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पुरुषों का मेनोपॉज (The 'male menopause')

कुछ पुरुष जब पचास वर्ष की उम्र के आसपास पनहचते हैं, तो उनमें निराशा, यौन इच्छा में कमी, लिंग में संभोग के लिए पर्याप्त उत्तेजना न होना और अन्य शारीरिक व मानसिक लक्षण विकसित हो सकते हैं।

कुछ पुरुष जब पचास वर्ष की उम्र के आसपास पनहचते हैं, तो उनमें निराशा, यौन इच्छा में कमी, लिंग में संभोग के लिए पर्याप्त उत्तेजना न होना और अन्य शारीरिक व मानसिक लक्षण विकसित हो सकते हैं।

इस उम्र के पुरुषों में दूसरे सामान्य लक्षण हैं:

  • मनोदशा में बदलाव और चिड़चिड़ापन
  • मांसपेशियों की ताकत कम होना और व्यायाम करने की क्षमता में कमी
  • वसा का पुनर्विभाजन जैसे- बड़ा पेट या पुरुषों के स्तन (गाइनेकोमैस्टिया) विकसित होना।
  • सामान्य उत्साह या ऊर्जा में कमी
  • सोने में परेशानी (इन्सोमनिया) या थकावट बढ़ना
  • ध्यान में कमी और याद्दाश्त की अवधि काम होना

ये लक्षण रोजमर्रा की जिंदगी और खुशियों पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इसके असली कारण तक पहुंचा जाए और इसके समाधान पर काम किया जाए।

क्या मेल मेनोपॉज(पुरुष रजोनिवृत्ति) जैसी कोई चीज होती है?

मेल मेनोपॉज (कभी-कभी इसे एंड्रोपॉज भी कहा जाता है) शब्द का कभी कभी कोई मतलब नहीं होता है। यह कभी-कभी उपरोक्त लक्षणों का वर्णन करने के लिए मीडिया द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

यह शब्द भ्रमित करने वाला है क्योंकि यह प्रौढ़ अवस्था में अचानक टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरने से होने वाले लक्षणों की ओर इशारा करता है, जैसा कि महिलाओं की रजोनिवृत्ति में होता है। यह सच नहीं है। हालांकि, उम्र के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरता है, लेकिन यह गिरावट नियमित होती है, यानी करीब 30 से 40 की उम्र से हर साल 2 प्रतिशत से भी कम। और यह अपने आप में कोई समस्या नहीं है।

ज्यादा उम्र में टेस्टोस्टेरोन की कमी होने लगती है(जिसे लेट-ऑनसेट हाइपोगोनाडिज्म के नाम से भी जाना जाता है) जो कभी-कभी इन लक्षणों के लिए जिम्मेदार हो सकती है। लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसे लक्षणों का हार्मोन्स से कोई लेना-देना नहीं होता।

व्यक्तिगत या जीवनशैली से जुड़े मसले

जीवनशैली से जुड़े कारक या मानसिक समस्याएं अक्सर ऐसे लक्षणों के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिनका ऊपर वर्णन किया गया है।

बतौर उदाहरण, लिंग में संभोग के लिए पर्याप्त उत्तेजना न होना, कामेच्छा की कमी और मनोदशा में बदलाव की वजह से ये चीजें भी हो सकती हैं:

  • तनाव
  • निराशा
  • चिंता

लिंग में संभोग के लिए पर्याप्त उत्तेजना न होने की वजह शारीरिक भी हो सकती है। जैसे- रक्त कणिकाओं में बदलाव, और किसी मानसिक वजह से भी ये हो सकता है।

लिंग में संभोग के लिए पर्याप्त उत्तेजना न होने के बारे में पढ़ें:

मानसिक समस्याएं खासतौर पर काम या आपसी संबंधों से जुड़े मसलों, तलाक, पैसे की समस्याओं या बुजुर्ग माता-पिता के बारे में चिंता से जुड़ी हो सकती हैं।

मिडलाइफ क्राइसिस भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है। ऐसा तब होता है कि जब पुरुष सोचते हैं कि वे अपनी आधी जिंदगी जी चुके हैं। उन्हें इस बात को लेकर चिंता होती है कि अब तक उन्होंने क्या हासिल कर पाया? या उनकी नौकरी या व्यक्तिगत जीवन की समस्याएं उन्हें निराशा की ओर धकेल सकती हैं।

मिडलाइफ क्राइसिस के बारे में और पढ़ें।

ऊपर दिए लक्षणों के दूसरे संभावित कारणों में ये हो सकते हैं-

  • कम नींद आना
  • खराब खानपान
  • व्यायाम की कमी
  • बहुत ज्यादा एल्कोहल पीना
  • धूम्रपान
  • आत्मसम्मान की कमी

लेट-ऑनसेट हाइपोगोनाडिज्म(hypogonadism)

कुछ मामलों में जीवनशैली या मानसिक समस्याएं जिम्मेदार नहीं मालूम पड़ती हैं, उनमें मेल मेनोपॉज के लक्षण हाइपोगोनाडिज्म की वजह से भी हो सकते हैं, जहां तेस्टेस (वीर्यकोष) कम या बिल्कुल भी हार्मोन्स का उत्पादन नहीं करते।

हाइपोगोनाडिज्म कभी-कभी जन्म से ही मौजूद होता है, जो यौवन देर से आने और छोटे वीर्य कोष जैसे लक्षणों का कारण बनता है।

हाइपोगोनाडिज्म कभी-कभी ज्यादा उम्र में भी विकसित हो सकता है। खासतौर से ऐसे पुरुषों में जो मोटापा या टाइप-2 डायबिटीज से ग्रसित हों। इसे लेट-ऑनसेट हाइपोगोनाडिज्म के नाम से जाना जाता है और यह ऊपर दिए गए मेल मेनोपॉज लक्षणों का कारण बन सकता है। हालांकि, यह असामान्य और विशेष मेडिकल स्थिति है जो सामान्यत: उम्र बढ़ने पर नहीं होती है।

लेट-ऑनसेट हाइपोगोनाडिज्म का पता अमूमन आपके लक्षणों के आधार पर और ब्लड टेस्ट के जरिए आपका टेस्टोस्टेरोन स्तर नापकर लगाया जा सकता है।

मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षणों का अनुभव होता है तो अपने डॉक्टर को दिखाएं। वे आपसे आपके काम और व्यक्तिगत जीवन के बारे में पूछेंगे ताकि यह पता लगा सकें कि आपके लक्षण मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मसलों जैसे- तनाव या चिंता के कारण तो नहीं हैं।

अगर आप तनाव या चिंता से प्रभावित हो रहे हैं तो आपको दवा या थेरेपी जैसे- काग्निटिव बिहेवियर थेरेपी(सीबीटी) के जरिए लाभ पहुंचाया जा सकता है। व्यायाम और आराम भी मदद कर सकते हैं।

इनके बारे में पढ़ें:

  • तनाव प्रबंधन
  • चिंता का इलाज
  • खराब मनोदशा और निराशा के लिए मदद
  • निराशा और तनाव से राहत दिलाने के लिए व्यायाम

क्या मुझे एचआरटी(HRT) की जरूरत है?

आपके डॉक्टर आपका टेस्टोस्टेरोन स्तर नापने के लिए आपका ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। अगर नतीजे दिखाते हैं कि टेस्टोस्टेरोन की कमी है तो आपको एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (हार्मोन संबंधी समस्याओं के विशेषज्ञ) के पास भेजा जा सकता है।

अगर विशेषज्ञ इस रोग निदान की पुष्टि करते हैं तो आपको हार्मोन की कमी दूर करने के लिए टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट दिया जा सकता है, जिससे आपके लक्षणों में राहत मिलनी चाहिए। यह इलाज इनके जरिए हो सकता है:

  • टैबलेट्स
  • पैचेज़
  • जेल्स
  • आरोपण (इंप्लांट्स)
  • इंजेक्शन
सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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