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गुर्दे(किडनी) की बीमारी के लिए जाँच किसे करानी चाहिए?

विशेषज्ञों को यह आशंका है कि इस दुनिया में करोड़ों लोग मध्यम स्तर से लेकर गंभीर स्तर की गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन उन लोगों को इस बात का पता ही नहीं। आप डॉक्टर के पास जाकर इस बात की जाँच करने के लिए एक सरल और तुरंत पता लगाने वाला जाँच करा सकते हैं।

गुर्दे की बीमारी, जब तक गंभीर स्थिति में नहीं पहुँच जाती, तब तक इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।

नेशनल किडनी फेडरेशन (NKF) के मुख्य कार्यकारी टिमोथी स्टैथम का कहना है कि “बेहद गंभीर गुर्दे का रोग होने के बावजूद आप स्वस्थ महसूस कर सकते हैं।” आपकी किडनी खराब हो रही है, इसका पता आपको काफी लंबे समय तक नही चलता। अमूमन ऐसा माना जाता है कि किसी शख्स को इसकी जानकारी तब ही लग पाती है, जब किडनी अपनी क्षमता का महज 15 फीसदी ही काम करना न शुरू कर दे।

हालांकि गुर्दे की बीमारी का कोई संकेत नहीं दिखाई देता लेकिन डॉक्टर के लिए यह पता लगाना बहुत आसान है। खून और पेशाब की एक साधारण जाँच से(पेशाब में प्रोटीन की मात्रा की जाँच) यह पता चल जाता है कि आपके गुर्दे सही काम कर रहे हैं या नहीं।

गुर्दे की जाँच क्यों आवश्यक है?

यदि आपको गुर्दे की बीमारी होने का खतरा है तो डॉक्टर आपको बता सकते हैं कि आपको अपना परीक्षण कब-कब कराना चाहिए। यदि आप को गुर्दे की बीमारी है तो यह उचित होगा कि इस बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में ही इसकी जाँच की जाए।

यह इसलिए भी आवश्यक है:

  • गुर्दे के रोग की शुरुआती और इसके मध्य चरण तक पहुंचने पर, अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर और दवाइयों का प्रयोग करके आप अपने गुर्दे में होने वाली ख़ामियों को रोक सकते हैं। इन सब की मदद से गुर्दे की डायलिसिस(kidney dialysis) या गुर्दे को बदलने(kidney transplant) की आवश्यकता को टाला जा सकता है।
  • गुर्दे के रोग की प्राथमिक स्तर पर ही पहचान हो जाने पर पर डायलिसिस(dialysis) और प्रत्यारोपण करने की सफलता दर बढ़ जाती है।
  • गुर्दे के रोग की प्राथमिक स्तर पर ही पहचान हो जाने और इलाज करने से दिल की बीमारी होने की संभावना भी कम की जा सकती है।
  • गुर्दे की बीमारी एक आम समस्या है और ये अधिक से अधिक लोगों को प्रभावित कर रही है।
  • इस बीमारी के कारण गुर्दे का अचानक से खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, गुर्दे के अचानक से फेल होने से तुरंत ही इनका काम करना बंद हो जाता है।

यह जाँच किसे करानी चाहिए?

यदि आपको उच्च रक्तचाप(हाई ब्लडप्रेशर) या मधुमेह(डायबीटिज) है या आप के परिवार में किसी को यह बीमारी है तो आप में इस रोग के होने की आशंका बढ़ जाती है।

आपकी आयु बढ़ने के साथ ही आपको गुर्दे की बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। यदि आप पुरूष हैं और आप दक्षिण एशिया के निवासी हैं तो आपको इस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है।

यदि आप दक्षिण एशिया के निवासी हैं तो गुर्दे की जाँच के विषय में और पढ़ें।

यदि आपको निम्नलिखित समस्याओं में से कोई एक है तो अपने डॉक्टर से गुर्दे की जाँच के लिए संपर्क करें:

  • मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • पेशाब में बिना किसी कारण के रक्त या प्रोटीन होना।
  • हृदय संबंधी बीमारी(जो आपके हृदय, धमनियों या शिराओं से संबंधित है जैसे कि हृदय में रक्त का प्रभाव कम होना या हृदयाघात होना)
  • हृदय का काम न करना
  • गुर्दे में पथरी
  • बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रन्थि
  • निकट संबंधी यदि गुर्दे के रोग से पीड़ित हों

यदि आपको ऐसी दवाइयाँ दी जा रही हैं जो गुर्दे की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं, जैसे कि लिथियम युक्त या सूजन रोकने वाली बिना स्टेरॉयड वाली दवाइयाँ जैसे कि आइबुप्रोफेन (ibuprofen)

गुर्दे के लक्षण जिन पर ध्यान देना चाहिए

यदि आपको गुर्दे से संबंधित कोई परेशानी है तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और गुर्दे की जांच करानी चाहिए। जिसमें निम्नलिखित परेशानियां सम्मिलित हैं:

  • साधारण अवस्था से अधिक या कम मात्रा में पेशाब आना
  • अधिक थकान का अनुभव करना
  • भूख न लगना
  • साँस लेने में परेशानी(साँस का फूलना)
  • कुछ दिनों से अधिक बीमार महसूस करना
सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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