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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस

Contents

प्रस्तावना

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस एक चिकित्सीय शब्द है जिसका इस्तेमाल उम्र से संबंधित ‘शारीरिक कमी’ के संदर्भ में किया जाता है, जो गर्दन की हड्डियों और ऊतकों को प्रभावित कर सकता है।

गर्दन में दर्द, अकड़न और सिरदर्द ये सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के सबसे सामान्य लक्षण हैं। कभी-कभार यह गले की नसों को फंसा सकता है, जिससे निम्न तकलीफें हो सकती है:

  • हाथों से निकलने वाला दर्द
  • हाथों और पैरों में चुभता हुआ दर्द
  • अपने हाथों और पैरों में स्पर्श की भावना का आभाव
  • समन्वय का आभाव और चलने में कठिनाई

हालांकि, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस वाले कई लोग स्पष्ट लक्षणों का अनुभव नहीं करते हैं।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का इलाज

ज्यादातर मामलों में सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षणों से छुटकारा पाने ने के लिए निम्न चीजोंका संयोजन उपयुक्त है:

  • दवाई, जैसे गैर-स्टेरायडल जलन-रोधी औषधि (एनएसएआईडी) , इबुप्रोफेन सहित
  • व्यायाम, जैसे तैरना और चलना
  • आत्म-देखभाल की तकनीक जैसे कि रात में एक बड़े तकिये से अपनी गर्दन को सहारा देना

कम मामलों में, सर्वाइकल स्पाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने या ठीक करने के लिए शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की आवश्यकता हो सकती है (नीचे देखें)।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के इलाज के बारे में और पढ़ें।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का कारण क्या है?

जैसे-जैसे उम्र बढती हैं, उसका प्रभाव हड्डियों और उन ऊतकों को खराब कर सकता है जो रीढ़ को बनाते हैं। उदाहरण के लिए, रीढ़ की डिस्क सूख सकती है और सिकुड़ सकती है और अस्थिबंध अकड़ सकते हैं।

यह 'शारीरिक कमी' कुछ हद तक सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का रूप ले सकती है।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कारण के बारे में और पढ़ें।

कौन प्रभावित होता है?

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस एक बहुत ही सामान्य स्थिति है। यह अनुमान लगाया गया है कि 10 में से 9 वयस्कों को, जब वे 60 साल के हो जाते हैं, कुछ हद तक सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस होगा (लेकिन कई लोगों में स्पष्ट लक्षण नहीं होंगे)।

दृष्टिकोण

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के अधिकांश मामलों के लिए दृष्टिकोण आम तौर पर अच्छा है। ज्यादातर मामलों में मरीज़ कुछ हफ्तों के बाद उपचार के साथ अच्छी प्रतिक्रिया देते हैं। हालांकि बाद में लक्षणों का फिर से आना आम हो सकता है।

लगभग 10 में से 1 मामलें में एक व्यक्ति को लंबी अवधि का (पुराना) गर्दन का दर्द उत्पन्न हो सकता है।

लक्षण

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गर्दन में दर्द और अकड़न ये सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के सबसे आम लक्षण हैं।

कभी-कभी सिरदर्द भी हो सकता है, जो आमतौर पर सिर के पीछे, गर्दन के ठीक ऊपर से शुरू होता है, और सिर पर माथे तक जाता है।

दर्द आमतौर पर आता है और चला जाता है, कभी कभी बहुत तेज़ हो जाता है और उसके बाद एकदम शांत हो जाता है।

लगभग 10 में से एक व्यक्ति में लंबे समय तक रहने वाला (पुराना) दर्द उत्पन्न होता है।

अन्य, अधिक गंभीर, लक्षण आमतौर पर केवल तब होते हैं यदि:

  • स्लिप्ड डिस्क या दूसरी हड्डी पास की नस में चिकोटी काटती है या प्रदाह उत्पन्न करती है (सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी के रूप में जाना जाता है)
  • रीढ़ नलिका (हड्डियां जो चारों ओर से घेरे रहती हैं और नसों की रक्षा करती हैं) संकरी हो जाती हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी अंदर से संपीडित हो जाती है (सर्वाइकल माइलोपैथी के रूप में जानी जाती है)

इन समस्याओं का वर्णन नीचे अधिक विस्तार से किया गया है ।

सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी

एक तेज दर्द है जो आपके एक हाथ में नीचे तक जाता है ये सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी का सबसे आम लक्षण। (इस दर्द को ब्राचिआल्गिया के नाम से भी जाना जाता है)।

आप प्रभावित हाथ में कुछ सुन्नता या ‘चुभते हुए दर्द’ का अनुभव भी कर सकते हैं और पाते हैं कि गर्दन खींचने से है और सिर मुड़ने से आपका दर्द और बढ़ जाता है।

सर्वाइकल मायलोपैथी

सर्वाइकल मायलोपैथी तब होती है जब गंभीर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कारण रीढ़ नलिका संकरी हो जाती हैं (स्टेनोसिस के रूप में भी जाना जाता है) और रीढ़ की हड्डी संपीडित हो जाती है।

जब रीढ़ की हड्डी संपीडित हो जाती है, तो यह उन संकेतों के साथ हस्तक्षेप करती है जो आपके मस्तिष्क और आपके शरीर के बाकी हिस्सों के बीच यात्रा करते हैं। निम्न लक्षण हो सकते हैं:

  • समन्वय की कमी, उदाहरण के लिए शर्ट का बटन लगाने जैसे काम आपको धीरे धीरे बहुत (बढ़ते हुए) मुश्किल लगने लग सकते हैं।
  • आपके हाथों या पैरों में भारीपन या कमजोरी
  • चलने में समस्या
  • सामान्यतः कम, मूत्र असंयम (मूत्राशय पर नियंत्रण न होना)
  • आंत्र असंयम (आंत्र पर नियंत्रण न होना)

यदि आपको लगता है कि आप सर्वाइकल माइलोपैथी के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपने चिकित्सक को दिखना/मिलना चाहिए।

अगर इसका इलाज नहीं किया गया, तो सर्वाइकल माइलोपैथी रीढ़ की हड्डी की स्थायी क्षति और दीर्घकालिक विकलांगता का कारण बन सकती है।

कारण

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कारणों को बेहतर ढंग से समझने के लिए, आपकी रीढ़ की संरचना के बारे में अधिक जानना उपयोगी है।

रीढ़ इनसे बनी है:

  • कशेरुका: हड्डी के रिज के आकार के खंड जो रीढ़ (स्पाइनल कॉलम) की संरचना बनाते हैं और नसों की रक्षा करते हैं।
  • डिस्क: टिशू की डिस्क जिसमें एक सख्त, लचीला बाहरी आवरण होता है और उसके अंदर एक नरम टूथपेस्ट जैसा गाढ़ापन होता है। वे कशेरुकाओं के बीच में होते है, कुशनिंग करते हैं और सहारा देते है।
  • रीढ़ की हड्डी: मस्तिष्क और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच, आपकी रीढ़ के ऊपर और नीचे संदेशों को ले जाने वाली नसों का मुख्य बंडल
  • नसों की जड़ें: रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसों के शुरुआती हिस्से, रीढ़ की हड्डी के नीचे 'की-होल' से होकर बाहर निकलते हैं।

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती हैं, डिस्क सूखने लगती है और टूट फुट की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं। आपका शरीर आपकी गर्दन को बेहतर ढंग से सहारा देने और रीढ़ को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त हड्डी के छोटे मांसपिंडो का निर्माण करके जोड़ों के घिसाव की भरपाई करने की कोशिश करेगा। अतिरिक्त हड्डी के इन मांसपिंडो को बोन स्पर्स या ओस्टियोफाइट्स के रूप में जाना जाता है।

ऑस्टियोफाइट्स रीढ़ को बहुत कठोर बना सकता है, जिससे अकड़न और गर्दन में दर्द हो सकता है। हड्डी की संरचना में परिवर्तन पास की नसों और रीढ़ की हड्डी को कुचल सकता हैं। यह वृद्ध लोगों में अधिक आम चीज है।

स्लिप डिस्क

स्लिप्ड डिस्क, जिसे प्रोलैप्सड या हर्नियेटेड डिस्क भी कहा जाता है, तब होता है जब रीढ़ की डिस्क में से एक फट जाती है (विभाजित होती है) और अंदर का नरम भाग बहार फैल जाता है।

यदि यह नरम भाग गर्दन में एक नस के खिलाफ दबाती है, तो यह हाथ (सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी) में गंभीर दर्द पैदा कर सकता है, और इसके परिणामस्वरूप कभी-कभी रीढ़ की हड्डी (सर्वाइकल मायलोपैथी) का संपीड़न हो सकता है।

स्लिप्ड डिस्क आम तौर पर कम उम्र के लोगों में देखी जाती है और ऊपर वर्णित ऑस्टियोफाइट गठन की प्रक्रिया जैसे सामान्य नहीं है।

स्लिप्ड डिस्क के बारे में और पढ़ें।

निदान

अगर गर्दन में दर्द और अकड़न जैसे विशिष्ट लक्षण हों तब आमतौर पर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का अनुमान लगाया जाता है।

यह हाथों में पैदा होनेवाला दर्द, हाथों के इस्तेमाल में समस्या या चलने में कठिनाई का कारण भी माना जाएगा।

नीचे वर्णित विभिन्न परीक्षणों का उपयोग अन्य स्थितियों का पता लगाने और निदान की पुष्टि करने के लिए किया जा सकता है।

शारीरिक परीक्षण

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस आपकी गर्दन की हलचल की सीमा को सीमित कर सकता है। आपको अपने सिर को एक बाजू से दूसरी बाजू तक घूर्णन कराने और अपने सिर को अपने कंधों की ओर झुकाने के लिए कहा जाएगा।

आपके डॉक्टर आपके हाथों और पैरों की प्रतिवर्ती क्रिया परीक्षण कर सकते है और जाँच सकते है कि आपके सभी अंगों में पूर्ण संवेदना है। आपको प्रतिवर्ती क्रिया के साथ समस्याएं है या संवेदना की कमी है, तो इससे यह सूचित होता है की आपकी रीढ़ की हड्डी (सरवाइकल मायलोपैथी) के सिकुड़ जाने के कारण नसों को क्षति पहुंची हैं।

आपको एक एक्स-रे निकालने के लिए कहा जा सकता है जो स्पोंडिलोसिस की विशेषता दिखाएगा, जैसे कि ओस्टियोफाइट्स (अतिरिक्त हड्डी की गांठ)।

आगे की जांच

अगर सर्वाइकल मायलोपैथी का अनुमान लगाया गया है या आपके लक्षण गंभीर हैं और पारंपरिक उपचारों का कोई असर नहीं हो रहा है तो आपको आगे की जाँच करने की आवश्यकता हो सकती है।

आप के लिए कुछ परीक्षणों का विवरण नीचे दिया गया है।

एमआरआई स्कैन

चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन एक प्रकार का स्कैन है जो शरीर के अंदर की विस्तृत छवियों का उत्पादन करने के लिए मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।

एमआरआई स्कैन नसों को अंतर्निहित क्षति का पता लगाने में उपयोगी हो सकता है।

सीटी स्कैन

कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन में एक्स-रे की एक श्रृंखला शामिल होती है, जो एक अधिक विस्तृत छवि बनाने के लिए कंप्यूटर द्वारा पुन: प्राप्त की जाती है ।

एक्स-रे की तुलना में सीटी स्कैन आपकी हड्डियों का अधिक विस्तृत स्कैन प्रदान कर सकता है।

सीटी स्कैन अब आमतौर पर केवल तभी किया जाता है यदि आप मेडिकल कारणों से एमआरआई स्कैन कराने में असमर्थ हैं, उदाहरण के लिए, यदि आपको पेसमेकर है।

इलाज

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षणों के लिए उपचार का उद्देश्य दर्द को दूर करना और आपकी नसों को स्थायी क्षति को रोकना है।

दर्द से राहत

ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक

गैर-स्टेरायडल सूजन-विरोधी औषधि (एनएसएआईडी) सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षणों के लिए सबसे प्रभावी दर्द निवारक माने जाते है। कुछ आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एनएसएआईडी हैं:

यदि एक NSAID दर्द कम करने में असफल रहता है, तो आपको दूसरे विकल्प लेना चाहिए।

हालांकि, अगर आपको अस्थमा, उच्च रक्तचाप, यकृत रोग, हृदय रोग या पेट के अल्सर का इतिहास है तो NSAIDs उपयुक्त नहीं हो सकता है। इन परिस्थितियों में, पेरासिटामोल शायद अधिक उपयुक्त होगा। आपके फार्मासिस्ट या डॉक्टर आपको सलाह देने में सक्षम होंगे।

कौडीन

यदि आपका दर्द अधिक गंभीर है, तो आपके डॉक्टर एक हल्के ओपियेट दर्द निवारक कौडीन की सलाह दे सकते है। यह अक्सर NSAIDs या पेरासिटामोल के साथ में लिया जाता है।

कौडीन लेने का एक आम दुष्प्रभाव कब्ज है। कब्ज को रोकने के लिए, ढेर सारा पानी पिएं और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं, जैसे कि साबुत अनाज की रोटी, ब्राउन राइस, पास्ता, ओट्स, बीन्स, मटर, मसूर, अनाज, बीज, फल और सब्जियां ।

कौडीन कई लोगों के लिए उपयुक्त नहीं होता है, खासकर अगर लंबे समय तक लिया जाए। आपके डॉक्टर यह सलाह दे पाएँगे कि कोडीन लेना आपके लिए सुरक्षित है या नहीं।

यह आमतौर पर उन लोगों के लिए अनुशंसित नहीं होता है जिनको साँस लेने में समस्या है (जैसे अस्थमा) या सिर की चोटें हैं, विशेष रूप से वे जो खोपड़ी में दबाव बढ़ाते हैं।

मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाइयाँ

जब आपकी गर्दन की मांसपेशियां अचानक अनियंत्रित रूप से कस जाती हैं, तब यदि आप ऐंठन का अनुभव करते हैं, तो आपके डॉक्टर मांसपेशियों के आराम करने वाली दवाई की एक छोटी कार्यविधि जैसे डायजेपाम की सलाह दे सकते है।

मांसपेशियों को आराम देने वाली शामक औषधि हैं जिससे आपको सुस्ती और चक्कर महसूस हो सकती हैं। यदि आपको डायजेपाम निर्धारित किया गया है, तो ड्राइव न करें। इसके अलावा, शराब न पीएं क्योंकि दवा इसके प्रभाव को बढ़ा सकती है।

मांसपेशियों को आराम देने वली दवाई एक बार में एक सप्ताह से 10 दिनों तक लगातार लेनी चाहिए।

ऐमिट्रिप्टिलाइन

यदि दर्द एक महीने से अधिक समय तक बना रहता है और उपरोक्त दर्द निवारक दवाइयाँ उपयुक्त नहीं है, तो आपके डॉक्टर ऐमिट्रिप्टिलाइन नामक दवा दे सकते है।

ऐमिट्रिप्टिलाइन मूल रूप से अवसाद का इलाज करने के लिए तैयार की गयी थी, लेकिन डॉक्टरों ने पाया है कि नसों के दर्द के इलाज में एक छोटी खुराक भी उपयोगी है। अमिट्रिप्टिलाइन लेते समय आपको कुछ साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है:

  • उनींदापन
  • मुंह सूखना
  • धुंधली दृष्टि
  • कब्ज
  • पेशाब करने में कठिनाई

अगर एमिट्रिप्टिलाइन आपको उनींदा बनाती है तो ड्राइव न करें। हृदय रोग के इतिहास वाले लोगों को एमिट्रिप्टीलिन नहीं लेना चाहिए।

गबपेन्टिन

गबापेंटिन (या प्रीगैबलिन नाम की एक समान दवा) आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जा सकती है ताकि नसों के दर्द की वजह से हाथों में पैदा होने वाला दर्द या चुभते हुए दर्द को विकीर्ण करने में मदद मिल सके। यह दवा अन्यथा मिरगी-रोधी दवा के रूप में उपयोग की जाती है।

कुछ लोग साइड इफेक्ट्स का अनुभव कर सकते हैं जो दवा बंद करने पर गायब हो जाते हैं, जैसे कि त्वचा पर ददोरा या अस्थिरता। गबापेंटिन के किसी भी लाभ को निर्धारित करने से पहले कम से कम दो सप्ताह के लिए नियमित रूप से लेने की आवश्यकता होती है।

दर्द निवारक का इंजेक्शन

यदि आपके विकिरण वाले हाथ का दर्द विशेष रूप से गंभीर है और रुकने वाला नहीं है, तो ट्रांसफ़ॉर्मिनल नर्व रूट इंजेक्शन का विकल्प हो सकता है; इसमें जहाँ नसें रीढ़ से बाहर निकलती हैं, वहाँ स्टेरॉइड दवा गर्दन में इंजेक्ट की जाती है। यह अस्थायी रूप से नसों के जड़ की सूजन को कम कर सकता है और दर्द को कम कर सकता है।

साइड इफेक्ट्स में सिरदर्द, उस जगह में अस्थायी सुन्नता और दुर्लभ मामलों में, रीढ़ की हड्डी में चोट (अंग पक्षाघात) शामिल हैं।

यदि आप इस विकल्प का पता लगाना चाहते हैं तो आपके डॉक्टर आपको एक दर्द क्लिनिक के बारे में बता सकते है।

व्यायाम और जीवन शैली में बदलाव

आप निम्न चीज़ों का विचार कर सकते हैं:

  • कम प्रभाव वाले एरोबिक व्यायाम जैसे तैरना या चलना
  • अपनी गर्दन पर खिंचाव को कम करने के लिए रात में एक मजबूत तकिया का उपयोग करें
  • खड़े होने पर या बैठने पर अपनी मुद्रा सही करना

गर्दन के ब्रेस या कॉलर के लंबे समय तक उपयोग की सिफारिश नहीं की जाती है क्योंकि यह आपके लक्षणों को और बदतर बना सकता है। एक सप्ताह से अधिक समय तक ब्रेस न पहनें, जब तक कि आपके डॉक्टर आपको विशेष रूप से सलाह न दे।

शल्य चिकित्सा

आमतौर पर केवल सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के उपचार में शल्य चिकित्सा की सिफारिश की जाती है अगर:

  • इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि स्लिप्ड डिस्क या हड्डी (सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी) से नस कुचल रही है, या आपकी रीढ़ की हड्डी सिकुड़ रही है (सर्वाइकल मायलोपैथी)
  • अगर शल्य चिकित्सा नहीं की जाती है तो आपके नसों की व्यवस्था के खराब होने की संभावना है।

यदि आपको लगातार दर्द है जो अन्य उपचारों से ठीक नहीं हुआ है, तो भी शल्य चिकित्सा की सिफारिश की जा सकती है।

यह कहना महत्वपूर्ण है कि शल्य चिकित्सा से अक्सर लक्षणों का पूरा इलाज नहीं होता है। यह केवल लक्षणों को खराब होने से रोकने में सक्षम हो सकती है।

आपके दर्द या नसों की क्षति के अंतर्निहित कारण पर शल्य चिकित्सा का प्रकार निर्भर होगा। शल्य चिकित्सा संबंधी तकनीको में शामिल हैं:

  • अग्रवर्ती सर्वाइकल डिस्केक्टॉमी इसका उपयोग तब किया जाता है जब एक फिसली हुई डिस्क या ओस्टियोफाइट (अतिरिक्त हड्डी की गांठ) एक नस पर दबाव डालती है। सर्जन आपकी गर्दन के सामने एक चीरा बना देगा और समस्या वाली डिस्क या हड्डी के टुकड़े को हटा देगा। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप डिस्क जॉइंट में एक संलयन होता है। कुछ सर्जन संलयन को प्रोत्साहित करने के लिए एक हड्डी का सब्स्टिटूट डालेंगे और कभी-कभी यदि नीचे एक कशेरुका की फिसलन होती है तो डिस्क के पार एक धातु की प्लेट लगा देंगे।
  • सर्वाइकल लैमिनेक्टॉमी सर्जन आपकी गर्दन के पीछे एक चीरा (छोटा कट) बनाएगा और आपकी रीढ़ की हड्डी के संपीड़न में योगदान देने वाले हड्डी के टुकड़ों को हटा देगा। इसी तरह के दृष्टिकोण को लैमिनोप्लास्टी कहा जाता है जिसमें हड्डियों को चौड़ा करने के लिए खुला फैलाया जाता है, लेकिन हटाया नहीं जाता है।
  • प्रोस्थेटिक इंटरवर्टेब्रल डिस्क प्रतिस्थापन – इस तुलनात्मक नई शल्य चिकित्सा संबंधी तकनीक में रीढ़ में ख़राब डिस्क को निकालना और इसे कृत्रिम डिस्क के साथ बदलना शामिल है। इस तकनीक के परिणाम आशाजनक रहे हैं, लेकिन जैसा कि यह अभी भी नया है, इस बारे में कोई प्रमाण नहीं है कि यह दीर्घकालिक रूप से कितनी अच्छी तरह काम करता है या कोई जटिलताएं होंगी।

अधिकांश लोग तीन से चार दिनों के भीतर अस्पताल छोड़ सकते हैं, लेकिन सामान्य गतिविधियों को फिर से शुरू करने में आपको आठ सप्ताह तक का समय लग सकता है। यह आपके रोजगार पर प्रभाव डाल सकता है, जो आपके काम के प्रकार पर निर्भर करता है।

कई लोगों को पहली बार अंशकालिक आधार पर काम पर लौटने की सलाह दी जाती है। इसलिए आपको शल्य चिकित्सा से पहले अपने नियोक्ता के साथ स्थिति पर चर्चा करनी चाहिए।

शल्य चिकित्सा की जटिलताएं

सभी शल्य चिकित्सा सम्बन्धी प्रक्रियाओं की तरह, सर्वाइकल स्पाइन पर शल्य चिकित्सा से जटिलताओं की कुछ जोखिम होती है, जिसमें शामिल हैं:

  • सामान्य संवेदनाहारी से जुड़ी दुर्लभ जटिलताएँ, जैसे दिल का दौरा, फेफड़े में रक्त का थक्का, फुफ्फुसीय अन्त: शल्यता, या एक गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया (एनाफिलेक्सिस)
  • निगलने में कठिनाई (डिस्पैगिया ); जैसी कुछ हलकी समस्याएं ; यह आमतौर पर कुछ महीनों के भीतर कम हो जाती है।
  • कर्कश आवाज - यह एक दुर्लभ जटिलता है लेकिन जब ऐसा होता है तो यह स्थायी हो सकती है
  • पक्षाघात (शरीर के एक या एक से अधिक हिस्सों को हिलाने में असमर्थता), तब होता है जब जो शल्य चिकित्सा के बाद स्पाइनल कैनाल में रक्तस्राव हो सकता है या रीढ़ की नसों को रक्त की आपूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाती है।
  • शल्य चिकित्सा के बाद आपके घाव का संक्रमण, जो आमतौर पर गंभीर नहीं है और एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इसका इलाज किया जा सकता है (गहरी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण अधिक गंभीर और बहुत सामान्य है)
  • नसों को नुकसान, जो दुर्लभ मामलों में होता है - इसके परिणामस्वरूप सुन्नता और चुभते हुए दर्द की भावना लगातार हो सकती हैं।

यदि यह निर्णय लिया जाता है कि आप शल्य चिकित्सा से लाभान्वित हो सकते हैं, तो आपके सलाहकार आपकी स्थिति से संबंधित विशिष्ट जोखिमों और लाभों पर चर्चा करेंगे।

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