अस्थमा (दमा)

परिचय

अस्थमा वो बीमारी है, जिससे फेफड़े बहुत लंबे समय तक प्रभावित रहते हैं और फ़िलहाल इसको कोई इलाज मौजूद नहीं है, मगर इसके लक्षणों को क़ाबू में रखने के इलाज उपलब्ध हैं।

अस्थमा फेफड़े से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिससे साँसें लेने में तकलीफ़ होती है।

इससे किसी भी उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं और समान्यतः ये बचपन में ही शुरू हो जाता है, हालांकि इसके लक्षण किशोरों में भी नज़र आ सकते हैं।

फ़िलहाल इसका कोई भी इलाज मौजूद नहीं है, पर इसके लक्षणों को नियंत्रण में रखने के उपाय उपलब्ध हैं, जिससे कि आपकी ज़िंदगी पे इसका कोई बहुत बड़ा असर न पड़े।

कुछ लोग, ख़ासकर बच्चे, शायद धीरे-धीरे दमा की स्थिति से बाहर आ जाएँ। पर ज़्यादातर लोगों के लिए ये एक उम्र भर रहनेवली बीमारी है। अस्थमा के लक्षणों, कारणों, इलाजों और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में जानने के लिए यूँ ही आगे पढ़ते रहें।

अस्थमा के लक्षण

अस्थमा के मुख्य लक्षण हैं:

  • साँस की घरघराहट (साँस लेते हुए सीटी जैसी आवाज़ आना)
  • साँस फूलना
  • छाती में जकड़न- ऐसा लगता है मानो किसी ने कोई रस्सी बांध दी हो।
  • खाँसी

दमा के लक्षणों की तीव्रता हर किसी में अलग-अलग होती है। ये आते-जाते रहते हैं, मगर कुछ लोगों में ये लगातार बने रहते हैं।

दमा के लक्षण कभी-कभी कुछ समय के लिए बहुत ही बुरे हालात पैदा कर देते हैं। इसे दमा के दौरा पड़ना कहा जाता है।

दमा के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

चिकित्सीय सलाह कब लें

अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे को दमा है, तो अपने डॉक्टर से मिलें।

कई बीमारियों जैसे छाती का संक्रमण या क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (सीओपीडी) यानि दीर्घकालिक फुप्फसीय अवरोधक रोग के लक्षण एक जैसे-ही हो सकते हैं, इसलिए एक सही जांच और उसका सही इलाज करना बेहतर होगा।

दमे का पता करने के लिए आपका डॉक्टर आम तौर पे आपके या आपके बच्चे के लक्षणों और साँसों से संबंधित कुछ साधारण जांच करेगा।

लेकिन नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में ये सब करना अक्सर मुश्किल होता है, तो ऐसे में निदान लक्षणों और इनहेलर की मदद से किए जा रहे इलाज पे आधारित हो सकता है।

अस्थमा की जाँच कैसे की जाती है। इसके बारे में पढ़ें।

अस्थमा के कारण

दमा साँस की नली में सूजन आ जाने से पैदा होता है, जिसका काम फेफड़ों में से हवा को बाहर लाना और उसे अंदर ले जाना होता है।

इस सूजन की वजह से साँस की नली बहुत ही संवेदनशील हो जाती है, इसलिए अस्थायी तौर पे ये थोड़ी सिकुड़ जाती है। यह कभी भी हो सकता है, या किसी ट्रिगर के संपर्क में आने के बाद। कभी-कभी ये नली बलगम की वजह से जाम हो सकती है।

अस्थमा ट्रिगर होने के कुछ सामान्य कारण:

  • एलर्जी पैदा करने वाले तत्व, जैसे घर में मौजूद दीमक, जानवरों के रोएँ और पराग
  • दूसरी तकलीफ़देह चीज़ें, जैसे सिगरेट का धुआँ तीखी गंध, गैस और ठंडी हवाएँ
  • व्यायाम
  • छाती में संक्रमण

कुछ लोग को अस्थमा क्यों होता है, इसके कारणों का पूरी तरह से समझा नहीं गया है, हालांकि ये बात जगजाहिर है कि अगर आपके किसी क़रीबी रिश्तेदार को ये रोग है, तो आपमें दमा होने की संभावना बढ़ जाती है।

अस्थमा के कारणों के बारे में और पढ़ें।

अस्थमा का इलाज

अभी जबकि दमा का कोई इलाज मौजूद नहीं है, पर कई सारे इलाज उपलब्ध हैं जिससे इस रोग को नियंत्रण में रखा जा सकता है।

दमा के ज़्यादातर इलाज इनहेलर के उपयोग पर आधारित है। इनहेलर एक छोटा-सा यंत्र होता है, जो साँस लेते हुए आपकी साँस की नली में स्प्रे या पाउडर जैसी एक दवाई को पहुँचाता है।

इसके मुख्य इलाज हैं:

  • दमे के ट्रिगर को पहचानना और हो सके तो उससे बचना
  • रिलीवर इनहेलर – ऐसा इनहेलर जिसका उपयोग दमे के लक्षणों को रोकने के लिए फौरी तौर पे थोड़ी देर के लिए किया जाता है।
  • प्रेवेंटर इनहेलर – ऐसा इनहेलर जिसका उपयोग नियमित तौर पे रोज़ साँस की नली में मौजूद सूजन को कम करने के लिए किया जाता है और ये दमे के लक्षणों को पनपने से रोकता है।

आम तौर पे, आपको अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स के साथ मिलकर एक व्यक्तिगत कार्य योजना बनानी चाहिए। इसमें आपकी दवाईयों के बारे में सूचना होनी चाहिए, साथ ही आपके रोग पे कैसे नज़र रखी जाएगी और दमा का दौरा पड़ने के हालात में क्या करना है।

अस्थमा का इलाज कैसे किए जाता है और इसके साथ कैसे जीया जाता है, इसके बारे में और पढ़ें।

अस्थमा कबतक बना रहता है?

अस्थमा कई सारे लोगों के लिए एक दीर्घकालिक रोग हो सकता है – ख़ासकर अगर ये युवावस्था में हुआ हो।

जहाँ तक बच्चों की बात है, उनमें कभी-कभी ख़त्म भी हो जाता है या किशोरावस्था के दौरान इसमें सुधार आ सकता है, हालांकि ये ज़िंदगी में बाद में कभी-भी वापस आ सकता है।

इसके लक्षणों को इलाज के ज़रिए आम तौर पे नियंत्रित किया जा सकता है और ज़्यादातर लोगों की ज़िंदगी सामान्य और कामकाजी होगी, बहरहाल वे लोग जिनके लक्षण काफ़ी गंभीर हैं, उन्हें लगातार समस्याएँ आती रह सकती हैं।

अस्थमा की जटिलताएँ

यूँ तो दमे को साधारणतः क़ाबू में रखा जा सकता है, फिर भी ये एक चिंताजनक स्थिति है और ये कई सारी परेशानियाँ खड़ी कर सकता है।

इसलिए ये बहुत अहम है कि अपने इलाज की निरंतरता बनाए रखें और जब आपके लक्षण गंभीर होने लगें, तो उन्हें नज़रअंदाज़ न करें।

अगर अस्थमा का देखभाल सही से नहीं किया जाए, तो ऐसी समस्याएँ आ सकती हैं:

  • थकान का लगातार बने रहना
  • काम या स्कूल में अनुपस्थिति या वहाँ उम्मीद से कम सफलता प्राप्त करना
  • मानसिक समस्याएँ – जैसे तनाव, चिंता और अवसाद
  • अचानक अस्पताल या अपने डॉक्टर के पास आने-जाने की वजह से काम और फुर्सत के पलों में व्यवधान में पैदा होना
  • फेफड़े में संक्रमण (निमोनिया)
  • बच्चों में, उनके बढ़ने या यौवन आने में देरी

कुछ परेशानियाँ ऐसी हैं जिनसे ज़िंदगी ख़त्म होने का ख़तरा भी है, जैसे दमे का गंभीर दौरा।

लक्षण

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ज़्यादातर दमे से ग्रसित बच्चे और व्यसकों के पास कभी-कभी ऐसा वक़्त भी आता है जब उन्हें साँस लेने में बहुत तकलीफ़ होती है।

कुछ लोग जिन्हें गंभीर अस्थमा है, उन्हें ज़्यादातर वक़्त साँस लेने में तकलीफ़ होती है।

मुख्य लक्षण

अस्थमा के सबसे सामान्य लक्षण कुछ यूँ हैं:

  • साँस की घरघराहट (साँस लेते हुए सीटी जैसी आवाज़ आना)
  • साँस फूलना
  • छाती में जकड़न- ऐसा लगता है मानो किसी ने कोई रस्सी बांध दी हो।
  • खाँसी

इन लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ज़्यादातर मामलों में ये अस्थमा हो सकता है अगर ये:

  • अक्सर होता हो और बार-बार आता रहे
  • रात और सुबह-सुबह बहुत ही बुरा हो
  • अस्थमा के ट्रिगर के संपर्क में आने से हो – उदाहरण के लिए, व्यायाम या एलर्जी देनेवाली चीजों से संपर्क (जैसे पराग या जानवरों के रोएँ)

अगर आपको लगता है, आपको या आपके बच्चे को दमा हो सकता है, तो अपने डॉक्टर से मिलें, या अगर आपको अस्थमा है और आपके इसके लक्षणों को क़ाबू में नहीं रख पा रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

दमा के दौरे

दमा के लक्षण कभी-कभी कुछ समय के लिए बहुत ही बुरी स्थिति पैदा कर सकता है – इसे दमा का दौरे के नाम से जाना जाता है। ये अचानक से या कुछ दिनों में धीरे-धीरे हो सकता है।

दमा के गंभीर दौरों के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • साँसों की घरघराहट, खाँसी और छाती की जकड़न, इनका गंभीर और लगातार होना
  • साँस लेने में इतनी तकलीफ़ कि खाने, बोलने और सोने में परेशानी हो
  • ज़ोर-ज़ोर से साँसें लेना
  • धड़कन का बहुत तेज़ हो जाना
  • सुस्ती, दुविधा महसूस होना, थकावट या चक्कर आना
  • होंठों और अंगुलियों का नीला पड़ना
  • बेहोश होना

अगर आपको अस्थमा हुआ है, तो आपका रिलीवर इनहेलर (आम तौर पे नीला) आपकी मदद नहीं कर सकता और आपकी पीक फ़्लो रीडिंग सामान्य से बहुत ही कम रह सकती है।

कारण

दमा का ठीक-ठीक कारण तो अबतक अज्ञात है।

अस्थमा से पीड़ित व्यक्तियों के फेफड़े में जानेवाले हवाई मार्ग में सूजन हो जाती है और ये सिकुड़ जाते हैं और एक निश्चित ट्रिगर के संपर्क में आने पर इसमें बलगम पैदा होता है।

कारकों जैसे कि अनुवंशिकी, वायु प्रदूषण, स्विमिंग पूल में मौजूद क्लोरीन, स्वच्छता के आधुनिक मानकों को इसके संभावित कारणों में गिना जाता है, मगर फ़िलहाल हमारे पास पुख्ता सबूत नहीं हैं कि इनमें किसी की वजह से अस्थमा हो सकता है।

किसे परेशानी हो सकती है?

अभी जबकि दमा का कारण अज्ञात है, ऐसे में ऐसी कई सारी चीज़ें हैं जिनकी वजह से आपको ये होने का ख़तरा बढ़ सकता है। वो कुछ यूँ हैं:

  • अस्थमा या एलर्जी से जुड़े रोगों का पारिवारिक इतिहास (जिसे ऐटॉपिक रोग के नाम से जाना जाता है) जैसे एक्ज़िमा , खाने से होनेवाली एलर्जी या परागज ज्वर (हे फ़ीवर)
  • ख़ुद को दूसरे ऐटॉपिक रोग हों
  • बचपन में ब्रोन्कियोलाइटिस होना (बचपन में आम तौर पे होनेवाला फेफड़े का संक्रमण)
  • बचपन में तंबाकू के धुएँ के संपर्क में आने पर
  • आपकी माँ का गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करना
  • समय से पहले जन्म लेना या जन्म के समय कम वज़न का होना

कुछ लोग को उनके काम की वजह से भी दमा होना का ख़तरा हो सकता है।

अस्थमा के ट्रिगर

अस्थमा के लक्षण अक्सर किसी ट्रिगर के संपर्क में आने से उभरते हैं।

कुछ सामान्य ट्रिगर इस प्रकार हैं:

  • संक्रमण – ख़ासकर ऊपरी वायुमार्ग में होने वाले संक्रमण, जैसे सर्दी और फ़्लू
  • एलर्जी देने वाली चीज़ें – जैसे पराग, घर में मिलनेवाले दीमक, जानवरों के रोएँ (“रूसी”) या पंख
  • हवा के ज़रिए फैलनेवाली तकलीफ़देह चीज़ें – जैसे सिगरेट का धुआँ, अन्य धुएँ और प्रदूषण
  • दवाईयाँ ख़ासकर दर्दनाशक जिन्हें नॉन -स्टेरोइडल एन्टी इन्फ़्लामेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडीएस), जिनमें एस्पिरिन, इबुप्रोफ़ेन और बीटा-ब्लॉकर्स शामिल हैं।
  • भावनाएं – जिनमें हँसना और तनाव शामिल हैं
  • खाद्य योजक – सल्फ़ाइट युक्त (अक्सर अचार वाले खाद्य-पदार्थों, शराब, बीयर और सूखे मेवे में शामिल) और टार्ट्राज़ीन (खाने में मिलाए जानेवाला एक तरह का पीला रंग)
  • मौसमी परिस्थितियाँ- जिनमें तापमान में अचानक बदलाव, ठंडी हवाएँ, ज़ोर से चलनेवाली हवाओं के दिन, आंधी और गर्म, आर्द्र दिन शामिल हैं
  • भीतरी स्थितियाँ – जिनमें कार्पेट और फ़र्श से जुड़ी चीजों में फफूंदियों या सीलन और रसायन का होना शामिल है
  • व्यायाम
  • खाने से हुई एलर्जी जिनमें बादाम-अखरोट और अन्य दूसरे खाने खाद्य-पदार्थों से उत्पन्न एलर्जी शामिल हैं

एक बार जब आपको अपने ट्रिगर के बारे में पता हो, तो उनसे बचने की कोशिश करनी चाहिए और ऐसा करना आपके दमे के लक्षणों को क़ाबू में रख सकता है।

अस्थमा के बारे में और जानने के लिए अस्थमा यूके: अस्थमा ट्रिगर्स पर जाएँ।

काम से जुड़ा दमा

कुछ मामलों में, अस्थमा उन तत्वों से जुड़ा होता है, जिनसे आप अपने काम के दरम्यान संपर्क में आते हैं। इसे ऑक्यूपेशनल अस्थमा कहा जाता है।

ऑक्यूपेशनल अस्थमा के कुछ बहुत ही सामान्य कारण यूँ हैं:

● आइसोसायनेट्स (स्प्रे पेंट में पाए जाने वाले रसायन)

● आटा और अनाज से उत्पन्न धूल

● कॉलोफ़नी (एक पदार्थ जो अक्सर सोल्डर से पैदा हुए धुएं में पाया जाता है)

● लेटेक्स

● जानवर

● लकड़ी की धूल

आप में ऑक्यूपेशनल अस्थमा होने का ख़तरा बढ़ जाता है, अगर आप अपने काम की वजह से इन तत्वों के लगातार संपर्क में आते हैं।

पेंट स्प्रेयर, बेकर और पेस्ट्री निर्माता, नर्स, रासायनिक कर्मचारी, पशु संचालकों, वेल्डर, खाद्य प्रसंस्करण कार्यकर्ता और बढ़ई ये उन लोगों के उदाहरण हैं जिन्हें इन पदार्थों के संपर्क में आने का अधिक खतरा हो सकता है।

क्या आप और जानना चाहते हैं?

निदान

अस्थमा के लिए कोई भी एक जांच उपलभ्ध नहीं है, लेकिन आमतौर पर आपके लक्षणों और कुछ आसान साँस जाँच से इसका पता किया जा सकता है।

आपके डॉक्टर आम तौर पे अस्थमा का निदान कर पाने में सफल होंगे। मगर वो आपको किसी विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दे सकते हैं, अगर उन्हें पता न चले कि किन वजहों से आपमें ये लक्षण उभर कर आ रहे हैं।

अपने डॉक्टर से मिलना

आपका डॉक्टर आपसे पूछ सकता है:

क्या आपको अस्थमा के विशिष्ट लक्षण हैं, जैसे कि साँसों में घरघराहट और साँस फूलना

लक्षण कब और कितनी बार उभरते हैं

क्या आपने कुछ ऐसा ग़ौर किया है, जो आपके लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है

अगर आप ऐसी किसी स्थिति का सामना करते हैं, जो आपके अस्थमा के साथ होता है, जैसे कि एक्जिमा या परागज ज्वर

नीचे दिए गए जाँचों का उपयोग निदान की पुष्टि करने में मदद के लिए किया जा सकता है, हालांकि वे हमेशा व्यावहारिक तो नहीं होते हैं – ख़ासकर छोटे बच्चों में।

यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि जाँच की कोई ज़रूरत नहीं है, तो वो कुछ समय के लिए आपको या आपके बच्चे को अस्थमा इनहेलर दे सकते हैं। अगर इससे मदद मिल रही है, तो इसकी पूरी संभावना है कि आप या आपके बच्चे को दमा है।

साँसों की जाँच

कभी-कभी साँसों की दो साधारण-सी जाँच की मदद से आपके डॉक्टर को आपके अस्थमा के निदान का पता लग सकता है।

स्पिरोमेट्री

एक ऐसी जाँच जिससे आपके फेफड़े और हवाईमार्ग के स्वास्थ्य का पता करने में मदद मिलती है।

इसमें तेजी से साँस बाहर निकालना शामिल है, जो आप स्पाइरोमीटर नामक मशीन से जुड़ी माउथपीस के ज़रिए कर सकते हैं।

स्पाइरोमीटर दो माप लेता है- पहले सेकेंड में साँस लेते हुए आप कितनी हवा लेते हैं और आपके फेफड़े में हवा की कुल कितनी मात्रा है।

इसकी रीडिंग की तुलना आपके किसी हमउम्र, लिंग और आपकी ही की लंबाई वाले किसी इंसान के एक सामान्य माप से की जाती है, ताकि ये पता चल सके कि आपके वायुमार्ग संकीर्ण हैं कि नहीं।

कभी-कभी इनहेलर से एक कश खींचने के बाद इस जाँच को दोहराया जा सकता है, ताकि इसका पता चल सके कि परिणाम बेहतर है या नहीं। अगर जाँच के समय आपकी साँस की नली संकीर्ण है, उपयोग के बाद एक सुखद परिणाम आना इस बात का संकेत देता है कि आपको अस्थमा है।

पीक फ़्लो टेस्ट

पीक फ़्लो टेस्ट इस बात की जाँच करता है कि आप एक साँस में कितनी तेज़ी से अपने फेफड़ों से हवा बाहर निकाल सकते हैं।

इसमें कितनी तेज़ी और कितने ज़ोर से आप एक पीक फ़्लो मीटर नामक छोटे-से यंत्र में साँस बाहर खींच सकते हैं, जैसी हरकतें शामिल हैं।

इस परिणाम की तुलना आपके हमउम्र, लिंग और लंबाई के किसी व्यक्ति के लिए जो सामान्य है उससे की जाती है।

घर ले जाने के लिए आपको एक पीक फ़्लो मीटर दिया जा सकता है ताकि एक पूरे हफ़्ते के दौरान आप अपना पीक फ़्लो रीडिंग दर्ज़ कर सकें। ख़ासकर अगर इस बात का संदेह हो कि आपको अस्थमा है लेकिन पीक फ़्लो और स्पिरोमेट्री माप सामान्य आए, क्योंकि दमा के लक्षण और पीक फ़्लो समय के साथ-साथ अलग-अलग हो सकते हैं।

काम-से जुड़े दमे के निदान में मदद करने के लिए, आपको इस बात की सलाह दी जा सकती है कि आप पीक फ़्लो की माप काम पे और काम से दूर दोनों परिस्थितियों में लें।

अन्य जाँचें

कभी-कभार अस्थमा है या नहीं है, इसे सुनिश्चित करने के लिए आपको किसी विशेषज्ञ के पास भेजा जा सकता है।

एयरवे रिस्पॉन्सिव

एयरवे रिस्पॉन्सिव टेस्ट वो जाँच होती है जिसमें इस बात को देखा जाता है कि आपका वायुमार्ग अस्थमा ट्रिगर के संपर्क में आने पर किस तरह से प्रतिक्रिया देता है।

इस जाँच के दौरान, आम तौर पर आपको एक दवाई सूँघने को दी जा सकती है और अगर आपको दमा है, तो ये आपके वायुमार्ग में तकलीफ़ पैदा कर सकता है या इसे थोड़ी संकीर्ण बना सकता है।

कई कई मामलों में, दवाई की जगह व्यायाम को एक ट्रिगर के तौर पे इस्तेमाल किया जा सकता है।

वायुमार्ग में सूजन की जाँच करना

कभी-कभी आपके वायुमार्ग में सूजन होने की जाँच करना उपयोगी हो सकता है।

इसे दो तरीक़ों से किया जा सकता है:

  • बलगम का नमूना डॉक्टर शायद आपके बलगम का एक नमूना ले सकता है ताकि सूजन के लक्षणों की जाँच की जा सके।
  • नाइट्रिक ऑक्साइड सांद्रता – जैसे ही आप साँस बाहर छोड़ते हैं, एक ख़ास यंत्र का उपयोग करके आपकी साँस में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर मापा जाता है; नाइट्रिक ऑक्साइड का उच्च स्तर होना सूजन होने का संकेत दे सकता है।

एलर्जी से जुड़े जाँच

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आपके लक्षण के ट्रिगर होने का कारण कोई एलर्जी है, तो किससे आपको एलर्जी है, इसका पता लगाने के लिए वो आपको एलर्जी से जुड़े जाँच करवाने की सलाह दे सकता है।

एलर्जी से जुड़े सामान्य जाँच में शामिल हैं:

स्किन प्रिक टेस्टिंग यानि त्वचा चुभन परीक्षण – किसी भी चीज़ का एक छोटा-सा नमूना जिससे आपको एलर्जी हो सकती है (एलर्जी देने वाला एक तत्व) त्वचा के नीचे धीरे से चुभाया जाता है: अगर आपको एलर्जी है, तो 15 मिनट के भीतर ही एक छोटा छाला विकसित हो जाता है।

खून की जाँच- आपके ख़ून का एक नमूना उन पदार्थों के लिए जांचा जाता है जो आपके शरीर द्वारा किसी एलर्जी देने वाले तत्व की प्रतिक्रिया में उत्पन्न होते हैं।

जाँच यह देखने के लिए भी की जा सकती है कि आपको उन चीजों से एलर्जी है या नहीं, जिनसे काम-से संबंधित अस्थमा के कारणों के लिए जाने जाते हैं। अस्थमा के निदान के बारे में और जानने के लिए अस्थमा यूके:अस्थमा का निदान पे जाएँ।

इलाज

रिलीवर इनहेलर

रिलीवर इनहेलर , जोकि आम तौर पे नीले होते हैं, ऐसे समय में लिया जाता है जब आप दमे के लक्षणों की पीड़ा को तुरंत ही कम करना चाहते हैं।

साधारणतः इसमें एक दवाई होती है जिसे छोटी अवधि के लिए काम करनेवाले बीटा-2 एगोनिस्ट के नाम से जाना जाता है। ये आपके वायुमार्ग को चौड़ा करता है और साँस लेने की क्रिया को आसान बना देता है। ये ज़्यादा-से-ज़्यादा बस 15 मिनटों के लिए काम करता है।

जिसे भी अस्थमा हो उनके पास एक रिलीवर इनहेलर होन चाहिए, हालाँकि यूँ तो इसका बार-बार उपयोग नहीं ही करना चाहिए। अगर आप नियमित तौर पे किसी प्रेवेंटर इनहेलर (नीचे देखें) का उपयोग कर रहे हैं, तो शायद आपको इसकी ज़रूरत ही न पड़े।

अगर आपको हफ़्ते में तीन या उससे ज़्यादा बार इसका उपयोग करना पड़ रहा है, तो ऐसे में आपको अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करनी चाहिए क्योंकि इसका मलतब है कि आपको शायद एक प्रेवेंटर इनहेलर (नीचे देखें) की ज़रूरत हो सकती है।

रिलीवर इनहेलर आम तौर पर एक बहुत ही सुरक्षित दवाई है और इसके बहुत कम ही दुष्प्रभाव सामने आते हैं अगर इसका ज़्यादा इस्तेमाल न किया जाये।

इनहेलर के इस्तेमाल के बाद कुछ लोगों को महसूस हो सकता है:

  • हाथों का हल्का थरथराना (कंपकंपी)
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • तेज़, ज़ोर से धड़कने वाली और फड़फड़ाती हुई धड़कन(स्पंदन)

ये सारे दुष्प्रभाव ख़तरनाक नहीं हैं और इन्हें कुछ ही मिनटों में ख़त्म हो जाना चाहिए। ज़्यादा जानने के लिए अस्थमा यूके: रिलीवर इन्हेलर्स जाएँ।

प्रिवेंटर इनहेलर

प्रिवेंटर इनहेलर आमतौर पर भूरे या नारंगी होते हैं, इनका उपयोग अस्थमा के लक्षणों को रोकने के लिए दिन में दो या कभी-कभी दिन में एक बार किया जाता है।

इनमें साँस की स्टेरॉयड युक्त दवा होती है, जो वायुमार्ग की सूजन और संवेदनशीलता को कम करके काम करती है।

अगर आपमें हफ़्ते में दो बार से ज़्यादा अस्थमा के लक्षण दिखाई देते हैं, तो प्रिवेंटर इनहेलर की सलाह दी जाती है। अगर आपमें ये लक्षण नहीं हैं, तो भी उन्हें नियमित रूप से उपयोग करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे साँस की नलियों में सूजन को क़ाबू में रखते हैं, और अगर आप अपने इनहेलर का उपयोग करना बंद कर देते हैं, तो यह फिर से बदतर हो सकता है।

प्रिवेंटर इनहेलर सीधे काम नहीं करते हैं, इसलिए आपको शुरूआत करने के लिए अपने रिलीवर इनहेलर का इस्तेमाल करते रहना पड़ेगा। अगर आप में ये लक्षण कभी-कभार दिखाई देते हैं, तो आपको अपने रिलीवर इनहेलर का इस्तेमाल करने की भी ज़रूरत हो सकती है।

एक प्रेवेंटर इनहेलर का उपयोग करते हुए अगर आप में लगातार इन लक्षणों का उभरना जारी रहता है, तो अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करें।

प्रिवेंटर इनहेलर सामान्य मात्रा में खुराक लेने पर बहुत सुरक्षित होते हैं, लेकिन वे उच्च मात्रा में खुराक लेने पर दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं, ख़ासकर लंबे समय तक उपयोग करना हो तो।

इसके संभावित दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

● मुंह या गले का फफूंद संक्रमण (ओरल थ्रश)

● एक कर्कश आवाज

● गले में खराश

स्पेसर का उपयोग करना (अपने इनहेलर का उपयोग कैसे करें नीचे देखें) इन दुष्प्रभावों को रोकने में मदद कर सकता है, जैसा कि अपने इनहेलर के इस्तेमाल करने के बाद अपने मुंह या अपने दांतों को साफ़ करना कर सकता है।

अस्थमा यूके: प्रेवेंटर इनहेलर पर और अधिक पढ़ें।

अन्य इलाज

अगर आपके लक्षणों को रिलीवर और प्रिवेंटर इनहेलर की मदद से अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो आपको नीचे दिए गए एक या उससे अधिक इलाजों की ज़रूरत हो सकती है।

लंबे समय तक काम करनेवाला रिलीवर इनहेलर

लंबे समय तक काम करनेवाला रिलीवर इनहेलर सामान्य रिलीवर इनहेलर की तरह ही काम करता है, लेकिन इसका प्रभाव 12 घंटे तक बना रह सकता है ताकि इसका इस्तेमाल कम बार ही किया जा सके।

इसमें आमतौर पर एक लंबे समय तक काम करनेवाला रिलीवर (लंबे समय तक काम करने वाला ब्रोन्कोडायलेटर/बीटा 2-एगोनिस्ट) नामक दवा शामिल होती है।

लंबे समय तक काम करनेवाले इनहेलर हमेशा प्रेवेंटर इनहेलर के साथ उपयोग किए जाते हैं, अक्सर एक ही साथ संयुक्त इनहेलर के तौर पर। जहाँ एक ओर यह आपके प्रेवेंटर की खुराक को कम करता है, वहीं दूसरी ओर आपके लक्षणों को नियंत्रण में रखता है।

संयुक्त तौर पे लिया जाने वाले इनहेलर आमतौर पर बैंगनी, मैरून या लाल होते हैं।

लंबे समय तक काम करने वाले रिलीवर छोटी अवधि वाले रिलीवर की तरह ही समान दुष्प्रभाव छोड़ सकते हैं, जैसे कि अस्थायी कंपकंपी या ऐंठन।

यह बात जान लेना ज़रूरी है कि बिना एक प्रेवेंटर के कभी भी अकेले लंबे समय तक काम करनेवाले रिलीवर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह आपके लक्षणों से आपको अस्थायी रूप से राहत दे सकता है, जबकि साँस की नलियों में सूजन होने की गुंजायश शुरू हो जाती है, जिसके फलस्वरूप अचानक ही अस्थमा का गंभीर दौरा पड़ सकता है।

गोलियाँ

अगर आपके लक्षण एक प्रेवेंटर इनहेलर और एक लंबे समय तक काम करनेवाले रिलीवर इनहेलर के इस्तेमाल करने के बावजूद भी मौजूद हैं, तो आपके डॉक्टर आपके लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए गोलियां लेने का सुझाव दे सकते हैं।

अस्थमा के लिए उपयोग की जाने वाली मुख्य गोलियाँ इस तरह हैं:

● ल्यूकोट्रिएन रिसेप्टर ऐन्टैगनिस्ट्स – वायुमार्ग में सूजन न हो, उसे रोकने के लिए दिन में एक बार लिया जाता है (सिरप और पाउडर के रूप भी उपलब्ध हैं)

● थियोफ़िलाइन्स - वायुमार्ग को चौड़ा करने में मदद करने के लिए दिन में दो बार लिया जाता है

● स्टेरॉयड गोलियाँ - नीचे देखें

ल्यूकोट्रिएन रिसेप्टर एगोनिस्ट्स के कारण पेटदर्द और सिरदर्द हो सकते हैं। थियोफ़िलाइन गोलियों के दुष्प्रभाव में मतली, उल्टी, कंपकंपी और धड़कन थरथराहट शामिल हैं।

अलग-अलग लोगों पर सबसे अच्छा काम करने के लिए थियोफ़िलाइन की विभिन्न खुराक की ज़रूरत होती है। आपका डॉक्टर समय-समय पर आपके ख़ून में दवा के स्तर की जांच करेगा ताकि यह पता चले कि यह न ही बहुत अधिक मात्रा में या न ही बहुत कम मात्रा में है। अगर यह बहुत ही कम है, तो दवा शायद काम नहीं कर सके, और अगर यह बहुत अधिक मात्रा में है, तो दुष्प्रभाव होने की अधिक संभावना है।

स्टेरॉयड की गोलियां

अगर आपका अस्थमा अभी भी क़ाबू में नहीं है, तो अस्थमा विशेषज्ञ नियमित तौर पे स्टेरॉयड टैबलेट लेने को लिख सकते हैं।

स्टेरॉयड शक्तिशाली दवाएं होती हैं, जो हवाईमार्ग में सूजन को कम कर सकती हैं। उनका उपयोग दो तरहों से किया जा सकता है:

● तत्काल, अल्पकालिक उपचार के रूप में अगर आपको कभी-कभी अस्थमा का गंभीर दौरा पड़ता है

● एक लंबी अवधि के इलाज के रूप में अगर दूसरी दवाईयाँ आपके लक्षणों को ठीक तरह से नियंत्रित नहीं करती हैं

स्टेरॉयड गोलियों के लंबे समय तक या लगातार इस्तेमाल से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे:

ऑस्टियोपोरोसिस (नाजुक हड्डियां)

उच्च रक्त चाप

मधुमेह

● भूख में बढ़ोतरी, वजन बढ़ने का ख़तरा

मोतियाबिंद और काला मोतिया/काँच बिन्दु रोग(ग्लूकोमा)

● त्वचा का पतला होना

● आसान से खरोंच लगना

● मांसपेशियों में कमज़ोरी, ख़ासकर जांघों और कंधों के आसपास

● मनोदशा में बदलाव

भूख में बढ़ोतरी को अगर अपवाद मान लें जो एक बहुत ही सामान्य दुष्प्रभाव है, इन अवांछित प्रभावों में अधिकांश सामान्य नहीं हैं।

स्टेरॉयड की गोलियां लेते समय किसी भी समस्या के संकेतों की जांच के लिए आपको नियमित रूप से निगरानी में रखा जाएगा।

ओमालिज़ुमब (ज़ोलेयर)

ओमालिज़ुमब (ब्रांड नाम ज़ोलेयर), एक नई तरह की दवा है जो कभी-कभी अस्थमा के लगातार, गंभीर उन दौरों को रोकने में मदद कर सकती है जो एलर्जी की वजह से उत्पन्न होती हैं। यह लगातार लक्षणों से राहत देने में बहुत ही कम प्रभावी है।

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हीथ एंड केयर एक्सिलेंस (एनआईसीई) की सलाह है कि एलर्जी से संबंधित अस्थमा वाले छह साल या उससे अधिक उम्र के ऐसे लोगों में ओमालिज़ुमब का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें स्टेरॉयड गोलियों के साथ निरंतर या लगातार इलाज की ज़रूरत होती है।

यह केवल अस्थमा विशेषज्ञ द्वारा दिए गए पर्चे पर उपलब्ध है और अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सही नहीं है।

इसे हर दो से चार हफ़्ते में इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है। अगर आपके लक्षण 16 हफ़्तों के भीतर नियंत्रण में नहीं आते हैं, तो इलाज रोक दिया जाना चाहिए। अगर इससे मदद मिलती है, तो इसे अनिश्चित काल तक जारी रखा जा सकता है।

ओमालिज़ुमब के दुष्प्रभाव में उस जगह पे अस्थायी दर्द, उस जगह पे सूजन, लालिमा और खुजली शामिल हो सकते हैं, जहां इंजेक्शन दिया जाता है।

मेपोलिज़ुमाब (नुकाला)

मेपोलिज़ुमाब (ब्रांड नाम नुकाला) एक नई तरह की दवा है जो कुछ लोगों में गंभीर अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

एनआईसीई कुछ वयस्कों के लिए इसकी सलाह देता है, जिन्हें बहुत ही गंभीर और मुश्किल से नियंत्रण में आनेवाला अस्थमा है और जिसका संबंध ख़ून में ईओसिनोफ़िल की अधिक संख्या होने से है।

ईओसिनोफ़िल सफेद रक्त कोशिकाएं वे कोशिकाएं होती हैं, जिनकी वजह से अस्थमा से पीड़ित कुछ लोगों में साँस लेने वाली नलियों, जो फेफड़ों में हवा को अंदर और बाहर ले जाती हैं, में सूजन और संवेदनशीलता आ जाती है।

मेपोलिज़ुमाब रक्त में इन कोशिकाओं की संख्या को कम कर देता है, जिससे आपके अस्थमा के बुरे दौरों की संख्या कम हो सकती है और/या इसका मतलब ये भी हो सकता है कि स्टेरॉयड गोलियों की आपकी खुराक को रोका या कम किया जा सकता है।

यह हर चार हफ़्ते में एक बार इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है। अगर यह एक साल के बाद फ़ायदा नहीं पहुँचाता है, तो इलाज रोक दिया जाएगा। अगर यह फ़ायदा पहुँचाता है, तो इसका उपयोग दीर्घकालिक उपचार के रूप में किया जा सकता है।

मेपोलिज़ुमाब के सामान्य दुष्प्रभावों में सिरदर्द, पीठ दर्द और उस जगह पे दर्द, लालिमा और/या सूजन होना शामिल है, जहां इंजेक्शन दिया जाता है।

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ब्रोन्कियल थर्मोप्लास्टी प्रक्रिया

ब्रोन्कियल थर्मोप्लास्टी एक ऐसी प्रक्रिया है जो कभी-कभी गंभीर अस्थमा के इलाज के रूप में इस्तेमाल की जाती है।

इसमें वायुमार्ग के आसपास की कुछ मांसपेशियों को क्षति पहुंचाना शामिल है, जो उन्हें संकीर्ण होने से रोकने में मदद कर सकता है।

इस प्रक्रिया को या तो बेहोश करने की क्रिया के साथ किया जाता है (जहां आप जागे हुए हैं मगर शांत करने में आपकी मदद करने के लिए आपको दवा दी जाती है) या सामान्य तरह का एनस्थेसिया देकर (जहां आप नींद में होते हैं)।

एक ब्रोंकोस्कोप (एक लंबी, लचीली ट्यूब) आपके मुंह या नाक के ज़रिए आपके फेफड़ों में पहुँचाई जाती है। फिर ऊष्मा का उपयोग वायुमार्ग के आसपास की मांसपेशियों को क्षति पहुंचाने के लिए किया जाता है।

आमतौर पर इसके लिए तीन उपचार सत्रों की आवश्यकता होती है, प्रत्येक सत्र के बीच कम-से-कम तीन हफ़्ते।

इस प्रक्रिया के पक्ष में कुछ सबूत मौजूद हैं, जो बताते हैं कि यह अस्थमा के दौरों को कम कर सकते हैं और गंभीर अस्थमा वाले किसी व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकता है।

लेकिन इसके दीर्घकालिक ख़तरे और लाभ अभी तक पूरी तरह से ज्ञात नहीं हैं। एक छोटा जोखिम ये है कि ये अस्थमा के दौरे को ट्रिगर कर सकता है और दूसरी परेशानियों की वजह बन सकती है।

यह सुनिश्चित कर के लें कि आप इस प्रक्रिया पर अपने डॉक्टर या सर्जन के साथ पूरी तरह से चर्चा कर लें अगर इसकी पेशकश की जाती है।

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अपने इनहेलर का उपयोग कैसे करें

इनहेलर का सही से इस्तेमाल नहीं करना और/या अस्थमा की दवा नियमित तौर पे लेना भूल जाना, ये मुख्य कारण हैं जिनकी वजह से अस्थमा के पीड़ित अपने लक्षणों को नियंत्रण में रखने के लिए संघर्ष करते हैं।

आपके डॉक्टर या अस्थमा नर्स आपको दिखायेंगे कि आप अपने इनहेलर का सही इस्तेमाल कैसे करें, या अपने बच्चे को उनके इनहेलर के इस्तेमाल में उनकी कैसे मदद करें।

इनहेलर के प्रकार

कई अलग-अलग तरह के इनहेलर उपलब्ध हैं, जो थोड़े अलग तरीकों से इस्तेमाल किए जाते हैं।

दो मुख्य प्रकार इस तरह हैं:

● प्रेशराइज़्ड कैनिस्टरस (दाबाव युक्त कनस्तर) – जब आप साँस लेते समय इनहेलर को दबाते हैं, तो यह आपके फेफड़ों में एक स्प्रे के रूप में दवा छोड़ता है (इन्हें कभी-कभी एक स्पेसर नामक उपकरण के साथ इस्तेमाल किया जाता है - नीचे देखें)

● शुष्क पाउडर इनहेलर - गैर-दबाव युक्त उपकरण जो पाउडर युक्त दवा छोड़ते हैं, जब आप जल्दी और ज़बरन साँस लेते हैं

अस्थमा के अधिकांश पीड़ितों द्वारा दबाव वाले कनस्तरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। शुष्क पाउडर इनहेलर उन लोगों के लिए शायद सही नहीं हो, जिन्हें तेज़ी से और ज़बरन साँस लेने में तकलीफ़ होती है, जैसे छोटे बच्चों, कमज़ोर लोगों और बुजुर्गों, साथ ही वे जिन्हें साँस लेने में नियमित तौर पे तकलीफ़ होती है।

यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप अपने इनहेलर का सही इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे आपके लक्षणों को क़ाबू में रखना आसान हो जाएगा और किसी भी दुष्प्रभाव का ख़तरा कम हो जाएगा।

स्पेसर

दबाव युक्त कनस्तर इनहेलर बेहतर ढंग से काम कर सकते हैं, अगर स्पेसर के साथ इस्तेमाल किया जाये - एक खोखले प्लास्टिक का सिलेंडर या कनस्तर जिसके एक छोर पर एक माउथपीस के साथ और दूसरे पर इनहेलर के लिए एक छेद होता है।

स्पेसर का इस्तेमाल करते समय, इनहेलर से स्प्रे कनस्तर में छोड़ा जाता है, ये वहीं पड़ा रहता है, जबतक कि धीमी गति से साँस लेते हुए आपके फेफड़े पूरी तरह से भर नहीं जाते। तब आप कुछ सेकंड के लिए अपनी साँस रोक लेते हैं, ताकि दवा आपके फेफड़ों में फैल जाये।

स्पेसर के कुछ लाभों में शामिल हैं:

● वे इनहेलर को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं क्योंकि दवा की अधिक मात्रा फेफड़ों तक पहुँच पाती है

● मुंह में कम दवा छूटती है या उसके अंदर जाती है, इसलिए ओरल थ्रश जैसी समस्याएं होनी की संभावना कम होती हैं

● ये उन बच्चों के लिए इस्तेमाल करना आसान है, जिनके लिए एक इनहेलर का सही ढंग से इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है

● दवा को साँस के साथ लेते हुए बहुत छोटे बच्चों के लिए इसे आसान बनाने के लिए एक फ़ेस मास्क संलग्न किया जा सकता है

आमतौर पर अस्थमा वाले बच्चों के लिए स्पेसर की सलाह दी जाती है, लेकिन देखा जाये तो इनका इस्तेमाला उन सभी लोगों द्वारा किया जाना चाहिए जो एक प्रेवेंटर स्प्रे इनहेलर का उपयोग करते हैं, ख़ासकर अगर उन्हें उच्च खुराक लेने की ज़रूरत होती है।

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काम से संबंधित अस्थमा

अगर आपको अपनी काम से जुड़ा अस्थमा है, जिसे ऑक्यूपेशनल अस्थमा के रूप में जाना जाता है, तो निदान को सुनिश्चित करने के लिए आपको अस्थमा विशेषज्ञ के पास भेजा जाएगा।

अगर आपके नियोक्ता के पास व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवा है, तो उन्हें भी आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा अधिकारी के साथ सूचित किया जाना चाहिए।

आपके नियोक्ता की जिम्मेदारी है कि वे आपको व्यावसायिक अस्थमा के कारणों से आपकी रक्षा करें। यह कभी-कभी संभव हो सकता है:

● अपने कार्यस्थल से आपके अस्थमा को ट्रिगर करने वाले चीजों की जगहें बदलें या उन्हें हटाएं

● आपको कंपनी के भीतर ही किसी और भूमिका के लिए फिर से तैयार करें

● आपको सुरक्षात्मक श्वास उपकरण प्रदान किया जाए

लेकिन आपको अपनी नौकरी बदलने या अपने काम से स्थानांतरण लेने पर विचार करने की ज़रूरत हो सकती है। अगर संभव हो, तो आपके लक्षण नज़र आने के 12 महीनों के भीतर ही ऐसा करना बेहतर होगा, ताकि आपका अस्थमा आपके लिए एक दीर्घकालिक समस्या न बन जाए।

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अस्थमा यूके: व्यावसायिक अस्थमा

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वैकल्पिक चिकित्सा

अस्थमा के संभावित उपचार के रूप में वैकल्पिक चिकित्सा के कई सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

● साँस लेने के व्यायाम - जिसमें पापवर्थ विधि और बुटेको विधि जैसी तकनीकें शामिल हैं

● पारंपरिक चीनी जड़ी-बूटियों की दवा

● एक्यूपंक्चर

● आयनाइज़र – ऐसे उपकरण जो हवा के अणुओं में आवेश भरने के लिए एक विद्युत प्रवाह का इस्तेमाल करते हैं

● मैनुअल थैरेपी - जैसे कायरोप्रैक्टिक

● सम्मोहन

● होम्योपैथी

● पूरक आहार

हालाँकि, इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि साँस लेने के व्यायाम के अतिरिक्त इनमें से कोई भी उपचार प्रभावी हैं।

इस बात कुछ सबूत मिलते हैं कि साँस वाले व्यायाम लक्षणों में सुधार कर सकते हैं और कुछ लोगों में रिलीवर दवाओं की ज़रूरत को कम कर सकते हैं, हालाँकि उन्हें आपको अपनी दवा की जगह उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

अधिक जाने के लिए अस्थमा यूके: वैकल्पिक चिकित्सा पर जाएँ।

अस्थमा के साथ जीना

ख़ुद का ख़्याल रखना

अपनी दवा नियमित तौर पे और ठीक से लें

किसी भी निर्धारित दवा को लगातार लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आपके लक्षणों को क़ाबू में रखने और अस्थमा के गंभीर दौरों को रोकने में मदद मिल सकती है।

आपके लिए सुझाए गए किसी भी इनहेलर और स्पेसर का सही से उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करें कि आपके डॉक्टर या प्रैक्टिस नर्स आपको यह दिखाएँ कि आपके इनहेलर का कैसे सही उपयोग करना है।

अगर अपने इलाज के दौरान आप दर्दनाशक या पोषण संबंधी पूरक आहार लेने जैसी कोई योजना बनाते हैं, तो अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से इसकी जाँच करें। ये कभी-कभी आपकी दवा में व्यवधान पैदा कर सकते हैं।

कुछ सामान्य दवाएं, जैसे एस्पिरिन और इबुप्रोफ़ेन, अस्थमा होने पर उचित नहीं हो सकती हैं। लेबल या पैकेट की हमेशा जांच करें और अगर आप तय नहीं कर पा रहे हैं, दवा दुकानदार, डॉक्टर या नर्स से पूछें।

आप जो दवा ले रहे हैं, उसके बारे में अगर कोई चिंता है या अगर आप किसी भी दुष्प्रभाव का अनुभव कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करें।

धूम्रपान बंद करें

अगर आपको अस्थमा है और आप धूम्रपान करते हैं, तो धूम्रपान रोकना आपके लक्षणों की गंभीरता और बारंबारता को बहुत हद तक कम कर सकता है।

अगर आपको लगता है कि आपको धूम्रपान रोकने में मदद की ज़रूरत है, तो आप धूम्रपान रोकनेवाली उपलब्ध दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

धूम्रपान रोकने के और सुझाव यहाँ खोजें।

नियमित रूप से व्यायाम करें

नियमित रूप से व्यायाम करना अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि बाक़ी दूसरे लोगों के लिए। हफ़्ते में कम-से-कम 150 मिनट की मध्यम एरोबिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखें, जैसे तेज़ चलना या साइकिल चलाना।

हालांकि व्यायाम करना कभी-कभी आपके लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है, ऐसा नहीं होना चाहिए अगर एक बार आपका सही इलाज जारी हो।

अगर आपको या आपके बच्चे को व्यायाम के दौरान या बाद में इसके लक्षण नज़र आते हैं, तो अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करें। अपने लक्षणों को क़ाबू में रखने में मदद करने के लिए वे आपकी व्यक्तिगत अस्थमा योजना को अपडेट करने पर विचार कर सकते हैं।

आपको यह भी सलाह दी जा सकती है:

● यह सुनिश्चित करें कि आप जिन लोगों के साथ व्यायाम कर रहे हैं, उन्हें पता हो कि आपको अस्थमा है

● जब आप व्यायाम कर रहे हों, तो आपके साथ हमेशा आपका रिलीवर इनहेलर होना चाहिए

● वार्म अप करने से तुरंत पहले अपने रिलीवर इनहेलर का इस्तेमाल करें

● यह सुनिश्चित करें कि आप हमेशा आप पूरी तरह से गर्म रहें

अगर व्यायाम करते समय आपके लक्षण नज़र आते हैं, तो आप जो भी कर रहे हैं उसे रोकें, अपना रिलीवर इनहेलर लें और फिर से शुरू करने से पहले बेहतर महसूस होने तक इंतिज़ार करें।

व्यायाम करने के आसान तरीकों के बारे में और पढ़ें।

स्वस्थ खाना

अस्थमा से पीड़ित अधिकांश लोग एक सामान्य, स्वस्थ आहार खा सकते हैं।

नियमित व्यायाम के साथ, यह आपको स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद कर सकता है, जो आपके अस्थमा के लक्षणों को क़ाबू में रखने में मदद कर सकता है, साथ ही साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के आपके जोखिम को भी कम कर सकता है।

कुछ लोगों को खाने की चीजों से होनेवाली एलर्जी हो सकती है जो उनके लक्षणों को ट्रिगर कर सकती है, तो ऐसे में इन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, लेकिन यह सामान्य नहीं है।

संतुलित आहार खाने के बारे में अधिक पढ़ें।

अपने ट्रिगर को जानें

यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप अस्थमा के ट्रिगर की पहचान करें और उन पलों को दर्ज़ करें कि आप उस वक़्त कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं, जब आपके लक्षण बदतर हो जाते हैं।

कुछ ट्रिगर, जैसे वायु प्रदूषण, बीमारियाँ और कुछ मौसमी स्थितियाँ, इनसे बचना मुश्किल हो सकता है। लेकिन यह दूसरे ट्रिगर से बचना संभव हो सकता है, जैसे कि घर में मिलनेवाले दीमक, फफूंदीय बीजाणु, पालतू जानवरों के रोएँ और कुछ दवाईयाँ।

इनडोर एलर्जी की रोकथाम के बारे में और पढ़ें।

अगर आपको लगता है कि आपने अपने लक्षणों के लिए ट्रिगर की पहचान कर ली है, तो राय-मशविरे के लिए अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करें।

टीका लगवाएं

अस्थमा होने पर कुछ संक्रमण आपके लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं।

अस्थमा से पीड़ित हर व्यक्ति को सालाना फ़्लू जैब लगाने और एक बार न्यूमोकोकल टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

आप ये टीकाकरण अपने सर्जरी डॉक्टर के यहाँ या किसी स्थानीय दवाईख़ाने में करवा सकते हैं, जहां एक टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध हो।

रात को अच्छी नींद लेना

रात में अस्थमा के लक्षण अक्सर बदतर होते हैं। कुछ रातों को आप खाँसते हुए या छाती में जकड़न लिए उठ सकते हैं।

अगर आपके बच्चे को अस्थमा है, तो ख़राब नींद उसके व्यवहार और एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है, साथ ही उनकी सीखने की क्षमता को भी।

आपके डॉक्टर या नर्स इलाज की मदद से प्रभावी तौर पे अस्थमा को नियंत्रण करने की जो भी सलाह देते हैं, वो काम आना चाहिए। लेकिन अगर आपको सोने में फिर भी मुश्किल हो रही हो, तो उनसे बात करें।

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अस्थमा यूके: अस्थमा के ट्रिगर

नियमित समीक्षा और निगरानी

आपकी स्थिति पर नज़र रखने के लिए आपकी देखभाल करनेवाली टीम के साथ आपका नियमित संपर्क बना रहेगा।

इनमें ये नियुक्तियाँ शामिल हो सकती हैं:

● आपके लक्षणों के बारे में बात करना - जैसे कि वे आपकी सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर रहे हैं या उन्हें बदतर कर रहे हैं

● आपकी दवाईयों के बारे में एक बातचीत – जैसे ही आप ये सोचते हैं कि आप किसी दुष्प्रभाव का सामना कर रहे हैं या नहीं और आपको यह याद दिलाए जाने की ज़रूरत है या नहीं कि आपके इनहेलर का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए

● साँसों की जाँच

आपके पास अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से सवाल करने या किसी दूसरे मुद्दे को उठाने, जिसकी चर्चा आप उनसे करना चाहेंगे, का ये अच्छा अवसर है।

नियुक्तियों के बीच आपकी स्थिति पर नज़र रखने में आपकी मदद आपको ख़ुद करने के लिए कहा जा सकता है। उदाहरण के लिए, आपको सलाह दी जा सकती है कि आप अपने पीक फ़्लो रीडिंग की जांच करें, अगर आपको लगता है कि आपके लक्षण बदतर हो रहे हैं।

आपकी व्यक्तिगत कार्य योजना में ये ज़िक्र होना चाहिए कि अगर आपके लक्षण धीरे-धीरे या अचानक खराब हो जाएं तो क्या करना चाहिए। अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं कि क्या करना है, तो अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से संपर्क करें।

ठंडा मौसम और दमा

अस्थमा के लक्षणों के लिए ठंडा मौसम एक सामान्य ट्रिगर है।

अस्थमा यूके आपको ठंड में अपने लक्षणों को क़ाबू में रखने में मदद करने के लिए निम्नलिखित उपायों की सलाह देता है:

● अपने रिलीवर इनहेलर को हर समय अपने साथ रखें और आपके डॉक्टर द्वारा सुझाए गए प्रेवेंटर इनहेलर को नियमित तौर पे लेते रहें।

● अगर आपको सामान्य से अधिक बार अपने इनहेलर का उपयोग करने की आवश्यकता होती है, तो अपनी दवा की समीक्षा करने हेतु अपने डॉक्टर से बात करें।

● ख़ुद को गर्म और सूखा रखें - दस्ताने, एक स्कार्फ़ और एक टोपी पहनें, साथ ही एक छाता अपने पास रखें।

● अपनी नाक और मुंह के ऊपर एक स्कार्फ़ को ढीले से लपेटें - इससे आपको सांस लेने से पहले हवा को गर्म करने में मदद मिलेगी।

● अपने मुंह के बजाय अपनी नाक के ज़रिए से साँस लेने की कोशिश करें क्योंकि जैसे ही आप साँस लेते हैं, आपकी नाक हवा को गर्म करती है।

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अस्थमा यूके: अस्थमा ट्रिगर के रूप में मौसम का भूमिका

अस्थमा के साथ यात्रा

अस्थमा आपकी यात्रा में बाधा नहीं बनना चाहिए, लेकिन छुट्टियों और लंबी यात्राओं पर जाने के लिए आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी।

आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होगी कि आपके पास आपकी दवा पर्याप्त मात्रा में है और आप अपने रिलीवर इनहेलर को वहाँ रखें, जहाँ से आप इसे आसानी से ले सकते हैं।

अगर आपने अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स को कुछ समय से मुलाक़ात नहीं की है, तो यात्रा करने से पहले उनसे मिलना एक अच्छा विचार होगा क्योंकि इस तरह आप अपनी व्यक्तिगत कार्ययोजना की समीक्षा कर पाएंगे, साथ ही इसे आज के पैमाने पर देख पाएंगे।

आपके डॉक्टर या अस्थमा नर्स आपको अस्थमा के साथ यात्रा के बारे में सलाह भी दे सकते हैं।

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अस्थमा के साथ यात्रा

अस्थमा यूके: यात्रा

गर्भावस्था और अस्थमा

अस्थमा से आपके बच्चे पैदा करने की संभावना पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है और अस्थमा से पीड़ित अधिकांश महिलाओं की गर्भावस्था सामान्य होती है।

साफ़ शब्दों में कहें तो, अस्थमा के पीड़ित गर्भवती महिलाओं का इलाज सामान्य लोगों की तरह ही है।

अधिकांश अस्थमा की दवाएं – ख़ासकर इनहेलर - गर्भवती या स्तनपान करानेवाली महिलाओं के सुरक्षित माना जाता है।

लेकिन अगर आप गर्भ ठहर जाता है या गर्भ धारण करने की योजना बना रही हैं, तो सलाह के लिए अपने डॉक्टर या अस्थमा नर्स से बात करें:

● आपके लक्षण गर्भावस्था के दौरान बदतर हो सकते हैं (हालांकि कुछ महिलाओं में तो इनमें सुधार आ जाता है), इसलिए आपके इलाज की लगातार समीक्षा करने की ज़रूरत हो सकती है

● गर्भावस्था में ठीक से नियंत्रित नहीं हुए अस्थमा से कई जटिलताओं का ख़तरा बढ़ सकता है, जैसे प्री-एक्लेमप्सिया, समय से पहले जन्म लेना और गर्भ में बच्चे का सीमित विकास

● अस्थमा के दौरे से बचने के लिए प्रसव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत पद सकती है (हालाँकि प्रसव के दौरान पड़ने वाले दौरे दुर्लभ हैं)

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अस्थमा यूके: अस्थमा और गर्भावस्था

स्कूल में अस्थमा

ऐसे बच्चे जिनमें अस्थमा को सही से नियंत्रण में रखा गया है, वे अपने इस रोग से बिना प्रभावित हुए आसानी से सीख सकते हैं और स्कूल के कार्यकलापों में भाग ले सकते हैं।

लेकिन यह सुनिश्चित करना ज़रूरी हो जाता है कि स्कूल के पास आपके बच्चे के अस्थमा की दवाओं के बारे में अब तक की सारी लिखित जानकारी है, जैसे वे कितनी मात्रा में लेते हैं, और कब उन्हें लेने की ज़रूरत होती है।

अगर स्कूल चलने के दौरान आपके बच्चे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो एक अतिरिक्त रिलीवर इनहेलर उनके इस्तेमाल के लिए आपको स्कूल को देना चाहिए।

स्कूल के कर्मचारियों को दमा के बदतर होते लक्षणों को पहचानने में सक्षम होना चाहिए और उन्हें ये जानकारी होनी चाहिए कि दौरे की स्थिति में क्या करना है, ख़ासकर खेल या शारीरिक शिक्षा की देखरेख करने वाले कर्मचारी।

आपके बच्चे के स्कूल में अस्थमा को लेके एक नीति बनी हो सकती है, जिसे आप देखने के लिए माँग सकते हैं।

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अस्थमा यूके: स्कूल में अस्थमा

दूसरों से बात करें

अस्थमा जैसे लंबे समय तक स्वास्थ्य की ख़राब स्थिति में रहनेवाले कई लोग तनाव, चिंता और अवसाद की भावनाओं का अनुभव करते हैं।

आपको एक समान स्थिति में दूसरों के साथ अस्थमा के अपने अनुभव के बारे में बात करने से मदद मिल सकती है। रोगियों के संगठनों में स्थानीय समूह होते हैं जहां आप दूसरों से मिल सकते हैं जिन्हें अपने अस्थमा का पता चला है और उनका इलाज हुआ है।

अगर आपको लगता है कि आप ख़ुद को नहीं संभाल पा रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। वे सलाह और समर्थन देने में सक्षम होंगे। वैकल्पिक रूप से, आप अपने क्षेत्र में अवसाद समर्थन सेवाओं की भी तलाश कर सकते हैं।

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हीथअनलॉक्ड: अस्थमा समुदाय

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