ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण

प्रस्तावना

ग्रीवा कैंसर रोकने के लिए ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण, अथवा स्मियर परीक्षण, ग्रीवा में असामान्य (कैंसर पूर्व) कोशिकाओं की खोज करने की एक विधि है। योनि से गर्भाशय में प्रवेश मार्ग को ग्रीवा कहते है।

ग्रीवा स्क्रीनिंग कैंसर के लिए परीक्षण नहीं है; यह ग्रीवा की कोशिकाओं के स्वास्थ्य जांच करने का परीक्षण है। अधिकांश महिलाओं के परीक्षण परिणाम दर्शाते हैं कि सब कुछ सामान्य है, परन्तु 20 महिलाओं में से 1 के मामले में यह परीक्षण ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव दर्शाता है।

इन बदलावों में से अधिकांश ग्रीवा कैंसर उत्पन्न नहीं करते हैं और कोशिकाएं स्वयं ही सामान्य हो जाती हैं। ऐसा होने पर भी, कुछ मामलों में, असामान्य कोशिकाओं का उपचार की आवश्यकता होती है ताकि उन्हें कैंसरयुक्त होने से रोका जा सके।

स्क्रीनिंग परीक्षण

आमतौर से ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण करने में लगभग 5 मिनट का समय लगता है। आपके योनिमार्ग की दीवारों को खुला रखने के लिए एक स्पेकुलम नामक उपकरण को धीरे से आपके योनिमार्ग में डाला जाता है ताकि आपकी ग्रीवा स्पष्ट दिख सके। आपकी ग्रीवा की सतह से कुछ कोशिकाएं प्राप्त करने के लिए एक छोटे ब्रुश जैसे उपकरण का प्रयोग किया जाता है।

तत्पश्चात ग्रीवा कोशिकाओं के सैंपल को प्रयोगशाला में भेजा जाता है और माइक्रोस्कोप के नीचे असामान्य कोशिकाओं की उपस्थिती देखने के लिए जांच की जाती है।

परीक्षण विश्वसनीयता

सभी स्क्रीनिंग परीक्षणों की तरह, ग्रीवा स्क्रीनिंग भी 100% सही नहीं होती है। कैंसर के 75% मामलों में नियमित स्क्रीनिंग द्वारा इनका विकसित होना रोका जा सकता है, परन्तु यह प्रत्येक मामले को नहीं रोकता है।

गलतियाँ दूर करने हेतु हाल ही में इस पद्दती में सुधार किया गया है। अब कोशिकाओं के सब सैंपलों की दो पूरी तरह से प्रशिक्षित तकनीशियनों द्वारा जांच की जाती है ताकि कैंसर उत्पन्न होने से पूर्व किसी भी असामान्य कोशिका की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

यह महत्वपूर्ण है कि ग्रीवा कैंसर के उत्पत्ति रोकने हेतु आप वह सब कार्य करें जो आप कर सकती हैं। इनमें आपको अनुशंसित ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षणों को करवाना और अपने परिणामों की प्राप्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।

ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण कैसे किया जाता है के बारे में आप अधिक जानकारी पढ़ सकती हैं।

मानवीय पैपिलोमा विषाणु परीक्षण

अक्सर ग्रीवा की कोशिकाओं में बदलाव मानवीय पैपिलोमा विषाणु (HPV) द्वारा उत्पन्न होते हैं, जो जननांग मस्से बनने का कारण भी होते हैं। 100 से अधिक विभिन्न प्रकार के HPV होते हैं। कुछ उच्च जोख़िम और कुछ निम्न जोख़िम की प्रकार के होते हैं। HPV-16 और HPV-18 को ग्रीवा कैंसर के लिए उच्च जोख़िम का माना गया है। [HPV क्या है] के बारे में अधिक अध्ययन करें।

सफल परीक्षणों के पश्चात, HPV जांच को NHS ग्रीवा स्क्रीनिंग प्रोग्राम में सम्मिलित किया गया है।

यदि ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण के दौरान ली गई सैंपल कोशिकाओं में हल्की अथवा संभावित असामान्यतायें दिखे, तो स्वत: ही सैंपल की HPV जांच की जानी चाहिए। यदि आपके सैंपल में HPV पाया जाता है, तो आपको अतिरिक्त जांच के लिए कोल्पोस्कोपी करवाने और, यदि आवश्यक हो, तो उपचार के लिए रेफ़र किया जाता है। यदि कोई HPV नहीं पाया जाता है, तो आपको सामान्य रूप से नियमित स्क्रीनिंग करवानी चाहिए।

उन महिलाओं, जिनमें ग्रीवा स्क्रीनिंग के दौरान हल्की कोशिका असामान्यताएं पायी जाती है, में से लगभग 15-20% को उपचार की आवश्यकता होती है।

यदि आपका सैंपल अधिक महत्वपूर्ण कोशिका बदलाव दर्शाता है, तो आपको HPV जांच के बिना ही कोल्पोस्कोपि के लिए रेफ़र किया जायेगा।

ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षणों के परिणाम के बारे में अधिक अध्ययन करें।

उपचार

यदि ग्रीवा स्क्रीनिंग दर्शाता है कि आपकी ग्रीवा में असामान्य कोशिकाएं हैं, तो आपके डॉक्टर उनका उपचार करवाने की अनुशंसा कर सकते हैं।

उपचार का उद्देश्य आपकी ग्रीवा में से असामान्य कोशिकाएं हटाना अथवा नष्ट करना होता है।

आपके लिए इस उपचार को कोल्पोस्कोपी के समय पर ही लेना भी संभव हो सकता है। कोल्पोस्कोपी जांच के अंतर्गत एक विशेष माइक्रोस्कोप का कोशिका की अपसामान्यताओं का दायरा निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। उपचार की अन्य अधिक आक्रामक प्रकारों के लिए अलग अपॉइंटमेंट की आवश्यकता होगी।

आपको प्रस्तुत किए जाने वाले उपचार की प्रकार आपकी ग्रीवा में असामान्य कोशिकाओं की संख्या और बदलावों की विकटता पर आधारित होता है।

आपको पहले से ही एक लोकल एनेस्थेटिक, दिया जाएगा जिसका अर्थ है की उपचार किए जाने वाला क्षेत्र सुन्न कर दिया जाएगा, परन्तु पूरी कार्यवाही के दौरान आप जागते रहेंगी।

संभव उपचारों का वर्णन नीचे दिया गया है। यह महत्वपूर्ण है कि किसी उपचार के चयन करने से पूर्व आप अपने डॉक्टर से उनके बारे में चर्चा करें।

परिवर्तन क्षेत्र का बड़ा लूप काटना (LLETZ)

इसे LEEP अथवा डियाथर्मी की नाम से भी जाना जाता है, LLETZ कार्यप्रणाली में मांस-तंतु के प्रभावित क्षेत्र को काटने और उसी समय घाव को बंद करने के लिए एक पतली तार और विद्युत करंट का प्रयोग किया जाता है।

इस उपचार का लाभ यह है कि कोशिकाओं को नष्ट करने के स्थान पर हटाया जाता है, ताकि मांस-तंतु को कोशिका बदलावों का फैलाव निश्चित करने के लिए अतिरिक्त परीक्षणों के लिए भेजा जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके की आपकी ग्रीवा कोशिकाओं को समाविष्ट करने वाला क्षेत्र हटा दिया गया है।

कोण बायोप्सी

कोण बायोप्सी एक छोटा सा ऑपरेशन है जिसके तहत अधिकांश मामलों में एक रात के लिए हॉस्पिटल में रुकना पड़ता है।

सब असामान्य कोशिकाएं हटाने के लिए आपकी ग्रीवा से मांस-तन्तु का एक कोण काट लिया जाता है। आपको जनरल एनेस्थेटिक की आवश्यकता हो सकती है (जिससे ऑपरेशन के दौरान आप सो सकें)।

क्रायोथेरेपी

क्रायोथेरेपी में ग्रीवा में असामान्य कोशिकाओं को ठंडा करने के लिए एक ठंडी सलाई का प्रयोग किया जाता है।

लेज़र उपचार

इसे कभी-कभी लेज़र एब्लेश्न के नाम से भी पुकारा जाता है। यह ऑपरेशन ग्रीवा में असामान्य कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने के लिए लेज़र का प्रयोग करता है।

यदि आवश्यक हो तो एक लेज़र को ग्रीवा का एक छोटा टुकड़ा हटाने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।

ठंड जमावट

ठंड जमावट के दौरान, ग्रीवा में असामान्य कोशिकाएं जलाने और हटाने के लिए एक गर्म सलाई प्रयोग की जाती है।

इसकी क्या आवश्यकता है

कैंसर के विसकित होने की संभावना से पूर्व नियमित ग्रीवा स्क्रीनिंग द्वारा गर्भाशय ग्रीवा (गर्भाशय का निचला भाग) की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव की जांच की जा सकती है।

यदि कोई बदलाव मिलते हैं तो आपके डॉक्टर आपसे इस बात की चर्चा करेंगे कि क्या प्रतीक्षा की जाये और देखा जाये कि बदलाव स्वयं ही दूर हो जाते हैं अथवा क्या आपको उपचार की आवश्यकता है।

ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव विशेष प्रकार के मानवीय पैपिलोमा विषाणुओं (HPV) से भी उत्पन्न हो सकते हैं।

HPV एक आम विषाणुओं के परिवार का नाम है जो त्वचा और बलगम झिल्लीयों (गीले मांस-तंतु जो शरीर के भागो पर परत बनाते हैं), उदाहरण के तौर पर जैसा आपकी ग्रीवा, गुदा, मुंह और गले में पाये जाते हैं।

एक अनुमान के अनुसार यूके में 10 में से 8 व्यक्ति अपने जीवनकाल में कभी न कभी HPV से संक्रमित होते हैं। अधिकांश व्यक्तियों के मामले में, विषाणु बिना किसी उपचार के चले जाते हैं और कोई हानि नहीं पहुंचाते हैं।

ऐसा होने पर भी, किसी प्रकार के HPV के साथ संक्रमण असामान्य कोशिका विकास उत्पन्न कर सकता है जिससे ग्रीवा कैंसर हो सकता है। HPV की अन्य प्रकारें ननांग मस्से उत्पन्न कर सकती हैं।

HPV संक्रमण त्वचा-से-त्वचा के संपर्क से फैलता है। ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्यतायें उत्पन्न करने वाली HPV की प्रकारें यौन संपर्क से फैलती हैं।

HPV की उच्च-जोख़िम और निम्न-जोख़िम की प्रकारें होती हैं। टाइप HPV-16 और HPV-18 को ग्रीवा कैंसर के लिए उच्च-जोख़िम का माना जाता है। यदि आप इन उच्च-जोख़िम टाइप के HPV से संक्रमित हैं, तो आपके गर्भाशय में कैंसरयुक्त कोशिकाओं के विकसित होने का अधिक जोखिम है।

असामान्य परिणाम कितने प्रचलित होते हैं?

10 में से लगभग 9 ग्रीवा स्क्रीनिंग परिणाम सामान्य होते हैं। 20 में से लगभग 1 हल्के कोशिका बदलाव दर्शाते हैं। हल्के कोशिका बदलाव वाली अधिकांश महिलाओं में बिना उपचार के ही कोशिकाएं अपनी सामान्य स्थिति में लौट जाती हैं।

यदि आपके परिणाम असामान्य कोशिकाएं दर्शाते हैं, तो आपको कोशिकाओं की देख-रेख करने हेतु प्रत्येक छ: महीने में स्क्रीनिंग के लिए भेजा जाएगा। यदि आपकी कोशिकाएं सामान्य स्थिति पर नहीं लौटती हैं, तभी आपका उपचार किया जाएगा।

लगभग 100 में से 1 परीक्षण परिणाम संयत कोशिका बदलाव और 200 में से 1 विकट बदलाव दर्शाते हैं। यदि आपके परिणाम कोशिकाओं में इस प्रकार के अत्यंत गंभीर बदलाव इंकित करते हैं तो आपको अतिरिक्त जांच के लिए कोल्पोस्कोपी करवानी होगी। कोल्पोस्कोपी प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रीवा की परत की सतह की बारीकी से जांच की जाती है।

यदा-कदा ही ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण के परिणामों से कैंसर का रोग-निदान किया जाता है। 1,000 परीक्षण परिणामों में से 1 तेजी से फैलने वाला कैंसर दर्शाता है।

यह कब किया जाना चाहिए

साधारणत: महिलाओं को निम्न समयों पर स्मियर परीक्षण करवाना चाहिए :

  • 25 वर्ष की आयु पर प्रथम स्क्रीनिंग
  • 25 से 49 वर्ष की महिलाओं को प्रत्येक तीन वर्ष में
  • 50 से 64 वर्ष की महिलाओं को प्रत्येक पाँच वर्ष में
  • 65 अथवा अधिक वर्ष की महिलाओं की स्क्रीनिंग केवल तभी की जाती है यदि 50 वर्ष की आयु के पश्चात उनकी स्क्रीनिंग नहीं हुई है अथवा अभी हाल ही में उनके परीक्षण परिणाम असामान्य निकले हैं।

यदि आपके स्क्रीनिंग परीक्षण के पश्चात ग्रीवा की असामान्य कोशिकाओं का उपचार करवाया है, तो आपको कोशिकाओं में बदलावों की गंभीरता के आधार पर, बाद में एक बार प्रति वर्ष स्क्रीनिंग करवाने के लिए कहा जाएगा।

स्क्रीनिंग परीक्षण के आवश्यकता कब नहीं होगी

महिलाओं के निम्न ग्रुपों में कैंसर होना असामान्य बात है, अत: उन्हें ग्रीवा स्क्रीनिंग की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। .

लैंगिक रूप से निष्क्रिय महिलाएं

जिन महिलाओं ने कभी भी यौन संबंध न बनाए हों, उनमें ग्रीवा कैंसर का जोखिम बहुत कम होता है। चूंकि जोखिम इतना कम है, बुलाये जाने पर इस ग्रुप की महिलाएं स्क्रीनिंग न करवाने का चयन कर सकती हैं।

ऐसा होने पर भी, यदि आपके वर्तमान में यौन संबंध नहीं है परन्तु पहले थे, तो नियमित ग्रीवा स्क्रीनिंग करवाने की अनुशंसा की जाती है।

65 वर्ष और अधिक आयु की महिलाएं

जिन 65 वर्ष और अधिक आयु की महिलाओं ने लगातार तीन सामान्य परीक्षण परिणाम नहीं प्राप्त किए हैं, उनको ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण करवाने के लिए नहीं बुलाया जाता है क्योंकि इस ग्रुप की महिलाओं को ग्रीवा कैंसर होने की संभावना नहीं होती है।

यदि आप 64 वर्ष और अधिक आयु की है और आपके परीक्षण परिणाम असामान्य है तो आपको कोशिकाएं सामान्य होने तक स्क्रीनिंग के लिए बुलाया जाता रहेगा। जिन 65 वर्ष और अधिक आयु की महिलाओं ने कभी भी स्क्रीनिंग नहीं कारवाई है, उन्हें परीक्षण करवाना चाहिए।

यदि आपने कभी भी स्क्रीनिंग परीक्षण नहीं करवाया है और आप लैंगिक रूप से सक्रिय हैं जो आयु का विचार किए बिना आपको परीक्षण करवाना चाहिए।

महिलाएं जिन्होंने हिस्टरेक्टमी करवायी हो

महिलाएं जिन्होंने पूरी हिस्टरेक्टमी करवाई हो, (गर्भाशय और ग्रीवा हटाने का एक ऑपरेशन) उन्हें ग्रीवा स्क्रीनिंग के लिए नहीं बुलाया जाता है।

जिन महिलाओं की हिस्टरेक्टमी हुई है परन्तु उनमें ग्रीवा के सभी अथवा कुछ अंश बचे हैं, तो उन्हें पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल समाप्त होने के बाद स्क्रीनिंग के बुलाया जाता है।

जिन महिलाओं को कैंसर के उपचार हेतु पूरी हिस्टरेक्टमी हुई है, अथवा जिन्हें पूरी हिस्टरेक्टमी करवाने के समय ग्रीवा-संबंधित इंट्रा-एपिथेलियल नियोप्लासिया (CIN, एक प्रकार का ग्रीवा-संबंधित कैंसर उत्पन्न करने वाला कोशिका बदलाव), उन्हें एक अन्य वाल्ट स्मियर नामक परीक्षण की आवश्यकता हो सकती है।

जिन मामलों में गर्भाशय के पहले वाले स्थान के निकट योनि से कोशिकाओं का सैंपल लिया जाता है, वाल्ट सैंपलिंग को ग्रीवा स्क्रीनिंग प्रोग्राम के स्थान पर हिस्टरेक्टमी के फॉलो-अप उपचार का भाग माना जाता है।

परिणाम

आपके स्क्रीनिंग परीक्षण के परिणाम सीधे ही आपके डॉक्टर अथवा परीक्षण करने वाले क्लीनिक को भेजे जाते हैं। यदि आपके परिणाम सामान्य आते हैं तो संभवत: आपके शल्य-चिकित्सक अथवा क्लीनिक को आपसे संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी।

अपनी स्क्रीनिंग को छोड़ने से पूर्व, कृप्या अपेक्षित परिणाम की तिथि और आप उन्हें कैसे प्राप्त करेंगी, के बारे में पूछें। यदि आवश्यकता हो, तो अपने डॉक्टर अथवा क्लीनिक से अपने परिणाम प्राप्त करने के लिए संपर्क करें।

नीचे विभिन्न प्रकार के परिणाम दिये गए है जिन्हें संभवत: आप ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण के पश्चात प्राप्त करेंगी।

सामान्य

सामान्य परीक्षण परिणाम का अर्थ है कि कोई असामान्य कोशिका बदलाव नहीं है। किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है और नियत समय के अतिरिक्त आपको अगली ग्रीवा स्क्रीनिंग की आवश्यकता नहीं है।.

अपर्याप्त

आपको कहा जा सकता है कि आपको एक दोबारा परीक्षण की आवश्यकता है क्योंकि पहला ठीक तरह पढ़ा नहीं जा सका। यह इसलिए हो सकता कि पर्याप्त कोशिकायें एकत्रित न हुई हों, स्पष्ट रूप से न देखी जा सकी हों, अथवा कोई संक्रमण उपस्थित था। यदि ऐसा होता है, तो आपको वापिस जाने के लिए कहा जाएगा ताकि कोशिकाओं का एक और सैंपल लिया जा सके।

संभावित

यदि आपका परिणाम संभावित है, तो इसका अर्थ है कि कुछ असामान्य कोशिका बदलाव होने के बावजूद वे सामान्य के अत्यंत निकट हैं व बिना उपचार के गायब हो सकते हैं। आपको छ: महीने बाद स्क्रीनिंग परीक्षण के लिए वापिस आने के लिए कहा जायेगा ताकि यह जांच की जा सके कि क्या कोशिकायें वापिस सामान्य अवस्था पर लौट आई हैं।

असामान्य

यदि आपके परिणाम असामान्य हैं तो आपको कहा जा सकता है कि आपमें :

  • हल्के अथवा थोड़े बदलाव (माइल्ड डिस्कार्योसिस) हैं
  • संयत कोशिका बदलाव (मोडरेट डिस्कार्योसिस)
  • विकट कोशिका बदलाव (सिवियर डिस्कार्योसिस)

डिस्कार्योसिस (Dyskaryosis) शब्द कोशिकाओं में बदलाव को वर्णित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

आपके परिणाम CIN से भी संबन्धित हो सकते हैं। इसका अर्थ है ग्रीवा इंट्रा-एपिथेलियल नियोप्लासिया, जो असामान्य कोशिका बदलाव की एक प्रकार के लिए प्रयोग किया जाता है, कोशिकाओं के स्थान पर मांस-तंतु पर आधारित कैंसर उत्पन्न कर सकता है।

इन प्रकारों के कोशिका बदलावों का निम्न बिन्दुकृत रूप से वर्णन किया गया है :

  • CIN 1 हल्के बदलाव से संबन्धित है
  • CIN 2 संयत बदलाव से संबन्धित है
  • CIN 3 विकट बदलाव से संबन्धित है

ये सब परिणाम दर्शाते हैं कि आपकी कैंसर-पूर्व कोशिकाएं हैं। इसका यह अर्थ नहीं है कि आपको कैंसर है अथवा हो सकता है। इसका केवल इतना अर्थ है कि आपकी कुछ कोशिकाएं असामान्य हैं और यदि उनका उपचार नहीं किया गया तो वे ग्रीवा कैंसर में परिवर्तित हो सकती हैं।

सभी असामान्य बदलावों को अतिरिक्त जांच अथवा उपचार हेतु रेफ़र करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह देखने के लिए कि क्या आपके बदलाव स्वयं ही गायब हो जाते हैं, आपके डॉक्टर प्रतीक्षा करने की अनुशंसा कर सकते हैं और 6 महीने के पश्चात एक और स्क्रीनिंग के लिए वापिस आने के लिए कह सकते हैं।

यदि अतिरिक्त जांच की आवश्यकता है, तो आपके डॉक्टर आपको एक और स्क्रीनिंग परीक्षण अथवा कोल्पोस्कोपी नामक परीक्षण के लिए एक विशेषज्ञ (स्त्रीरोग विशेषज्ञ) के पास रेफ़र कर सकते हैं।

कोल्पोस्कोपी

कोल्पोस्कोपी एक साधारण परीक्षण है जिसमें कोल्पोस्कोप नामक विशेष माइक्रोस्कोप का प्रयोग किया जाता है। यह कोशिका की असामान्य स्थिति की पहचान और उपचार की आवश्यकता होने का निर्धारण कर सकता है।

उसी समय आपकी ग्रीवा से मांस-तंतु का एक छोटा सैंपल (बायोप्सी) भी लिया जा सकता है।

कोल्पोस्कोपी के बारे में और अधिक अध्ययन करें।

यह कैसे किया जाता है

यदि आप एक डॉक्टर के यहां पंजीकृत हैं तो आपको अपने शल्य-चिकित्सक डॉक्टर अथवा अपने स्थानीय प्राथमिक देखभाल ट्रस्ट (PCT) से पत्र के माध्यम से ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण के लिए अपॉइंटमेंट लेने के लिए कहा जाएगा।

आप अपने शल्य-चिकित्सक डॉक्टर अथवा परिवार नियोजन क्लीनिक में स्मियर परीक्षण करवा सकती हैं। अधिकांश महिलाएं अपने डॉक्टर अथवा प्रैक्टिस नर्स के पास जाना पसंद करती हैं। यदि आप चाहें तो आप एक महिला डॉक्टर अथवा नर्स के लिए कह सकती हैं।

अपने ऋतुचक्र (मासिकधर्मी समय) के बीच में स्क्रीनिंग परीक्षण करवाना सर्वोत्तम रहता है, अत: आप अपनी अपॉइंटमेंट इस अवधि से मेल खाते हुए बुक करवाएं।

स्क्रीनिंग परीक्षण

साधारणत: ग्रीवा स्क्रीनिंग परीक्षण करने में लगभग पाँच मिनट का समय लगता है। आपको कमर के नीचे कपड़े उतारने और कोच पर लेटने के लिए कहा जाता है। डॉक्टर अथवा नर्स आराम से एक स्पेकुलम नामक उपकरण आपकी योनि में डाल देते हैं। यह योनि की दीवारों को खोल देता है ताकि ग्रीवा स्पष्ट दिखाई दे सके। आपकी ग्रीवा की सतह से कुछ कोशिकाएं एकत्रित करने के लिए एक छोटा ब्रुश जैसा उपकरण का प्रयोग किया जाता है।

यह कार्यवाही थोड़ी असहज अथवा संकोचशील हो सकती है, परन्तु अधिकांश महिलाओं के लिए यह दर्दनाक नहीं होती है। यदि आप इस परीक्षण को दर्दनाक पाती हैं तो डॉक्टर अथवा नर्स से बताएं क्योंकि वे आपकी असहजता को कम करने का प्रयास कर सकते हैं। यथासंभव आराम से रहें क्योंकि दबाव में होने से परीक्षण करना कठिन हो जाता है। धीरे, गहरे सांस लेना सहायक हो सकता है।

प्रयोगशाला में

हाल के वर्षों में कोशिका सैंपलों को लेने की कार्यवाही को सही बनाने के लिए, इसमें सुधार आया है। अब कोशिका सैंपल पहले प्रयोग किए जाने वाले पैप (पापानीकोलाउ) स्मियर परीक्षण के स्थान पर द्रव-आधारित साइटोलोजी (LBC) के प्रयोग से लिए जाते हैं।

ब्रुश का अग्रभाग जिस पर कोशिकाएं एकत्रित की गई है, को एक परिरक्षक द्रव युक्त छोटे बर्तन में तोड़ा जाता है अथवा सीधा ही परिरक्षक तरल में धोकर साफ किया जाता है।

तत्पश्चात सैंपल को एक प्रयोगशाला में भेजा जाता है जहां इसे कोई अन्य बलगम अथवा रक्त जैसे संभवत: बटोरे गए पदार्थ हटाने के लिए साफ किया जाता है। तत्पश्चात इसकी एक माइक्रोस्कोप के नीचे असामान्य कोशिकाओं की खोज करने हेतु जांच की जाती है।

शोध ने यह दर्शाया है की यह कोशिकाओं के सैंपल एकत्र और परीक्षण करने के नई विधि पैप स्मियर परीक्षण से अधिक सही है और यह अपर्याप्त स्क्रीनिंग परिणामों की संख्या को कम करती है। इसका अर्थ है कि परीक्षण अस्पष्ट होने के कारण आपको दोबारा स्क्रीनिंग के लिए वापिस बुलाने के संभावना कम होती है।

ग्रीवा स्क्रीनिंग के परिणाम के बारे में अधिक अध्ययन करें।

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