मलेरिया

परिचय

मलेरिया एक ऐसी उष्णकटिबंधीय बीमारी है जो मच्छरों द्वारा फैलती है और अगर जल्दी ही इसका निदान और उपचार न किया जाए तो यह घातक हो सकती है।

किसी को संक्रमित होने के लिए बस एक मच्छर के एक बार काटने भर की देर है।

मलेरिया के लक्षण

यदि आप ऐसी जगहों पर जा रहे हैं, जहां बीमारी का खतरा ज़्यादा है, तो मलेरिया के लक्षणों के बारे में जानकारी होना महत्वपूर्ण है। लक्षणों में शामिल हैं:

  • तेज़ बुख़ार आना
  • पसीना आना और ठंड लगना
  • सिर दर्द होना
  • उल्टी आना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • दस्त लगना

आमतौर पर लक्षण संक्रमित होने के 7 से 18 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं, लेकिन कुछ मामलों में लक्षण एक साल तक या कभी-कभी उससे भी अधिक समय तक दिखाई नहीं दे सकते हैं।

मलेरिया के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

चिकित्सक को कब दिखाएँ

यदि आप किसी ऐसी जगह पर जाते हैं जहाँ मलेरिया फैला हुआ है और उस दौरे के दौरान या उसके बाद मलेरिया के लक्षण आपको दिखाई देते हैं, तो इसके इलाज के लिए तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

यात्रा से लौटने के कई हफ्तों, महीनों या एक साल के बाद भी आपको चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

यदि आपको मलेरिया होने की संभावना है, तो यह पुष्टि करने के लिए कि आप संक्रमित हैं या नहीं, एक रक्त परीक्षण किया जाएगा।

आपको उसी दिन अपने रक्त परीक्षण के परिणाम मिल जायेंगे। यदि आपको मलेरिया है, तो उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।

मलेरिया किन कारणों से होता है

मलेरिया एक प्रकार के परजीवी के कारण होता है जिसे प्लाज़मोडियम कहते हैं। प्लाज़मोडिया परजीवी के कई अलग-अलग प्रकार हैं, लेकिन इनमें से केवल पांच मनुष्यों में मलेरिया का कारण बनते हैं।

प्लाज़मोडियम परजीवी मुख्य रूप से मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरों से फैलते हैं, जो मुख्य रूप से शाम और रात में काटते हैं। जब एक संक्रमित मच्छर मनुष्य को काटता है, तो वह परजीवी को रक्तप्रवाह में फैला देता है।

मलेरिया रक्त आधान और संक्रमित सुइयों के माध्यम से भी फैल सकता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ है।

मलेरिया के कारणों और इसके प्रसार के बारे में और अधिक पढ़ें।

मलेरिया जोखिम वाले क्षेत्र

मलेरिया 100 से अधिक देशों में पाया जाता है, मुख्य रूप से दुनिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, जिनमें शामिल हैं:

  • अफ्रीका और एशिया के बड़े क्षेत्र
  • मध्य और दक्षिण अमेरिका
  • हैती और डोमिनिकन गणराज्य
  • मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्से
  • कुछ प्रशांत द्वीप

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 2014 में प्रकाशित विश्व मलेरिया रिपोर्ट का अनुमान है कि दुनिया भर में मलेरिया के 198 मिलियन मामले सामने आये और 2013 में 584,000 मौतें हुई।

मलेरिया यूके में नहीं पाया जाता है, हालांकि 2014 में यूके लौटने के बाद लगभग 1,586 यात्रियों को इस बीमारी का पता चला और जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी।

फिट फॉर ट्रैवल वेबसाइट में विशिष्ट देशों में मलेरिया के जोखिम के बारे में अधिक जानकारी है।

मलेरिया से बचाव

मलेरिया के कई मामलों से बचा जा सकता है। रोकथाम के दृष्टिकोण को याद रखने का एक आसान तरीका है एबीसीडी:

  • जोखिम के बारे में जागरूकता - कहीं यात्रा करने से पहले यह पता करें कि क्या वहाँ आपको मलेरिया होने का खतरा है
  • मच्छर के काटने से रोकथाम - कीटों से बचाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करके, अपने हाथों और पैरों को ढंककर और कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का इस्तेमाल करके मच्छर के काटने से बचें
  • जाँच करें कि क्या आपको मलेरिया से बचाव की गोलियाँ लेने की आवश्यकता है - यदि ऐसा है, तो सुनिश्चित करें कि आप सही खुराक और सही एंटीमलेरीअल गोलियां लें, और कोर्स पूरा करें
  • निदान - यदि आपमें यात्रा से लौटने के एक साल बाद तक भी मलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लें

यदि आप ऐसी जगह जाने की योजना बना रहे हैं जहाँ मलेरिया का खतरा है तो अपने डॉक्टर से बात करें। इस बात की सिफारिश की जा सकती है कि आप संक्रमण को रोकने के लिए एंटीमलेरियल गोलियां लें।

मलेरिया से बचाव के बारे में और अधिक पढ़ें।

मलेरिया के उपचार

यदि मलेरिया का शीघ्र निदान और उपचार किया जाता है, तो लगभग सभी लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। जैसे ही निदान की पुष्टि होती है, उपचार शुरू कर दिया जाना चाहिए।

मलेरिया के इलाज और रोकथाम दोनों के लिए एंटीमलेरियल दवा का उपयोग किया जाता है। किस प्रकार की दवा का उपयोग किया जायेगा और उपचार की अवधि कितनी लम्बी होगी यह इन बातों पर निर्भर करेगा:

  • मलेरिया का प्रकार
  • आपके लक्षणों की गंभीरता
  • जहाँ आपको मलेरिया हुआ
  • क्या आपने मलेरिया से बचाव के लिए एंटीमलेरियल लिया था
  • क्या आप गर्भवती हैं

कुछ मामलों में, आपको यात्रा से पहले मलेरिया के लिए आपातोपयोगी उपचार निर्धारित किया जा सकता है। यह आमतौर पर तब किया जाता है, जब आप ऐसे दूरदराज के क्षेत्र में यात्रा करते हैं जहाँ चिकित्सा देखभाल नहीं मिलती है, और आपको मलेरिया से संक्रमित होने का खतरा होता है।

मलेरिया के इलाज के बारे में और पढ़ें।

मलेरिया की जटिलताएँ

मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो बहुत जल्दी बिगड़ सकती है। जल्द ही इलाज़ न किया जाए तो यह घातक भी हो सकती है।

यह गंभीर जटिलताओं का भी कारण बन सकता है, जिसमें शामिल हैं:

  • गंभीर रक्ताल्पता - इसमें लाल रक्त कोशिकाएं पूरे शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाती हैं, जिससे उनींदापन और कमजोरी होती है
  • सेरेब्रल मलेरिया - दुर्लभ मामलों में, मस्तिष्क तक जाने वाली छोटी रक्त वाहिकाएं अवरुद्ध हो सकती हैं, जिससे दौरे, मस्तिष्क क्षति और कोमा हो सकता है

मलेरिया के प्रभाव आमतौर पर गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में अधिक गंभीर होते हैं। आमतौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि वे ऐसी जगहों पर न जाएँ जहाँ मलेरिया का खतरा हो।

मलेरिया की जटिलताओं के बारे में और अधिक पढ़ें।

मलेरिया के लक्षण

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मलेरिया के लक्षण संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के बाद जल्दी से जल्दी सात दिन में विकसित हो सकते हैं।

आमतौर पर, संक्रमित होने और लक्षणों के शुरू होने के बीच का समय (रोगोद्भवन काल) 7 से 18 दिनों का होता है, जो उन विशिष्ट परजीवी पर निर्भर करता है जिनसे आप संक्रमित हुए हैं। हालांकि, कुछ मामलों में लक्षण विकसित होने में एक साल तक का समय भी लग सकता है।

मलेरिया के शुरूआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं और इसमें शामिल हैं:

  • तेज़ बुख़ार आना
  • सिर दर्द होना
  • पसीना आना
  • ठंड लगना
  • उल्टी आना

ये लक्षण अक्सर बहुत हल्के होते हैं और कभी-कभी पहचानना मुश्किल हो सकता है कि ये मलेरिया है।

कुछ प्रकार के मलेरिया में, बुखार 48 घंटे के चक्र में आता है। इन चक्रों के दौरान, आपको पहले कंपकंपी के साथ ठंड महसूस होती है। बाद में आपको बुखार के साथ अत्यधिक पसीना और थकान महसूस होती है। ये लक्षण आमतौर पर 6 से 12 घंटे तक रहते हैं।

मलेरिया के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • मांसपेशियों में दर्द
  • दस्त लगना
  • आमतौर पर बीमार महसूस करना

सबसे गंभीर प्रकार का मलेरिया प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी के कारण होता है। जल्दी इलाज़ न कराने से इस प्रकार का मलेरिया आपमें जल्दी ही गंभीर और जीवन के लिए खतरनाक जटिलताओं को विकसित कर सकता है, जैसे कि सांस लेने में समस्या और अंगों की विफलता।

मलेरिया की जटिलताओं के बारे में और पढ़ें।

चिकित्सक की सलाह कब लेना चाहिए

यदि आप ऐसी जगह जहाँ मलेरिया पाया जाता है, के दौरे के दौरान या आने के बाद इस बीमारी के लक्षण विकसित करते हैं, तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें।

यात्रा से लौटने के बाद भी आपको चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए फिर भले ही कई हफ्ते, महीने या एक साल भी हो गया हो।

मलेरिया के कारण

मलेरिया प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होता है। संक्रमित मच्छरों के काटने से परजीवी मनुष्यों में फैल सकता है।

प्लास्मोडियम परजीवी के बहुत से अलग-अलग प्रकार होते हैं, लेकिन उनमें से केवल पांच प्रकार से मनुष्यों में मलेरिया होता है।

जो निम्न प्रकार हैं:

  • प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम - मुख्य रूप से अफ्रीका में पाया जाता है, यह मलेरिया परजीवी का सबसे आम प्रकार है और पूरी दुनिया में मलेरिया से होने वाली मौतों के लिए सबसे ज़्यादा जिम्मेदार है।
  • प्लास्मोडियम विवैक्स - मुख्य रूप से एशिया और दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है, प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम की तुलना में इस परजीवी के लक्षण थोड़े हल्के होते हैं, लेकिन यह यकृत में तीन साल तक रह सकता है, जिसके कारण रिलेप्स हो सकते हैं
  • प्लास्मोडियम ओवले - जल्दी न पाया जाने वाला और आमतौर पर पश्चिम अफ्रीका में मिलता है, यह कोई भी लक्षण पैदा किए बिना आपके यकृत में कई वर्षों तक रह सकता है
  • प्लास्मोडियम मलेरिया - यह काफी दुर्लभ है और आमतौर पर केवल अफ्रीका में पाया जाता है
  • प्लास्मोडियम नॉलेसी - यह बहुत दुर्लभ है और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में ही पाया जाता है

मलेरिया कैसे फैलता है

प्लाज़मोडियम परजीवी मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरों के काटने से फैलता है, जिन्हें "नाइट-बाइटिंग" मच्छरों के रूप में जाना जाता है क्योंकि वे सबसे अधिक शाम से लेकर सुबह के बीच ही काटते हैं।

यदि कोई मच्छर किसी पहले से मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वह संक्रमित हो सकता है और परजीवी को दूसरों में भी फैला सकता है। हालांकि, मलेरिया को सीधा एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलाया जा सकता है।

जैसे ही आपको मच्छर काटता है, परजीवी रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है और यकृत की तरफ जाता है। ये संक्रमण रक्तप्रवाह में फिर से जाने और लाल रक्त कोशिकाओं पर आक्रमण करने से पहले यकृत में विकसित होता है।

परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ते हैं और कई गुना हो जाते हैं। नियमित अंतराल पर, संक्रमित रक्त कोशिकाएं फटती हैं, जिससे परजीवी निकल कर रक्त में चले जाते हैं। आमतौर पर संक्रमित रक्त कोशिकाएं हर 48-72 घंटे में फट जाती हैं। हर बार जब वे फटती हैं, तो आपको बुखार आना, ठंड लगना और पसीना आना बंद हो जाएगा।

मलेरिया रक्त आधान और सुइयों को साझा करने से भी फैल सकता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ है।

एंटीमलेरियल दवा

मलेरिया को रोकने और उसके इलाज के लिए एंटीमलेरियल दवा का इस्तेमाल किया जाता है।

जिन जगहों में मलेरिया होने का खतरा होता है, वहां जाते समय आपको हमेशा एंटीमलेरियल दवा ले जाने के बारे में सोचना चाहिए। जैसे ही आपको पता चलता है कि आप कहाँ - कहाँ जाने वाले हैं, अपने डॉक्टर या स्थानीय ट्रैवल क्लिनिक में मलेरिया के बारे में सलाह लें।

सही खुराक लेना और एंटीमलेरियल उपचार के कोर्स को समाप्त करना बहुत ज़रूरी है। अगर आप अनिश्चित हैं, तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें कि आपको अपनी दवा कब तक लेनी चाहिए।

मलेरिया से बचाव

अगर आप ऐसी जगह पर जा रहे हैं जहाँ मलेरिया का खतरा हो सकता है तो आमतौर पर आपको एंटीमलेरियल गोलियां लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे मलेरिया के जोखिम को लगभग 90% तक कम कर सकती हैं।

आपके लिए निर्धारित की जाने वाली एंटीमैलेरियल गोलियों का प्रकार निम्नलिखित जानकारी पर आधारित है:

  • आप कहाँ जा रहे हैं
  • कोई मिलता जुलता पारिवारिक चिकित्सा इतिहास
  • आपका चिकित्सा इतिहास, किसी भी एलर्जी से लेकर दवा तक
  • कोई भी दवा जो आप वर्तमान में ले रहे हैं
  • अतीत में आपको हुई कोई ऐसी समस्या जो एंटीमाइरियल दवाओं के कारण हुई हो
  • आपकी उम्र
  • क्या आप गर्भवती हैं

यात्रा से पहले शायद आपको एंटीमलेरियल टैबलेट्स का एक छोटा परीक्षण कोर्स करना पड़ सकता है। यह इस बात को जांचने के लिए है कि कहीं आपको दुष्प्रभाव से कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया तो नहीं हैं। यदि ऐसा है, तो चिकित्सक आपके जाने से पहले कोई दूसरे एंटीमलेरियल निर्धारित कर सकते हैं।

एंटीमलेरियल दवा के प्रकार

मलेरिया से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख प्रकार के एंटीमलेरियल का विवरण नीचे दिया गया है।

एटोवाक्वोन प्लस प्रोजेनिल

  • खुराक - वयस्क की खुराक दिन में वयस्क शक्ति वाली एक गोली होती है। बच्चे की खुराक भी दिन में एक बार होती है, लेकिन इसकी मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि बच्चे का वजन कितना है । इसे यात्रा पर जाने से एक या दो दिन पहले शुरू किया जाना चाहिए और जब तक आप जोखिम वाले क्षेत्र में हैं तब तक रोज़ लेना चाहिए, और लौटने के बाद भी सात दिनों तक लेते रहना चाहिए।
  • सिफारिशें - स्पष्ट प्रमाणों की कमी का मतलब यह है कि गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह एंटीमलेरियल नहीं लेना चाहिए। यह उन लोगों के लिए भी अनुशंसित नहीं है जिन्हें गुर्दे की गंभीर समस्या है।
  • संभावित दुष्प्रभाव - पेट खराब होना, सिर दर्द होना, त्वचा पर लाल चकत्ते होना और मुंह में छाले होना।
  • अन्य कारक - यह दूसरी एंटीमलेरियल दवाओं की तुलना में ज़्यादा महंगा हो सकता है, इसलिए इन्हें छोटी यात्राओं में लेना अधिक उपयुक्त होता है।

डॉक्सीसाइक्लिन (जिसे वाइब्रैमाइसिन-डी के रूप में भी जाना जाता है)

  • खुराक - रोज़ की खुराक 100 मिलीग्राम की एक गोली या कैप्सूल है। इसे यात्रा पर जाने से दो दिन पहले शुरू किया जाना चाहिए और जब तक आप जोखिम वाले क्षेत्र में हैं तब तक रोज़ लेना चाहिए, और लौटने के बाद भी चार सप्ताह तक लेते रहना चाहिए।।
  • सिफारिशें - यह दवा गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, 12 साल से कम उम्र के बच्चों (दाँत का रंग स्थायी रूप से ख़राब होने के जोखिम के कारण), वे लोग टेट्रासाइक्लिन एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति संवेदनशील हैं, या जिगर की समस्याओं वाले लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।
  • संभव दुष्प्रभाव - हल्की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप पेट खराब होना, सीने में जलन, छाला और सनबर्न। यह हमेशा भोजन के साथ लिया जाना चाहिए, ज़्यादा अच्छा होगा कि जब आप खड़े या बैठे हों।
  • दूसरे कारक - यह तुलनात्मक सस्ता है। यदि आप मुँहासों के लिए डॉक्सीसाइक्लिन लेते हैं, तो यह मलेरिया से भी सुरक्षा प्रदान करेगा यदि आप पर्याप्त खुराक लेंते हैं तो। अपने डॉक्टर से पूछें।

मेफ्लोक्वाइन (लारीम के रूप में भी जाना जाता है)

  • खुराक - वयस्क की खुराक सप्ताह में एक गोली है। बच्चे की खुराक भी सप्ताह में एक बार होती है, लेकिन राशि उनके वजन पर निर्भर करेगी। यात्रा शुरू करने से तीन हफ्ते पहले इसे लेना शुरू कर देना चाहिए और जब तक आप जोखिम वाले क्षेत्र में हो तब तक, और वापस आने के बाद चार सप्ताह तक लेते रहना चाहिए।
  • सिफारिशें - अगर आपको मिर्गी, दौरे, अवसाद या दूसरी कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, या यदि किसी करीबी रिश्तेदार को इनमें से कोई भी बीमारी है, तो फिर ये नहीं लिया जाना चाहिए। यह आमतौर पर गंभीर हृदय या यकृत की समस्याओं वाले लोगों के लिए अनुशंसित नहीं की जाती हैं।
  • संभावित दुष्प्रभाव - चक्कर आना, सिरदर्द होना, नींद में गड़बड़ी होना (अनिद्रा और अजीब सपने) और मनोरोग प्रतिक्रियाएं (चिंता, अवसाद, घबराहट के दौरे और मतिभ्रम)। यदि आपको पहले कभी कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या हुई है तो इसके बारे में अपने चिकित्सक को बताना बहुत ज़रूरी है, जिसमें हल्का अवसाद भी शामिल है। यदि आपको दौरे पड़ने की बीमारी है तो इस दवा को न लें।
  • दूसरे कारक - यदि आपने पहले कभी मेफ्लोक्वाइन नहीं ली है, तो यह सिफारिश की जाती है कि आप यात्रा से पहले तीन सप्ताह का परीक्षण करें, यह देखने के लिए कि कहीं आपको कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता है।

क्लोरोक्वीन और प्रोजेनिल

क्लोरोक्वीन और प्रोजेनिल नामक एंटीमलेरियल दवाओं का एक संयोजन भी आता है, हालांकि आजकल कोई इनकी सिफारिश नहीं करता क्योंकि वे सबसे आम और खतरनाक प्रकार के मलेरिया परजीवी, प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के खिलाफ अप्रभावी हैं।

हालांकि, क्लोरोक्वीन और प्रोजेनिल कभी-कभी कुछ निश्चित स्थानों के लिए अनुशंसित किये जा सकते हैं जहाँ प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी अन्य प्रकारों की तुलना में कम पाए जाते है, जैसे कि भारत और श्रीलंका।

मलेरिया का इलाज

यदि मलेरिया का समय पर निदान और उपचार किया जाता है, तो पूरी तरह से ठीक होने की उम्मीद की जा सकती है। ब्लड टेस्ट जैसे ही मलेरिया की पुष्टि करता है, तुरंत इलाज शुरू किया जाना चाहिए।

मलेरिया से बचाव के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई एंटीमलेरियल दवाओं का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि, यदि आपने मलेरिया को रोकने के लिए कोई एंटीमलेरियल ली है, तो आपको इसका इलाज करने के लिए वही दवा नहीं लेनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि आपको अपने डॉक्टर को ये बताना बहुत महत्वपूर्ण है कि आपने कौन सी एंटीमलेरियल दवा ली है।

एंटीमलेरियल दवा के प्रकार और इसको लेने की अवधी इन बातों पर निर्भर करेगी:

  • आपको हुए मलेरिया का प्रकार
  • जहाँ आपको मलेरिया हुआ
  • आपके लक्षणों की गंभीरता
  • क्या आपने एंटीमलेरियल गोलियां ली हैं
  • आपकी उम्र
  • क्या आप गर्भवती हैं

आपका डॉक्टर मलेरिया की विकृतियों को दूर करने के लिए ऐसी विभिन्न एंटीमलेरियल दवाओं के संयोजन की सिफारिश कर सकता है जिन दवाओं को अकेले लेने के प्रति मलेरिया प्रतिरोधी हो चुका है।

एंटीमलेरियल दवा आमतौर पर गोलियों या कैप्सूल के रूप में दी जाती है। यदि कोई बहुत ज़्यादा बीमार है, तो उसे अस्पताल में एक ड्रिप के माध्यम से बांह में (अंतःशिरा) दिया जाएगा।

मलेरिया का उपचार आपको कई हफ्तों तक बहुत थका हुआ और कमजोर महसूस करवा सकता है।

आपातकालीन अतिरिक्त उपचार

कुछ मामलों में, आपको यात्रा से पहले मलेरिया के लिए आपातकालीन अतिरिक्त उपचार निर्धारित कर के दिया जा सकता है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आपको मलेरिया से संक्रमित होने का खतरा होता है, और जहाँ पर दौरे के दौरान दूरदराज के क्षेत्र में कोई चिकित्सा देखभाल नहीं मिलती है।

आपातकालीन अतिरिक्त दवाओं के उदाहरणों में शामिल हैं:

  • प्रोगुवानिल के साथ एटोवाक्वोन
  • लुमेफैंट्रिन के साथ आर्टीमीथर
  • कुनैन प्लस डॉक्सीसाइक्लिन
  • कुनैन प्लस क्लिंडामाइसिन

आपका डॉक्टर आपातकालीन अतिरिक्त उपचार निर्धारित करने से पहले किसी यात्रा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने का निर्णय ले सकता है।

मलेरिया के लिए आपातकालीन उपचार के बारे में और पढ़ें।

गर्भावस्था में एंटीमलेरियल्स

यदि आप गर्भवती हैं, तो ऐसी जगहों पर जाने से बचना उचित होगा, जहाँ मलेरिया का खतरा है।

गर्भवती महिलाओं में गंभीर मलेरिया होने का खतरा ज़्यादा होता है, और बच्चे और माँ दोनों को गंभीर जटिलताएँ होने की संभावनाएं हो सकती हैं।

यदि आप गर्भवती हैं और किसी ऐसी जगह जा रहीं यहीं हैं जहाँ मलेरिया का खतरा है, और आप अपनी यात्रा को स्थगित करने या रद्द करने में असमर्थ हैं, तो सही एंटीमलेरियल दवा लेना बहुत महत्वपूर्ण है।

मलेरिया की रोकथाम और उपचार करने के लिए उपयोग में लाये जाने वाले कुछ एंटीमलेरियल्स गर्भवती महिलाओं के लिए युक्त नहीं होते हैं क्योंकि वे माँ और बच्चे दोनों के ऊपर दुष्प्रभाव कर सकते हैं।

नीचे दी गई सूची बताती है कि गर्भवती के लिए कौन सी दवाएं सुरक्षित या असुरक्षित हैं:

  • मेफ्लोक्वाइन - आमतौर पर गर्भावस्था के पहले त्रैमासिक के दौरान निर्धारित नहीं किया जाता है, या अगर गर्भावस्था की संभावना है तो पहले तीन महीनों के दौरान निवारक एंटीमलेरियल दवा को रोक देते हैं। यह एक एहतियात है, भले ही इसका कोई भी सबूत नहीं है कि मेफ्लोक्वीन एक अजन्मे बच्चे के लिए हानिकारक होती है।
  • डॉक्सीसाइक्लिन - कभी भी गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए अनुशंसित नहीं किया जाता है क्योंकि यह बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • एटोवाक्वोन प्लस प्रोगुवानिल - आमतौर पर गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान अनुशंसित नहीं किया जाता है क्योंकि इनसे होने वाले प्रभावों पर शोध सीमित है। हालांकि, यदि मलेरिया का जोखिम अधिक है, और यदि कोई उपयुक्त विकल्प नहीं है तो उन्हें अनुशंसित किया जा सकता है।

प्रोगुवानिल को क्लोरोक्विन के साथ मिला कर गर्भावस्था के दौरान लिया जा सकता है, लेकिन इसका उपयोग शायद ही कभी किया जाता है क्योंकि यह मलेरिया के सबसे आम और खतरनाक प्रकार के परजीवी के ऊपर बिलकुल प्रभावी नहीं है।

मलेरिया से बचाव

यदि आप किसी मलेरिया प्रभावित क्षेत्र की यात्रा करने जा रहे हैं तो मलेरिया होने का बहुत खतरा होता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप बीमारी को रोकने के लिए सावधानी बरतें।

मलेरिया के अधिकांश मामलों में रोकथाम के एबीसीडी दृष्टिकोण का इस्तेमाल कर के बचा जा सकता है।जिसका मतलब है:

  • जोखिम के बारे में जागरूकता - यह पता करें कि क्या आपको मलेरिया होने का खतरा है
  • मच्छर के काटने से रोकथाम - कीटों से बचाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करके, अपने हाथों और पैरों को ढंककर और मच्छरदानी का इस्तेमाल करके मच्छर के काटने से बचें
  • जाँच करें कि क्या आपको मलेरिया से बचाव की गोलियाँ लेने की आवश्यकता है - यदि ऐसा है, तो सुनिश्चित करें कि आप सही खुराक और सही एंटीमलेरीअल गोलियां लें, और कोर्स पूरा करें
  • निदान - यदि आपको यात्रा से लौटने के एक साल बाद तक भी मलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लें

इन्हें नीचे और अधिक विस्तार से बताया गया है।

खतरों से अवगत रहना

यह पता करने के लिए कि क्या आपको उन देशों में जहाँ आप घूमने जा रहे हैं, मलेरिया से बचाव के कोई उपचार ले जाने की आवश्यकता है, तो फिट फॉर ट्रैवेल या राष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य नेटवर्क और केंद्र (NaTHNaC) वेबसाइटों पर देखिये।

जैसे ही आपको पता चलता है कि आप कहाँ यात्रा करने जा रहे हैं, मलेरिया की सलाह के लिए अपने चिकित्सक या स्थानीय यात्रा क्लिनिक से मिलना भी बहुत महत्वपूर्ण है ।

यहाँ तक ​​कि अगर आप एक ऐसे देश में पले-बढ़े हैं जहां मलेरिया होना आम बात है, तब भी आपको जोखिम वाले क्षेत्र में पहुँच कर खुद को संक्रमण से बचाने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।

कोई भी मलेरिया से पूरी तरह प्रतिरक्षित नहीं है, और जोखिम वाले क्षेत्र से बाहर निकलते समय आपकी मौजूदा प्राकृतिक सुरक्षा का कोई भी स्तर जल्दी से खो जाता है।

मच्छर के काटने से बचाव

मच्छर के काटने से पूरी तरह से बचना संभव नहीं है, लेकिन मच्छर आपको जितना कम काटेंगे, आपको मलेरिया होने की संभावना उतनी ही कम होगी।

मच्छर के काटने से बचने के लिए:

  • किसी ऐसी जगह पर ठहरें जहाँ एयर कंडीशनिंग हो और दरवाजे और खिड़कियों पर प्रभावी स्क्रीनिंग हो। यदि यह संभव नहीं है, तो सुनिश्चित करें कि दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद हों।
  • यदि आप एक वातानुकूलित कमरे में नहीं सो रहे हैं, तो एक चुस्त मच्छरदानी में सोएं जिसमें कीटनाशक लगे हों।
  • अपनी त्वचा पर और सोने की जगह में कीट विकर्षक का इस्तेमाल करें। इसे बार-बार लगाते रहें । सबसे प्रभावी रिपेलेंट्स में डायथाइलटोलुमाइड (डीईईटी) होते हैं और यह स्प्रे, रोल-ऑन, स्टिक्स और क्रीम में उपलब्ध हैं।
  • शॉर्ट्स के बजाय हल्के, ढीले-ढाले ट्राउज़र पहनें और लंबी आस्तीन वाली शर्ट पहनें। यह विशेष रूप से शाम की शुरुआत में और रात के दौरान महत्वपूर्ण है, जब मच्छर भोजन करना पसंद करते हैं।

ऐसा सुझाव देने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि होम्योपैथिक उपचार, इलेक्ट्रॉनिक बज़र्स, विटामिन बी 1 या बी 12, लहसुन, खमीर निकालने के प्रसार (जैसे मर्माइट), चाय के पेड़ के तेल या स्नान के तेल मच्छरों के काटने से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

एंटीमलेरियल गोलियां

अभी तक ऐसी कोई वैक्सीन नहीं आयी है जो मलेरिया से सुरक्षा प्रदान करती हो, इसलिए रोग होने की संभावना को कम करने के लिए एंटीमलेरियल दवा लेना बहुत महत्वपूर्ण है।

हालांकि, एंटीमलेरियल्स आपके संक्रमण के जोखिम को लगभग केवल 90% तक कम करता है, इसलिए मच्छर के काटने से बचने के लिए कदम उठाना भी बहुत महत्वपूर्ण है।

जब एंटीमलेरियल दवा ले रहे हों तब:

  • सुनिश्चित करें कि आपके जाने से पहले आपको सही एंटीमलेरियल गोलियां मिलें - यदि आप अनिश्चित हैं तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संपर्क करें
  • अपनी गोलियों के साथ मिले निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें
  • आप जिस प्रकार की गोलियां ले रहे हैं उसके आधार पर, बीमारी के रोगोद्भवन काल को कवर करने के लिए अपनी यात्रा से लौटने के बाद चार सप्ताह तक अपनी गोलियाँ लेना जारी रखें

अपने चिकित्सक से जांच कर यह सुनिश्चित लें कि आपको एक ऐसी दवा निर्धारित की गयी है जिसे आप बर्दाश्त कर सकते हैं।आपको दुष्प्रभाव का अधिक खतरा हो सकता है यदि आपको:

  • एचआईवी या एड्स है
  • मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे आते हैं
  • अवसाद है या ऐसी ही कोई और मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी है
  • दिल, लिवर या किडनी की समस्या है
  • रक्त के थक्कों को रोकने के लिए कोई दवाई ले रहे हैं, जैसे कि वारफारिन
  • गर्भनिरोधक गोली या गर्भनिरोधक पैच जैसे संयुक्त हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग कर रहे हैं

यदि आपने अतीत में एंटीमलेरियल दवा ली है, तो यह मान कर न चलें कि यह भविष्य की यात्राओं के लिए भी उपयुक्त है। आपको कौन से एंटीमलेरियल की आवश्यकता होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि मच्छर में मलेरिया का कौन सा स्ट्रेन है और क्या वे कुछ प्रकार की एंटीमलेरियल दवा के प्रतिरोधी हैं।

यूके में, क्लोरोक्वीन और प्रोगुवानील को स्थानीय फार्मेसियों में काउंटर से खरीदा जा सकता है। हालांकि, आपको इसे खरीदने से पहले चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए क्योंकि आजकल इनकी शायद ही कभी सिफारिश की जाती है। अन्य सभी एंटीमलेरियल गोलियों के लिए, आपको अपने डॉक्टर से एक प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता होगी।

एंटीमलेरियल दवा के बारे में और पढ़ें, जिसमें उनके मुख्य प्रकार और उन्हें कब लेना है शामिल हैं।

तुरंत डॉक्टर की सलाह लें

यदि आप ऐसी जगह पर गए हैं जहाँ मलेरिया पाया जाता है और आप यात्रा के दौरान या यात्रा से लौटने के बाद बीमार हो जाते हैं तो आपको तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए फिर भले ही आप एंटीमलेरियल गोलियां ले रहे हैं।

मलेरिया बहुत जल्दी बिगड़ सकता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इसका जल्द से जल्द निदान और इलाज किया जाए।

यदि एंटीमलेरियल का उपयोग करने के बावजूद भी आपको यात्रा के दौरान या फिर यात्रा से लौट कर कुछ दिनों या हफ़्तों में मलेरिया के लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर को उस एंटीमलेरियल दवा का नाम बताना न भूलें जो आप ले रहे हैं। एक ही प्रकार की एंटीमलेरियल दवा आपको इलाज करने के लिए नहीं दी जानी चाहिए।

यदि आपमें घर लौटने के बाद कुछ लक्षण विकसित होते हैं, तो अपने डॉक्टर या अस्पताल के डॉक्टर से मिलें और उन्हें बताएं कि आपने पिछले 12 महीनों में किन देशों में यात्रा की है, जिनमें कोई भी छोटा रास्ते का ठहराव भी हो सकता है।

मलेरिया की जटिलताएं

मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जिसका निदान और इलाज जल्दी न किया जाए तो घातक हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से खतरा होता है।

प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी मलेरिया के सबसे गंभीर लक्षण और सबसे अधिक मौत का कारण होता है।

चूंकि मलेरिया की गंभीर जटिलताएं शुरूआती लक्षणों के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर हो सकती हैं, इसलिए जल्द से जल्द तत्काल चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है।

खून की कमी

मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं जिससे गंभीर एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जहां लाल रक्त कोशिकाएं शरीर की मांसपेशियों और अंगों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पाती हैं, जिससे आप सुस्ती, कमजोरी और बेहोशी महसूस करते हैं।

सेरेब्रल मलेरिया

दुर्लभ मामलों में, मलेरिया मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है। इसे सेरेब्रल मलेरिया कहते हैं, जो आपके मस्तिष्क में सूजन पैदा कर सकता है, कभी-कभी मस्तिष्क की स्थायी क्षति भी हो जाती है। यह फिट्स (बरामदगी) या कोमा का कारण भी बन सकता है।

अन्य जटिलताएँ

गंभीर मलेरिया के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली अन्य जटिलताओं में शामिल हैं:

  • यकृत की विफलता और पीलिया - त्वचा का पीला होना और आँखों का सफेद होना
  • झटका - रक्तचाप में अचानक गिरावट
  • फुफ्फुसीय एडिमा - फेफड़ों में तरल पदार्थ का निर्माण
  • तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम (ARDS)
  • असामान्य रूप से निम्न रक्त शर्करा - हाइपोग्लाइकेमिया
  • गुर्दे की विफलता
  • प्लीहा की सूजन और टूटना
  • निर्जलीकरण

गर्भावस्था में मलेरिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिश है कि गर्भवती महिलाओं को उन क्षेत्रों की यात्रा करने से बचना चाहिए जहाँ मलेरिया का खतरा है।

यदि आपको गर्भवती होने के दौरान मलेरिया हो जाता है, तो आपको और आपके बच्चे को गंभीर जटिलतायें होने का खतरा होता है, जैसे:

  • समय से पहले जन्म - गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले जन्म
  • जन्म के समय कम वजन
  • गर्भ में बच्चे का विकास सीमित
  • स्टीलबर्थ
  • गर्भपात
  • माता की मृत्यु

यदि आप गर्भवती हैं और उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में यात्रा कर रही हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें। वे एंटीमलेरियल दवा लेने की सलाह दे सकते हैं।

गर्भवती होने पर एंटीमलेरियल्स लेने के बारे में और पढ़ें।

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