलित हैं।

ये प्रेरक अत्यंत विशिष्ट है परन्तु एक डायरी रखना सहायक होगा ताकि आप किसी पुनरावृत्त प्रेरक की पहचान कर सकें। कभी-कभी यह भी कहना कठिन है कि कोई कारण वास्तव में प्रेरक है या क्या आप माइग्रेन के दौरे के प्रारम्भिक लक्षणों को झेल रहे/रही हैं।

हार्मोनल परिवर्तन

कुछ महिलाओं को उनकीे माहवारी के आस-पास के दिनों में माइग्रेन होता है जब संभवत: ईस्ट्रोजन जैसे हार्मोनों के स्तर में घटित परिवर्तन होते हैं।

सामान्यत: इस प्रकार के माइग्रेन आपकी माहवारी से दो दिन पहले और तीन दिन बाद तक होते हैं। कुछ महिलाओं को केवल इस समय के आस-पास ही माइग्रेन होता हैं, जिसे शुद्ध माहवारी माइग्रेन कहते हैं। हालांकि, अधिकांश महिलाओं को अन्य समयों में भी होता है और इसे माहवारी-संबन्धित माइग्रेन कहते हैं।

कई महिलाओं में देखा गया है कि उनके मासिक धर्म के बंद हो जाने के पश्चात उनके माइग्रेन में सुधार आता है, हालांकि मासिक धर्म का बंद होना माइग्रेन बढ़ा सकता हैं अथवा कुछ महिलाओं में उन्हें और अधिक खराब बना सकता हैं।

भावात्मक प्रेरक :

  • तनाव
  • उत्सुकता
  • टेंशन
  • आघात
  • निराशा
  • उत्तेजना

शारीरक प्रेरक :

  • थकावट
  • खराब नींद
  • शिफ्ट में कार्य
  • गलत मुद्रा
  • गर्दन अथवा कंधे में खिंचाव
  • जैट लैग
  • निम्न रक्त शर्करा (हाईपोग्लाईकेमिया) (हाइपोग्लाईसेमिआ)
  • कठोर व्यायाम, जब आपको इसकी आदत नहीं है

आहारीय प्रेरक :

  • छूट गये, देरी से लिये गये अथवा अनियमित आहार
  • डीेहाईड्रेशन (पानी की कमी)
  • मदिरा
  • खाद्य योज्य टाइरमीन
  • चाय और कॉफी जैसे कैफ़िन उत्पाद
  • चॉक्लेट, खट्टे फल और पनीर जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थ

पर्यावरिक प्रेरक :

  • चमकता प्रकाश
  • टेलेविजन अथवा कम्प्युटर स्क्रीन की टिमटिमाती बत्ती
  • धूम्रपान (अथवा धुएँ वाले कमरे)
  • अत्याधिक शोर
  • नमी अथवा अत्यंत ठंडे तापमान में होने वाले परिवर्तन जैसे जलवायु परिवर्तन
  • तीखी गंध
  • घुटन-भरा वातावरण

औषधियाँ :

  • कुछ प्रकार की नींद की गोलियां
  • संयुक्त गर्भनिरोधक गोली
  • हार्मोन प्रतिस्थापन थेरैपी (HRT), जो कभी-कभी मासिक धर्म के बंद होने के पश्चात लक्षणों से छुटकारा पाने के लिये प्रयोग की जाती है

रोग-निदान

माइग्रेन के रोग-निदान के लिये कोई विशिष्ट जांच नहीं है। ठीक रोग-निदान करने के लिये, आपके डॉक्टर को बार-बार होने वाले संबन्धित लक्षणों के साथ सिरदर्दों के पैटर्न की पहचान करनी चाहिये।

माइग्रेन अप्रत्याशित हो सकते हैं एवं ये कभी-कभी बिना अन्य लक्षणों के भी हो सकते हैं। कभी-कभी ठीक रोग-निदान में कुछ समय लग सकता है।

डॉक्टर से संपर्क करना

माइग्रेन का पहला दौरा होने पर आपके डॉक्टर शारीरिक जाँच एवं आपकी दृष्टि, तालमेल, प्रतिक्रियाएं और इन्द्रियबोध चैक कर सकते हैं। ये आपके लक्षणों के कुछ अन्य अंतर्निहित संभावित कारणों को ख़ारिज़ में सहायक होंगे।

आपके डॉक्टर पूछ सकते हैं कि क्या आपका सिरदर्द :

  • सिर की एक ओर होते हैं
  • धड़कते हुये दर्द हैं
  • आपकी दैनिक गतिविधियां करने में अड़चन लगाते हैं
  • शारीरिक गतिविधि अथवा हलचल से अधिक कष्टदाई होते हैं
  • मिचली और उल्टी के साथ होते हैं
  • प्रकाश और शोर के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं

माइग्रेन डायरी

कुछ सप्ताहों के लिये माइग्रेन के दौरों की डायरी रखना रोग-निदान में सहायक होगा। निम्न विवरण नोट करें :

  • तिथि
  • समय
  • माइग्रेन आरम्भ होते समय आप क्या कर रहे थे
  • दौरे के अवधि
  • अनुभव किए गये लक्षण
  • औषधी (यदि कोई ली हो)

अत्यधिक दर्द-निवारक औषधियाँ लेना भी माइग्रेन के उपचार में उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का महत्वपूर्ण कारण है। इसे पीड़ानाशक अति-प्रयोग सिरदर्द कहा जाता है। आप कौनसी दर्द-निवारक औषधियाँ और उन्हें कितनी बार लेते/लेती हैं इसका रिकॉर्ड रखना अत्यन्त सहायक होगा। आपको दीर्घ-काल में प्रति माह 10 दिन से अधिक बार दर्द-निवारक औषधियाँ नहीं लेनी चाहिये।

महिलाओं द्वारा अपनी माहवारी आरम्भ होने की तिथि नोट करनी चाहिये क्योंकि यह उनके डॉक्टर द्वारा संभावित प्रेरको की पहचान करने में सहायक होती है।

The Migraine Trust वैबसाइट पर माइग्रेन डायरी रखना के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करें।

विशेषज्ञ को रेफ़र करना

अतिरिक्त जाँच और उपचार के लिये आपके डॉक्टर आपको एक न्यूरोलाजिस्ट (मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करने वाली बीमारियों का विशेषज्ञ) को रेफ़र करने का निर्णय ले सकते हैं, यदि :

● रोग-निदान अस्पष्ट है

● आपको महीने में 15 अथवा अधिक दिनों में माइग्रेन (क्रोनिक माइग्रेन) होता है

● आपके लक्षणों को उपचार नियंत्रित नहीं कर पा रहा है

उपचार

वर्तमान में माइग्रेन का कोई इलाज नहीं है, हालांकि लक्षणों को कम करने हेतु कई उपचार उपलब्ध हैं।

आपके लिये सर्वश्रेष्ठ उपचार निर्धारित करने में कुछ समय लग सकता है। ऐसा हो सकता हैं कि अत्यन्त प्रभावकारी उपचार ढूंढ सकने से पूर्व आपको औषधियों की भिन्न प्रकारों अथवा दवाओं का मिश्रण आजमाना पड़ें।

यदि आपको ऐसा प्रतीत हो कि आप बिना नुस्खे की दवाएं के प्रयोग से अपने माइग्रेन का प्रबंधन नहीं कर पा रहे/रही हैं, तो आपके डॉक्टर कुछ अन्य अधिक प्रबल औषधी का नुस्खा दे सकते हैं।

दौरे के दौरान

अधिकतर व्यक्तियों को माइग्रेन दौरे के दौरान किसी अंधेरे कमरे में सोने अथवा लेटने से सर्वश्रेष्ठ आराम मिलता है।

अन्य व्यक्तियों को लगता है कि कुछ खाना सहायक होता है अथवा कुछ लोग बीमार होने के पश्चात वे अच्छा महसूस करने लगते हैं।

दर्द-निवारक

कई माइग्रेन ग्रसित व्यक्तियों को लगता है कि पैरासिटामोल, ऐस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी बिना नुस्खे के उपलब्ध दर्द-निवारक गोलियां लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकती हैं।

माइग्रेन दौरे की शुरुआत होते ही औषधियाँ अत्यधिक प्रभावकारी होती हैं क्योंकि ऐसा करना उनको आपके रक्तप्रवाह में घुलने हेतु समय प्रदान करता है और आपके लक्षणों को कम करता है।

दर्द-निवारक लेने से पहले सिरदर्द को और बिगड़ जाने देने के लिये प्रतीक्षा करना उचित नहीं है क्योंकि अक्सर इस प्रकार औषधियों को असर करने में अत्यंत देर हो जाती है। घुलनशील दर-्दनिवारक (पानी के ग्लास में घुलनशील गोलियां) अच्छे विकल्प हैं क्योंकि वे आपके शरीर में जल्द लीन हो जाती हैं।

यदि मिचली अथवा उल्टी के कारण आप दर्द-निवारक को निगल नहीं सकते/सकती तो वर्तिकाओं (सुप्पोसिट्री) का प्रयोग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ये वे कैप्सूल होते हैं जो मलद्वार (पीछे के मार्ग) में डाले जाते हैं।

सावधानियाँ

बिना नुस्खे के दर्द-निवारक लेते समय, सदैव सुनिश्चित करें कि आपने पैकेजिंग पर वर्णित निर्देशों का अध्ययन कर लिया हैं और अनुशंसित खुराक का पालन करें।

किसी स्वास्थ्य-सेवा प्रोफेशनल के मार्गदर्शन के बिना, 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ऐस्पिरिन नहीं लेनी चाहिये। ऐस्पिरिन और इबुप्रोफेन उन व्यस्कों के लिये भी अनुशंसित नहीं है जिनका अल्सर, लिवर अथवा गुर्दा से संबन्धित जैसी पेट की समस्याओं का कोई इतिहास है।

किसी भी प्रकार के दर्द-निवारक बारंबार लेने से माइग्रेन अधिक तकलीफदायक हो सकता है। कभी-कभी इसे “औषधि अति-प्रयोग सिरदर्द” अथवा “दर्दनिवारक सिरदर्द" कहा जाता है।

यदि आपको दर्द-निवारकों की बारंबार प्रयोग की आवश्यकता होती है अथवा बिना नुस्खे के लिये दर्द-निवारक प्रभावकारी नहीं होते हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें। आपके डॉक्टर अधिक तेज़ दर्द-निवारक का नुस्खा दे सकते हैं अथवा ट्रिपटाँस के साथ दर्द-निवारक के प्रयोग की अनुशंसा कर सकते हैं (नीचे देखें)। यदि उन्हें लगेगा कि दर्द-निवारक का बारंबार प्रयोग आपके सिरदर्दों में योगदान कर रहा है, तो वे आपको उनका प्रयोग रोकने की अनुशंसा कर सकते हैं।

ट्रिपटाँस

यदि साधारण दर्दनिवारक आपके माइग्रेन लक्षणों को कम करने में सहायक नहीं हो रहे हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से मिलने हेतु अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी। वे आपको ट्रिपटान नामक औषधि और संभवत: एंटी-सिक्नेस औषधि (नीचे देखें) के अतिरिक्त दर्द-निवारक गोलियां लेने की सलाह दे सकते हैं।

ट्रिपटान दवाएं माइग्रेन सिरदर्द के लिये विशिष्ट दर्दनिवारक हैं। उन्हें मस्तिष्क में हो रहे माइग्रेन सिरदर्द उत्पन्न कर सकने वाले परिवर्तनों को उल्टानें में सक्षम समझा जाता हैं।

वे मस्तिष्क के इर्द-गिर्द रक्त वाहिकाओं में सिकुड़न उत्पन्न कर सकती हैं। यह रक्त वाहिकाओं के फैलाव (चोड़ा करना) को उल्टा करती है जिसे माइग्रेन प्रोसैस का भाग समझा जाता है।

ट्रिपटाँस गोलियों, इंजेक्शन और नाक के स्प्रे के रूप में उपलब्ध हैं।

ट्रिपटाँस के साधारण साइड इफैक्ट में निम्न सम्मिलित हैं :

● गर्म-इन्द्रियबोध

● कसाव

● झनझनाहट

● तमतमाहट

● चेहरे, अंगो अथवा छाती पर भारीपन महसूस करना

कुछ व्यक्तियों को मिचली, सूखा मुंह और चक्कर का अनुभव भी होता है। अक्सर उनके साइड इफैक्ट हल्के होते हैं और स्वयं ही ठीक हो जाते हैं।

अन्य दर्द-निवारकों की तरह, अत्यधिक ट्रिपटाँस लेने से भी औषधियों द्वारा अति-प्रयोग सिरदर्द हो सकता है।

आम तौर पर ट्रिपटाँस के उपचार की प्रथम अवधि समाप्त होने पर, आपके डॉक्टर एक फॉलो-अप अपॉइंटमेंट लेने के लिये सलाह देते हैं। इससे आप उनकी प्रभावकारिता पर वार्तालाप कर पते है और जान पाते/पाती कि आपको कोई साइड इफैक्ट तो नहीं हुये हैं।

यदि औषधियां सहायक हो रही हैं तो आम तौर पर उपचार चालू रखा जायेगा। यदि वे प्रभावकारी नहीं हैं अथवा उन्होनें नापसन्द साइड इफैक्ट उत्पन्न किये हैं, तो आपके डॉक्टर एक अलग प्रकार का ट्रिपटान सुझायेंगे; क्यूंकि प्रतिक्रियायें अत्यंत परिवर्तनशील हो सकती हैं।

ऐन्टी-सिक्नेस दवाएं

कुछ व्यक्तियों में ऐन्टी-अमेटिक्स के नाम से जाने जानी वाली सिक्नेस-रोधक दवाएं माइग्रेन का सफलतापूर्वक उपचार कर सकती हैं चाहे उन्हें कोई मिचली अथवा उल्टी न भी हुई हो। आपके डॉक्टर दर्द-निवारक औषधियों और ट्रिपटाँस के साथ इन्हें लेने के सलाह देते हैं।

दर्द-निवारक औषधियों की तरह, माइग्रेन के लक्षण आरम्भ होते ही ऐन्टी-सिक्नेस दवाएंं लेने के अच्छे प्रभाव होते हैं। साधारणत: वे गोलियां होती हैं, परन्तु वे वर्तिका के रूप में भी मिलती हैं।

ऐन्टी-अमेटिक्स के साइड इफैक्टों में चक्कर और दस्त सम्मिलित हैं।

मिश्रण दवाएं

आप अपने स्थानीय दवा-विक्रेता के यहां से बिना नुस्खे के माइग्रेन के उपचार हेतु कई मिश्रण दवाएं खरीद सकते/सकती हैं। इन दवाओं में दोनों दर्द=निवारक और सिक्नेस-रोधक दवाएं सम्मिलित होती हैं। यदि आप सुनिश्चित नहीं है कि कौनसी दवाई खरीदनी है, तो अपने दवा-विक्रेता से पूछें।

ट्रिपटान के साथ इबुप्रोफेन जैसी कोई अन्य दर्द-निवारक लेना भी अत्यंत प्रभावकारी हो सकता है।

कई व्यक्तियों को दवाओं का मिश्रण सुविधाजनक लगता है। ऐसा होने पर भी, हो सकता है कि दर्द-निवारकों अथवा सिक्नेस-रोधक दवाओं की खुराक आपके लक्षणों को दूर करने में प्रयाप्त न हों। यदि ऐसा होता है तो दर्द-निवारक और सिक्नेस-रोधक दवाओं को अलग अलग लेना बेहतर होगा। इस तरह आप सरलता से दोनों की खुराक नियंत्रित कर पायेंगे/पायेंगी।

ऐक्यूपंचर

यदि औषधियां अनुपयुक्त हैं अथवा ये माइग्रेन को रोकने में सहायक नहीं होती हैं, तो आप ऐक्यूपंचर के बारे में भी सोच सकते/सकती हैं।

NICE के अनुसार पाँच से आठ सप्ताहों में 10 सत्रों की अवधि लाभकारी हो सकती है। ऐक्यूपंचर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

विशेषज्ञ से संपर्क करना

यदि उपरोक्त उपचार आपके माइग्रेन को प्रभावकारी ढंग से नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं, तो आपके डॉक्टर आगे की जांच और उपचार हेतु आपको किसी विशेषज्ञ माइग्रेन क्लीनिक के पास रेफ़र कर सकते हैं।

उपरोक्त औषधि-प्रयोग के अतिरिक्त, एक विशेषज्ञ ट्रांस्क्रानियल चुम्बकीय स्टिमुलेशन जैसे अन्य प्रकार के उपचार लेने का परामर्श दे सकते हैं।

ट्रांस्क्रानियल चुम्बकीय स्टिमुलेशन

जनवरी 2014 में, National Institute for Health and Care Excellence (NICE) ने माइग्रेन के उपचार और रोकथाम हेतु ट्रांस्क्रानियल चुम्बकीय स्टिमुलेशन (TMS) नामक उपचार के प्रयोग को स्वीकृति दी है।

TMS में आपकी त्वचा के माध्यम से चुम्बकीय तरंगे छोड़ने वाला एक छोटा विद्युत उपकरण आपके सिर पर पकड़ कर रखा जाता है। यह स्पष्ट नहीं है कि माइग्रेन के उपचार में TMS किस प्रकार कार्य करता है, परन्तु अध्ययन दर्शाता है कि माइग्रेन की शुरुआत पर ही इसके प्रयोग से माइग्रेन की विकटता को कम किया जा सकता है। इसे बिना उनके उपरोक्त औषधि-प्रयोगो के, किसी भी प्रकार के बदलाव के बिना भी प्रयोग किया जा सकता है।

देखा जाये तो TMS माइग्रेन का उपचार नहीं है और यह सबके लिये प्रभावकारी भी नहीं होता है। इसके प्रभावकारी होने का साक्ष्य मजबूत नहीं है और यह केवल माइग्रेन का पूर्वाभास से पीड़ित व्यक्तियों तक ही सीमित है।

उपचार का दीर्घ-कालिक प्रभावों की अन्तर्निहित शक्ति पर भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, हालांकि अभी तक उपचार के अध्ययन ने केवल निम्न सहित लघु और अल्प-कालिक साइड इफैक्ट रिपोर्ट किये हैं :

  • हल्के चक्कर
  • चक्कर और थकावट
  • मांसपेशी में कंपन इसे चालू रखना कठिन बना सकता है
  • चिड़चिड़ाहट

NICE अनुशंसा करता हैं कि दीर्घ-कालिक साइड इफैक्टों की संभाव्यता की अनिश्चितता के कारण केवल विशेषज्ञ केन्द्रों में ही सिरदर्द विशेषज्ञों द्वारा TMS दिया जाना चाहिये। विशेषज्ञ आपके उपचार के दौरान प्राप्त अनुभवों का रिकॉर्ड रखेंगे।

अधिक जानकारी के लिये, यह NHS Choices समाचार लेख पढ़ें : NICE द्वारा माइग्रेन चुम्बकीय थेरेपी का अनुमोदन।

गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिये उपचार

आम तौर पर, यदि आप गर्भवती अथवा स्तनपान करवा रही हैं तो माइग्रेन की दवाओं से उपचार यथासंभव कम से कम रखा जाना चाहिये। इसके स्थान पर, अक्सर संभावित माइग्रेन प्रेरकों की पहचान व उनसे बचने की सलाह दी जाती है।

यदि औषधि-प्रयोग आवश्यक है, तो आपके डॉक्टर पैरासिटामोल जैसे कम-खुराक के दर्द-निवारक लेने की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में, सूजन-रोधक दवाएं अथवा ट्रिपटाँस लेने का परामर्श दिया जा सकता है। यदि आप गर्भवती अथवा स्तनपान करवा रही हैं तो किसी प्रकार की औषधि लेने से पूर्व अपने डॉक्टर अथवा दाई से बात करें।

रोक-थाम

माइग्रेन के दौरे कम करने के कई तरीके उपलब्ध हैं।

प्रेरकों की पहचान और उनसे दूर रहना

दौरे को प्रेरित करने वाले कार्य/वस्तु की पहचान और उससे बचना, माइग्रेन की रोक-थाम के सर्वश्रेष्ठ तरीको में से एक है।

आपके द्वारा किसी विशिष्ट आहार को खाने से अथवा जब आप किसी तनाव में हैं तो माइग्रेन के उत्पन्न होने का आभास हो सकता है, और इससे दूर रहने से आप माइग्रेन से बच सकते/सकती हैं। माइग्रेन के संभाव्य प्रेरकों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

माइग्रेन डायरी रखने से भी आप संभावित प्रेरकों की पहचान और औषधि-प्रयोग द्वारा होने वाले सुधार पर निगरानी रख सकते/सकती हैं।

अपनी माइग्रेन डायरी में, निम्न का रिकॉर्ड रखने का प्रयास करें :

  • दौरे की तिथि
  • दौरे के आरम्भ होने का समय
  • कोई चेतावनी चिन्ह
  • आपके लक्षण (पूर्वाभास की उपस्थिती अथवा अनुपस्थिती सहित)
  • औषधी-प्रयोग (यदि कोई किया हो)
  • दौरा समाप्ती का समय

औषधी-प्रयोग और संपूरक

माइग्रेन की रोक-थाम के लिये भी औषधियाँ उपलब्ध हैं। अक्सर संभावित प्रेरकों से दूर रहने के प्रयास के बाद भी माइग्रेन होने के स्थिति में इन दवाओं का प्रयोग किया जाता है।

आपको इन दवाओं का नुस्खा भी दिया जा सकता है यदि आपको कष्टदायी माइग्रेन के दौरे पड़े हों अथवा यदि ये दौरे बारंबार पड़ रहे हों।

माइग्रेन के रोक-थाम में कुछ मुख्य औषधियाँ नीचे दी गई हैं।

टोपिरामेट

शुरू-शुरू में टोपिरामेट से औषधी-प्रयोग द्वारा मिरगी के दौरों से ग्रसित व्यक्तियों पर मिरगी की रोक-थाम के लिये प्रयोग किया गया था, परन्तु अब अधिकतर यह माइग्रेन के दौरे रोकने के लिये प्रयोग किया जाता है। इससे माइग्रेन के दौरे रोकने में सहायता मिली है और आम तौर पर इसे प्रति दिन गोली के रूप में लिया जाता है।

गुर्दा अथवा लिवर समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों में टोपिरामेट सावधानीपूर्वक प्रयोग किया जाना चाहिये। यदि गर्भावस्था में लिया जाये तो यह अजन्मे शिशु को भी हानि पहुंचा सकता है और हार्मोनल गर्भनिरोधकों की प्रभावकारिता कम कर सकता है, अत: आपके डॉक्टर को उन महिलाओं, जिन्हें टोपिरामेट का नुस्खा दिया गया हो, से वैकल्पिक गर्भनिरोध तरीकों के बारे में बात करनी चाहिये।

टोपिरामेट के साइड इफैक्ट में निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

  • कम भूख
  • मिचली
  • उल्टी
  • कब्ज अथवा दस्त
  • चक्कर आना
  • उंघाई
  • नींद समस्याएं

प्रोप्रनोलोल

प्रोप्रनोलोल नामक औषधि का परंपरागत रूप से ऐन्ज़ाइना और उच्च रक्त-छाप के उपचार में प्रयोग किया जाता है, परन्तु इसे प्रभावशाली रूप से माइग्रेन की रोकथाम करते भी देखा गया है। प्राय: इसे गोली के रूप में प्रतिदिन लिया जाता है।

दमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग (COPD) और कुछ दिल की समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिये प्रोप्रनोलोल अनुपयुक्‍त है। मधुमेह के रोगियों के लिये इसे सावधानीपूर्वक प्रयोग करना चाहिये।

प्रोप्रनोलोल के साइड इफैक्ट में निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

  • ठंडे हाथ और पैर
  • पिन और सुईयां
  • नींद की समस्याएं
  • थकावट

बोटुलिन्म टॉक्सिन टाइप A

जून 2012 में NICE ने बोटुलिन्म टॉक्सिन टाइप A नमक औषधि को सिरदर्द विशेषज्ञों द्वारा क्रॉनिक (दीर्घ-कालीन) माइग्रेन वाले कुछ वयस्क व्यक्तियों में सिरदर्द की रोक-थाम के लिये अनुशंसा की थी।

बोटुलिन्म टॉक्सिन टाइप A एक तरह की निउरोटॉक्सिन (नस की टॉक्सिन) हैं जो मांसपेशीयों को कमजोर बनाती है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह उपचार माइग्रेन के लिये प्रभावकारी हो सकता है।

NICE की अनुशंसानुसार इस उपचार को औषधि को क्रॉनिक माइग्रेन (कम से कम 15 दिन प्रति माह के सिरदर्द जिसमें से कम से कम आठ दिन माइग्रेन वाले हों) वाले उन व्यक्तियों के लिये एक विकल्प के रूप में सोचा जा सकता है, जिन्होंने कम से कम पिछले तीन रोगनिरोधी चिकित्सा उपचारों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दर्शायी है।

NICE के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, बोटुलिन्म टॉक्सिन टाइप A सिर और गर्दन के पीछे 31 और 39 साइट के बीच इंजेक्शन द्वारा दिया जाना चाहिये। प्रत्येक 12 सप्ताहों पर उपचार की एक नई अवधि की व्यवस्था की जा सकती है।

माहवारी-संबन्धित माइग्रेन की रोकथाम

प्राय: माहवारी-संबन्धित माइग्रेन आपके मासिकधर्मी समय से दो दिन पहले से तीन दिन बाद तक के बीच घटित होती है। चूंकि तुलनात्मक रूप से ये माइग्रेन पूर्वानुमेय होते हैं, इन्हें गैर-हार्मोनल अथवा हार्मोनल उपचारों के प्रयोग से रोकना संभव हो सकता है।

गैर-हार्मोनल उपचार

अनुशंसित गैर-हार्मोनल उपचार निम्न हैं :

  • गैर-स्टेरिओडल ऐन्टी-सूजन औषधियाँ (NSAIDs) - एक आम प्रकार का दर्द-निवारक
  • ट्रिपटाँस - औषधियाँ जो रक्त- नल्लियों को फैलने (डाइलेश्न) से रोकती हैं व जिसे माइग्रेन के लिये सहयोगी कारक माना जाता है।

ये औषधियाँ दिन में दो से चार बार गोलियों के रूप में आपके मासिकधर्मी समय के प्रारम्भ होने अथवा दो दिन पहले से रक्तस्त्राव के अंतिम दिन तक, दिन में दो से चार बार ली जाती हैं।

हार्मोनल उपचार

अनुशंसा किए जा सकने वाले हार्मोनल उपचार निम्न हैं :

  • संयुक्त हार्मोनल गर्भनिरोधक, उदाहरणार्थ संयुक्त गर्भनिरोधक गोली, पैच अथवा योनि का छल्ला
  • केवल-प्रोजेस्टेरोन गर्भनिरोधक, उदाहरणार्थ केवल-प्रोजेस्टेरोन गर्भनिरोधक गोलियां, इंप्लांट्स अथवा इंजेक्शन
  • ओस्ट्रोजेन पैच अथवा जैल (मलहम), जिसे आपके मासिकधर्मी समय के आरम्भ होने से से तीन दिन पहले से सात दिन तक प्रयोग किया जा सकता है।

माइग्रेन गर्भनिरोधक को प्राय: उन महिलाओं में माहवारी-संबन्धित माइग्रेन रोकने के लिये किया जाता है, जिन्हें लक्षणों का पूर्वाभास होता है क्योंकि यह आपके हृदयाघात होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इस पर अतिरिक्त जानकारी के लिये माइग्रेन की जटिलताओं पर अधिक जानकारी प्राप्त करें।

ऐक्यूपंचर

यदि औषधियां अनुपयुक्त हैं अथवा ये माइग्रेन को रोकने में सहायक नहीं होती हैं, तो आप ऐक्यूपंचर के बारे में भी सोच सकते/सकती हैं।

NICE के अनुसार पाँच से आठ सप्ताहों में 10 सत्रों की अवधि लाभकारी हो सकती है। **ऐक्यूपंचर** के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

जटिलताएं

माइग्रेन को स्थानिकारक्‍तता (ischaemic) आघातों के जोख़िम में थोड़ी वृद्धि और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में थोड़ी वृद्धि से जोड़ा जाता है।

आघात

स्थानिकारक्‍तता (ischaemic) आघात तब उत्पन्न होता है जब किसी रक्त पिंड अथवा धमनियों में वसायुक्त पदार्थ से मस्तिष्क को रक्त आपूर्ति में रुकावट आती है।

अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि माइग्रेन (विशेषत: पूर्वाभास के साथ माइग्रेन) से ग्रसित जिन व्यक्तियों को माइग्रेन नहीं होता है, उनकी तुलना में स्थानिकारक्‍तता आघात का जोख़िम दुगना होता है। ऐसा होने पर भी, जोख़िम अत्यंत छोटा है।

स्थानिकारक्‍तता आघात का माइग्रेन से सम्बंध स्पष्ट नहीं है।

गर्भनिरोधक गोली

संयुक्त गर्भनिरोधक गोली के प्रयोग से स्थानिकारक्‍तता आघात का जोख़िम बढ़ जाता है। प्राय: चिकित्सीय पेशेवर उन महिलाओं को, जिन्हें पूर्वाभास के साथ माइग्रेन होता है, सयुंक्त गर्भनिरोधक गोली का प्रयोग न करने की सलाह देते हैं।

यदि उन्हें उच्च रक्तचाप अथवा हृदयरोग की पारिवारिक इतिहास जैसे अन्य जोख़िम के कारक न हों, तो वे महिलाएं जिन्हें पूर्वाभास के साथ माइग्रेन होता है, प्राय: सयुंक्त गर्भनिरोधक गोली का सुरक्षापूर्वक प्रयोग कर सकती हैं।

यदि आप संयुक्त गर्भनिरोधक गोली लेती हैं और आपको पूर्वाभास होता है, तो गर्भनिरोध के वैकल्पिक प्रकारों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

माइग्रेन को निम्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में अत्यंत निम्न जोख़िम वृद्धि से जोड़ा जाता है :

निराशा

बाईपोलर डिसार्डर

व्यग्रता डिसार्डर

घबड़ाहट डिसार्डर

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