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गुदा की दरार

प्रस्तावना

गुदा की दरार एक फटा अथवा खुला छाला (अल्सर) होता है जो गुदे की नलिका की परत में उत्पन्न होता है। गुदे की नलिका बड़ी आंतड़ी का अंतिम भाग होती है। यह मलद्धार – जहां मल भंडारण किया जाता है – और नीचे का खुलने का स्थान जहां से मल निकलते हैं (एनस) के बीच स्थित होती है।

गुदा की दरार के लक्षण

गुदा की दरारों के अत्यंत कॉमन लक्षण निम्नलिखित हैं :

  • मल-त्याग के समय तीव्र दर्द, अक्सर जिसके बाद कई घंटों तक गहन जलनशील दर्द होता है
  • मल-त्याग के समय रक्तस्त्राव – अधिकांश व्यक्ति चमकीले लाल रक्त की कुछ मात्रा अपने मलों अथवा टॉयलेट पेपर पर देखते हैं

डॉक्टर से कब संपर्क करें

यदि आपके विचार में आपकी गुदा में दरार है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इस उलझन में सहायता प्राप्त करना आवश्यक होता है : गुदा की दरारें एक आम समस्या है जिसका डॉक्टर अक्सर सामना करते रहते हैं। अधिकांश गुदा की दरारें बिना उपचार के ही ठीक हो जाती हैं, परन्तु आपके डॉक्टर इस प्रकार के किसी भी अन्य बवासीर (हेमोर्रोयड्स) जैसे लक्षणों को खारिज़ करना चाहेंगे।

आपके डॉक्टर आपको स्व-सहायता उपायों और उपचारों के बारे में बता सकते हैं जो आपके लक्षणों को दूर और दरारों को पुन: उत्पन्न होने के जोख़िम को कम कर सकते हैं।

गुदा की दरारों का रोग-निदान

आपसे आपके डॉक्टर लक्षणों और आपके द्वारा अनुभव की जाने वाली दर्दों के बारे में पूछेंगे। वे आपसे आपकी टॉयलेट आदतों के बारे में भी पूछ सकते हैं। सामान्यत: वे आपके नितम्बों को धीरे से अलग करके दरार को देख सकते हैं।

एक डिजिटल रेक्टल जांच – जिसमें आपके डॉक्टर एक दस्ताना पहनी, तेल से सनी, उंगली को असमान्यतायें महसूस करने हेतु आपकी गुदा में घुसाते हैं – चूंकि ऐसा करना दर्दनाक हो सकता है, यह आमतौर पर गुदा की दरारों के रोग-निदान में प्रयोग नहीं किया जाता है।

यदि उनके विचार में कुछ गंभीर कारण आपकी दरार उत्पन्न कर रहें हैं, तो आपके डॉक्टर आपको किसी विशेषज्ञ आंकलन के लिए रेफ़र कर सकते हैं।

इसमें दर्द कम करने के लिए एनेस्थेटिक का प्रयोग करते हुए आपकी गुदा की अधिक विस्तृत जांच सम्मिलित हो सकती है।

कभी-कभी सरल उपचारों का प्रभाव न दिखने पर गुदा स्फिंक्टर दबाव का माप लिया जा सकता है। गुदा स्फिंक्टर मांसपेशियों का एक गोला होता है जो गुदा को खोलता और बंद करता है।

गुदा की दरारों के कारण?

अधिकतर गुदा की परत अथवा गुदा-नलिका को क्षतिग्रस्त होने से गुदा की दरारें उत्पन्न होती हैं। अधिकांश मामलें कब्ज़ से ग्रसित व्यक्तियों में होते हैं, जब एक विशेष रूप से कठोर अथवा बड़ा मल गुदा-नलिका को फाड़ देता है। गुदा की दरारों के अन्य संभावित कारणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • सतत दस्त
  • सूजन आंत्र रोग (IBD), जैसे कि क्रोन’स रोग और अल्सराटिव कोलाइटिस
  • गर्भावस्था और प्रसव
  • कभी-कभी, सिफ़लिस अथवा हेर्पिस जैसा यौन संचारित संक्रमण (STI), जो गुदा-नलिका को संक्रमित और क्षतिग्रस्त कर सकते हैं
  • असामान्य रूप से तंग गुदा स्फिंक्टर मांसपेशियां गुदा-नलिका के दबाव को बढ़ा सकती हैं जिससे इनकी फटने की संभावना अधिक हो जाती है।

अधिकांश मामलों में, किसी स्पष्ट कारण की पहचान नहीं हो पाती है।

गुदा की दरारों का उपचार और रोकथाम

आमतौर से गुदा की दरारें कुछ सप्ताहों के भीतर किसी उपचार के बिना ही ठीक हो जाती हैं। परन्तु, यदि वे बिना उपचार किए कब्ज़ से होती हैं तो वे आसानी से पुन: उत्पन्न हो सकती हैं।

कुछ व्यक्तियों में गुदा की दरारों (क्रोनिक गुदा की दरारें) के लक्षण छ: अथवा अधिक सप्ताह तक रहते हैं।

कुछ सरल स्व-सहायता उपाय अपना कर मल-त्याग करना अधिक सरल हो सकता है। इससे वर्तमान दरारें ठीक हो जाती हैं और भविष्य में नई दरारों के उत्पन्न होने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। कब्ज़ को दूर करने के स्व-सहायता उपायों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • आपके आहार में अत्याधिक फ़ाइबर, उदाहरणार्थ फल और सब्जियाँ और अनछने आटे की रोटी, पास्ता और चावल – व्यस्कों को कम से कम 18 ग्रा. फ़ाइबर प्रति दिन खाने का लक्ष्य रखना चाहिए
  • अत्यधिक द्रव पीकर स्वयं को अच्छे से हाइड्रेटेड रखना
  • मल-त्याग की आवश्यकता को अनदेखा न करना – यह प्रवृति आपके मल को सूखा कर निकलने के लिए कठोर बना सकती है
  • नियमित रूप से व्यायाम करना – आपको कम से कम 150 मिनट प्रति सप्ताह शारीरिक व्यायाम का लक्ष्य रखना चाहिए

पैरासिटामोल अथवा इबुप्रोफ़ेन जैसी साधारण दर्दनिवारक गोलियां लेकर, अथवा अपने निचले भाग को दिन में कई बार गीला करके, विशेषत: मल-त्याग के पश्चात, आप दर्द को कम कर सकते/सकती हैं।

आपके लक्षणों से राहत दिलाने और ठीक होने के प्रक्रिया में गति प्रदान करने हेतु आपके डॉक्टर औषधियों का नुस्खा प्रदान कर सकते हैं। इसमें जो आपको आसानी से मल-त्याग करने में सहायता करने वाले लैक्सेटिव और सीधा गुदा पर लगाने वाली दर्द निवारक मल्हम सम्मिलित हो सकते हैं।

यदि स्व-सहायता उपायों और औषधियों से सहायता नहीं होती है को गुदा की दरारों की शल्य-चिकित्सा करवाने की अनुशंसा की जा सकती है।

अक्सर गुदा की दरारों का उपचार करने में शल्य-चिकित्सा अत्यंत प्रभावकारी होती है, परन्तु इसमें अल्पकालिक अथवा स्थायी मल-त्याग पर नियंत्रण न कर पाने (बोवल ईंकंटीनेंस) जैसी जटिलताओं का छोटा सा जोखिम होता है।

उपचार

त्वचा में अन्य छोटे कट अथवा चीरों की तरह, अक्सर गुदा की दरारें कुछ सप्ताहों में स्वत: ही ठीक हो जाती हैं।

ऐसा होने पर भी, यदि आपकी गुदा में दरार है तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि वे आपके लक्षणों से राहत दिलाने और ठीक होने के प्रक्रिया में गति प्रदान करने हेतु परामर्श और औषधियों का नुस्खा प्रदान कर सकते हैं।

अधिकांश गुदा की दरारें उपचार से ठीक हो जाती हैं, हालांकि वे आसानी से पुन: उत्पन्न हो सकती हैं, विशेषत: यदि आप निम्नलिखित स्व-सहायता परामर्श का अनुसरण नहीं करते/करती हैं।

स्व-सहायता

कब्ज़ से निजात पाने और गुदा की दरारों से उत्पन्न दर्द को कम करने के लिए आपके डॉक्टर कई स्व-सहायता उपायों का अनुसरण करने का परामर्श दे सकते हैं।

कब्ज़ से निजात पाने से गुदा की दरारें ठीक हो जाती है और यह भविष्य में और दरारें उत्पन्न होने की संभावनाओं को कम करती है।

स्व-सहायता उपायों में निम्नलिखित सम्मिलित हैं :

  • अपने दैनिक आहार में फल व सब्जियाँ और अनछने आटे जैसे अत्यधिक उच्च-फ़ाइबर वाले आहारों का अन्तर्ग्रहण बढ़ाना
  • अत्यधिक द्रव पीकर डीहाइड्रेशन से बचना
  • अधिक व्यायाम करने का प्रयास करना – उदाहरणार्थ, दैनिक सैर अथवा दौड़ के लिए जाना
  • टॉयलेट पर आराम से समय व्यतीत करने हेतु एक स्थान और दिन के समय का निर्धारण करना
  • आवश्यकता पड़ने पर मल-त्याग करने में देरी न करना
  • नियमित रूप से व्यायाम करना – आपको कम से कम 150 मिनट प्रति सप्ताह शारीरिक व्यायाम का लक्ष्य रखना चाहिए
  • यदि आप गीले पोंछनों का प्रयोग करते/करती हैं, तो सुगंध अथवा एल्कोहॉल युक्त उत्पादों से दूर रहें क्योंकि इनसे असुविधा या खुजली हो सकती है – यदि आप टॉयलेट पेपर का प्रयोग करते/करती हैं, तो किसी कोमल ब्रांड का प्रयोग करें और अत्यंत ज़ोर से पोंछने से परहेज़ करें
  • अपनी गुदा की मांस-पेशियों को आराम देने के लिए अपने निचले भाग को दिन में कई बार गर्म स्नान से गीला करना, विशेषत: मल त्यागने के पश्चात

अधिक स्व-सहायता परामर्श के लिए गुदा की दरारों की रोकथाम देखें।

औषधियाँ

आपके लक्षणों को कम करने और आपकी गुदा की दरारों को ठीक करने के लिए आपके डॉक्टर भिन्न प्रकार की औषधियों की अनुशंसा कर सकते हैं।

लैक्सेटिव

लैक्सेटिव एक प्रकार की औषधि होते हैं जो आपको अधिक सरलता से मल-त्याग करने में सहायता कर सकते हैं।

आमतौर पर गुदा की दरार से ग्रसित व्यस्कों को रेशेदार तत्व बनाने वाले लैक्सेटिव गोलियों अथवा दानों का नुस्खा दिया जाता है। ये आपके मल में द्रव रोक रखने का कार्य करते हैं, उन्हें चिकना बनाते हैं और सूखने देने से बचाते हैं।

आमतौर पर गुदा की दरार से ग्रसित बच्चों को ओसमोटिक लैक्सेटिव ओरल सोलुशन का नुस्खा दिया जाता है। इस प्रकार का लैक्सेटिव मल में द्रव की मात्रा को बढ़ाता है जिससे शरीर द्वारा मल-त्याग करने हेतु उत्तेजना प्राप्त होती है।

आपके डॉक्टर आरंभ में कम मात्रा की खुराक की अनुशंसा कर सकते हैं और बाद में प्रत्येक कुछ दिनों के बाद खुराक की मात्रा धीरे-धीरे तब तक बढ़ाते हैं जब तक आप प्रत्येक एक अथवा दो दिनों में मुलायम मल-त्याग नहीं करते/करती हैं।

दर्दनिवारक

यदि आपको काफी समय से मल-त्याग के पश्चात जलती हुई दर्द होती है तो आपके डॉक्टर बिना नुस्खे के साधारणत: उपलब्ध होने वाले पैरासिटामोल अथवा इबुप्रोफेन जैसे दवानिवारक लेने की अनुशंसा कर सकते हैं। यदि आप इन औषधियों को लेने का निर्णय लेते/लेती हैं, तो रोगी के लिए जानकारी पत्र अथवा पैकेट पर इंकित खुराक की मात्रा के निर्देशों का अनुसरण करना सुनिश्चित करें।

ग्लाइसेरिल ट्रिनिट्रेट

यदि आपके लक्षणों में एक अथवा दो सप्ताहों के भीतर सुधार नहीं आता है, तो आपके डॉक्टर एक ग्लाइसेरिल ट्रिनिट्रेट (GTN) नामक मल्हम, गुदा-नलिका में दिन में दो बार लगाने के लिए, का नुस्खा दे सकते हैं।

GTN गुदा के भीतर और इर्द-गिर्द रक्तवाहिनियों को फैलाता, दरारों को रक्त आपूर्ति बढ़ाता और इसे तीव्रता से ठीक होने में सहायता करता है। यह गुदे की नलिका में दबाव को कम करने में भी सहायक होता है जिससे दर्द में राहत मिलती है।

आमतौर पर आपको कम से कम छ: सप्ताहों के लिए अथवा जब तक आपकी दरार पूर्णत: ठीक नहीं हो जाती, GTN मल्हम का प्रयोग करना होता है।

छ: सप्ताहों से कम की अधिकांश विकट दरारें GTN उपचार से ठीक हो जाती हैं। प्रत्येक 10 दीर्घकालिक दरारों में से 7 GTN थेरेपी के उचित प्रयोग से ठीक हो जाती हैं।

GTN मल्हम का एक अत्यंत कॉमन दुष्प्रभाव सिरदर्द होना है, जो इसे प्रयोग करने वालों में से आधे व्यक्तियों को प्रभावित करता है। कुछ व्यक्तियों को मल्हम लगाने के पश्चात चक्कर अथवा लापरवाही प्रतीत होती है।

बच्चों के लिए GTN उपयुक्त नहीं है और गर्भवती अथवा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सावधानीपूर्वक प्रयोग करना चाहिए।

यदि सिरदर्द एक समस्या है, तो आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली मल्हम की मात्रा को कुछ दिनों के लिए कम करना सहायक हो सकता है। अधिक मात्रा में मल्हम का दो बार प्रतिदिन प्रयोग की तुलना में अक्सर एक मटर के आकार जितनी मात्रा का पाँच अथवा छ: बार प्रतिदिन प्रयोग बेहतर होता है।

टोपिकल एनेस्थेटिक्स

यदि आपको विशेष रूप से गुदा में विकट दर्द है, तो आपके डॉक्टर मल-त्याग से पूर्व आपकी गुदा को सुन्न करने के लिए टोपिकल एनेस्थेटिक का प्रयोग करने की अनुशंसा कर सकते हैं।

टोपिकल औषधि को आप सीधे ही प्रभावित क्षेत्र में लगाते/लगाती हैं। यह दरारों को ठीक नहीं कर सकता है परन्तु यह दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है।

बहुधा गुदा की दरारों के लिए लिडोकाइन नामक टोपिकल एनेस्थेटिक के लिए नुस्खा दिया जाता है। यह जैल अथवा मल्हम के रूप में आता है और प्राय: एक से दो सप्ताहों के लिए ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि इस समय में दरार का ठीक होना आरंभ हो जाना चाहिए।

कैल्सियम चैनल ब्लोकर

डिल्टीजेम जैसे कैल्सियम चैनल ब्लोकर एक प्रकार की औषधि है जो आमतौर पर उच्च रक्तचाप दबाव (हाइपरटेंशन) के लिए प्रयोग की जाती है।

हालांकि, कुछ व्यक्तियों में सीधे गुदा पर लगाए जाने वाले टोपिकल कैल्सियम चैनल ब्लोकर भी गुदा की दरारों के उपचार में लाभप्रद सिद्ध हुए हैं।

टोपिकल कैल्सियम चैनल ब्लोकर स्फिंक्टर मांसपेशी को ढीला करने और दरार को रक्त आपूर्ति बढ़ाने के लिए कार्य करता है।

इसके दुष्प्रभावों में सिरदर्द, चक्कर और खुजली अथवा औषधि लगाने वाले स्थान पर जलन सम्मिलित होते हैं। आपकी शरीर को औषधि की आदत पड़ने के पश्चात कोई भी दुष्प्रभाव कुछ दिनों के भीतर दूर हो जाना चाहिए।

गुदा की दरारों के लिए टोपिकल कैल्सियम चैनल ब्लोकर को GTN मल्हम जितना ही प्रभावकारी माना जाता है, और यदि अन्य औषधियों ने सहायता नहीं की है तो इसकी अनुशंसा की जा सकती है।

GTN मल्हम की तरह, प्राय: आप कैल्सियम चैनल ब्लोकर को कम से कम छ: सप्ताहों के लिए अथवा दरार को पूरी तरह ठीक होने तक प्रयोग करते हैं।

बोतूलिन्म टॉक्सिन इंजेक्शन

तुलनात्मक रूप से बोतूलिन्म टॉक्सिन गुदा की दरारों के उपचार के लिए एक नया उपचार है। आमतौर पर यदि अन्य औषधियाँ सहायक नहीं हो पति हैं तो इसका प्रयोग किया जाता है। बोतूलिन्म टॉक्सिन एक शक्तिशाली जहर है जिसका कम मात्रा की खुराकों में प्रयोग करना सुरक्षित होता है। यदि आप गुदा की दरार से ग्रसित हैं, तो आपकी स्फिंक्टर मांसपेशी को शिथिल करने के लिए टॉक्सिन का एक इंजेक्शन प्रयोग किया जा सकता है। इससे मांस-पेशी की ऐंठन को रुकती है, दर्द कम होता है और दरार ठीक करने में सहायता प्राप्त होती है।

यह स्पष्ट नहीं है कि बोतूलिन्म टॉक्सिन इंजेक्शन गुदा की दरारों को ठीक करने में कितना प्रभावकारी होता है, परन्तु शोध दर्शाता है कि इसका प्रयोग करने वाले व्यक्तियों में से यह आधे से अधिक को लाभ पहुंचा है। यह GTN मल्हम और टोपिकल कैल्सियम चैनल ब्लोकर से किए गए उपचार के समान ही होता है।

बोतूलिन्म टॉक्सिन इंजेक्शन के प्रभाव दो से तीन महीनों तक रहते हैं जिस दौरान दरार को आसानी से स्वत: ही ठीक हो जाना चाहिए।

आगे की कार्यवाही

उपचार प्रारम्भ करने के कुछ सप्ताह पश्चात आपको आगे की कार्यवाही के लिए एक अपॉइंटमेंट लेनी चाहिए। इससे आपके डॉक्टर जांच कर पाएंगे कि क्या दरार ठीक हो गई है अथवा सुधार के पर्याप्त चिन्ह दिख रहे हैं।

यदि दरार पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, तो आगे की कार्यवाही के लिए आपके डॉक्टर कुछ सप्ताह के बाद की अपॉइंटमेंट लेने की अनुशंसा कर सकते हैं।

यदि आपकी गुदा की दरार विशेष रूप से विकट है अथवा आठ सप्ताहों के पश्चात भी उपचार से सुधार नहीं हो रहा है, तो विशेषज्ञ उपचार के लिए आपको एक गुदा-नलिका और गुदा रोग के विशेषज्ञ, कोलोरेक्टल सर्जन, के पास रेफ़र किया जा सकता है। इस हालत में प्राय: किसी प्रकार की शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता होती है।

शल्य-चिकित्सा

यदि अन्य उपचार अपना प्रभाव नहीं दिखा रहे हैं, तो शल्य-चिकित्सा की अनुशंसा की जा सकती है।

साधारणत: गुदा की दरारों के लिए इसे अत्यंत प्रभावकारी उपचार माना जाता है। इससे 90% से अधिक व्यक्तियों को अच्छे दीर्घकालिक परिणाम प्राप्त हुए है। हालांकि, इसमें भी जटिलतायें उत्पन्न होने का छोटा सा जोखिम होता है।

ऐसी कई विभिन्न सर्जिकल तकनीके हैं जिनका गुदा की दरारों के उपचार में प्रयोग किया जा सकता है। मुख्य तकनीकों की रूपरेखा नीचे दी गई है।

लेटरल स्फिनस्टेरोटोमी

लेटरल स्फिनस्टेरोटोमी में गुदा-नलिका (स्फिनस्टर) के इर्द-गिर्द के घेरे में गुदा-नलिका में दबाव कम करने में सहायता प्रदान करने हेतु एक छोटा चीरा लगाया जाता है। इससे गुदा की दरार ठीक होने में सहायता मिलती है और अधिक दरारें बनने की संभावना में कमी आती है।

यह एक छोटा और तुलनात्मक रूप से सरल ऑपरेशन है जो आमतौर पर जनरल एनेस्थेटिक के प्रभाव में दिन-का-रोगी के आधार पर किया जाता है। इसका अर्थ है कि ऑपरेशन के दौरान आप निद्रावस्था में होंगे, परन्तु आमतौर पर आपको हॉस्पिटल में रात नहीं बितानी होती है।

गुदा की दरारों के लिए लेटरल स्फिनस्टेरोटोमी अत्यंत प्रभावशाली उपचारों में से एक है व इसका सफलता का एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है। अधिकांश व्यक्ति दो से चार सप्ताहों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

इस प्रकार की शल्य-चिकित्सा करवाने वाले 20 में से 1 से कम व्यक्ति को कुछ मल-त्याग (बोवल इंकोंटीनेंस) में बाद में गुदा की मांस-पेशियाँ खराब होने के परिणामस्वरूप अल्पकालिक समस्या आती है। ऐसा होने पर भी, प्राय: यह एक हल्की प्रकार की असंयति है जिसमें कोई व्यक्ति वायु निकालने की प्रक्रिया को रोकने में असमर्थ हो जाता है, और आमतौर पर यह समस्या कुछ सप्ताहों तक रहती है।

एडवांसमेंट एनल फ़्लैपस

एडवांसमेंट एनल फ़्लैपस में आपके शरीर के किसी अन्य भाग से एक स्वस्थ मांस-तन्तु लिया जाता है व इसे दरार की मरम्मत करने के लिए प्रयोग किया जाता है, इस प्रकार दरार के स्थान के लिए रक्त आपूर्ति में सुधार किया जाता है।

इस प्रक्रिया का दीर्घकालिक (क्रोनिक) गर्भावस्था अथवा गुदा-नलिका को चोट के कारण उत्पन्न गुदा की दरारों के उपचार के लिए अनुशंसा की जा सकती है।

Translated from original NHS content byYOURMD Logo

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