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भ्रम होना और आवाजें सुनाई देना

मतिभ्रम या हलूसिनेशन तब होता है, जब किसी व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखाई, सुनाई देती हैं या किसी ऐसे चीज़ का गंध, स्वाद महसूस होता है, जो उसके दिमाग के बाहर वास्तविकता में होती ही नहीं हैं। सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) से पीड़ित लोगों में यह सामान्य है और सामान्यत: उन्हें आवाजें सुनाई देती हैं।

मतिभ्रम डरावना हो सकता है क्योंकि ये अचानक या अनचाहा हो सकता है। लेकिन सामान्यत: यह एक पहचानने योग्य कारण होता है। अवैध ड्रग्स लेने या शराब पीने की वजह ऐसा हो सकता है या सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से भी ऐसा होता है।

कुछ लोग मानसिक बीमारी से ग्रसित हुए बिना भी भ्रमित महसूस करने का अनुभव कर सकते हैं।

अगर आपको भी मतिभ्रम होता है और आप इसके बारे में चिंतित हैं तो सीधे अपने डॉक्टर को दिखाएँ। अगर जरूरत हो तो एंबुलेंस को भी कॉल करें क्योंकि यह एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है।

हलूसिनेशन में आप घबराहट, पागलपन और डर का अनुभव कर सकते हैं, ऐसे में जरूरी है कि आप किसी ऐसी व्यक्ति के साथ हों, जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं।

इसी बीच, नीचे दी जानकारी में हलूसिनेशन के विशिष्ट प्रकार के बारे में वर्णन किया गया है, जिसमें ये क्यों होता है और आप क्या कर सकते हैं, ये भी बताया गया है:

  • आवाजें सुनाई देना
  • नशीली दवाओं से होने वाला हलूसिनेशन
  • हलूसिनेशन और नींद
  • बुखार के साथ बच्चों द्वारा हलूसिनेशनका अनुभव करना।

बहुत ज्यादा थकान या हाल ही में किसी प्रियजन की मौत से भी मतिभ्रम हो सकता है। हालांकि, यहां दूसरे दुर्लभ कारणों के बारे में नहीं बताया गया है।

आवाजें सुनाई देना

सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) जैसी स्थितियों से पीड़ित लोगों के दिमाग में आवाजें सुनाई देने जैसा मतिभ्रम सबसे सामान्य है। आवाजें आलोचनात्मक, प्रशंसात्मक या सामान्य हो सकती हैं और सशक्त रूप से नुकसानदायक आदेश दे सकती हैं या व्यक्ति के साथ बातचीत करती हुई सी हो सकती हैं। ये व्यक्ति की क्रियाकलापों पर कमेंट्री भी हो सकती है।

आवाजें सुनाई देना, सिजोफ्रेनिया ((schizophrenia), डिमेंशिया (dementia) या बाईपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder) का जाना-पहचाना लक्षण है। लेकिन यह मानसिक बीमारी से जुड़ा नहीं भी हो सकता है।

यह अनुभव सामान्य रूप से बहुत कष्टदायी होता है लेकिन यह हमेशा नकारात्मक नहीं होता। कुछ लोग, जो आवाजें सुनते हैं, वे उनके साथ आराम से रह लेते हैं और उन्हें उसकी आदत हो जाती है या वे उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मान लेते हैं।

हाल ही में शोकसंतप्त हुए व्यक्ति को आवाजें सुनाई देना असामान्य बात नहीं है और कभी-कभी तो उन्हें अपने उसी प्रियजन की आवाज़ सुनाई दे सकती है, जिसकी मौत हुई है।

प्रैक्टिकल सलाह

अगर आपको आवाजें सुनाई देती हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें। अगर जरूरत हुई तो वे आपको मनोवैज्ञानिक के पास भेजेंगे। यह तय करना बेहद जरूरी है कि आप किसी गंभीर मानसिक बीमारी से भी पीड़ित नहीं हैं।

मनोवैज्ञानिक को दिखाने में कोई शर्म नहीं है। और यह जरूरी है कि आपकी ठीक से पूरी तरह जांच हो और जल्दी इलाज शुरू हो सके। अगर सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) की वजह से आवाजें सुनाई देती हैं तो जितनी जल्दी आपका इलाज शुरू होगा, उतनी जल्दी आप ठीक हो जाएंगे।

आपके लिए नीचे दी गई सलाह भी लाभदायक हो सकती हैं-

  • दूसरे आवाज़ सुनने वाले लोगों से बात करें।
  • अपनी आवाज़ों के बारे में बात करने से न हिचकें।
  • ये समझने की कोशिश करें कि आवाजें कहां से और क्यों आ रही हैं और किस चीज से ऐसा हो रहा है।

नशीली दवाओं से होने वाला मतिभ्रम

अवैध नशीली दवाएँ और शराब

ऐसे लोग जो अवैध नशीली दवाएँ जैसे- ऐम्फेटामिन्स (amphetamines), कोकीन, एलएसडी (LSD) या एक्सटेसी (esctasy) के आदी होते हैं, वे मतिभ्रम का अनुभव कर सकते हैं। अगर आप अचानक शराब पीना या नशीली दवाएँ लेना बंद कर दें, तब भी मतिभ्रम हो सकता है।

नशीली दवाओं से होने वाला मतिभ्रम अमूमन दिखाई देता है लेकिन यह दूसरी इंद्रियां को भी प्रभावित कर सकता है। मतिभ्रम में आप रोशनी चमकना या उल्टे-सीधे आकार या कोई जानवर या किसी व्यक्ति को देख सकते हैं। अधिकांश टेढ़ी-मेढ़ी चीजें दिखाई देती हैं, जिससे व्यक्ति को अपने आसपास की दुनिया बदली हुई लगती है।

ये हलूसिनेशन अपने आप या ड्रग से होने वाले मनोविकार की वजह से हो सकते हैं। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करना सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) की वजह बन सकता है।

कुछ लोग अपने मनोविकार के लक्षणों से राहत पाने के लिए कैनबिस लेते हैं। उन्हें ये अहसास भी नहीं होता कि लंबे समय तक ऐसा करने से उनके मनोविकार और बदतर हो सकते हैं।

शराब का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से भी मनोविकार की स्थिति, मतिभ्रम और डिमेंशिया (dementia) हो सकता है।

दवा

कई तरह की दवाएँ भी अक्सर मतिभ्रम की वजह बन सकती हैं। खास तौर से बुजुर्गों में यह जोखिम ज्यादा होता है।

दवाओं से होने वाला मतिभ्रम दवा की मात्रा से संबंधित हो सकता है, और अक्सर दवा बंद करने के बाद खुद दूर हो जाता है। हालांकि, कभी भी पहले डॉक्टर से पूछे बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए। और अगर जरूरत महसूस हो तो मनोवैज्ञानिक से जांच कराने के बाद ऐसा कर सकते हैं।

डॉक्टर से बात करें कि दवा आपको कैसे प्रभावित कर रही है। ताकि आप कोई दूसरी दवा देने के विकल्प पर बात कर सकते हैं।

मतिभ्रम(हलूसिनेशन) और नींद

लोगों में अपेक्षाकृत यह बहुत सामान्य है कि वे सोते समय (हिप्नेगॉजिक) या जब वे नींद से जागना शुरू करते हैं (हिप्नोपोम्पिक), उस वक्त हलूसिनेशन का अनुभव करते हैं।

हलूसिनेशन में आप ऐसी आवाजें सुनते हैं या चीजें देखते हैं, जो वास्तव में होती ही नहीं। जैसे- चलती हुई चीजें या व्यक्ति के आकार की आकृति (लोग सोचते हैं कि उन्होंने भूत देखा है।)

हिप्नेगॉजिक (hypnagogic) और हिप्नोपोम्पिक (hypnopompic) मतिभ्रम खास तौर से नींद के विकार जैसे- नारकोलेप्सी से पीड़ित लोगों में सामान्य है।हालांकि, बिना किसी विकार वाले लोगों में भी यह सामान्य है। ये भ्रम खास तौर से सपनों जैसे होते हैं और इनके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

बुखार के साथ बच्चों में भ्रम

कभी-कभी जिन बच्चों को बुखार होता है, वे भी भ्रम का अनुभव करते हैं। अगर आपका बच्चा अस्वस्थ है और शरीर का तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस (99.5 फॉरेनहाइट) है और आपको लगता है कि वो भ्रम का अनुभव कर रहा है तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

इस बीच, शांति से रहें और अपने बच्चे को ठंडा रखें और आश्वस्त करें। उसे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ दें और उसे पैरासीटामॉल या आईब्रूफेन दें (बच्चे की उम्र के हिसाब से दवा की मात्रा और समय के बारे में हमेशा पढ़ें, और ये भी जांच लें कि जो दवा दे रहे हैं, उससे उसे एलर्जी तो नहीं है), कुछ ही मिनटों में भ्रम खत्म हो जाएगा।

ज्यादा जानकारी के लिए, बच्चों में बुखार के बारे में पढ़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।