एंजियोग्राफी

एंजियोग्राफी

एंजियोग्राफी एक प्रकार का एक्स-रे है जिसे रक्त वाहिनियों की जांच करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

एक्स-रे में रक्त वाहिनियाँ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं, अत: पहले आपके रक्त में एक विशेष रंग इंजेक्ट किया जाता है।

इससे आपकी रक्त वाहिनियों में प्रकाश उत्पन्न होता है जिससे आपके डॉक्टर घटित गड़बड़ों को इंकित कर सकते हैं।

एंजियोग्राफी के दौरान सृजित एक्स-रे चित्रों को "एंजिओग्राम" कहते है।

इस पृष्ठ में निम्न सम्मिलित हैं :

एंजिओग्राम क्यों प्रयोग किये जाते हैं

क्या होता है

जोख़िम और जटिलतायें

एंजिओग्राम की प्रकारें

एंजिओग्राम का प्रयोग क्यों किया जाता है

एंजियोग्राफी का प्रयोग आपकी रक्त वाहिनियों के स्वास्थ्य और उनमें रक्त प्रवाह की जांच करने के लिए किया जाता है।

इसका प्रयोग निम्न सहित रोग-निदान में सहायता अथवा रक्त वाहिनियों को प्रभावित समस्याओं की जांच करने के लिए किया जा सकता है :

  • ऐथिरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का संकोचन), जिसका अर्थ हो सकता है कि आपको दौरे अथवा हार्ट अटैक का जोख़िम है
  • सतही धमनी रोग (टांग की मांस-पेशीओं में रक्त की कम आपूर्ति)
  • मस्तिष्क धमनीविस्फार (आपके मस्तिष्क में किसी रक्तवाहिनी में उभार)
  • एन्जाइना (ह्रदय की मांस-पेशी को रक्त आपूर्ति सीमित करने के परिणामस्वरूप होने वाला छाती का दर्द)
  • खून के थक्के](/रोग/दिल का आवेश) अथवा [फेफड़ा संबंधी दिल का आवेश (आपके फेफड़ों को रक्त आपूर्तिकर्ता धमनी में अवरोध)
  • आपके गुर्दों को रक्त आपूर्तिकर्ता धमनी में अवरोध

इनमें से कुछ रोगों में उपचार की व्यवस्था करने के लिए भी एंजियोग्राफी का प्रयोग किया जा सकता है।

एंजियोग्राफी के दौरान क्या होता है

एंजियोग्राफी किसी हॉस्पिटल के एक्स-रे अथवा विकिरण चिकित्साविज्ञान विभाग में की जाती है।

परीक्षण के लिए:

  • आप प्राय: सचेत होते/होती हैं, परन्तु आपको शांत करने में सहायता करने के लिए एक सीडेटिव नामक औषधि दी जा सकती है
  • आप एक टेबल पर लेट जाते/जाती हैं और आपकी धमनियों में से एक में एक चीरा लगाया जाता है, प्राय: आपके पेड़ू-जांघ जोड़ अथवा कलाई के निकट – चीरा लगाने वाले क्षेत्र को सुन्न करने के लिए लोकल एनेस्थेटिक प्रयोग किया जाता है
  • धमनी में एक अत्यंत पतली लचीली ट्यूब (कैथिटर) घुसाई जाती है
  • कैथिटर को सावधानीपूर्वक परीक्षण किए जा रहे क्षेत्र में निर्दिष्ट किया जाता है (जैसे की ह्रदय)
  • कैथिटर के भीतर एक रंग (कांट्रास्ट पदार्थ) इंजेक्ट किया जाता है
  • आपकी रक्त वाहिनियों में रंग के प्रवाह के दौरान कई एक्स-रे लिए जाते हैं

परीक्षण में 30 मिनट से दो घंटों का समय लग सकता है। आमतौर पर उसके पश्चात आप कुछ घंटों में घर जा सकते/सकती हैं।

एंजियोग्राफी के पूर्व, दौरान और पश्चात क्या होता है, के बारे में अधिक अध्ययन करें।

एंजिओग्राम का जोख़िम

साधारणतया एंजियोग्राफी एक सुरक्षित और पीड़ाहीन क्रिया होती है।

परन्तु उसके पश्चात कुछ दिनों अथवा सप्ताहों के लिए निम्न का घटित होना आम बात है :

  • खरोंच
  • सूजन
  • चीरा लगे स्थान पर एक अत्यंत छोटी गांठ बनना अथवा रक्त का एकत्रीकरण

रंग की प्रतिक्रिया, दौरा अथवा हार्ट-अटैक जैसी अधिक गंभीर जटिलताएं उत्पन्न होने के जोखिम की बहुत कम संभावना भी होती है।

एंजियोग्राफी के जोख़िम के बारे में अधिक अध्ययन करें।

एंजिओग्राम की प्रकारें

जांच किए जा रहे शरीर के भाग के आधार पर कई भिन्न प्रकार के एंजिओग्राम होते हैं।

आम प्रचलित प्रकारों में निम्न सम्मिलित हैं:

  • हृदय एंजियोग्राफी – हृदय और उसके निकट की रक्त वाहिनियों की जांच करने हेतु
  • दिमागी एंजियोग्राफी – मस्तिष्क और उसके इर्द-गिर्द की रक्त वाहिनियों की जांच करने हेतु
  • फेफड़ा-संबंधी एंजियोग्राफी – फेफड़ों को आपूर्ति करती रक्त वाहिनियों की जांच करने हेतु
  • गुर्दा-संबंधी एंजियोग्राफी – गुर्दों को आपूर्ति करती रक्त वाहिनियों की जांच करने हेतु

कभी-कभी एक्स-रे के स्थान पर स्कैन का प्रयोग करके भी एंजियोग्राफी की जा सकती है। इन्हें कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT)](/रोग/ct-स्कैन) एंजियोग्राफी अथवा [चुम्बकीय अनुकम्पन (MR) एंजियोग्राफी कहते हैं।

फ्लुओरेसेन एंजिओग्राम नामक एंजियोग्राफी की प्रकार का प्रयोग भी किया जाता है। यह ऊपर वर्णित एंजिओग्राम से भिन्न है और इस विषय में सम्मिलित नहीं है।

क्या होता है

एंजियोग्राफी किसी हॉस्पिटल के एक्स-रे अथवा विकिरण चिकित्साविज्ञान विभाग में की जाती है। प्राय: इसे करने में 30 मिनट से दो घंटों का समय लग सकता है, और आप उसी दिन घर जा सकते/सकती हैं।

इस पृष्ठ में निम्न सम्मिलित हैं :

तैयारी

प्रक्रिया

तत्पश्चात

एंजिओग्राम के लिए तैयारी

एंजिओग्राम करने से पूर्व, यह जांच करने के लिए कि क्या आप परीक्षण करवा सकते/सकती हैं, आपको एक हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट पर आने के लिए कहा जा सकता है।

इसमें निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

यदि आप कोई सेडेटिव लेने का चयन करते/करती हैं, तो आपको परीक्षण से पूर्व कुछ घंटों के लिए कुछ भी खाने की मनाही होगी।

चूंकि आप स्वयं घर जाने के लिए ड्राइव नहीं कर पाएंगे/पाएँगी, आपको किसी अन्य को आपको हॉस्पिटल से ले जाने की व्यवस्था भी करनी होगी।

एंजियोग्राफी प्रक्रिया

आमतौर पर आप एंजिओग्राम के लिए सचेत होंगे/होंगी, हालांकि छोटे बच्चों पर जनरल एनेस्थेटिक (जिसमें आप सो जाते/जाती हैं) का प्रयोग किया जा सकता है।

परीक्षण के लिए :

  • आपको हॉस्पिटल गाउन पहनने और एक विशेष टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा
  • आपकी रक्तवाहिनियों में से एक पर एक छोटा चीरा लगाया जाता है, आमतौर से पेड़ू-जांघ जोड़ अथवा कलाई – क्षेत्र को सुन्न करने के लिए लोकल एनेस्थेटिक का प्रयोग किया जाता है ताकि कष्ट न हो
  • एक लंबी, पतली, लचीली ट्यूब (कैथिटर) को धमनी के भीतर डाला जाता है और सावधानीपूर्वक परीक्षण किए जा रहे क्षेत्र में निर्दिष्ट किया जाता है – ऐसा करने के दौरान आपको कुछ धकेलना और खींचना महसूस हो सकता है, परन्तु यह दर्दनाक नहीं होना चाहिए।
  • कैथिटर के माध्यम से एक विशेष रंग (कांट्रास्ट पदार्थ) इंजेक्ट किया जाता है – आपको गर्म, पानी बाहर निकलना प्रतीत हो सकता है और इसके पश्चात आपको कुछ सेकंड के लिए मूत्र करने की आवश्यकता का आभास भी हो सकता है
  • आपकी रक्त वाहिनियों में रंग प्रवाह के दौरान कुछ एक्स-रे लिए जाते हैं

कभी-कभी उपचार भी उसी समय पर दिया जाता है, उदाहरणार्थ तंग हुई धमनी में खुल जाने वाला एक गुब्बारा अथवा एक छोटी ट्यूब डालना। इसे एंजिओप्लास्टि कहते है।

प्रक्रिया के समाप्त होने के पश्चात, कैथिटर को हटाया जाता है और रक्तस्त्राव को रोकने के लिए चीरे पर दबाव लगाया जाता है। टांकों की आवश्यकता नहीं होती है।

एंजिओग्राम के पश्चात

परीक्षण के पश्चात, आपको एक रोग-निवृत्ति वार्ड में ले जाया जाता है जहां आपको चीरे से रक्तस्त्राव को रोकने के लिए कुछ घंटो के लिए स्थिर लेटने के लिए कहा जाएगा।

आमतौर पर आप उसी दिन घर जा सकेंगे/सकेंगी, हालांकि कभी-कभी आपको एक रात्री के लिए हॉस्पिटल में रुकने की आवश्यकता हो सकती है।

आपके घर लौटने से पूर्व आपको परिणामों के बारे में बताना संभव हो सकता है, परन्तु अक्सर एक्स-रे को विस्तार से अध्ययन करने के परिमाणस्वरूप कुछ सप्ताहों के लिए परिणाम उपलब्ध नहीं होते हैं।

घर पर रोग निवृत्ति के दौरान :

  • शेष दिन के समय में विश्राम करें – किसी भी अप्रत्याशित समस्या से निपटने के लिए कम से कम 24 घंटो के लिए किसी अन्य का आपके साथ रुकना अच्छा होगा
  • जैसे ही आप तैयार हों, तो खाएं और पीएं – कांट्रास्ट रंग आपके शरीर में मूत्र छोड़ देता है, अत: अधिक से अधिक पानी पीना इसे जल्द निकालने में सहायक हो सकता है
  • समान्यत: आप अगले दिन ही अपनी सामान्य गतिविधिओं पर लौट सकते/सकती हैं, हालांकि कुछ दिनों के लिए आपको भारी वज़न उठाना और कठोर व्यायाम से दूर रहने की आवश्यकता हो सकती है

संभवत: आपको कम से कम कुछ दिनों के लिए कुछ खरोंच और सूजन हो सकती है।

जोख़िम

सामान्यत: एंजियोग्राफी एक अत्यंत सुरक्षित प्रक्रिया है, हालांकि हल्के दुष्प्रभाव होना आम बात है और कुछ गंभीर जटिलतायें उत्पन्न होने का जोख़िम भी होता है।

किन्हीं संभावित जोख़िम से यह प्रक्रिया करने के लाभ अधिक प्रतीत होने पर ही परीक्षण किया जाता है।

एंजिओग्राम करवाने में लिप्त जोख़िमों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

दुष्प्रभाव

एंजिओग्राम के पश्चात, कई व्यक्तियों में निम्न दुष्प्रभाव हो सकते हैं :

  • खरोंच
  • सूजन
  • चीरा लगे स्थान के पास एक अत्यंत छोटी गांठ अथवा रक्त का एकत्रीकरण

इन समस्याओं में कुछ दिनों अथवा सप्ताहों में सुधार आ जाता है और कुछ चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

आवश्यकतानुसार किसी परेशानी की स्थिति में आप पैरासिटामोल जैसे दर्दनिवारक औषधि ले सकते/सकती हैं।

जटिलतायें

एंजिओग्राम करवाने वाले अधिकांश व्यक्तियों को कोई जटिलता नहीं होती है, परन्तु हल्की अथवा गंभीर जटिलतायें उत्पन्न होने की एक छोटी संभावना हो सकती है।

संभावित हल्की जटिलताओं में निम्न सम्मिलित होती हैं :

  • चीरा लगे स्थान पर संक्रमण, जिससे वह क्षेत्र लाल, गर्म, सूजा और दर्दनाक हो जाता है – इसका एंटीबायओटिक्स से उपचार की आवश्यकता हो सकती है
  • खुजलीदार फुंसी जैसे रंग के लिए एक हल्की प्रतिक्रिया – प्राय: इसे औषधियों से नियंत्रित किया जा सकता है

संभावित गंभीर जटिलताओं में निम्न सम्मिलित होती हैं :

  • रंग के कारण गुर्दे को क्षति – प्राय: यह अल्पकालिक होती है
  • हार्ट अटैक अथवा दौरे
  • आंतरिक रक्तस्त्राव व रक्त वाहिनी को क्षति – क्षति दूर करने के लिए अतिरिक्त शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है
  • रंग की गंभीर एलेर्जिक प्रतिक्रिया ( एनफ़िलैक्सिस ), जिससे चक्कर, सांस लेने में तकलीफ अथवा बेहोशी की समस्याएं आने लगती है

ये गंभीर जटिलतायें बहुत कम होती हैं। उदाहरण के तौर पर 1,000 व्यक्तियों में लगभग 1 को दौरा आता है, और 50,000 से 150,000 में से लगभग 1 में एनाफिलैक्सिस उत्पन्न होती है।

चिकित्सीय सहायता कब लेनी चाहिए

परामर्श प्राप्त करने हेतु अपने डॉक्टर अथवा हॉस्पिटल से संपर्क करें, यदि :

  • चीरे से रक्तस्त्राव होने लगे और कुछ मिनट के लिए दबाव लगाने से यह न रुके
  • आपको अत्यधिक दर्द है और दर्दनिवारक से दूर नहीं हो रहा है
  • आपकी त्वचा लाल, सूजी हुई और गर्म हो जाती है
  • दूसरी टांग अथवा बाजू से चीरा लगाई गई टांग अथवा बाजू भिन्न दिखती अथवा प्रतीत हो रही है - उदाहरणार्थ, यह पीली अथवा ठंडी प्रतीतहो रही है
  • चीरा लगाने के स्थान के निकट एक स्थिर, कोमल गांठ का उत्पन्न होना
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