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स्वास्थ्य को लेकर अत्यधिक चिंता या व्यग्रता

हममें से ज्यादातर लोग समय-समय पर अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह व्याकुलता कभी दूर नहीं होती है और अपने आप में एक समस्या बन जाती है।

स्वास्थ्य के प्रति घबराहट(हाइपोकॉन्ड्रिया) आपके स्वास्थ्य के बारे में जुनूनी चिंता है, उस स्तर तक, जहां यह बड़े संकट का कारण बनती है और आपकी काम करने की क्षमता को प्रभावित करती है।

स्वास्थ्य के प्रति अनावश्यक चिंता उन लोगों में होती है जिनको कई शारीरिक लक्षण बिना किसी ख़ास कारण होते हैं, जैसे कि छाती में दर्द या सिरदर्द। भले ही डॉक्टर उन्हें आश्वासन दे रहे हों, लेकिन वे इसे गंभीर बीमारी का संकेत मानते हैं।

दूसरे लोग भी भविष्य के अपने स्वास्थ्य को लेकर स्थायी रूप से चिंतित हो सकते हैं। वे चिंतित हो सकते हैं कुछ ऐसा सोचकर कि 'अगर मुझे कैंसर या हृदय रोग हो गया, तो क्या होगा?'

इस पेज का उद्देश्य यह बताना है कि स्वास्थ्य संबंधी घबराहट क्यूँ होती है। घबराहट के चलते क्या होता है और क्या मदद ली जा सकती है।

हेल्थ एंग्जाइटी का क्या कारण है?

ऐसे कई कारण हैं कि क्यों कोई व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के बारे में बहुत ज्यादा चिंता करता है।

आप अपने जीवन के किसी विशेष तनावपूर्ण दौर से गुज़र रहे होंगे। जब आप कम उम्र के थे, तब आपके परिवार में किसी को कोई बीमारी या किसी की मृत्यु हुई हो सकती है या परिवार के किसी अन्य सदस्य को आपके स्वास्थ्य के बारे में बहुत चिंता रही हो।

आपका व्यक्तित्व एक भूमिका निभा सकता है। आप आम तौर पर बहुत परेशान रहने के कारण स्वास्थ्य के प्रति चिंता के शिकार हो सकते हैं। आपके लिए भावनाओं और संघर्ष को संभालना मुश्किल हो सकता है। समस्याओं का सामना करने पर आपके जीवन में काफी परेशानी आ सकती है ।

कभी-कभी स्वास्थ्य के प्रति घबराहट एक मानसिक बीमारी का लक्षण हो सकती है, जैसे अवसाद या घबराहट का विकार। इसे अलग से पहचानने और इलाज करने की आवश्यकता होती है। (नीचे देखें)।

क्यों अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंता एक अंतहीन समस्या है?

तनाव या व्याकुलता जैसी मनोवैज्ञानिक समस्याएं पीठ के निचले हिस्से में दर्द, चिड़चिड़ापन, आँतों की समस्याएँ और एक्जिमा जैसी स्थितियों को सक्रिय कर देती हैं या बदतर बना सकती हैं।

जब घबराहट के चलते आपके शारीरिक लक्षण सक्रिय हो जाते हैं या बदतर हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति व्याकुलता बढ़ाने का कारण बनती है। ऐसी स्थिति लक्षणों को और खराब करती है । अत्यधिक चिंता से घबराहट के दौरे या अवसाद हो सकता है।

स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक चिंता कई तरीक़ों से एक के बाद एक समस्याओं को जन्म देती है।

यदि आप अपने शरीर को बीमारी के संकेतों के लिए लगातार जांचते हैं, जैसे कि शरीर पर दाने या छाले, अंत में आपको कुछ न कुछ मिल ही जाएगा। इसमें अक्सर कुछ गंभीर नहीं होगा - यह एक प्राकृतिक तरीके से शरीर में बदलाव हो सकता है या आप चिंता के लक्षणों (जैसे हृदय गति का बढ़ना और अधिक पसीने आना) को गम्भीर बीमारी से जोड़कर गलत अर्थ लगा सकते हैं। हालांकि, यह सोच बड़ी चिंता का कारण बनती है और आप अपनी बार बार जाँच करने लगते हैं।

आप अपने डॉक्टरों, दोस्तों और परिवार से अधिक से अधिक आश्वासन की ज़रूरत महसूस करने लगते हैं। इस आश्वासन से आपको जो आराम मिलता है, वह अल्पकालिक होता है या आप इसे मानना बंद कर देते हैं, जिसका अर्थ है कि आपको बेहतर महसूस करने के लिए अधिक से अधिक इसकी आवश्यकता होती है। आश्वासन की ज़रूरत आपके दिमाग में लक्षणों को बनाए रखती है और आमतौर पर आप बुरा महसूस कराते हैं।

स्वास्थ्य के प्रति चिंतित रहने वाले लोग दो चरम सीमाओं में से एक के घेरे में आ सकते हैं:

लगातार जानकारी और आश्वासन की मांग करना - उदाहरण के लिए, इंटरनेट पर बीमारियों पर लगातार शोध करना और लगातार डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना, या अलगाव वाला व्यवहार - मेडिकल टीवी कार्यक्रमों से बचना, डॉक्टरों से दूर रहना और घबराहट को और तेज कर सकने वाली चीज़ें और व्यायाम से बचना। ऐसा करना स्थिति को बदतर बना सकता है, जबकि तथ्य यह है कि व्यायाम से सहायता मिलती है।

इन व्यवहारों में से कोई भी स्वस्थ नहीं हैं। अगर आपको स्वास्थ्य के प्रति चिंता के चक्र को तोड़ना है तो इनको सुलझाने की ज़रूरत है।

डॉक्टर कैसे मदद कर सकते हैं

यदि आपको लगता है कि आप स्वास्थ्य संबंधी चिंता से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर बहुत मदद मिल सकती है।

एक बार जब आपके डॉक्टर ने यह सिद्ध कर लिया कि आप स्वास्थ्य संबंधी चिंता से ग्रसित हैं, आपके किसी भी लक्षण के लिए कोई अंतर्निहित शारीरिक कारण नहीं है तो उन्हें इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या आपको अवसाद या एंग्जाइटी विकार जैसी कोई समस्या हो सकती है, जो आपके लक्षणों का कारण है या उन्हें खराब कर सकती हो।

अगर मामला ऐसा है तो आपको मनोवैज्ञानिक थेरेपी के लिए भेजा जा सकता है, या आपको अवसाद-रोधी(antidepressants) दवाओं से राहत मिल सकती है। (नीचे देखें)

यदि ऐसा मामला नहीं है तो उनका उद्देश्य अभी भी आपके स्वास्थ्य के बारे में चिंता को काम करने में मदद करने का होना चाहिए। आप अपने डॉक्टर की सलाह और खुद की सहायता के संसाधन (नीचे देखें), के जरिए आपको बेहतर महसूस कर सकते हैं या आप अभी भी मनोवैज्ञानिक थेरेपी ले कर लाभ उठा सकते हैं।

मनोवैज्ञानिक उपचार

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी(CBT) स्वास्थ्य के प्रति चिंता वाले कई लोगों के लिए एक प्रभावी उपचार है। इसमें एक प्रशिक्षित सीबीटी थेरेपिस्ट के साथ काम करना शामिल है, जो आपके द्वारा अनुभव किए गए विचारों, भावनाओं की पहचान करने के लिए और आपके द्वारा सामना करने वाली चीजों के लिए काम करता है।

अस्वस्थ विचारों के उदाहरण के तौर पर, “अगर डॉक्टर ने मुझे टेस्ट के लिए भेजा है, इसका अर्थ है कि डॉक्टर को ज़रूर कोई चिंता है"

इसका उद्देश्य अस्वस्थ विचारों और व्यवहारों को बदलना है, स्वास्थ्य के प्रति घबराहट के इस चक्र को तोड़ने के लिए।

सीबीटी आपको लक्षणों का आकलन करने के तरीके को चुनौती देता है, ताकि अधिक संतुलित और यथार्थवादी दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया जा सके। इससे आपको ये मदद मिल सकती है:

  • जानने में कि लक्षणों को क्या बदतर करता है
  • लक्षणों का सामना करने के तरीके विकसित करना
  • अपने आप को अधिक सक्रिय रखें, भले ही आपको अभी भी लक्षण हों

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी के बारे में अधिक जानकारी हासिल करें।

हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति चिंता की स्थिति में हर किसी के लिए सीबीटी सबसे अच्छा इलाज नहीं है। कुछ लोगों को एक अलग मनोवैज्ञानिक थेरेपी से अधिक लाभ हो सकता है, जैसे कि आघात केंद्रित थेरेपी या एक मनोचिकित्सा, जो किसी विशेष मनोवैज्ञानिक स्थिति में मदद करेगी। आपके और आपकी समस्या के लिए सही इलाज का चयन करने के लिए सटीक मूल्यांकन की जरूरत होती है, इसलिए यदि आवश्यक हो तो आपको अगले चरण के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास भेजा जा सकता है।

दवाएं

अवसाद जैसी कोई मनोवैज्ञानिक समस्या होने पर अवसाद-रोधी दवा मददगार हो सकती हैं। कुछ लोगों के लिए ये बेहतर काम कर सकती हैं। डॉक्टर सीधे अवसाद रोधी दवाएं लिख सकते हैं या आपको इलाज के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।

हालांकि, दवाओं के जरिए लक्षणों का इलाज हमेशा कारगर साबित नहीं होता। उदाहरण के लिए- दर्द निवारक या राहत देने वाली दवाइयों का लंबे समय तक उपयोग, आपको इन पर निर्भर बना सकता है। दवा के संभावित लाभों को हमेशा संभावित दुष्प्रभावों के खिलाफ तौला जाना चाहिए।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।