बैलेनाइटिस

प्रस्तावना

लिंग के अग्रभाग की सूजन को बैलेनाइटिस (बलनोपोस्थिटिस) कहते हैं। अक्सर लिंग की ऊपरी चमड़ी (ढीली त्वचा जो लिंग के अग्रभाग को ढ़कती है) भी प्रभावित होती है।

बैलेनाइटिस एक सामान्य और साधारण बीमारी है जो पुरुषों और लड़कों को प्रभावित करती है हालांकि अधिकांश यह उन पुरुषों में होती है जिनकी सुन्नत न हुई हो।

बैलेनाइटिस के लक्षणों में लिंग के अंत पर सूजन, लालीपन और पीड़ा सम्मिलित हैं। ऊपरी चमड़ी के नीचे कुछ गाड़ा रसाव भी हो सकता है।

बैलेनाइटिस के लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

अपने डॉक्टर से कब संपर्क करें

यदि आपको बैलेनाइटिस के निम्न में से कोई भी लक्षण है तो अपने डॉक्टर अथवा स्थानीय यौन स्वास्थ्य (Sexual Health) अथवा जननांग चिकित्सा (Genito Urinary Medicine) क्लीनिक से संपर्क करें। हालांकि प्राय: बैलेनाइटिस चिंताजनक नहीं है, यह किसी अन्य बीमारी का संकेत हो सकता है, उदाहरणार्थ एक यौन संचारित संक्रमण (STI) अथवा योनि संक्रमण (यीस्ट संक्रमण की एक प्रकार)।

यदि आपके बेटे को बैलेनाइटिस होता है, तो भी अपने डॉक्टर से संपर्क करें। उन्हें नुस्खा लिखने की आवश्यकता हो सकती है - केवल औषधियाँ, जैसे की एंटिबायोटिक्स।

कौन प्रभावित होता है?

बैलेनाइटिस किसी भी आयु में हो सकता है। अंदाज़े से पाँच वर्ष से कम आयु के 20 में से एक लड़का बैलेनाइटिस से प्रभावित है। दस में से एक पुरुष जो स्थानीय यौन स्वास्थ्य अथवा जननांग चिकित्सा (GUM) क्लीनिक में जाते हैं, , उन्हें बैलेनाइटिस होता है।

लड़कों में बैलेनाइटिस का एक आम कारण त्वचा में जलन है। यह हो सकता है क्योंकि इस आयु में ऊपरी चमड़ी को पीछे खींचना सदैव सम्भव नहीं है, जिस कारण स्मेगमा नामक पनीर जैसा दिखने वाला पदार्थ बनता है जो त्वचा को जलन पहुँचा सकता है।

यदि लिंग को साफ नहीं रखा जाता है, तो स्मेगमा से जलन भी गैर-सुन्नत वाले पुरुषों में बैलेनाइटिस का एक कॉमन कारण हो सकता है।

पुरुषों में बैलेनाइटिस के अन्य कारणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • सुगंधित साबुन अथवा शावर जैल जैसे पदार्थों से त्वचा में जलन
  • फफूंदीय संक्रमण
  • साबुनों अथवा डेटरजेंटों जैसे उत्पादों में उपयोग किये जाने वाले रसायनों से एलेर्जिक प्रतिक्रिया
  • सोरिएसिस जैसी त्वचा बीमारियाँ
  • यौन संचारित संक्रमण (STI), जैसे की प्रमेह, जननांग दाद और सिफिलिस
  • मूत्रत्याग के पश्चात पिशाब का निरंतर रिसाव

बैलेनाइटिस के कारणों के बारे में अध्ययन करें।

प्राय: बैलेनाइटिस चिंताजनक नहीं है और अक्सर इसे कष्टदायक पदार्थो से दूर रह कर, और कुशल स्वच्छता से रोका जा सकता है।

बैलेनाइटिस की रोकथाम के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

बैलेनाइटिस का उपचार

बैलेनाइटिस के अधिकांश मामलों की क्रीमों अथवा लेपों के मिश्रण, कुशल स्वच्छता और लिंग को कष्ट पहुंचाने वाले पदार्थों से दूर रख कर, सरलतापूर्वक देखभाल की जाती है।

बैलेनाइटिस के बार-बार लौटनेे वाले दुर्लभ मामलों मेंं, सुन्नत (ऊपरी चमड़ी को सर्जरी से हटाना) करवाने की अनुशंसा की जा सकती है। उदारहरणार्थ, ऐसे मामलें जिनमें ऊपरी चमड़ी पीछे नहीं खींची जा सकती हैं, (फिमोसिस) साफ करना चाहिये, नहीं तो मूत्रत्याग के पश्चात मूत्र का निरंतर रिसाव जारी रहता है।

बैलेनाइटिस का उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

लक्षण

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बैलेनाइटिस के कई प्रकार के लक्षण हो सकते हैं और जरूरी नहीं है कि आपको उन सभी का अनुभव हो।

लक्षणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • आपके लिंग के अग्रभाग (मुण्ड) के इर्द-गिर्द लाल त्वचा, सूजन अथवा जलन और पीड़ा
  • लिंग की ऊपरी चमड़ी के नीचे गाड़ा रिसाव
  • चकत्ता अथवा अल्सर (फोड़े)
  • खुजलाहट
  • अप्रिय गंध
  • तंग ऊपरी चमड़ी जो पीछे नहीं जाती; इसका चिकित्सीय नाम फिमोसिस है
  • पिशाब करते समय दर्द

चिकित्सीय सलाह कब लेनी चाहिये

हालांकि प्राय: बैलेनाइटिस चिंताजनक नहीं है, परन्तु यह किसी अन्य बीमारी का संकेत हो सकता है, उदाहरणार्थ एक यौन संचारित संक्रमण (STI) अथवा योनि संक्रमण (एक प्रकार का फफूंदीय संक्रमण)।

इसलिये अपने डॉक्टर अथवा अपने स्थानीय यौन स्वास्थ्य अथवा जननांग चिकित्सा क्लीनिक पर जाना महत्वपूर्ण है।

यदि आपके बेटे को बैलेनाइटिस है, तो भी अपने डॉक्टर से संपर्क करें। उन्हें एंटिबायोटिक्स जैसी किसी औषधि की आवश्यकता हो सकती है। आपके डॉक्टर लिंग के अग्रभाग, विशेषत: ऊपरी चमड़ी के नीचे, को साफ करने की सलाह दे सकते हैं।

कारण

बैलेनाइटिस के कारणों में स्मेगमा नामक पदार्थ का संग्रह, फफूंदीय संक्रमण और यौन संचारित संक्रमण (STI) सम्मिलित हैं।

स्मेगमा

अधिकांश मामलों में, जब एक बदबूदार, स्मेगमा नाम के पनीर जैसे दिखने वाले पदार्थ से त्वचा में जलन हो, तो यह बैलेनाइटिस होता है।

स्मेगमा एक प्राकृतिक चिकना करने वाला पदार्थ है जो लिंग को कुछ भीगा हुआ रखता है। यह लिंग के अग्रभाग और ऊपरी चमड़ी के नीचे पाया जाता है।

छोटे लड़कों में स्मेगमा एकत्रित हो सकता है क्योंकि इस आयु में ऊपरी चमड़ी को पीछे खींचना कठिन होता है। इससे लिंग को साफ रखना कठिन हो जाता है।

यदि लिंग को साफ नहीं रखा जाता है, तो गैर-सुन्नत वाले पुरुषों में भी स्मेगमा बनने से बैलेनाइटिस हो सकता है।

अन्य कारण

बैलेनाइटिस के अन्य कारणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • फफूंदीय संक्रमण (योनि संक्रमण)
  • जीवाणु-संबंधी संक्रामण - स्ट्रेप्टोकोकल जीवाणु अत्यन्त सामान्य प्रकार का जीवाणु है जो बैलेनाइटिस उत्पन्न करता है।
  • एलर्जीक प्रतिक्रिया अथवा त्वचा जलन - जो बुलबुला स्नान, अथवा साबुन जैसे प्रदार्थों से विपरीत त्वचा प्रतिक्रिया से होती है (इस प्रकार की त्वचा प्रतिक्रिया का चिकित्सीय नाम कान्टैक्ट डर्माटाइटिस है)
  • एटोपिक एकजिमा, अथवा सोरिएसिस जैसी अंतर्निहित त्वचा की बीमारी (नीचे देखें)
  • लड़कों में, बारंबार अपनी ऊपरी चमड़ी से खेलना

पुरुषों में बैलेनाइटिस के अन्य कारण में निम्न सम्मिलित हैं :

  • किसी योनि संक्रमण से ग्रसित महिला के साथ असुरक्षित संभोग करना
  • यौन संचारित संक्रमण (STIs) जैसे की जननांग दाद, क्लैमाइडिया, प्रमेह और सिफिलिस
  • कोंडोम में प्रयोग होने वाले लेटेक्स द्वारा उत्पन्न जलन

निम्न लिखित कई अन्य त्वचा की बीमारियों में पुरुषों में बैलेनाइटिस के लक्षण दिख सकते हैं :

  • लाइकेन प्लैनस - शरीर के कई क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला एक गैर-संक्रामक, खुजलीदार चक्कता है
  • लाइकेन स्क्लेरोसस - जननांगों और गुदा के आसपास की त्वचा को पीड़ित करने वाली त्वचा की बीमारी
  • ज़ून’स बैलेनाइटिस - एक दुर्लभ बीमारी जो मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों को पीड़ित करती है और लिंग के अग्रभाग को लाल, चमकदार और खुजलीदार बनाती है
  • कुंडलाकार बैलेनाइटिस - एक प्रकार का सोरिएसिस जो कभी-कभी प्रतिक्रियाशील गठिया वाले पुरुषों को पीड़ित करता है

यदि बैलेनाइटिस के सब कारणों को ख़ारिज़ कर दिया गया है, तो आपको अविशिष्ट बालनोपोस्टहाइटिस हो सकता है। यह तब होता है जब ऊपरी चमड़ी और मुण्डं की जगह पर जलन, लाली और सूजन

होती है, जिससे दर्द होता है और पिशाब करने में कठिनाई होती है। प्राय: बलानोपोसथाइसिस का उपचार एंटिबायोटिक्स से किया जाता है, परन्तु विकट मामलों में सुन्नत करने की आवश्यकता हो सकती है।

रोग-निदान

आपके डॉक्टर मुण्ड पर लालिमा और जलन (सूजन) दिखने से बैलेनाइटिस का रोग-निदान कर सकने में सक्षम हो सकते हैं।

शुरुआत में शायद आप अपने डॉक्टर से बैलेनाइटिस के लक्षणों के बारे में चर्चा करने में शर्मिंदा महसूस कर सकते है , परन्तु आपको यह करना महत्वपूर्ण है।

क्योंकि आपके लक्षण मधुमेह जैसी अधिक अंतर्निहित गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं।

आप या आपके बच्चे को भी नुस्खे - केवल एंटिबायोटिक्स अथवा एंटिफफूंदी औषधियाँ (अधिक जानकारी के लिये बैलेनाइटिस का उपचार देखें)।

अपने डॉक्टर से संपर्क करना

बैलेनाइटिस के कारणों को निर्धारित करने के लिये, आपके डॉक्टर आपके (अथवा आपके बच्चे के) लिंग का परीक्षण करेंगे और कारण निर्धारण हेतु कई प्रश्न पूछेंगे। वे पूछ सकते हैं :

  • आप अपने लिंग को कितनी बार साफ करते हैं
  • क्या आपने साबुन अथवा बुलबुला स्नान जैसे तकलीफ़ देने वाली वस्तुओं का प्रयोग किया है
  • क्या आपका एकजिमा जैसी त्वचा की बीमारी का कोई इतिहास है
  • क्या संभोग के दौरान आपने अपने लिंग के अग्रभाग को कोई हानि पहुंचाई है

बच्चों के लिये, आपके डॉक्टर निम्न भी पूछ सकते हैं :

  • क्या आपने अपने बच्चे को उसकी ऊपरी चमड़ी से खेलते हुये देखा किया है
  • अधिक छोटे बच्चों के लिये, उनकी नैपी कितनी बार बदली गई है

प्राय: अतिरिक्त परीक्षणों की आवश्यकता तभी होती है जब लक्षण विशेष रूप से चिंताजनक हों अथवा उपचार द्वारा ठीक नहीं होते हैं। आम तौर पर लिंग के अग्रभाग से कोषाणुओं का छोटा नमूना (फाहा) लिया जाता है और उनका संक्रमण के लिये परीक्षण किया जाता है।

आपके लिंग के कोषाणुओं का नमूना लेने के अतिरिक्त आपके डॉक्टर आपको रक्त शर्करा नापने के लिये रक्त और पिशाब परीक्षण के लिये भी कह कर सकते हैं। इसे यह चैक करने के लिये किया जाता है कि कहीं आप मधुमेह से ग्रसित तो नहीं है जो आपको संक्रमण के प्रति अधिक अतिसंवेदनशील बनने का कारण बन सकता है।

आपके डॉक्टर आपको यौन संचारित संक्रमणों (STIs) के परीक्षण करवाने के लिये भी अनुशंसित कर सकते हैं। वे आपको किसी यौन स्वास्थ्य क्लीनिक में भी भेज सकते हैं।

उपचार

यदि आप अथवा आपके बच्चे को बैलेनाइटिस है, तो अनुशंसित उपचार बीमारी उत्पन्न करने वाले कारण पर निर्भर होगा

बैलेनाइटिस के सब मामलों में आपको संभावित कष्टदायी कारकों से दूर रहना होगा और कुशल स्वच्छता सुनिश्चित करनी होगी। उदाहरणार्थ :

  • दिन में दो बार गरम पानी से धोकर अपने लिंग को साफ रखें
  • साबुन और अन्य कष्टदायी कारकों से दूर रहें - साबुन के स्थान पर आप जलयुक्त क्रीम का प्रयोग कर सकते हैं।
  • टॉयलेट जाने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह से धोयें

दूर रखने हेतु कष्टदायी संभावित कारक

यदि आपको बैलेनाइटिस है, तो आपके लिंग की त्वचा को पिशाब से दूर रखना अति महत्वपूर्ण है। दूर रखने हेतु अन्य कष्टदायी कारकों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • साबून और शावर जैल
  • बुलबुला स्नान
  • बेबी वाईप
  • लेटेक्स कोंडोम
  • चिकना करने वला पदार्थ
  • एंटिसैप्टिक
  • स्वच्छता स्प्रे

स्वच्छता और तकलीफ देने वाले पदार्थों से दूर रहने की अधिक जानकारी के लिये बैलेनाइटिस की रोकथाम पढ़ें।

त्वचा जलन

यदि आपकी त्वचा जलन का कारण बैलेनाइटिस है, तो प्राय: आपको टोपिकल कोर्टिकोस्टेरोइड (स्टेरॉयड क्रीम या मरहम) का नुस्खा दिया जायेगा।

लक्षणों के दूर होने तक दिन में एक अथवा दो बार अपने लिंग के अग्रभाग पर क्रीम लगायें। लगातार 14 दिनों से अधिक औषधियों का प्रयोग न करें क्योंकि इससे त्वचा पर खुजली और त्वचा पर चक्क्ते जैसे साइड इफैक्ट हो सकते हैं।

संभावित तकलीफ देने वाले कारकों से दूर रहना महत्वपूर्ण है, इसलिये यह सुनिश्चित करें कि आपके लिंग का अग्रभाग और ऊपरी चमड़ी मूत्र-त्याग के पश्चात पिशाब के संपर्क में न आयें।

फफूंदीय संक्रमण

यदि आपके फफूंदीय संक्रमण का परिणाम बैलेनाइटिस है तो आपको कोई एंटि-फफूंद क्रीम अथवा मुँह से खाने वाली एंटि-फफूंदीय औषधि का नुस्खा दिया जायेगा।

16 वर्ष की आयु से कम के बच्चों को फ्लुकोनाज़ोल नामक दवाई की अनुशंसा नहीं की जाती है। यह निम्न सहित अन्य साइड इफैक्ट उत्पन्न कर सकती है :

  • सिरदर्द
  • त्वचा पर चक्कता
  • मिचली और उल्टी
  • दस्त

यदि आपके लक्षण अत्यधिक कष्टदायी हैं, तो आपको क्रीम अथवा मलहम के रूप में सात दिन का टोपिकल कोर्टिकोस्टेरोइड के कोर्स का नुस्खा दिया जा सकता है।

जीवाणु-संबंधी संक्रमण

यदि जीवाणु-संबंधी संक्रमण आपके बैलेनाइटिस का कारण है, तो आपको एंटिबायोटिक्स (एंटिबायोटिक गोलियां अथवा कैप्सूल) का सात दिन के कोर्स का नुस्खा दिया जायेगा।

सामान्यत: एमोक्सिसिलिन नामक एंटिबायोटिक की अनुशंसा की जाती है। यदि आपको पेनिसिलिन से ऐलर्जी हैं तो एरिथ्रोमाइसिन अथवा क्लैरिथ्रोमाइसिन का नुस्खा दिया जा सकता है।

इस प्रकार के एंटिबायोटिक के सामान्य साइड इफैक्ट में निम्न सम्मिलित हैं :

  • त्वचा पर चक्कता
  • मिचली और उल्टी करना
  • दस्त
  • उदरीय दर्द

पुन:, यदि आपके लक्षण अत्यंत कष्टदायी हैं, तो आपको टोपिकल कोर्टिकोस्टेरोइड का सात दिन के कोर्स का नुस्खा भी दिया जा सकता है।

आगे की कार्यवाही

उपरोक्त सभी उपचारों से सात दिनों में असर दिखाना चाहिये। यदि इस समय के पश्चात भी आपके लक्षणों में सुधार नहीं होता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि आपको वैकल्पिक उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

विशेषज्ञ को रेफ़र करना

यदि आपका बैलेनाइटिस किसी संक्रमण के कारण नहीं हुआ है, और आपके डॉक्टर उपयुक्त कारण की पहचान नहीं कर पा रहे हैं, तो आगे की जांच हेतु आपको किसी त्वचाविशेषज्ञ अथवा जनन मूत्रीय (GUM) क्लिनिक पर रेफ़र किया जा सकता है।

यदि आपको फ़िमोसिस (तंग ऊपरी चमड़ी) है और आपको बैलेनाइटिस के रोग बार बार हो रहे हैं, तो आपको सुन्नत करवाने की सलाह दी जा सकती है।

रोक-थाम

आम तौर पर संभावित तकलीफ देने वाले कारकों से दूर रह कर आप बैलेनाइटिस की संभावना-को कम कर सकते हैं।

इसमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • मूत्र - पिशाब करने के पश्चात यह सुनिश्चित करें कि आपके लिंग का अग्रभाग पूर्णत: सूखा है और ऊपरी चमड़ी को वापिस चढ़ाने से पूर्व पिशाब से मुक्त है।
  • कोंडोम और चिकना करने वाले पदार्थ - कभी-कभी कोंडोम अथवा चिकना करने वाले पदार्थों में प्रयोग किये गये रसायन लिंग को तकलीफ पहुंचा सकते हैं। संवेदनशील त्वचा के लिये विशेष कोंडोम बनाये जाते हैं। उचित सलाह के लिये अपने दवा-विक्रेता, डॉक्टर अथवा स्थानीय यौन स्वास्थ्य अथवा जननांग चिकित्सा (GUM) क्लीनिक से पूछें।
  • डिटर्जेंट - अपने अंडरवियर को गैर-जैविक वाशिंग पाउडर से धोयें और सुनिश्चित करें कि पहनने से पहले आपके अंडरवियर से डिटर्जेंट निकल गया है।
  • रसायन - यदि आप रसायनों के साथ काम करते हैं अथवा यदि आपके हाथों पर अन्य उत्पादों के निशान हैं, जो आपके लिंग की नाजुक त्वचा को हानि पहुंचा सकते हैं, तो टॉयलेट का प्रयोग करने से पूर्व अपने हाथों को धो लें।

यह आपके लिंग को साफ रहने में भी सहायक होगा। उदाहरणार्थ :

  • रात में यदि आप पिशाब करने के लिये उठते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके लिंग (मुण्डं) का अग्रभाग पूरी तरह से सूखा है और बिस्तर पर जाने से पूर्व यह पिशाब से मुक्त है।
  • प्रति दिन अपने लिंग के अग्रभाग को सावधानीपूर्वक धोयें और अपनी ऊपरी चमड़ी को नरमी से साफ करें
  • सुगंधित शावर जैल के उपयोग से दूर रहें; स्वत: पानी के उपयोग अथवा हल्के साबुन के साथ पानी का उपयोग करना आपके लिंग को साफ करने के लिए पर्याप्त है; वैकल्पिक रूप से, साबुन के विकल्प के रूप में जलयुक्त क्रीम का उपयोग जलन से बचने में सहायक होगा।
  • स्नान अथवा शावर लेने के पश्चात यह सुनिश्चित करें कि कपड़े पहनने से पूर्व आपने अपने लिंग को पूरी तरह सूखा लिया है।

स्वच्छता और बच्चे

उपरोक्त स्वच्छता के टिप्स बच्चों पर भी लागू होते हैं, हालांकि छोटे लड़के अपनी ऊपरी चमड़ी के नीचे के भाग को अभी साफ नहीं कर पायेंगेे। इसके लिये ज़ोर नहीं लगाना चाहिये और जब वे बड़े होंगे तो यह स्वत: ही संभव हो जायेगा।

शिशू और छोटे बच्चे, जो अभी भी नैपी पहनते हैं, उनको भी गरम अथवा गीली स्थितियों के कारण बैलेनाइटिस का अधिक जोख़िम होता है। यह सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे की नैपी को नियमित रूप से बदलते हैं और प्रत्येक बदलाव के पश्चात किसी अवरोधक क्रीम अथवा मलहम का प्रयोग करें।

यह आपके बच्चे की त्वचा को पिशाब और संडास के संपर्क में आने की संभावना को कम करेगा। ज़िंक क्रीम, ज़िंक ऑक्साइड मलहम और पैट्रोलियम जेली - सब उपयुक्त अवरोधक क्रीम हैं। अपने बच्चे के लिये अति उपयुक्त क्रीम जानने के लिये अपने दवा-विक्रेता से सलाह लें।

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