अप्पेंडिसाइटिस

प्रस्तावना

अपेंडिक्स की दर्दनाक सूजन को अप्पेंडिसाइटिस कहते है। अपेंडिक्स लगभग 5-10 से.मी. (2-4 इंच) लंबाई की एक छोटी, पतली थैली होती है। यह उस बड़ी अंतड़ी से जुड़ी होती है जिसमें मल बनता है।

यह किसी को ज्ञात नहीं है कि हमारे शरीर में अपेंडिक्स क्यों होता है, परन्तु इसे हटाना हानिकारक नहीं है।

अप्पेंडिसाइटिस आपके पेट के बीच में आते-जाते दर्द से आरम्भ होता है।

कुछ ही घंटों में दर्द दाई ओर नीचे की तरफ चला जाता है, जहां सामन्यत: अपेंडिक्स स्थित होता है, और फिर यह स्थिर और विकट हो जाता है।

इस क्षेत्र पर दबाने, खाँसने अथवा चलने से बहुत अधिक दर्द होता है। आपकी भूख कम हो सकती है, बीमार महसूस कर सकते हैं और कभी-कभी दस्त भी हो सकते हैं।

अप्पेंडिसाइटिस के लक्षण के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

चिकित्सीय सहायता कब लें

यदि आपको पेट दर्द हो रहा है और वह धीरे-धीरे बढ़ रहा है तो अपने डॉक्टर अथवा स्थानीय आपातकालीन सेवा-विभाग से तुरन्त संपर्क करें।

यदि आपको अचानक ही दर्द उठा और लगातार बढ़ता हुआ पूरे पेट में फैल गया, तो आपको ऐम्बुलेंस बुलानी चाहिये।

यह दर्शाता है कि आपका अपेंडिक्स फट गया है और अत्यन्त खतरनाक जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

निम्न के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें :

अप्पेंडिसाइटिस का रोग-निदान

अप्पेंडिसाइटिस की जटिलताएं

अप्पेंडिसाइटिस का उपचार कैसे होता है

अप्पेंडिसाइटिस के अधिकांश मामलों में, अपेंडिक्स को सर्जरी से शिघ्रातिशीघ्र हटाया जाना चाहिये।

अपेंडिक्स को हटाने की प्रक्रिया को अप्पेंडेक्टोमी अथवा अप्पेंडिसक्टोमी कहा जाता है; UK में यह अत्यंत आम ऑपरेशनों में से एक है और इसकी सफलता की दर अत्युत्तम है।

की-होल सर्जरी के रूप में किये जाने वाले अधिकतर ऑपरेशनों को (लैप्रोस्कोपी) कहते है, जिसमें आपके पेट में कई छोटे-छोटे कट लगाये जाते हैं व उनमें विशेष सर्जीकल उपकरण डाले जाते हैं।

सामान्यत: यदि अपेंडिक्स फट जाता है अथवा उसकी पहुँच अधिक कठिन होती है, तो पेट में एक बड़ा कट लगाया जाता है और ओपन या खुली सर्जरी की जाती है।

अधिकांश व्यक्ति कुछ ही सप्ताहों में अप्पेंडेक्टोमी से पूर्णत: ठीक हो जाते हैं, हालांकि ओपन सर्जरी के बाद छ: सप्ताहों के लिये श्रमसाध्य गतिविधिओं से बच कर रहना चाहिये।

अप्पेंडिसाइटिस के उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

अप्पेंडिसाइटिस किस से होता है?

अप्पेंडिसाइटिस होने के कारणों पर कोई ठीक स्पष्टता नहीं हैं। जब कोई पदार्थ अपेंडिक्स के प्रवेश को ब्लॉक कर देती है तो इसे इसकी बीमारी होना माना जाता है।

उदाहरणार्थ, मल के एक छोटे टुकड़े से भी ब्लॉकेज या रुकावट हो सकती है अथवा ऊपरी स्वसन पथ संक्रमण भी आंत की दीवार के भीतर एक सूजी हुई लासिका में उभार उत्पन्न कर सकता है।

इस रुकावट से जलन और सूजन भी उत्पन्न हो सकती है। तत्पश्चात सूजन द्वारा उत्पन्न दबाव के कारण अपेंडिक्स फट सकता है।

चूंकि कारणों का पूरी तरह से ज्ञान नहीं मिल पाया है, इसलिये अप्पेंडिसाइटिस को रोकने का कोई सुनिश्चित तरीका नहीं है।

कौन प्रभावित हुआ है?

अप्पेंडिसाइटिस एक प्रचलित परिस्थिति है। इंग्लैंड में प्रति वर्ष लगभग 40,000 व्यक्ति अप्पेंडिसाइटिस के उपचार हेतु हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं।

एक आंकलन के अनुसार प्रत्येक 13 व्यक्तियों में से लगभग 1 को अपने जीवनकाल के दौरान यह विकसित होता है।

अप्पेंडिसाइटिस किसी भी आयु में विकसित हो सकता है, परन्तु 10 से 20 वर्ष की आयु की किशोरों में यह अत्यंत प्रचलित है।

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अप्पेंडिसाइटिस आपके पेट के बीच में आते-जाते दर्द से आरम्भ होता है।

कुछ ही घंटों में दर्द आपके दाई ओर नीचे की तरफ चला जाता है, जहां सामन्यत: अपेंडिक्स स्थित होता है, और फिर यह स्थिर और विकट हो जाता है।

इस क्षेत्र पर दबाने, खाँसने अथवा चलने से बहुत अधिक दर्द होता है।

यदि आपको अप्पेंडिसाइटिस है, तो अन्य लक्षणों के अतिरिक्त निम्न लक्षण भी हो सकते हैं :

  • बीमार महसूस करना (मिचली)
  • बीमार होना
  • भूख में कमी
  • दस्त
  • उच्च ताप (ज्वर) और लाल चेहरा

चिकित्सीय सहायता कब ली जायें

यदि आपको पेट दर्द हो रहा है और वह धीरे-धीरे बढ़ रहा है तो अपने डॉक्टर अथवा स्थानीय आपातकालीन सेवा-विभाग से तुरन्त संपर्क करें।

अप्पेंडिसाइटिस को आसानी से निम्न जैसे किसी अन्य रोग के साथ भरमाया जा सकता है :

  • गैस्ट्रोएंटेराइटिस
  • गंभीर इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (IBS)
  • कब्ज़
  • ब्लेडर अथवा मूत्र संक्रमण
  • क्रोन’स रोग
  • कूल्हे का संक्रमण

कभी-कभी युवतियों में इन लक्षणों का कोई अस्थानिक गर्भावस्था अथवा माहवारी के दर्द जैसा स्त्रीरोग-संबंधी कारण भी हो सकता है।

यद्यपि, कोई बीमारी जो पेट में स्थिर दर्द उत्पन्न करती है, उसे तुरन्त चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता होती है।

यदि आपको कोई दर्द उठा और अचानक ही बढ़ता हुआ पूरे उदर में फैल जाता है, तो आपको ऐम्बुलेंस बुलानी चाहिये। ये आपके अपेंडिक्स फटने के संकेत हैं।

यदि अपेंडिक्स फटा है, तो यह पेट की अंदरूनी परत का सशक्त रूप से चिंताजनक संक्रमण, पेरिटोनाइटिस उत्पन्न कर सकता है।

अप्पेंडिसाइटिस के जटिलताएँ के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

अप्पेंडिसाइटिस का रोग-निदान

यदि आपके लक्षण प्रतीकात्मक नहीं हैं, जो केवल आधे मामलों में ही होते हैं, तो रोग-निदान के लिये अप्पेंडिसाइटिस पेचीदा हो सकता है।

इसके साथ, कुछ व्यक्तियों के अपेंडिक्स शरीर के भिन्न भाग में भी हो सकते हैं जैसे कि :

  • कूल्हा
  • बड़ी अंतड़ी के पीछे
  • छोटी आंत के इर्द-गिर्द
  • लीवर के दायें निचले भाग के निकट

कुछ व्यक्तियों में अप्पेंडिसाइटिस जैसा दर्द होता है परन्तु यह किसी अन्य कारण से होता है, उदाहरणार्थ :

आपके डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूंछेंगे, आपके पेट का निरीक्षण करेंगे, और देंखेगे कि क्या दबाव लगाने से अपेंडिक्स क्षेत्र (आपके दाई ओर नीचे की तरफ) में दर्द बढ़ता है।

यदि आपके लक्षण प्रतीकात्मक रूप से अप्पेंडिसाइटिस के है, तो सामान्यत: यह आपके डॉक्टर के लिये निश्चित रोग-निदान के लिये काफी होगा। इस मामले में, आपको उपचार के लिये तुरन्त हॉस्पिटल के लिये रेफ़र कर दिया जायेगा।

अतिरिक्त परीक्षण

यदि आपके लक्षण प्रतीकात्मक नहीं हैं, तो हॉस्पिटल में अतिरिक्त परीक्षणों की आवश्यकता होगी ताकि रोग-निदान की पुष्टि और अन्य परिस्थितियों को ख़ारिज किया जा सके।

अतिरिक्त परीक्षणों में निम्न किए जा सकते हैं :

  • संक्रमण के चिन्हों की खोज हेतु रक्त परीक्षण
  • महिलाओं के लिये गर्भाधान परीक्षण
  • ब्लैडर संक्रमण जैसी अन्य बीमारियों को ख़ारिज करने हेतु मूत्र परीक्षण
  • अपेंडिक्स की सूजन देखने के लिये अल्ट्रासाउंड स्कैन
  • कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT) स्कैन

कभी-कभी परीक्षणों के परिणाम प्राप्त करने में कुछ समय लग सकता है। यदि रोग-निदान अभी भी अनिश्चित है तो अपेंडिक्स और कूल्हे के क्षेत्र के जांच करने हेतु आपके सर्जन लैप्रोस्कोपी करवाने की अनुशंसा कर सकते हैं।

यदि अप्पेंडिसाइटिस की संभावना हो तो सामान्यत: आपको अपना अपेंडिक्स फटने का जोख़िम उठाने की जगह इसे हटवाने की सलाह दी जायेगी। इसका अर्थ है कि कुछ व्यक्ति अपना अपेंडिक्स हटवा लेंगे, चाहे बाद में इसे सामान्य ही पाया जाये।

कुछ मामलों में जब रोग-निदान निश्चित नहीं होता, तो डॉक्टर 24 घंटे तक प्रतीक्षा करने की अनुशंसा कर सकते हैं ताकि यह देखा जाये कि आपके लक्षण सुधर रहे हैं, वहीं रहते हैं अथवा बिगड़ जाते हैं।

यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि अपेंडिक्स फट सकता है, तो उपचार के लिये आपको तुरन्त हॉस्पिटल भेजा जायेगा।

अप्पेंडिसाइटिस का उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

अप्पेंडिसाइटिस का उपचार

यदि आपको अप्पेंडिसाइटिस है, तो सामान्यत: आपके अपेंडिक्स को शिघ्रातिशीघ्र हटाने की आवश्यकता होती है। इस ऑपरेशन को अप्पेंडेक्टोमी अथवा अप्पेंडिसक्टोमी कहा जाता है।

यदि आपको अप्पेंडिसाइटिस होने की संभावना हो और स्पष्ट रोग-निदान करना सम्भव नहीं हो पाया है, तो भी सामान्यत: सर्जरी की अनुशंसा की जाती है।

क्योंकि अपेंडिक्स फटने का जोख़िम उठाने की जगह उसे हटाना सुरक्षित समझा जाता है।

मनुष्यों में, अपेंडिक्स कोई महत्वपूर्ण कार्यवाही नहीं करता है और इसे हटवाने से कोई दीर्घ-कालीन समस्यायें भी उत्पन्न नहीं होती है।

प्रक्रिया

की-होल (छोटे से छेद) अथवा ओपन तकनीक का प्रयोग करते हुये अप्पेंडिसक्टोमी को जनरल अनेस्थेटिक (सामान्य भूल) के अंतर्गत किया जाता है।

की-होल सर्जरी

अपेंडिक्स को हटाने के लिये सामान्यत: की-होल सर्जरी (लैप्रोस्कोपी) को वरीयता दी जाती है क्योंकि ओपन सर्जरी की तुलना में इसमें स्वास्थ्य-लाभ जल्दी होता है।

ऑपरेशन के दौरान आपके पेट (उदर) में तीन अथवा चार छोटे कट (चीरे) लगाये जाते हैं। निम्न सहित विशेष उपकरण डाले जाते हैं :

  • एक ट्यूब से आपके पेट को फुलाने के लिये गैस पम्प की जाती है - इससे सर्जन आपके अपेंडिक्स को अधिक स्पष्ट देख पाते है और उन्हें कार्य करने हेतु अधिक जगह मिल पाती है।
  • एक लैप्रोस्कोप - एक छोटी ट्यूब जिसमें एक प्रकाश स्रोत और एक कैमरा होता है जो पेट के भीतर के चित्र एक टेलिविजन मॉनिटर को भेजता है।
  • अपेंडिक्स हटाने के लिये छोटे सर्जिकल उपकरण

अपेंडिक्स हटाने के पश्चात, प्राय: घुलनशील टांको से चीरों को बन्द कर दिया जाता है। सामान्य टांकों का प्रयोग किया जा सकता है, जिन्हें 7 से 10 दिनों के पश्चात आपके डॉक्टर द्वारा कटाना होगा।

ओपन सर्जरी

कुछ मामलों में, की-होल सर्जरी की अनुशंसा नहीं की जाती और उसके स्थान पर ओपन सर्जरी की जाती है। इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • जब अपेंडिक्स पहले ही फट गया है और एक ढेला बन गया है जिसे अपेंडिक्स मास कहते हैं
  • जब सर्जन को लैप्रोस्कोपी से हटाने का अधिक अनुभव नहीं है
  • वे लोग जिन पर पहले कभी पेट की ओपन या खुल्ली सर्जरी हुई हो

इन मामलों में, ऑपरेशन से अपेंडिक्स हटाने के लिये आपके उदर की दाई ओर नीचे की तरफ एक बड़ा कट लगाया जाता है।

यदि पेट की अंदरूनी परत में व्यापक पेरिटोनाइटिस संक्रमण है तो कभी-कभी लैप्रोटोमी नामक पद्धति से पेट के केंद्र में एक लंबे कट के माध्यम से ऑपरेट करना आवश्यक हो जाता है।

की-होल सर्जरी की तरह, चीरों को घुलनशील टांको अथवा बाद में हटाये जाने वाले सामान्य टांकों से बन्द कर दिया जाता है।

दोनों प्रकार की सर्जरी के पश्चात, हटाये गये अपेंडिक्स को नियमत रूप से कैंसर के चिन्ह जाँचने के लिये एक प्रयोगशाला को भेजा जाता है। यह एक सतर्कता के तौर पर किया गया उपाय है, हालांकि किसी चिंताजनक समस्या का मिल पाना दुर्लभ होता है।

स्वास्थ्य-लाभ

की-होल सर्जरी के मुख्य लाभों में से एक स्वास्थ्य-लाभ में कम समय है और अधिकांश व्यक्ति ऑपरेशन के पश्चात कुछ दिनों में ही हॉस्पिटल से जा सकते हैं।

यदि अपेंडिक्स का ऑपरेशन तुरन्त कर दिया जाये, तो रोगी 24 घंटों के भीतर घर जा सकते हैं। ओपन अथवा पेचीदा सर्जरी में - उदाहरणार्थ, यदि आपको पेरिटोनाइटिस है - आपके घर लौटने लायक बनने के लिये एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।

ऑपरेशन के पश्चात पहले कुछ दिन आपको दर्द और खरोंच हो सकती है। समय बीतने के साथ इसमें सुधार आता है परन्तु आवश्यकतानुसार आप दर्द-निवारक ले सकते हैं।

यदि आपको की-होल सर्जरी हुई है तो लगभग एक सप्ताह तक आपके कंधे के शीर्ष पर दर्द हो सकता है। ऐसा ऑपरेशन के दौरान पेट में गैस पम्प करने के कारण होता है।

कुछ समय के लिये आपको कब्ज़ भी हो सकता है। कोडिन दर्द-निवारक न लेकर, प्रचुर फाईबर खाकर और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रह कर (पानी पीकर, आप इसे कम करने में सहायता कर सकते/सकती हैं। यदि समस्या अत्यन्त कष्टदायी है तो आपके डॉक्टर कब्ज़ी की औषधियों का नुस्खा दे सकते हैं।

हॉस्पिटल छोड़ने से पूर्व, आपको उपयुक्त सलाह दी जाती है कि अपने घाव का ध्यान कैसे रखें और किस प्रकार की गतिविधियों से स्वयं को दूर रखें।

अधिकांश मामलों में, ओपन सर्जरी के पश्चात आप दो सप्ताहों में सामान्य गतिविधिओं पर लौट सकते/सकती हैं, हालांकि श्रमसाध्य गतिविधिओं से आपको चार से छ: सप्ताह तक दूर रहना होगा।

चिकित्सीय मशवरा कब लेना चाहिये

अपने स्वास्थ्य-लाभ के दौरान यह महत्वपूर्ण हैं कि आप अन्य समस्याओं के संकेतों पर नज़र रखें।

निम्न परिस्थितियों में अप्पेंडेक्टोमी करने वाली हॉस्पिटल इकाई अथवा अपने डॉक्टर से सलाह लें :

  • दर्द अथवा सूजन में बढ़ोतरी
  • बारंबार उल्टी आरम्भ होना
  • उच्च तापमान (ज्वर) होना
  • घाव से किसी भी प्रकार का रसाव होना
  • घाव का छूने पर गरम महसूस होना

ये लक्षण संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।

जोख़िम

UK में किये जाने वाले आम ऑपरेशनों में से अप्पेंडिसक्टोमी एक है, और इसमें चिंताजनक अथवा दीर्घ-कालीन जटिलताएँ दुर्लभ हैं।

ऐसा होने पर भी, सभी प्रकार की सर्जरियों की तरह इसमें भी कुछ जोख़िम होते हैं। इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

● घाव का संक्रमण - हालांकि गंभीर संक्रमण के जोख़िम को कम-से-कम करने के लिये ऑपरेशन से पूर्व, दौरान अथवा पश्चात एंटिबायोटिक्स दिये जा सकते हैं।

● त्वचा के नीचे रक्तस्त्राव जिससे स्थिर सूजन (हेमाटोमा) होती है - प्राय: यह अपने आप बेहतर हो जाता है, परन्तु यदि आपको कोई चिंता है तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।

● घाव के चिन्ह - दोनों सर्जिकल तकनीकें चीरों के घाव के कुछ चिन्ह छोड़ते हैं

● मवाद का संग्रह (फोड़ा) – विरले मामलों में अपेंडिक्स फटने के कारण उत्पन्न संक्रमण से सर्जरी के पश्चात फोड़ा हो सकता है

● हर्निया - लैप्रोस्कोपीक पद्दती में किये गये खुल्ले चीरे अथवा कोई अन्य चीरों की जगह पर

जनरल अनेस्थेटिक के प्रयोग में भी कुछ जोख़िम होते हैं, उदाहरणार्थ एलेर्जिक प्रतिक्रिया अथवा पेट के पदार्थों का फेफड़ों में जाना जिनसे निमोनिया हो जाता है। किन्तु इस प्रकार की चिंताजनक जटिलतायें अत्यन्त असामान्य होती हैं।

आपातकाल सर्जरी के विकल्प

कुछ मामलों में, अप्पेंडिसाइटिस से अपेंडिक्स पर ढेला हो सकता हैं जिसे अपेंडिक्स ढेला कहते है।

अपेंडिक्स और मोटा मांस-तन्तु से बना यह ढेला, शरीर द्वारा समस्या से निपटने और स्वयं को ठीक करने का प्रयास है।

यदि किसी परीक्षण के दौरान अपेंडिक्स ढेला मिलता है, तो आपके डॉक्टर तुरन्त ऑपरेशन टालने का निर्णय ले सकते है।

इसके स्थान पर, आपको एंटिबायोटिक्स का एक कोर्स दिया जायेगा और कुछ सप्ताह बाद, जब ढेला बैठ जायेगा, अप्पेंडेक्टोमी के लिये अपॉइंटमेंट दिया जायेगा

अप्पेंडिसाइटिस के उपचार के लिये तुरन्त सर्जरी का अन्य संभाव्य विकल्प, एंटिबायोटिक्स का प्रयोग है।

इस विषय पर अध्ययन किये गये है कि क्या एंटिबायोटिक्स सर्जरी का विकल्प हो सकते हैं, परन्तु अभी तक इस पर कोई स्पष्ट साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है।

अप्पेंडिसाइटिस की जटिलतायें

यदि अप्पेंडिसाइटिस का उपचार नहीं किया जाता है, तो अपेंडिक्स फट सकता है और यह अत्यन्त खतरनाक संक्रमण उत्पन्न कर सकता है।

यदि आपको उदरीय (पेट) दर्द हो रहा है और अचानक बढ़ता हुआ पूरे पेट में फैल जाता है तो आपको ऐम्बुलेंस बुलानी चाहिये। ये आपके अपेंडिक्स फटने के संकेत हैं।

पेरिटोनाइटिस

यदि आपका अपेंडिक्स फटता है तो यह शरीर के अन्य अंगों में जीवाणु छोड़ता है। यदि संक्रमण पेरिटोनिअम (उदर के भीतर बनने वाली मांस-तन्तु की पतली परत) तक फैलता है तो पेरिटोनाइटिस नामक परिस्थिति उत्पन्न होती है।

पेरिटोनाइटिस के लक्षणों में निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

  • विकट लगातार पेट दर्द
  • बीमार महसूस करना अथवा बीमार होना
  • उच्च तापमान (ज्वर) होना
  • दिल की तीव्र धड़कन
  • जल्दी-जल्दी सांस के साथ सांस का उखड़ना
  • पेट में सूजन

यदि पेरिटोनाइटिस का उपचार तुरन्त नहीं किया जाता, तो दीर्घ-कालिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, यहां तक की मौत भी हो सकती है। सामान्यत: पेरिटोनाइटिस के उपचार में एंटिबायोटिक्स और अपेंडिक्स का सर्जिकल तरीके से हटाना (अप्पेंडेक्टोमी) सम्मिलित होते हैं।

पेरिटोनाइटिस का उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

फोड़ें

कभी-कभी फटे हुये अपेंडिक्स के इर्द-गिर्द एक फोड़ा बन जाता है। यह मवाद का एक दर्दनाक संग्रह है जो शरीर द्वारा संक्रमण से लड़ने के प्रयास के कारण उत्पन्न होता है।

लगभग 500 मामलों में से 1 में अपेंडिक्स हटाने के लिये सर्जरी की जटिलता के रूप में भी यह उत्पन्न हो सकता है।

कभी-कभी एंटिबायोटिक्स के प्रयोग से फोड़ों का उपचार हो सकता है, परन्तु अधिकांश मामलों में मवाद को फोड़े में से निकालना पड़ता है।

यह अल्ट्रासाउंड अथवा कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT) के पथप्रदर्शन की सहायता से लोकल एनेस्थेटिक के प्रभाव में त्वचा में एक सुई घुसा के और फिर एक निकास नली स्थापित करके किया जा सकता है।

यदि सर्जरी के दौरान कोई फोड़ा दिखाई देता है, तो क्षेत्र को सावधानीपूर्वक धोया जाता है और एंटिबायोटिक्स का कोर्स दिया जाता है।

फोड़ों का उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

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