पथरी

पथरी

पथरी एक अथवा दोनों गुर्दों में उत्पन्न हो सकती है और अधिकांश यह 30 से 60 वर्ष की आयु के बीच के व्यक्तियों को प्रभावित करती है।

20 पुरुषों में से लगभग 3 और 20 महिलाओं में से लगभग 2 में जीवन के किसी भी पड़ाव पर पथरी का उत्पन्न होना आम बात है।

पथरी का चिकित्सीय नाम नेफ्रोलिथियासिस है, और यदि वे अत्याधिक दर्द उत्पन्न करते हैं तो इसे रीनल कोलिक कहते है।

पथरी के लक्षण

छोटे आकार की पथरी बिना मालूम पड़े ही समाप्त हो सकती है अथवा मूत्र में बिना दर्द किए निकल सकती है। परन्तु, किसी पथरी द्वारा मूत्रीय प्रणाली के किसी भाग को ब्लॉक किया जाना अत्यंत कॉमन होता है, जैसे की :

  • मूत्रवाहिनी (यूरेटर) – गुर्दे को ब्लेडर से जोड़ती ट्यूब
  • मूत्रमार्ग (यूरेथरा) – शरीर से मूत्र बाहर निकालने का ट्यूब-मार्ग

कोई रुकावट पेट अथवा पेड़ू-जांघ जोड़ में अत्यधिक दर्द उत्पन्न कर सकती है और कभी-कभी मूत्र-मार्ग का संक्रमण (UTI) उत्पन्न करती है।

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पथरी किससे उत्पन्न होती है?

कभी-कभी रक्त में बेकाम उत्पादों से बने क्रिस्टल गुर्दे के भीतर एकत्रित हो जाते हैं। समय बीतने के साथ, ये क्रिस्टल एकत्रित होकर एक ठोस पत्थर जैसा ढेला बना देते है।

यदि आप पर्याप्त मात्रा में द्रव नहीं पीते, यदि आप कोई औषधियाँ ले रहे हैं अथवा कोई चिकित्सीय स्थिति आपके मूत्र में कुछ विषष्ट पदार्थों का स्तर बड़ा देती है, तो पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

पथरी के कारण के बारे में अधिक अध्ययन करे।

पथरी के बनने के पश्चात, जब आप टॉयलेट जाते हैं तो आपका शरीर इसे मूत्र में बाहर निकालने का प्रयास करता है। इसका अर्थ है कि यह अक्सर मूत्रीय प्रणाली (गुर्दे, गुर्दे की नलियाँ और ब्लेडर) के माध्यम से आगे बढ़ता है।

पथरी का उपचार और रोकथाम

अधिकांश पथरी मूत्र में से निकलने के लायक पर्याप्त रूप से छोटी होती हैं, और घर पर ही औषधियों से इसके लक्षण दूर करना संभव हो सकता है।

बड़ी पथरियों को अल्ट्रासाउंड अथवा लेज़र ऊर्जा से तोड़ने की आवश्यकता हो सकती है। कभी-कभी, अत्यंत बड़ी पथरियों को हटाने के लिए की-होल शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है।

पथरी का उपचार के बारे में अधिक अध्ययन करे।

ऐसा अनुमान है कि जिन व्यक्तियों को पथरी हो जाती है, पाँच वर्षों के भीतर उन्हें पुन: हो जाती है।

पथरी से बचने के लिए, यह सुनिश्चित करें कि आप प्रति दिन अत्यधिक पानी पीते हैं ताकि आप डीहाइडट्रेट्ड़ न हो जायें। बेकाम उत्पादों को पथरी बनने से रोकने के लिए यह आवश्यक है कि आप अपना मूत्र पतला (साफ) रखें।

पथरी की रोकथाम के बारे में अधिक अध्ययन करे।

लक्षण

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अत्यंत छोटी पथरी से लक्षण उत्पन्न होने की संभावना नहीं होती है। यह बिना मालूम पड़े और मूत्र करते समय बिना दर्द के निकल सकती है।

अक्सर लक्षण तब उत्पन्न होते हैं जब पथरी :

  • आपके गुर्दे में फंस जाती है
  • मूत्रवाहिनी (गुर्दे और ब्लेडर को जोड़ने वाली ट्यूब) में नीचे की ओर जाने लगती है – मूत्रवाहिनी तंग होती है और पथरी निकलते समय दर्द उत्पन्न कर सकती है
  • संक्रमण उत्पन्न करती है

इन मामलों में, पथरी के लक्षणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • पीठ में नीचे की ओर अनवरत दर्द, जो कभी-कभी पेड़ू-जांघ जोड़ में भी महसूस की जाती है – पुरुषों को उनके अंडकोषों और वीर्यकोष में भी दर्द हो सकती है
  • पीठ अथवा आपके पेट की साइड अथवा कभी-कभी आपके पेड़ू-जांघ जोड़ में अत्याधिक दर्द की अवधि कुछ मिनट से घंटों तक की हो सकती है
  • बेचैनी महसूस करना और स्थिर लेटने में असमर्थता
  • मिचली (अस्वस्थ महसूस करना)
  • सामान्य से अधिक बार मूत्र करने की आवश्यकता होना
  • मूत्र करते समय दर्द होना (डाईसुरिया)
  • आपके मूत्र में रक्त (हेमातुरिया) – यह पथरी द्वारा गुर्दे अथवा मूत्रवाहिनी में खरोंच लगने से हो सकता है

ब्लॉक की गई मूत्रवाहिनी और गुर्दा संक्रमण

मूत्रवाहिनी को ब्लॉक करने वाली पथरी से गुर्दे का संक्रमण हो सकता है। क्योंकि, बेकाम उत्पाद उत्पन्न हुई ब्लॉकेज के पार नहीं जा पाते और जिस कारण जीवाणुओं का एकत्रीकरण हो सकता है।

गुर्दा संक्रमण के लक्षण पथरी के लक्षणों जैसे ही होते हैं, परन्तु इनमें निम्न भी सम्मिलित हो सकते हैं :

  • 38से. (100.4फे.) अथवा अधिक का उच्च ताप (ज्वर)
  • ठंड लगना और कंपकंपी होना
  • अत्यंत कमजोर अथवा थका-थका महसूस करना
  • दस्त
  • धुंधला और और बदबूदार मूत्र

गुर्दा संक्रमण के बारे में अधिक अध्ययन करे।

कारण

आम तौर पर शरीर में कुछ विशिष्ट रसायनों के एकत्रीकरण के कारण पथरी बनती है।

यह एकत्रीकरण निम्न में से किसी प्रकार का भी हो सकता है :

  • कैल्सियम
  • अमोनिया
  • यूरिक एसिड – बेकाम उत्पाद जिसकी उत्पत्ति शरीर द्वारा आहार को तोड़ कर उसे ऊर्जा बनाने के समय होती है
  • सिस्टीन – एक एमिनो एसिड जो प्रोटीन बनाने में सहायता करता है

आपके मूत्र में कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ इन पदार्थों का असामान्य रूप से ऊंचा स्तर बना सकती हैं

यदि आप पर्याप्त द्रव नहीं पीते तो आपके शरीर में पथरी बनने की अत्यधिक संभावना होती है।

बार-बार होने वाली पथरी

कुछ व्यक्तियों में विशेष रूप से पथरी विकसित होने की प्रवृत्ति होती है, जैसे की यदि :

  • वे उच्च-प्रोटीन और निम्न-फाइबर आहार खाते हैं
  • वे अक्रियशील अथवा बिस्तर पर हैं
  • उनका पथरी का पारिवारिक इतिहास है
  • उन्हें कई गुर्दा अथवा मूत्रीय संक्रमण हो चुके हैं
  • उन्हें पहले पथरी हो चुकी है, विशेषत: 25 वर्ष की आयु से पूर्व
  • उनका केवल एक पूर्ण कार्यशील गुर्दा है
  • उनकी आंतड़ियों का बाई-पास हुआ है (पाचन तंत्र पर शल्य-चिकित्सा), अथवा छोटी आंतड़ी को प्रभावित करता कोई रोग, जैसे की क्रोन’स रोग

औषधियाँ

इसका साक्ष्य उपलब्ध है कि कुछ विशिष्ट औषधियाँ बार-बार होने वाली पथरी उत्पन्न होने के जोखिम को बढ़ा देती है। इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • एस्पेरिन
  • एंटेसिड्स
  • डियूरेटिक्स (द्रव एकत्रीकरण को कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है)
  • विशिष्ट एंटीबायोटिक्स
  • विशिष्ट एंटीरिट्रोविराल औषधियाँ (HIV का उपचार करने के लिए प्रयोग किया जाता है)
  • विशिष्ट एंटीएपिलेप्टिक औषधियाँ

पथरी की प्रकारें

पथरी विकसित होने के कई कारण हैं। पथरी की चार मुख्य प्रकारों के कारण निम्न दिये गए हैं।

कैल्सियम पथरी

कैल्सियम पथरी अत्यंत आम प्रकार की पथरी है और मूत्र में अत्यधिक कैल्सियम होने के कारण बनती है। यह निम्न कारणों से हो सकता हैं :

  • हाइपरकैल्कुरिया नामक विरासत में मिला रोग जो मूत्र में कैल्सियम की अत्याधिक मात्रा उत्पन्न कर सकता है
  • एक अति-सक्रिय पैराथाइरॉइड ग्रंथि (पैराथाइरॉइड ग्रंथियां आपके शरीर में कैल्सियम की मात्रा नियमित करने में सहायता करती हैं)
  • गुर्दे का रोग
  • सारकॉइडोसिस नामक दुर्लभ रोग
  • कुछ कैंसर

आम तौर पर कैल्सियम पथरी बड़ी व चिकनी अथवा नुकीली व खुरदरी होती हैं।

स्‍ट्रूवाइट पथरी

अक्सर स्‍ट्रूवाइट पथरी संक्रमणों के कारण उत्पन्न होती है, और अधिकतर वह दीर्घ-कालिक मूत्र-मार्ग का संक्रमण के बाद उत्पन्न होती है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में स्ट्रूtवाइट पथरी अधिक कॉमन होती है।

यूरिक एसिड पथरी

मूत्र में एसिड की अत्यधिक मात्रा होने से यूरिक एसिड पथरी बनती है। यह निम्न कारणों से हो सकता है :

  • मीट की अत्यधिक मात्रा युक्त उच्च-प्रोटीन आहार खाना
  • गठिया जैसा एक रोग जो शरीर को विशिष्ट रसायनों को तोड़ने से रोकता है
  • विरासत में प्राप्त रोग जो शरीर में सामान्य स्तरों से अधिक एसिड उत्पन्न करता है
  • कीमोथेरेपी

सिस्टीन पथरी

सिस्टीन पथरी अत्यंत दुर्लभ प्रकार की पथरी है। यह विरासत में प्राप्त सिस्टीनुरिया नामक रोग से बनती है जो आपके मूत्र से निकले एसिड की मात्रा को प्रभावित करता है।

रोग-निदान

आम तौर पर आपके डॉक्टर आपके लक्षणों और चिकित्सीय इतिहास के आधार पर गुर्दे की पथरी का रोग-निदान करते हैं।

यदि आपको पहले कभी गुर्दे की पथरी हुई हो, तो यह विशेष रूप से सरल हो जाता है।

निम्न सहित आपके कुछ अन्य परीक्षण किए जाते हैं :

  • संक्रमण और पथरी के टुकड़ों की जांच हेतु मूत्र परीक्षण
  • ऐसी किसी पथरी की जांच जो आपके मूत्र से निकली हो
  • रक्त जांच ताकि गुर्दो की ठीक कार्यशीलता और कैल्सियम गुर्दे की पथरी उत्पन्न करने वाले पदार्थो का स्तर चैक किया जा सके।

किसी पट्टी अथवा मोजे के माध्यम से मूत्र करके आप पथरी का टुकड़ा एकत्रित कर सकते है।

पथरी की जांच करने से रोग-निदान करना अधिक सरल हो जाता है, और यह आपके GP को आपके लिए अति लाभकारी उपचार विधि निर्धारण करने में भी सहायता प्रदान करती है।

यदि आपको बहुत अधिक दर्द हो रहा है और दर्दनिवारक गोलियों से नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, अथवा यदि आपको दोनों उच्च-ताप और दर्द है, तो आपको किसी मूत्रविज्ञानी (यूरोलोजिस्ट) (एक मूत्रीय समस्याओं का उपचार करने वाला विशेषज्ञ) के पास रेफ़र किया जा सकता है।

इमेजिंग परीक्षण

यदि एक इमेजिंग परीक्षण के लिए आपको किसी हॉस्पिटल में रेफ़र किया जाता है, तो कई भिन्न तकनीकों का प्रयोग किया जा सकता है। इमेजिंग परीक्षण से रोग-निदान की पुष्टि अथवा पथरी की सटीक लोकेशन निर्धारण करने में सहायता मिलती है।

इन परीक्षणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • एक कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT) स्कैन – जिसमें थोड़े से भिन्न कौण पर एक्स-रे इमेज की शृंखला ली जाती है और इन इमेजों को एकत्र करने के लिए कम्प्युटर का प्रयोग किया जाता है
  • एक्स-रे – एक इमेजिंग तकनीक जो शारीरिक मांस-तन्तु में अनियमितताओं को चिन्हांकित करने के लिए उच्च-ऊर्जा रेडिएशन का प्रयोग करती है
  • एक अल्ट्रासाउंड स्कैन – आपके शरीर के अंदर की इमेज बनाने के लिए उच्च-फ्रीक्वन्सी ध्वनि तरंगों का प्रयोग करता है
  • एक इन्ट्रावेनस यूरोग्राम (IVU) अथवा इन्ट्रावेनस पाइलोग्राम (IVP) – एक्स-रे पर दिखने वाला एक रंग आपकी बाजू की नस में इंजेक्ट किया जाता है; एक्स-रे इमेज ब्लोकेज चिन्हांकित करती है और गुर्दे आपके रक्त में से रंग निकाल कर मूत्र में डालते हैं

आजकल, अक्सर CT स्कैन को प्रयोग किया जाता है क्योंकि वे अधिक सही माने जाते है (इमेजिंग के लिए पहले IVUs को वरीयता दी जाती थी)। आपके द्वारा प्रयोग की जा रही इमेजिंग तकनीक आपके हॉस्पिटल में उपलब्ध इमेजिंग तकनीको पर निर्भर हो सकती है।

उपचार

आपके मूत्र में से निकलने लायक अधिकांश पथरी छोटी होती हैं (व्यास में 4मि.मी. से कम) जिसका संभवत: घर में ही उपचार किया जा सकता है।

परन्तु छोटी पथरी भी दर्दनाक हो सकती है, हालांकि यह केवल कुछ दिन ही रहती है और पथरी निकल जाने के बाद दर्द गायब हो जाती है।

औषधियाँ

यदि आपको अत्यधिक दर्द हो रहा है, तो आपके डॉक्टर आपको दर्दनिवारक इंजेक्शन दे सकते हैं। यदि दर्द चालू रहता है तो आधे घंटे बाद एक दूसरी खुराक दी जा सकती है।

मिचली (अस्वस्थ महसूस करना) और उल्टी के लक्षणों के उपचार के लिए भी औषधियाँ इंजेक्ट की जा सकती हैं। इसे एंटी-एमेटिक (एंटी-सिकनेस्स) औषधियाँ कहते हैं।

घर ले जाने के लिए आपको दर्दनिवारक, एंटी-एमेटिक्स, का नुस्खा दिया जा सकता है।

स्व-देखभाल

जब आप टॉयलेट जायें तो आपको पथरी निकलने तक प्रतीक्षा करने के लिए और इसे अपने मूत्र में से एकत्रित करने के लिए कहा जा सकता है। आप मूत्र को किसी पट्टी अथवा मोजे से फ़िल्टर करके ऐसा कर सकते है।

अपने डॉक्टर को यह पथरी दें ताकि वे इसकी जांच करवा सके और किसी आगे के उपचार, यदि आवश्यकता हो, में यह काम आ सके।

अपने मूत्र को बेरंग बनाने के लिए आपको पर्याप्त पानी पीना चाहिए। यदि आपका मूत्र पीला अथवा भूरा है, तो इसका अर्थ है कि आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं।

हॉस्पिटल में भर्ती

यदि आपकी पथरी आपकी मूत्रवाहिनी (गुर्दे से ब्लेडर तक बेकार उत्पादों को ले जाने वाली ट्यूब) में चली गई है, और अत्यधिक दर्द उत्पन्न कर रही है, तो उपचार के लिए आपके डॉक्टर आपको हॉस्पिटल में भर्ती कर सकते हैं।

निम्न मामलों में यह आवश्यक हो सकता है :

  • यदि आपको गुर्दों के खराब होने का खतरा हो (उदाहरण के तौर पर, क्योंकि आपका केवल एक गुर्दा है)
  • दर्दनिवारक अथवा एंटी-सिकनेस्स औषधियाँ देने के एक घंटे बाद भी आपके लक्षणों में सुधार नहीं हो रहा है
  • आप डीहाड्ड्रेट्ड़ हैं और द्रव को नीचा रखने के लिए अत्याधिक उल्टियाँ कर रहे हैं
  • आप गर्भवती है
  • आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक है

बड़ी पथरी का उपचार

यदि पथरी अत्यंत बड़ी है और प्राकृतिक रूप से नहीं निकल पायेगी – व्यास में 6-7 मि.मी. (लगभग 0.23 से 0.27 इंच) अथवा बड़ी – आपको किसी अन्य विधि से इसे हटावाने के लिए उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

इनमें निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

  • एक्स्ट्राकोर्पोरियल शोक वेव लिथोट्रिपसी (ESWL)
  • यूरेट्रोस्कोपी
  • परकुटेनियस नेफ़्रोलिथोटोमी (PCNL)
  • ओपन सर्जरी

इन ऑपरेशनों का विस्तार से नीचे वर्णन किया गया है। आपके उपचार की प्रकार आपकी पथरी के आकार और लोकेशन पर निर्भर करती है।

एक्स्ट्राकोर्पोरियल शोक वेव लिथोट्रिपसी (ESWL)

पथरी जो मूत्र में से नहीं निकाल सकती, उसके उपचार के लिए ESWL अत्यंत कॉमन तरीका है।

इसमें पथरी के लोकेशन चिन्हित करने के लिए अल्ट्रासाउंड (उच्च-फ्रीक्वन्सी ध्वनि तरंगों) का प्रयोग होता है। तत्पश्चात एक मशीन से पथरी तक उसे छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए अल्ट्रासाउंड शोक वेव भेजी जाती हैं, ताकि आपकी पथरी मूत्र के रास्ते बाहर निकल सके।

ESWL एक असहज प्रकार का उपचार हो सकता है, अत: आम तौर पर इसे दर्दनिवारक औषधियाँ देने के बाद ही किया जाता है।

अपनी पथरी का सफलतापूर्वक उपचार करने के लिए आपको एक से अधिक ESWL सत्रों की आवश्यकता हो सकती है। व्यास में 20मि.मी. (0.8इंच) व्यास तक की पथरी के लिए ESWL की 99% प्रभावकारिता है।

यूरेट्रोस्कोपी

यदि कोई पथरी मूत्रवाहिनी में फंस गई है तो आपको एक यूरेट्रोस्कोपी करवाने की आवश्यकता हो सकती है, जिसे कभी-कभी रिट्रोग्रेड इंटरारिनाल सर्जरी (RIRS) कहते है।

इसमें आपके मूत्रमार्ग (ट्यूब जिसमें से मूत्र शरीर के बाहर जाता है) से आपके ब्लेडर में एक यूरेट्रोस्कोप नामक लंबा, पतला टेलीस्कोप डाला जाता है। फिर यह मूत्रवाहिनी में पथरी के फंसे होने के स्थान तक ले जाया जाता है।

शल्य-चिकित्सक एक अन्य उपकरण के प्रयोग से पथरी को धीरे से हटाने का प्रयास कर सकते हैं, अथवा इसे छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए लेज़र ऊर्जा का प्रयोग कर सकते हैं ताकि इसे आपके मूत्र से प्राकृतिक रूप से निकाला जा सके।

यूरेट्रोस्कोपी को जनरल एनेस्थेटिक (जहां आप बेहोश होते है) के प्रभाव में किया जाता है, अत: आपको ऑपरेशन के 48 घंटे बाद तक ड्राइव अथवा कोई मशीन नहीं चलानी चाहिए।

15मि.मी. (0.6इंच) व्यास तक की पथरी के आकार के लिए यूरेट्रोस्कोपी को 50-80% मामलों में प्रभावकारी माना जाता है।

अस्थायी तौर पर एक स्टेंट नामक प्लास्टिक ट्यूब को आपके अंदर डाला जा सकता है ताकि पथरी टूट कर ब्लेडर में बह जाए।

परकुटेनियस नेफ़्रोलिथोटोमी (PCNL)

PCNL एक वैकल्पिक ऑपरेशन है जो बड़ी पथरियों के लिए प्रयोग किया जा सकता है। यदि ESWL उपयुक्त न हो, तो भी इसका प्रयोग किया जा सकता है – उदाहरण के तौर पर, क्योंकि जिस व्यक्ति का उपचार हो रहा है वह मोटा है।

PCNL में एक नेफ़रोस्कोप नामक टेलीस्कोपिक उपकरण का प्रयोग किया जाता है। आपकी पीठ में एक छोटा चीरा लगाया जाता है और नेफ़रोस्कोप को इसमें से आपके गुर्दे में डाला जाता है। पथरी को बाहर खींच लिया जाता है अथवा लेज़र अथवा न्यूमैटिक ऊर्जा का प्रयोग करके छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है।

सदैव PCNL जनरल एनेस्थेटिक के प्रभाव में किया जाता है, अत: आपको ऑपरेशन के 48 घंटे बाद तक ड्राइव अथवा कोई मशीन नहीं चलानी चाहिए ।

21-30मि.मी. (0.8-1.2इंच) व्यास तक की पथरी के आकार के लिए PCNL को 86% मामलों में प्रभावकारी माना जाता है।

ओपन सर्जरी

आजकल, पथरी के लिए ओपन सर्जरी दुर्लभ है (1% से कम मामलों में इस प्रकार की शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता होती है)। आम तौर पर इसे तभी प्रयोग किया जाता है जब कोई अत्यंत बड़ी पथरी हो अथवा असामान्य चीरफाड़ हो।

ओपन सर्जरी के दौरान, आपकी पीठ में एक छोटा चीरा लगाया जाता है ताकि आपका शल्य-चिकित्सक आपकी मूत्रवाहिनी और गुर्दे तक पहुँच सके। फिर, पथरी हटाई जा सकती है।

यूरिक एसिड पथरी का उपचार

यदि आपमें यूरिक एसिड पथरी है, तो इसे घोलने का प्रयास करने हेतु आपको प्रति दिन लगभग तीन लीटर पानी (पाँच पिंट से थोड़ा अधिक) पीने का परामर्श दिया जा सकता है।

यूरिक एसिड पथरी अन्य पथरियों की प्रकारों से अधिक कोमल होती हैं, और क्षारीय तरल पदार्थों के संपर्क में लाने से उन्हें छोटा बनाया जा सकता है।

आपको कुछ औषधियाँ लेने की आवश्यकता हो सकती है ताकि यूरिक एसिड पथरी का घुलना आरंभ होने से पहले आपके मूत्र को अधिक क्षारीय बनाया जा सके।

उपचारों की जटिलताएँ

बड़ी पथरी के उपचार के पश्चात जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। आपके शल्य-चिकित्सक को ऑपरेशन करने से पूर्व यह सब स्पष्ट कर देना चाहिए।

संभावित जटिलताएँ आपके द्वारा लिए गए ऑपरेशन की प्रकार, पथरी के आकार और लोकेशन पर निर्भर करता है। जटिलताओं में निम्न सम्मिलित हो सकता है :

  • सेप्सिस – एक संक्रमण जो रक्त के माध्यम से फैलता है और पूरे शरीर में लक्षण उत्पन्न करता है
  • एक ब्लॉक की हुई मूत्रवाहिनी – पथरी के टुकड़ों से उत्पन्न होती है; मूत्रवाहिनी वह ट्यूब है जो गुर्दे को ब्लेडर से जोड़ती है
  • मूत्रवाहिनी में चोट
  • मूत्र-मार्ग का संक्रमण
  • शल्य-चिकित्सा के दौरान रक्त स्त्राव
  • दर्द

ऐसा अनुमानित है कि 5-9% व्यक्तियों को यूरेट्रोस्कोपी ऑपरेशन के पश्चात जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

रोकथाम

पथरी की रोकथाम का सबसे अच्छा उपाय प्रति दिन अत्यधिक पानी पीना सुनिश्चित करना है ताकि आप डीहाइट्रेट्ड़ न हो जाएँ।

अपने मूत्र को पतला रखना भी बेकार उत्पादों का गाड़ा होने और पथरी बनने से रोकने में सहायता कर सकता है।

अपने मूत्र के रंग को देख कर आप बता सकते है कि आपका मूत्र कितना पतला है। आपका मूत्र जितना गहरे रंग का होगा, वह उतना ही अधिक गाड़ा होगा।

आम तौर पर सुबह के समय आपका मूत्र गाड़ा पीले रंग का होता है क्योंकि इसमें आपके शरीर में पिछली रात के दौरान उत्पन्न बेकार उत्पादों का एकत्रीकरण होता है।

चाय, कॉफी अथवा डिब्बा-बंद फलों के रस जैसे पेय आपके द्रव ग्रहण करने की मात्रा में गिना जा सकता है परन्तु पानी सबसे स्वस्थ विकल्प है और पथरी की उत्पत्ति की रोकथाम के लिए सर्वोत्तम है।

आपको भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आप गर्मी के मौसम और व्यायाम करते समय अधिक द्रव पीए ताकि पसीने से कम हुये द्रव को पूरा किया जा सके।

डीहाइड्रेशन की रोकथाम के बारे में अधिक अध्ययन करे।

आहार

यदि अत्यधिक कैल्सियम के कारण आपकी पथरी बनी है, तो आपको अपने आहार में ओक्सलेट की मात्रा कम करने के लिए कहा जा सकता है।

ओक्सलेट आपके शरीर द्वारा कैल्सियम को निगलने से बचाता है और आपके गुर्दे में पथरी बनने के लिए एकत्र हो सकता है।

निम्न आहारों में ओक्सलेट होता है :

  • चुकंदर
  • शतावरी
  • रुबार्ब (एक प्रकार का फल)
  • चॉकलेट
  • जामुन
  • लीक
  • अजमोद
  • अजवाइन
  • बादाम, मूंगफली और काजू
  • सोया उत्पाद
  • अनाज, जैसे दलिया, गेहूं के बीज और साबुत अनाज

बिना अपने डॉक्टर की अनुशंसा के अपने आहार में कैल्सियम की मात्रा कम न करें क्योंकि हड्डियाँ और दाँतो को संभाल कर रखने के लिए कैल्सियम अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यूरिक एसिड पथरी को बनने से रोकने के लिए आपको अपने आहार में मीट, चिकन और मछ्ली की मात्रा कम करनी चाहिए। मूत्र में एसिड और क्षार के स्तर को बदलने के लिए आपको औषधियों का नुस्खा भी दिया जा सकता है।

औषधियाँ

यदि आपको पथरी है, तो आम तौर पर दर्द से राहत पाने अथवा संक्रमण के विकास को रोकने के लिए औषधियों का नुस्खा दिया जाता है।

ऐसा होने पर भी, यदि ऐसा लगे कि कोई विशिष्ट औषधि आपके गुर्दे की पथरी बना रही है तो आपके डॉक्टर द्वारा कुछ औषधियों पर पुन: विचार किया जा सकता है।

आपके द्वारा अनुशंसित औषधियाँ आपकी पथरी की प्रकार पर निर्भर करती हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपको निम्न हैं :

  • कैल्सियम पथरी – यदि वे हाइपरकैलकुरिया (एक विरासत में मिली स्थिति) से उत्पन्न हुई है तो आपको डाययूरेटिक औषधियों की अनुशंसा की जा सकती है
  • स्ट्रूtवाइट पथरी – आपको एंटीबायोटिक्स का नुस्खा दिया जा सकता है ताकि मूत्र-मार्ग का संक्रमण अथवा गुर्दा संक्रमण को रोका जा सके, जो स्‍ट्रूवाइट पथरी के मुख्य कारण होते हैं
  • यूरिक एसिड पथरी – अपने मूत्र को क्षारीय करने के लिए आपको एलोपूरीनॉल (यूरिक एसिड स्तर नीचा करने की औषधि) का नुस्खा दिया जा सकता है।
  • सिस्टीन पथरी – अपने मूत्र में सिस्टीन के स्तर को नीचा करने के लिए औषधि का नुस्खा दिया जा सकता है।
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