निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन)

प्रस्तावना

धमनियों में असाधारण रूप से रक्तचाप कम होने को निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन) कहा जाता है।

प्राकृतिक रूप से निम्न रक्तचाप का किसी प्रकार के आसार उत्पन्न करने की संभावना नहीं होती है और साधारणत: यह कोई चिंता का कारण नहीं है। हालांकि, यदि आपका रक्तचाप अत्यंत कम हो जाता है तो यह आपके मस्तिष्क व अन्य अत्यावश्यक अंगों की ओर रक्त प्रवाह की मात्रा को सीमित कर सकता है और जिसके कारण अस्थिरता, चक्कर आना, उत्तेजित सनसनी या बेहोशी हो सकती है।

निम्न रक्तचाप के आसार के बारे में अधिक अध्ययन करें।

यदि आप निम्न रक्तचाप के कोई भी आसार अनुभव कर रहे हैं और चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

सब वयस्कों को कम से कम प्रति पाँच वर्षों में अपने रक्तचाप की जांच करवानी चाहिए। यदि आपने अपने रक्तचाप को नपवाया नहीं है अथवा आपको इसकी रीडिंग का ज्ञान नहीं है तो अपने डॉक्टर से इसे जाँचने के लिए कहें।

निम्न रक्तचाप क्या होता है?

पूरे शरीर में धमनियों, नसों और केशिकाओं के माध्यम से, हृदय रक्त की अपरिवर्तनशील आपूर्ति पम्प करता रहता है। धमनियों में रक्त प्रवाह के दौरान उनकी दीवारों पर रक्त की शक्ति के माप को रक्तचाप कहते है।

यह मर्करी मिलीमीटर (mmHg) में नापा जाता है और दो नापो में रिकॉर्ड किया जाता है :

  • प्रकुंचन दाब – वह दाब जब आपका हृदय धड़कता है और आपकी धमनियों में रक्त घुसता है
  • आकुंचन दाब – वह दाब जब आपका हृदय दो धड़कनों के बीच विश्राम करता है

उदाहरण के तौर पर, यदि आपका प्रकुंचन रक्तचाप 120 mmHg और आपका आकुंचन रक्तचाप 80 mmHg है, तो आपका रक्तचाप 80 से 120 है, जिसे साधारणत: 120/80 की तरह लिखा जाता है।

सामान्य रक्तचाप 90/60 और 140/90 के बीच होता है। यदि आपकी रीडिंग 140/90 अथवा अधिक है, तो आपको उच्च रक्तचाप (हाईपरटेंशन) है, जो आपको दिल का दौरा अथवा स्ट्रोक जैसे गंभीर स्वास्थ्य रोग उत्पन्न होने के उच्च जोखिमों में डालता है।

लगभग 90/60 अथवा कम की रक्तचाप रीडिंग वाले व्यक्ति समान्यत: निम्न रक्तचाप धारक माने जाते हैं।

मेरा रक्तचाप निम्न क्यों है?

आपका रक्तचाप कई कारणों निम्न से हो सकता है जिनमें दिन का समय, आपकी आयु, तापमान, ली जा रही कोई औषधि, चोट और कुछ बीमारियाँ सम्मिलित हैं।

उपचार और स्व-सहायता

यदि निम्न रक्तचाप में चक्कर अथवा बार-बार गिरने जैसे कोई आसार उत्पन्न नहीं हो रहे, तो प्राकृतिक रूप से इसके लिए कोई उपचार करवाने की आवश्यकता नहीं है। यदि आसार उत्पन्न हो रहे हैं, तो आपके डॉक्टर इसका उपचार संभव होने के स्थिति में इसके कारणों की जांच-पड़ताल करेंगे।

निम्नलिखित सहित कई उपाय निम्न रक्तचाप के आसार को सीमित करने में सहायता कर सकते हैं :

  • धीरे-धीरे खड़ा होना और बहुत समय तक लंबी अवधियों के लिए खड़े रहने को टालना
  • स्वयं को अच्छी तरह हाड्ड्रेट्ड़ रखना सुनिश्चित करना
  • सपोर्ट मोजे पहनना
  • रात को कैफ़िन पीने से बचना और मदिरा पान सीमित करना
  • अपने आहार में अधिक नमक खाना
  • कम मात्रा में और कई बार आहार खाना

आसार

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यदि आपका रक्तचाप प्राकृतिक रूप से निम्न है, तो यह असम्भाव्य है कि यह आपमें कोई आसार उत्पन्न हो पाएंगे अथवा उपचार की आवश्यकता होगी।

ऐसा होने पर भी, कभी-कभी निम्न रक्तचाप का यह अर्थ हो सकता है कि आपके मस्तिष्क और अन्य अत्यावश्यक अंगो की ओर प्रयाप्त रक्त प्रवाह नहीं हो रहा है जिसके कारण निम्न लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं :

  • चक्कर आना
  • उत्तेजित सनसनी
  • अस्थिरता, अथवा असंतुलन प्रतीत होना
  • बेहोशी
  • धुंधली दृष्टि
  • तीव्र, अथवा अनियमित हृदय की धड़कन (घबराहट)
  • भ्रम
  • बीमार महसूस करना (मिचली)
  • आम कमजोरी

यदि आपके द्वारा मुद्राएँ बदलने, उदाहरणार्थ खड़े होने पर, के कारण निम्न दाब का अनुभव होता है तो इसे पोस्टयूरल अथवा ओर्थोंस्टैटिक हाइपोटेंशन कहते है।

लक्षणों की अवधि कुछ सेकंड से अधिक नहीं होनी चाहिए क्योंकि आपका रक्तचाप आपकी नई मुद्रा के साथ स्वयं व्यवस्थित कर लेगा। इस प्रकार का निम्न रक्तचाप व्यक्तियों को उनकी आयु बढ्ने के साथ-साथ तब अधिक प्रभावित करता है, जब इसके कारण बार-बार गिरने की घटनाएं घटित होने लगती हैं। उसी प्रकार के लक्षण व्यायाम के पश्चात भी उत्पन्न हो सकते हैं।

यदि आपको खाने के पश्चात आसार लगते है, यह पोस्टप्रानदियल हाइपोटेंशन के नाम से जाना जाता है और अक्सर बुजुर्ग व्यक्तियों में होता है, विशेषत: जिन्हें उच्च रक्तचाप अथवा पार्किंसंस रोग और मधुमेह जैसे रोग होते हैं।

खाने के पश्चात, आपकी अंतड़ियों को पाचनशक्ति बढ़ाने हेतु रक्त की अधिक मात्रा की आवश्यता होती है। यदि आपकी हृदय गति रक्तचाप बनाए रखने के लिए प्रयाप्त नहीं है, तो आपकी रक्तचाप गिर जाती है व लक्षण उत्पन्न होते हैं।

कुछ व्यक्तियों को लंबी समयाविधिओं के लिए खड़े रहने से लक्षण अनुभव होते हैं। कभी-कभी इसे निऊरली मेडियेटेड हाइपोटेंशन कहते है व अक्सर यह बच्चों और जवान वयस्कों को प्रभावित करते हैं।

आसार होने पर क्या करना चाहिए

यदि आपके विचार में आपको निम्न रक्तचाप का दौरा पड़ रहा है तो आप :

  • जो आप कर रहें है, उसे रोक दें
  • बैठे अथवा लेट जायें
  • थोड़ा पानी पीएं

कुछ सेकंड अथवा मिनट के पश्चात ये लक्षण स्वत: ही दूर हो जाएंगे।

अपने डॉक्टर से कब संपर्क करें

यदि आपको निम्न रक्तचाप के लक्षण बार-बार उत्पन्न हो रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आपके डॉक्टर आपका रक्तचाप नाप सकते हैं व समस्या के अंतर्निहित कारणों को पहचान सकते हैं।

कारण

पूरा दिन आप क्या कर रहें है, के आधार पर आपके रक्तचाप का भिन्न-भिन्न होना सामान्य बात है।

काम का तनाव, बाहरी तापमान और आपका आहार, सब आपकी रक्तचाप रीडिंग को प्रभावित कर सकते हैं।

आप जब भी अपना रक्तचाप नपवायें, यह महत्वपूर्ण है कि परीक्षण समान स्थितियों में किया जाए ताकि परिणाम एक से रहें। यदि आपकी निम्न रक्तचाप रीडिंग है, तो आपके डॉक्टर संभावित अंतर्निहित कारणों पर विचार करने से पूर्व रक्तचाप प्रभावित करने वाले दैनिक कारणों पर विचार करेंगे।

दैनिक कारण

कई कारकों का आपके हृदय और रक्तसंचार पर दैनिक अथवा प्रति घंटा प्रभाव पड़ता है। निम्न कारक आपके रक्तचाप और, कुछ मामलों में, निम्न रक्तचाप उत्पन्न कर सकते हैं :

  • दिन का समय - आपका रक्तचाप रात में गिरता है और दिन में बढ़ता है
  • आपकी आयु – आमतौर पर आपकी आयु के साथ आपका रक्तचाप भी बढ़ता है, परन्तु आयु के साथ हलचल अथवा खाने से रक्तचाप में गिरावट अधिक आम होती है
  • आप कितने तनाव में अथवा तनाव-मुक्त हैं – अधिक तनाव-मुक्त होने से आपका रक्तचाप कम होता है
  • आप कितना व्यायाम करते हैं – आरम्भ में, व्यायाम आपका रक्तचाप बढ़ाता है, परन्तु यदि आप स्वस्थ्य हैं और नियमित व्यायाम करते हैं, तो विश्राम करते समय आपका रक्तचाप कम होगा
  • तापमान – गर्म ताप आपका रक्तचाप गिरा सकता है
  • यदि आपने अभी-अभी खाया है – आपके पेट में आहार को पचाने के लिए रक्त की आवश्यकता होगी, अत: आपके शरीर में किसी अन्य स्थान पर रक्तचाप गिरेगा।

अंतर्निहित कारण

यदि उपरोक्त दैनिक कारकों का विचार करने के पश्चात भी आपका रक्तचाप निम्न माना जाता है, तो हमें अन्य कारणों पर विचार करना होगा। कुछ संभावनाएं नीचे दी गई हैं :

औषधियाँ

निम्न सहित कुछ अन्य प्रकार की औषधियाँ निम्न रक्तचाप उत्पन्न कर सकती हैं :

  • रक्तचाप कम करने की औषधियाँ
  • बीटा-ब्लोकर – आपके हृदय की समस्या के संबंध में दिये जाने वाले नुस्खे में वर्णित औषधि
  • एल्फा-ब्लोकर - उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और प्रोस्टेट ग्रंथि (प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि होती है जो केवल पुरुषों में लिंग और ब्लेडर के मध्य स्थापित होती है) समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को रक्तचाप कम करने हेतु अनुशंसित औषधियां

कुछ हताशारोधी (ऐन्टीडिप्रेसन्ट)

औषधियों का नुस्खा देते समय आपके डॉक्टर संभावित दुष्प्रभावों के बारे में आपके साथ चर्चा करेंगे और यदि आपको हाइपोटेंशन का जोखिम है तो आपके रक्तचाप पर ध्यानपूर्वक निगरानी रखी जाएगी।

डीहाइड्रेशन

यदि गर्म मौसम में अत्याधिक पसीने अथवा उल्टी अथवा दस्त के परिणामस्वरूप गैस्ट्रोइंटेस्टीनल मार्ग से द्रव हानि हो, तो डीहाइड्रेशन उत्पन्न हो सकता है।

गंभीर बीमारी अथवा हालात

यदि आपको लघु-अवधि (घातक) रोग है, तो आपका रक्तचाप नियमित रूप से नापा जाएगा क्योंकि यह आपके हृदय की स्थिति की विकटता का एक अच्छा संकेतक होता है। दिल का रोग अथवा दिल का दौरा जैसी हृदय की स्थिति भी निम्न रक्तचाप उत्पन्न कर सकती है क्योंकि हृदय आपके शरीर के हर ओर रक्त पम्प नहीं कर पाता है।

तंत्रिकीय विकार

पार्किंसंस रोग जैसे तंत्रिकीय विकार ऐसी स्थितियाँ हैं जो आपकी नसों को प्रभावित करती हैं। यदि आपके ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम नामक तंत्रिका तंत्र का भाग प्रभावित होता है तो निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

आपका ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम आपके तंत्रिका तंत्र का भाग है जो उन शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है जिनके बारे में आप सक्रियता से सोचते नहीं है, जैसे की पसीना आना और हाज़मा। यह आपके रक्त वाहिनियों के फैलाव और सिकुड़न का नियंत्रण भी करता है।

यदि आपके ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम में कोई समस्या है तो आपकी रक्त वाहिनियां अत्यंत चोड़ी रह सकती हैं और इससे निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

हार्मोन की समस्यायें

मधुमेह अथवा एडिसन्स रोग जैसी स्थिति जो आपके शरीर में विशिष्ट हार्मोनों के उत्पादन को प्रभावित करती है, व जिस कारण निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

एडिसन्स रोग में प्रतिरक्षी तंत्र गुर्दों के बिलकुल ऊपर स्थित दो छोटी ग्रंथियों, जिन्हें एड्रेनल ग्रंथियां कहते है, पर आक्रमण करता है और उन्हें क्षति पहुंचाता है। वे आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने वाले और आपके शरीर में नमक और पानी में संतुलन बनाने वाले हार्मोन बनाती हैं।

यदि आपकी एड्रेनल ग्रंथियों को क्षति पहुँचती है, उदाहरणार्थ किसी संक्रमण अथवा ट्यूमर के कारण, तो भी निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

गंभीर चोटें और सदमा

गंभीर चोटों और जलने के कारण निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है, विशेषत: जब आप अत्यधिक रक्त गंवा देते हैं। किसी गंभीर चोट के बाद सदमे के कारण भी निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

सेप्टिक सदमा और टॉक्सिक सदमा के लक्षण

सेप्टिक सदमा और टॉक्सिक सदमा के लक्षण जीवाणु-संबंधी संक्रमण से उत्पन्न होते हैं। . जीवाणु छोटी रक्त वाहिनियों की दीवारों पर आक्रमण करते हैं जिससे आस-पास के मांस-तंतुओं में रक्त से द्रव का रिसाव होता है। इस कारण रक्तचाप में महत्वपूर्ण गिरावट आती है।

एनफ़िलैक्टिक सदमा

एनफ़िलैक्टिक सदमा, अथवा एनफ़िलैक्सिस, किसी एलेर्जिक प्रतिक्रिया से उत्पन्न होता है। किसी एलेर्जिक प्रतिक्रिया के दौरान आपका शरीर अत्याधिक हिस्टामाइन नामक रसायन उत्पन्न करता है जिससे रक्त वाहिनियाँ चोड़ी होकर रक्तचाप में अचानक विकट गिरावट उत्पन्न करती हैं।

कार्डिओजेनिक सदमा

जब आपका हृदय आपके शरीर को प्रयाप्त रक्त आपूर्ति नहीं कर पाता है तो कार्डिओजेनिक सदमा होता है जिस कारण रक्तचाप में गिरावट आती है। यह दिल के दौरे के दौरान घटित हो सकता है।

अन्य कारण

निम्न रक्तचाप के अन्य संभावित कारण नीचे दिये गए हैं :

  • हृदय और मस्तिष्क की बीच गलतफहमी - निम्न रक्तचाप, जो लंबी समयावधि के लिए खड़े रहने से (निऊरली मेडियेटेड हाइपोटेंशन) उत्पन्न होता है जब आपका शरीर आपके मस्तिष्क को कहता है कि आपका रक्तचाप अत्यंत ऊंचा है, जबकि वास्तव में यह अत्यंत कम होता है; इससे आपका मस्तिष्क आपके दिल की धड़कन धीमी हो जाती और परिणामस्वरूप आपका रक्तचाप और कम हो जाता है।
  • रक्ताल्पता (एनेमिया) – एक स्थिति जिसमें रक्त में हेमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य स्तर से नीचे होती है, अथवा सामान्य से कम लाल रक्त कोशिकाएं होती हैं
  • लंबे समय तक बिस्तर पर विश्राम
  • आपके ज़ीन – कुछ शोधों के अनुसार निम्न रक्तचाप आनुवांशिक (जेनेटिक) है। यदि आपके माता-पिता को निम्न रक्तचाप है, तो संभवत: आप उसे उनसे विरासत में पा लें।

कुछ मामलों में, निम्न रक्तचाप का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है।

रोग-निदान

निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन) का सरलता से, आपके रक्तचाप को नाप कर, रोग-निदान किया जा सकता है।

दो नापो का प्रयोग करके रक्तचाप रीडिंग ली जाती है। प्रथम रीडिंग प्रकुंचन होती है, जो आपके हृदय के सिकुड़ते समय आपके शरीर के हर ओर रक्त को धकेलने हेतु प्रयोग किया गया दबाव होता है।

दूसरे नाप का नाम आकुंचन है, जो आपके दिल की धड़कनों के बीच आपके हृदय में रक्त भरने के लिए प्रयोग किया गया दबाव होता है। दोनों प्रकुंचन और आकुंचन रक्तचापों को मर्करी मिलीमीटर (mmHg) में नापा जाता है।

रक्तचाप कैसे नापा जाता है

अक्सर रक्तचाप को स्टेथोस्कोप, बाजू का कफ़, डायल, पंप और वाल्व युक्त स्फीग्मोमैनोमीटर नामक उपकरण का प्रयोग करके, नापा जाता है।

कफ़ को आपकी बाजू को घेर कर रखा जाता है और रक्त प्रवाह सीमित करने हेतु पंप किया जाता है। फिर दबाव को धीरे से छोड़ते व स्टेथोस्कोप के प्रयोग से नाड़ी की जांच की जाती है।

कफ़ छोड़ने के बाद नाड़ी की धड़कन सुनते हुए मर्करी स्केल पर नाप लिया जाता है तथा आपके रक्तचाप की उचित रीडिंग प्राप्त की जाती है।

अब कई शल्य-चिकित्सक डॉक्टर डिजिटल स्फीग्मोमैनोमीटर का प्रयोग करते हैं, जो विद्युत सेन्सर का प्रयोग करके आपकी नाड़ी नापते हैं।

आपका रक्तचाप नपवाने लेने से पहले आपटो कम से कम पाँच मिनट का विश्राम और अपना ब्लेडर खाली करना चाहिए।

एक उचित रक्तचाप रीडिंग लेने के लिए, आपको बैठा हुआ होना चाहिए और रीडिंग लेते समय बात नहीं करनी चाहिए।

आपका रक्तचाप लिए जाने के पश्चात, आपके डॉक्टर अथवा नर्स पहले आपको प्रकुंचन रीडिंग और फिर आकुंचन रीडिंग देंगे। यदि आपका प्रकुंचन रक्तचाप 120 mmHg है, और आपका आकुंचन रक्तचाप 80 mmHg है, तो आपको बताया जाएगा कि आपका रक्तचाप 80 और 120 है इसे 120/80 की तरह लिखा जाएगा।

निम्न रक्तचाप

सामान्य गाइड के रूप में 90/60 से नीचे की रीडिंग निम्न रक्तचाप होती है।

यदि इस गाइड के अनुसार आपको निम्न रक्तचाप है, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्राकृतिक रूप में निम्न रक्तचाप यदा-कदा ही लक्षण उत्पन्न करता हैं अथवा उपचार की आवश्यकता होती है। निम्न रक्तचाप होना स्वस्थ माना जाता है क्योंकि यह आपकी रक्तचाप के जोखिमों और रोगों से सुरक्षा करता है।

पोस्टुरल अथवा ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन

यदि अधिकतर मुद्रा बदलते (पोस्टुरल अथवा ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन) समय आपके निम्न रक्तचाप के लक्षण उत्पन्न होते हैं, तो आपका रक्तचाप आपके हिलने-डुलने से पहले नापा जाना चाहिए। उदाहरणार्थ, जब आप बैठे हो और फिर जब आप खड़े हों, तब आपका रक्तचाप नापा जा सकता है।

यदि आपके बैठे हुए के रक्तचाप के आधार पर, आपके खड़े होने के स्थिति में आपकी प्रकुंचन रीडिंग 15 से 30 mmHg तक नीचे आती है, तो आपको ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन हो सकता है।

अंतर्निहित कारणों की पहचान

प्राय: आपके डॉक्टर अथवा कार्यरत नर्स अत्यंत सरलता से निम्न रक्तचाप का रोग-निदान कर सकते हैं। ऐसा होने पर भी, अक्सर निम्न रक्तचाप के कारण का निर्धारण अधिक कठिन हो सकता है।

यदि आपकी कोई अंतर्निहित स्थिति निम्न रक्तचाप उत्पन्न करती है, तो संभवत: आपके अन्य लक्षण भी होंगे। आपको अपने डॉक्टर से चर्चा इनकी करनी चाहिए, जो अतिरिक्त परीक्षणों की अनुशंसा कर सकते हैं।

अतिरिक्त परीक्षणों में रक्ताल्पता की जांच हेतु रक्त जांच और आपके हार्मोन स्तरों अथवा रक्त शर्करा (ग्लुकोस) स्तर के नाप लिए जा सकते हैं अथवा आपकी ह्रदय गति की अनियमिततायें पता लगाने के लिए एक इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) किया जा सकता है।

उपचार

आम तौर पर लक्षणों के उत्पन्न होने पर ही निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन) का उपचार किया जाना चाहिए। इसमें सामान्य जीवनशैली परामर्श और स्थिति के किसी अंतर्निहित कारण का उपचार सम्मिलित होगा।

यदि आपका प्राकृतिक रूप में निम्न रक्तचाप है और यह कोई समस्याएं उत्पन्न नहीं कर रहा है, तो कदाचित ही इसका उपचार आवश्यक होगा।

जनरल परामर्श

अक्सर हाइपोटेंशन की कुछ अति कॉमन प्रकारों के आसार को सीमित करने में निम्न वर्णित परामर्श लाभप्रद होते हैं :

  • धीरे-धीरे खड़े हों – विशेष तौर पर प्रात: का सर्वप्रथम कार्य। इससे पहले अपनी हृदय गति और शरीर के हर ओर रक्त प्रवाह बढ़ाने हेतु कोई अन्य शारीरिक गतिविधियां करना भी लाभप्रद हो सकता है। उदाहरणार्थ, उठने से पहले बिस्तर पर अंगड़ाई लेना अथवा यदि आप बैठे है या खड़े होने वाले हैं तो अपनी टांगों को समेटना और खोलना।
  • लम्बी समयावधियों के लिए खड़े रहने से बचे – यह निऊरली मेडियेटेड हाइपोटेंशन (हृदय और मस्तिष्क की बीच की गलतफहमी के कारण उत्पन्न निम्न रक्तचाप) की रोकथाम में सहायता कर सकता है।
  • सपोर्ट मोजे पहनें – जिन्हें कभी-कभी दबाव वाले मोजे भी कहा जाता है, ये तंग-फिटिंग लोचदार मोजे या मोटे कपड़े की टाइट्स होते हैं। वे पैरों, टांगों और पेट तो अतिरिक्त दबाव पहुंचाती हैं जिससे रक्तसंचार में सुधार और रक्तचाप बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। ऐसा होने पर भी, सपोर्ट मोजे पहनने से पूर्व आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए क्योंके यह सबके लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।
  • रात को कैफ़िन पीने से बचना और मदिरा पान सीमित करना – यह आपको डीहाड्ड्रेट्ड़, जिससे निम्न रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है, होने से बचने में सहायता करता है।
  • अधिक खाने की तुलना में थोड़ा खाएं, बार-बार खाएं – यह पोस्टप्रानडियल हाइपोटेंशन (खाने के पश्चात निम्न रक्तचाप) की रोकथाम में सहायता कर सकता है। खाने अथवा काफी समय से स्थिर बैठे रहने के पश्चात लेटना भी सहायक हो सकता है।

अपने द्रव और नमक की खपत को बढ़ाना

डीहाइड्रेशन से निम्न रक्तचाप हो सकता है। अपने द्रव और नमक की खपत को बढ़ाने से इसका सरलता से उपचार किया जा सकता है। पर्याप्त द्रव पीना सुनिश्चित करें जो आपके रक्त की मात्रा बढ़ाने में सहायता करेगा व परिणामस्वरूप आपके रक्तचाप में बढ़ोतरी होगी।

यदि आप निम्न रक्तचाप से ग्रसित हैं, तो अपने आहार में अधिक नमक खाना लाभप्रद हो सकता है। आपके डॉक्टर आपको परामर्श दे सकते हैं कि आपको कितने अतिरिक्त नमक की आवश्यकता है और क्या आप अपने दैनिक आहार में नमक की मात्रा बढ़ा सकते हैं अथवा क्या आपको नमक की गोलियां लेनी होंगी। अपने डॉक्टर से पहले संपर्क किए बिना अपने आहार में अतिरिक्त नमक न बढ़ाएँ।

अपनी औषधियाँ बदलना

यदि आपके डॉक्टर के विचार में आपकी औषधियाँ निम्न रक्तचाप उत्पन्न कर रही हैं, तो वे आपको वैकल्पिक औषधियाँ अथवा खुराक की मात्रा बदलने के लिए परामर्श दे सकते हैं।

औषधियाँ लेने के दौरान आपके रक्तचाप की निगरानी रखी जानी चाहिए व बदलाव नोट किए जाने चाहिए। यदि औषधियाँ लेने से आप किसी प्रकार के दुष्प्रभाव अनुभव करते हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं।

अंतर्निहित रोगों का उपचार

यदि आपके डॉक्टर के विचार में आपके निम्न रक्तचाप की उत्पत्ति किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति के कारण हो रही है, तो आपको अतिरिक्त जाँचों और उपचार हेतु हॉस्पिटल में रेफ़र किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपका निम्न रक्तचाप हार्मोन की समस्याओं से संबन्धित है (अधिक जानकारी के लिए निम्न रक्तचाप के कारण देखें), तो आपको किसी विशेषज्ञ (एंडोक्रिनोलोजिस्ट) को रेफ़र किया जा सकता है जो हार्मोन रिप्लेसमेंट औषधियों का नुस्खा दे सकते हैं।

निम्न रक्तचाप के लिए औषधियाँ

निम्न रक्तचाप के लिए बहुत कम व्यक्तियों को औषधियों का नुस्खा दिया जाता है। अक्सर अपनी जीवनशैली में उपरोक्त बदलाव करके, और विशेषत: अपने द्रव और नमक की मात्रा बढ़ा कर, हाइपोटेंशन के लक्षणों का उपचार किया जा सकता है।

यदि औषधियाँ लेना आवश्यक हो, तो आम तौर पर यह आपके रक्त की मात्रा बढ़ाने अथवा आपकी धमनियों को जकड़ने (तंग) करने के लिए होंगी। अपने रक्त की मात्रा बढ़ाने अथवा धमनियां तंग करने से आपका रक्तचाप बढ़ता है क्योंकि एक छोटे स्थान में से अधिक रक्त प्रवाह होगा।

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