मुँहासे

परिचय

मुँहासे त्वचा से संबंधित एक आम अवस्था है जो कभी न कभी अधिकांश लोगों को प्रभावित करती है। इसके कारण धब्बे, तैलीय त्वचा और कभी-कभी ऐसी त्वचा होती है जो छूने में गर्म या दर्दनाक हो।

मुँहासे सबसे अधिक यहाँ विकसित होते हैं:

  • चेहरा - मुँहासे होने पर यह लगभग सभी को प्रभावित करता है
  • पीठ - मुँहासे होने पर आधे से अधिक लोगों को प्रभावित करता है
  • छाती - मुँहासे होने पर लगभग 15% लोगों को प्रभावित करता है

धब्बों के प्रकार

मुँहासे होने पर धब्बों के छ: मुख्य प्रकार होते हैं:

  • काला मस्से - छोटे काले या पीले थक्के जो त्वचा पर विकसित होते हैं; उनमें गंदगी नहीं होती, लेकिन रंग में काले होते हैं क्योंकि बालों के रोम की अंदरूनी परत रंग का उत्पादन करते हैं
  • सफ़ेद मस्से - काले मस्सों के ही जैसे दिखते हैं, लेकिन ज़्यादा कठोर हो सकतें हैं और दबाने पर खाली नहीं होंगे
  • पिटिक - छोटे लाल गाँठ जो छूने पर नरम या सूजे लगते हैं
  • स्फोट - पिटिक के समान, लेकिन केंद्र में एक सफ़ेद टिप होता है, जो मवाद के इकट्ठा होने के कारण होता है
  • गाँठ - बड़ी कठोर गाँठें जो त्वचा की सतह के नीचे बनती हैं और दर्दनाक हो सकती हैं
  • पुटक - मुँहासे के कारण सबसे गंभीर प्रकार का धब्बा; ये मवाद से भरी हुई बड़ी गाँठ हैं जो फोड़े के समान दिखते हैं और इनसे पक्के निशान बनने का सबसे बड़ा जोखिम रहता है

मुँहासे होने पर मैं क्या कर सकता/सकती हूँ?

नीचे दी गई स्वयं-सहायता तकनीक उपयोगी हो सकते हैं:

  • त्वचा के प्रभावित क्षेत्रों को दिन में दो बार से अधिक न धोएँ। बार-बार धोने से त्वचा में जलन हो सकती है तथा लक्षण और भी बदतर हो सकते हैं।
  • प्रभावित क्षेत्र को हल्के साबुन या साफ़ करने वाला और गुनगुने पानी से धोएँ। बहुत गर्म या ठंडा पानी मुँहासों को बदतर बना सकता है।
  • काले मस्सों को "साफ़" या कुचलने की कोशिश न करें। ऐसा करने से ये बदतर हो सकतें हैं और पक्के निशान बन सकते हैं।
  • अत्याधिक मेकअप और सौंदर्य प्रसाधनों के उपयोग से बचें। पानी आधारित उत्पादों का उपयोग करें जिन्हें गैर-कॉमेडोजेनिक के रूप में बताया गया है (इसका मतलब है कि ऐसे उत्पाद आपकी त्वचा में छिद्रों को बंद करने की संभावना कम रखतें हैं)
  • सोने से पहले मेकअप को पूरी तरह से हटा दें।
  • अगर सूखी त्वचा की समस्या है, तो खुशबू रहित, जल-आधारित ठण्डा करने वाले उत्पाद का उपयोग करें।
  • नियमित व्यायाम आपके मुँहासों में सुधार नहीं ला सकता है, लेकिन इससे आपकी मनोदशा को बढ़ावा मिल सकता है और आपके आत्मसम्मान में सुधार हो सकता है। व्यायाम समाप्त होने के बाद जितनी जल्दी हो सके नहा लें, क्योंकि पसीना आपके मुँहासों में खुजली बढ़ा सकता है।
  • बालों को नियमित रूप से धोएँ और कोशिश करें कि बाल चेहरे पर न गिरें।

हालाँकि मुँहासे का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है। दवाई दुकानों में उपचार के लिए कई क्रीम, लोशन और जैल उपलब्ध हैं।

यदि आपको मुँहासे हैं, तो सलाह के लिए अपने औषध विक्रेता से बात करना सही रहता है। बेंज़ॉयल पेरोक्साइड के कम कठोर उत्पादों की सलाह दी जा सकती है - लेकिन सावधान रहें, क्योंकि यह कपड़ों को ब्लीच कर सकता है।

यदि आपके मुँहासे गंभीर हैं या आपकी छाती और पीठ पर दिखाई देतें है, तो इसे एंटीबायोटिक दवाओं या कठोर क्रीम से इलाज करने की आवश्यकता पड़ सकती है जो केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही उपलब्ध होते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें

मुँहासे के हल्के मामले भी परेशानी का कारण बन सकते हैं। यदि मुँहासों से आप बहुत दुखी महसूस कर रहें है या आप अपने धब्बों को दवाई दुकानों की दवाई से नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से मिलें।

यदि आपको गाँठ या पुटक निकल आते हैं तो भी अपने चिकित्सक को दिखाएँ क्योंकि निशान से बचने के लिए उनका ठीक से इलाज करने की आवश्यकता होती है। धब्बों को कुरेदने या कुचलने के प्रलोभन से बचने की कोशिश करें, क्योंकि इससे पक्के निशान हो सकते हैं।

उपचार में तीन महीने तक का समय लग सकता है, इसलिए रात भर में परिणाम की उम्मीद न करें। एक बार जब वो काम करना शुरू कर देते हैं, तो परिणाम आमतौर पर अच्छे होते हैं।

और पढ़ें:

मुँहासों का निदान

मुँहासों का उपचार

मुँहासों की जटिलतायें

मुझे मुँहासे क्यों हैं?

मुँहासे आमतौर पर यौवन के दौरान हार्मोन के स्तर में परिवर्तन से जुुड़े होते हैं, लेकिन किसी भी उम्र में शुरू हो सकतें हैं।

कुछ हार्मोन त्वचा में बालों के रोम के बगल में तेल बनाने वाली (असामान्य सीबम) ग्रंथियों का कारण बनते हैं।

आमतौर पर यह असामान्य सीबम पी.एक्ने नामक हानिरहित त्वचा जीवाणु की गतिविधि को बदल देता है, जिससे ये अधिक आक्रामक हो जाता है और सूजन और मवाद का कारण बनता है।

हार्मोन्स बालों के कोश की अंदरूनी परत को भी मोटा करते हैं, जिससे छिद्रों (बालों के कोश को छिद्र) में रुकावट आती है। त्वचा की सफाई इस रुकावट को दूर करने में मदद नहीं करती है।

अन्य संभावित कारण

मुँहासे होना खानदानी माना जाता है। यदि आपके माता और पिता को मुँहासे थे, तो संभावना है कि आपको भी मुँहासे होंगे।

हार्मोनल परिवर्तन, जैसे कि मासिक धर्म चक्र या गर्भावस्था में होता है, उन महिलाओं को भी मुँहासे हो सकते हैं।

इसका कोई प्रमाण नहीं है कि खाना, गंदगी या यौन गतिविधि मुँहासे में भूमिका निभाते हैं।

मुँहासे के कारणों के बारे में और पढ़ें, साथ ही मुँहासे के कुछ सामान्य मिथक।

कौन प्रभावित होता है?

किशोरों और छोटे वयस्कों को मुँहासे होना बहुत आम है। 11 से 30 वर्ष की आयु के लगभग 80% लोग मुँहासों से प्रभावित होते हैं।

14 से 17 वर्ष की लड़कियों में, और 16 से 19 वर्ष की उम्र के लड़कों में मुँहासे सबसे आम है।

अधिकांश लोगों को कई वर्षों तक मुँहासे आते-जाते रहते हैं और उम्र बढ़ने पर उनके लक्षणों में सुधार होना शुरू हो जाता है। जब व्यक्ति अपने उम्र के बीसवें वर्ष के मध्य पड़ाव पर पहुँचता है तो अक्सर मुँहासे गायब हो जाते हैं।

कुछ मामलों में, मुँहासे वयस्क जीवन में जारी रह सकते हैं। लगभग 5% महिलाओं और 1% पुरुषों में 25 वर्ष की उम्र में मुँहासे होते हैं।

कारण

मुँहासे तब होते हैं जब त्वचा के छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें हेयर फॉलिकल्स कहा जाता है, अवरोधित हो जाते हैं।

वसामय ग्रंथि आपकी त्वचा की सतह के पास पाई जाने वाली छोटी ग्रंथियाँ हैं। ये ग्रंथियाँ बालों के कोश से जुड़ी होती हैं जो कि त्वचा के वो छोटे छिद्र हैं जिनमें से एक-एक बाल आते हैं।

वसामय ग्रंथि बालों और त्वचा को चिकना बनाती हैं ताकि उन्हें सूखने से रोक सकें। यह सीबम नामक एक तैलीय पदार्थ का उत्पादन करके ऐसा करती है।

मुँहासे होने पर, ग्रंथियाँ बहुत अधिक सीबम का उत्पादन करना शुरू कर देती हैं। यह अतिरिक्त सीबम, मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिलता है और ये दोनों पदार्थ कोशों पर एक ढक्कन बनाते हैं।

यदि बंद कोश त्वचा की सतह के करीब है, तो यह बाहर की ओर उभारता है, जिससे एक सफ़ेद मस्सा बनता है। इसके अलावा, बंद कोश त्वचा पर खुले होकर एक काला मस्सा बना सकते हैं।

आम तौर पर त्वचा में रहने वाले हानिरहित बैक्टीरिया, बंद कोशों को दूषित और संक्रमित कर सकते हैं, जिससे पिटिक, स्फोट, गाँठ या पुटक हो सकते हैं।

टेस्टोस्टेरोन

माना जाता है कि युवावस्था में मुँहासे टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन के बढ़े हुए स्तर का कारण होता है, ऐसा यौवन के दौरान होता है। हार्मोन लड़कों में लिंग और अंडकोष के विकास को बढ़ाने और लड़कियों में मांसपेशियों और हड्डियों की शक्ति को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वसामय ग्रंथि विशेष रूप से हार्मोन के प्रति संवेदनशील होती हैं। ऐसा माना जाता है कि टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि के कारण ही ग्रंथियाँ त्वचा की ज़रूरत से ज़्यादा सीबम का उत्पादन करने लगती हैं।

खानदान में मुँहासे

मुहाँसों की समस्या खानदानी हो सकती है। यदि आपके माता-पिता को मुँहासे थे, तो आपको भी मुँहासे हो सकते हैं।

एक अध्ययन में पाया गया है कि यदि आपके माता-पिता दोनों को मुँहासे थे, तो आपको कम उम्र में अधिक गंभीर मुँहासे होने की संभावना है। यह भी पाया गया है कि यदि आपके माता-पिता में से किसी एक को भी वयस्क अवस्था में मुँहासे थे, तो आपको भी वयस्क अवस्था में मुँहासे होने की अधिक संभावना है।

महिलाओं में मुँहासे

वयस्क मुँहासे के 80% से अधिक मामले महिलाओं में होते हैं। यह माना जाता है कि वयस्क मुँहासे के कई मामले हार्मोन के स्तर में परिवर्तन के कारण होते हैं जो कई महिलाओं में एक निश्चित समय पर आते हैं।

इनमें ये समय शामिल हैं:

  • मासिक धर्म - कुछ महिलाओं में मासिक धर्म से ठीक पहले मुँहासों होते हैं
  • गर्भावस्था - कई महिलाओं में इस समय मुँहासे के लक्षण होते हैं, आमतौर पर गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के दौरान दिखाई देतें हैं
  • बहुपुटीय अंडाशय लक्षण - एक सामान्य स्थिति जो मुँहासे, वजन और अंडाशय के अंदर छोटे पुटक के बनने का कारण बन सकती है

अन्य कारण

मुँहासों के निकलने के अन्य संभावित कारणों में शामिल हैं:

  • कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद - हालाँकि, यह कम आम है क्योंकि अधिकांश उत्पादों का अब परीक्षण किया जाता है, इसलिए वो धब्बों (गैर-कॉमेडोजेनिक) का कारण नहीं बनते हैं
  • कुछ दवाएँ - जैसे स्टेरॉयड दवाएँ, लिथियम (अवसाद और बाईपोलर डिसऑर्डर का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है) और कुछ मिरगी-रोधी दवाओं (मिर्गी के इलाज के लिए)
  • नियमित रूप से उन वस्तुओं को पहनने से जो त्वचा के प्रभावित क्षेत्र पर दबाव डालते हैं, जैसे सिर पट्टी या बैग
  • धूम्रपान - जो बड़ी उम्र वाले लोगों में मुँहासों का कारण बन सकता है।

मुँहासों से जुड़े मिथक

त्वचा से संबंधित स्थितियों में सब से अधिक फैली स्थिति होने के बावजूद, मुँहासे कम समझे जाने वाली चीजों में से एक है। इसके बारे में कई मिथक और भ्रांतियाँ हैं:

"मुँहासे भोजन की खराब आदतों के कारण होते हैं"

अब तक के शोध में ऐसा कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं मिला है जो मुँहासों का कारण हो। एक स्वस्थ, संतुलित आहार खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह आपके दिल और सामान्य रूप से आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

"मुँहासे त्वचा में गंदगी और गंदी आदतों के कारण होते हैं"

अधिकांश जैविक प्रतिक्रियाएँ जो मुँहासों का कारण बनती हैं, त्वचा की सतह पर न होकर नीचे होती हैं, इसलिए आपकी त्वचा की सफाई का आपके मुँहासो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। दिन में दो बार से अधिक चेहरा धोने से आपकी त्वचा में निखार आ सकता है।

"मुँहासों से छुटकारा पाने के लिए काले मस्से, सफ़ेद मस्से और धब्बों को दबाकर निकालने का सबसे अच्छा तरीका है"

जबकि ऐसा करने से लक्षण बदतर हो सकतें हैं और आप पर निशान छोड़ सकते हैं।

"यौन गतिविधि मुँहासों को प्रभावित कर सकती हैं“

सम्भोग या हस्तमैथुन करने से मुँहासे बेहतर या बदतर नहीं होंगे।

"धूप स्नान, धूप पलंग और धूप लैंप मुँहासे के लक्षणों में सुधार करने में मदद करते हैं"

कोई निर्णायक सबूत नहीं है कि सूर्य के प्रकाश के लंबे समय तक संपर्क में रहने या धूप पलंग या धूप लैंप का उपयोग करने से मुँहासे में सुधार हो सकता है। मुँहासों का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली कई दवाएँ आपकी त्वचा को प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकती हैं, इसलिए धूप में प्रदर्शन आपकी त्वचा को दर्दनाक नुकसान पहुँचा सकता है, और आपको त्वचा के कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है।

"मुँहासे संक्रामक होते हैं"

अन्य लोगों को आप से मुँहासे नहीं हो सकते।

निदान

आपका डॉक्टर आपकी त्वचा को देखकर मुँहासों का निदान कर सकता है। इसमें विभिन्न प्रकार के धब्बों के लिए आपके चेहरे, छाती और पीठ की जाँच करना शामिल है, जैसे काले मस्से या गले में दर्द, लाल पिंड।

आपको कितने धब्बे हैं और उनमें कितना दर्द और सूजन है, इससे पता चलेगा कि आपके मुँहासे कितने गंभीर हैं। यह आपके उपचार की योजना बनाने में महत्वपूर्ण है।

मुँहासे की गंभीरता को मापने के लिए चार श्रेणियों का उपयोग किया जा सकता है:

  • श्रेणी 1 (सौम्य) - मुँहासे ज़्यादातर सफ़ेद मस्से और काले मस्से तक सीमित होते हैं, बस कुछ पिटिक और स्फोट के साथ
  • श्रेणी 2 (मध्यम) - कई पिटिक और स्फोट होते हैं, जो ज़्यादातर चेहरे तक ही सीमित होते हैं
  • श्रेणी 3 (मध्यम रूप से गंभीर) - इसमें बड़ी संख्या में पिटिक और स्फोट होते हैं, साथ ही कभी-कभी फूला हुआ गाँठ भी होता है, और पीठ और छाती भी मुँहासों से प्रभावित होते हैं
  • श्रेणी 4 (गंभीर) - बड़े और दर्दनाक स्फोट और गाँठ की एक बड़ी संख्या देखने को मिलती है

महिलाओं में मुँहासे

यदि वयस्क महिलाओं में मुँहासे अचानक से शुरू होते हैं, तो यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है, खासकर अगर यह अन्य लक्षणों के साथ है जैसे:

  • अत्याधिक शारीरिक बाल (अतिरोमता)
  • अनियमित या हल्के मासिक धर्म

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन का सबसे आम कारण बहुपुटीय अंडाशय लक्षण (पीसीओएस) है। अल्ट्रासाउंड स्कैन और रक्त परीक्षणों का उपयोग करके पीसीओएस का निदान किया जा सकता है।

PCOS के निदान के बारे में और पढ़ें।

उपचार

मुँहासों के लिए उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि यह कितना गंभीर है। मुँहासों के लक्षणों में सुधार होने में कई महीनों का समय लग सकता है।

मुँहासों के लिए विभिन्न उपचार नीचे बताए गए हैं। आप अपने मुँहासे के उपचार की अच्छी और खराब चीजों का सारांश भी पढ़ सकते हैं, इससे आप अपने उपचार के विकल्पों की तुलना कर सकते हैं।

यदि आपको बस थोड़े काले मस्से, सफ़ेद मस्से और धब्बे हैं, तो उनका इलाज दवाई-दूकान से जैल या क्रीम (सामयिक उपचार) जिसमें बेंज़ॉयल पेरोक्साइड होता है, के साथ सफलतापूर्वक हो जाना चाहिये।

आपके डॉक्टर द्वारा उपचार

अगर आपके मुँहासे अधिक फैल गये हैं तो आपको अपने डॉक्टर को दिखा लेना चाहिये क्यूँकि आपको संभवतः डॉक्टर और दवा की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, यदि:

  • आपको बड़ी संख्या में पिटिक और स्फोट हैं
  • दवाई-दूकान की दवा ने काम नहीं किया है

मुँहासों के इलाज के लिए जिन दवाओं का उपयोग किया जा सकता है, उनमें शामिल हैं:

  • सामयिक रेटिनॉयड
  • सामयिक एंटीबायोटिक
  • एज़ेलैक एसिड
  • एंटीबायोटिक गोलियाँ
  • महिलाओं में, संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोली
  • आइसोट्रेटीनॉयन गोलियाँ

यदि आपकी मुँहासों की समस्या गंभीर हैं, तो आपका डॉक्टर आपको त्वचा विशेषज्ञ के पास भेज सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपको:

  • आपके चेहरे के साथ आपकी छाती और पीठ पर बड़ी संख्या में पिटिक और स्फोट निकल आयें हों
  • दर्दनाक गाँठ

गंभीर मुँहासो के लिए एंटीबायोटिक गोलियों और सामयिक उपचार एक साथ करना आमतौर पर पहला विकल्प है। यदि यह काम नहीं करता है, तो आइसोट्रेटीनॉयन नामक दवा दी जा सकती है।

हार्मोनल उपचार या संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोली उन महिलाओं में भी प्रभावी हो सकती है जिन्हें मुँहासे हैं। हालाँकि, प्रोजेस्टोजेन-केवल गोली या गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण कभी-कभी मुँहासो को बदतर बना सकते हैं।

इनमें से कई उपचार काम शुरू होने से पहले दो से तीन महीने तक समय ले सकते हैं। धैर्य रखना और लगातार उपचार करते रहना महत्वपूर्ण है, भले ही इसका कोई तत्काल प्रभाव न हो।

सामयिक उपचार (जैल, क्रीम और लोशन)

बेंज़ॉयल पेरोक्साइड

बेंज़ॉयल पेरोक्साइड त्वचा की सतह पर बैक्टीरिया की संख्या को कम करने के लिए एक एंटीसेप्टिक के रूप में काम करता है। यह सफ़ेद मस्से और काले मस्से की संख्या को कम करने में भी मदद करता है, और एक गैर-सूजन प्रभाव वाला होता है।

बेंज़ॉयल पेरोक्साइड आमतौर पर क्रीम या जेल के रूप में उपलब्ध होता है। यह दिन में एक या दो बार उपयोग किया जाता है। मुँहासे से प्रभावित आपके चेहरे के सभी हिस्सों को धोने के 20 मिनट बाद इसे लगाया जाना चाहिए।

इसे आराम से उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि इसकी बहुत अधिक मात्रा से आपकी त्वचा में खाज हो सकती है। यह आपके चेहरे को सूरज की रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है, इसलिए बहुत अधिक धूप और पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश से बचें, या सन क्रीम लगाएँ।

बेंज़ॉयल पेरोक्साइड का ब्लीचिंग प्रभाव हो सकता है, इसलिए इसे अपने बालों या कपड़ों पर लगाने से बचें।

बेंज़ॉयल पेरोक्साइड के सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • सूखी और तनावग्रस्त त्वचा
  • जलन, खुजली या चुभने वाला अनुभव
  • त्वचा का लाल पड़ जाना और छील जाना

दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के होते हैं और उपचार समाप्त होने के साथ चले भी जाते हैं।

अधिकांश लोगों को अपने सभी मुँहासे साफ करने के लिए छह सप्ताह के उपचार की आवश्यकता होती है। मुँहासों को वापस आने से रोकने के लिए आपको उपचार कभी-कबार जारी रखने की सलाह दी जा सकती है।

सामयिक रेटिनॉयड

सामयिक रेटिनॉयड त्वचा की सतह से मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर काम करते हैं (परत उतारना) जो उन्हें बालों के कोश में निर्माण से रोकने में मदद करता है।

ट्रेटीनॉयन और ऐडापलीन सामयिक रेटिनॉयड हैं जिनका उपयोग मुँहासे के इलाज के लिए किया जाता है। ये जेल या क्रीम रूप में उपलब्ध होते हैं और आमतौर पर दिन में एक बार सोने से पहले लगाया जाता है।

अपने चेहरे को धोने के 20 मिनट बाद अपने चेहरे के सभी हिस्सों पर लगाएँ।

सामयिक रेटिनॉयड को संयम से लागू करना और धूप और पराबैंगनी (यूवी) के अत्याधिक संपर्क से बचाना महत्वपूर्ण है।

गर्भावस्था के दौरान सामयिक रेटिनॉयड उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि इससे जन्म के समय जोखिम हो सकता है।

सामयिक रेटिनॉयड का सबसे आम दुष्प्रभाव त्वचा में हल्की जलन होना और चुभन होना है।

आमतौर पर छह सप्ताह का नियम आवश्यक होता है, लेकिन आपको सलाह दी जा सकती है कि इसके बाद दवा का उपयोग कभी-कबार करें।

सामयिक एंटीबायोटिक

सामयिक एंटीबायोटिक्स त्वचा पर बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं जो बंद कोश को संक्रमित कर सकते हैं। ये एक लोशन या जेल के रूप में उपलब्ध हैं जो दिन में एक या दो बार लगाया जाता है।

आमतौर पर छह से आठ सप्ताह के नियम को पूरा करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद, उपचार को आमतौर पर रोक दिया जाता है, क्योंकि एक जोखिम है कि आपके चेहरे पर बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं का अवरोध कर सकता है। यह आपके मुँहासो को बदतर बना सकता है और अतिरिक्त संक्रमण का कारण बन सकता है।

दुष्प्रभाव बहुत आम नहीं हैं, लेकिन इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • त्वचा में मामूली जलन
  • त्वचा का लाल पड़ जाना और जलन
  • त्वचा का छिल जाना

एज़ेलैक एसिड

एज़ेलैक एसिड को अक्सर मुँहासे के वैकल्पिक उपचार के रूप में प्रयोग किया जाता है जब बेंज़ॉयल पेरोक्साइड या सामयिक रेटिनॉयड के दुष्प्रभाव विशेष रूप से परेशान या दर्दनाक होने लगतें हैै।

एज़ेलैक एसिड मृत त्वचा से छुटकारा पाने और बैक्टीरिया को मारने का काम करता है। यह एक क्रीम या जेल के रूप में उपलब्ध है और आमतौर पर दिन में दो बार लगाया जाता है (या दिन में एक बार अगर आपकी त्वचा विशेष रूप से संवेदनशील है)।

दवा आपकी त्वचा को सूरज की रोशनी के प्रति संवेदनशील नहीं बनाती है, इसलिए आपको सूरज के संपर्क में आने से बचने की आवश्यकता नहीं है।

आपके मुँहासों में सुधार दिखने से पहले आपको आमतौर पर एक महीने के लिए एज़ेलैक एसिड का उपयोग करने की आवश्यकता होगी।

एज़ेलैक एसिड के दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के होते हैं और इसमें शामिल हैं:

  • त्वचा में जलन या चुभन
  • खुजली
  • सूखी त्वचा
  • त्वचा का लाल पड़ जाना

एंटीबायोटिक गोलियाँ

एंटीबायोटिक गोलियाँ (मौखिक एंटीबायोटिक्स) आमतौर पर अधिक गंभीर मुँहासो के इलाज के लिए सामयिक उपचार के साथ उपयोग की जाती हैं।

ज़्यादातर मामलों में, टेट्रासाइक्लिन नामक एंटीबायोटिक दवाओं का एक वर्ग दिया जाता है, यदि आप गर्भवती नहीं हैं या स्तनपान नहीं करा रहीं।

गर्भवती या स्तनपान करने वाली महिलाओं को आमतौर पर एरिथ्रोमाइसिन नामक एंटीबायोटिक लेने की सलाह दी जाती है, जिसे उपयोग के लिए सुरक्षित माना जाता है।

आमतौर पर आपके मुँहासे में सुधार होने में लगभग छह सप्ताह लगते हैं।

उपचार को आप कितनी अच्छी तरह से लेते हैं, इसके आधार पर, मौखिक एंटीबायोटिक दवाओं का एक नियम चार से छह महीने तक चल सकता है।

टेट्रासाइक्लिन आपकी त्वचा को सूर्य के प्रकाश और पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश के प्रति संवेदनशील बना सकता है, और उपचार के पहले कुछ सप्ताह के दौरान मौखिक गर्भनिरोधक गोली को कम प्रभावी कर सकती है।

आपको इस दौरान गर्भनिरोधक की एक वैकल्पिक विधि, जैसे कंडोम का उपयोग करना होगा।

हार्मोनल उपचार

हार्मोनल थेरेपी अक्सर मुँहासों से प्रभावित महिलाओं को लाभ पहुँचा सकती है, खासकर अगर मुँहासे मासिक धर्म के आसपास आते हैं या बहुपुटीय अंडाशय लक्षण जैसे हार्मोनल स्थितियों से जुड़ी होती है।

यदि आप पहले से इसका उपयोग नहीं करते हैं, तो आपका डॉक्टर संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोली की सलाह दे सकता है, भले ही आप यौन रूप से सक्रिय न हों। यह संयुक्त गोली अक्सर महिलाओं में मुँहासे को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन पूरा लाभ होने से में एक वर्ष तक का समय लग सकता है।

को-साइप्रिन्डिओल

को-साइप्रिन्डिओल एक हार्मोनल उपचार है जिसका उपयोग अधिक गंभीर मुँहासे के लिए किया जा सकता है जब एंटीबायोटिक दवाओं से असर नहीं होता है। यह सीबम के उत्पादन को कम करने में मदद करता है।

आपके मुँहासों में एक महत्वपूर्ण सुधार को दिखने में आपको दो से छह महीने के लिए को-साइप्रिन्डिओल का उपयोग करना होगा।

एक छोटा सा जोखिम यह है कि को-साइप्रिन्डिओल लेने वाली महिलाएँ को स्तन कैंसर हो सकता हैं।

उदाहरण के लिए, 10,000 महिलाओं के समूह में से, जिन्होंने को-साइप्रिन्डिओल नहीं लिया है, जब तक वे 35 वर्ष की होती हैं, आप अनुमान लगाइए कि उनमें से 16 को स्तन कैंसर हो सकता है। यह आँकड़ा उन 17 या 18 महिलाओं के लिये बढ़ जाता है, जिनका उनके शुरुआती बीसवें वर्ष में कम से कम पाँच वर्षों तक को-साइप्रिन्डिओल से इलाज किया गया था।

को-साइप्रिन्डिओल के कारण रक्त के थक्के बनने की भी थोड़ी संभावना है। किसी भी वर्ष में 2,500 में से लगभग 1 को खतरा होना अनुमानित है।

यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करवा रही हैं तो को-साइप्रिन्डिओल लेना सुरक्षित नहीं माना जाता है। उपचार शुरू करने से पहले महिलाओं को गर्भावस्था परीक्षण करने की आवश्यकता हो सकती है।

को-साइप्रिन्डिओल के अन्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • आपके मासिक धर्म के बीच खून गिरना और धब्बे होना, जो कभी-कभी शुरुआती कुछ महीनों तक हो सकता है
  • सिरदर्द
  • स्तनों में सूजन
  • मनोदशा में बदलाव
  • सम्भोग में रुचि की कमी
  • वजन बढ़ना या वजन कम होना

आइसोट्रेटीनॉयन

आइसोट्रेटीनॉयन के कई लाभकारी प्रभाव हैं:

  • यह सीबम को सामान्य करने में मदद करता है और इसका बनना कम करता है
  • यह रोम छिद्रों को बंद होने से रोकने में मदद करता है
  • यह त्वचा पर बैक्टीरिया की मात्रा को कम करता है
  • यह धब्बे और उसके आसपास की लालिमा और सूजन को कम करता है

हालाँकि, यह दवा व्यापक दुष्प्रभावों का कारण भी बन सकती है। यह केवल मुँहासे के गंभीर मामलों में दी जाती है, तब जब अन्य उपचार सफल नहीं हो पाये हैं।

दुष्प्रभाव के जोखिम के कारण, आइसोट्रेटीनॉयन केवल एक विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ द्वारा दी जा सकती है।

आइसोट्रेटीनॉयन को टैबलेट के रूप में लिया जाता है। ज़्यादातर लोग चार से छह महीने का नियम पूरा करते हैं। उपचार के पहले 7 से 10 दिनों के दौरान आपके मुँहासे और खराब हो सकते हैं। हालाँकि, यह सामान्य है और जल्द ही ठीक हो जाता है।

आइसोट्रेटीनॉयन के सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • सूजन, सूखापन और त्वचा, होंठ और नासिका का छिल जाना
  • आपके रक्त-शर्करा के स्तर में परिवर्तन
  • आपकी पलकों में सूजन (ब्लेफ़ाराइटिस)
  • आपकी आँखों में सूजन और जलन (नेत्र-शोथ)
  • आपके मूत्र में रक्त

आइसोट्रेटीनॉयन के दुर्लभ दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • जिगर में सूजन (यकृत शोथ)
  • अग्न्याशय में सूजन (अग्नाशयशोथ)
  • गुर्दे की बीमारी

इन दुर्लभ दुष्प्रभावों के जोखिम के कारण, आपको उपचार से पहले और दौरान रक्त परीक्षण की आवश्यकता होगी।

आइसोट्रेटीनॉयन और जन्म दोष

आइसोट्रेटीनॉयन से पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान होगा। यदि आप प्रसव उम्र की एक महिला हैं:

  • यदि आप गर्भवती हैं या आपको लगता है कि आप गर्भवती हैं तो आइसोट्रेटीनॉयन का उपयोग न करें
  • उपचार शुरू होने से एक महीने पहले, उपचार के दौरान और उपचार समाप्त होने के एक महीने बाद एक या दो गर्भनिरोधक के तरीकों का उपयोग करें
  • उपचार से पहले और बाद में गर्भावस्था परीक्षण करें

आपको एक ऐसे फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाएगा जो यह पुष्टि करे कि आप जन्म दोषों के जोखिम को समझते हैं और इस जोखिम को रोकने के लिए गर्भ निरोधकों का उपयोग करने को तैयार हैं, भले ही आप वर्तमान में यौन रूप से सक्रिय नहीं हैं।

अगर आपको लगता है कि आइसोट्रेटीनॉयन लेते समय आप गर्भवती हो गयी हैं, तो अपने त्वचा विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें।

यदि आप स्तनपान करवा रही हैं तो आइसोट्रेटीनॉयन उपयुक्त नहीं है।

आइसोट्रेटीनॉयन और मनोदशा में परिवर्तन

आइसोट्रेटीनॉयन लेते समय लोगों को मनोदशा में बदलाव का अनुभव होने की खबरें आई हैं। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मनोदशा में परिवर्तन दवा के कारण थे।

हालाँकि, एहतियात के तौर पर, अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें यदि आप उदास या चिंतित महसूस करते हैं, आक्रामकता या आत्मघाती विचारों की भावनाएँ हैं।

गैर-दवा उपचार

मुँहासे के लिए कई उपचारों में दवा शामिल नहीं है।

इनमें शामिल हैं:

  • मुँहासा चिमटा - एक छोटा कलम के आकार का उपकरण, जिसका उपयोग काले मस्से और सफ़ेद मस्से को साफ करने के लिए किया जा सकता है
  • रसायन छिलाई - जहाँ चेहरे पर एक रासायनिक घोल लगाया जाता है, जिससे त्वचा छील जाती है और बदले में नई त्वचा आती है
  • फोटोडायनामिक थेरेपी - जहाँ मुँहासे के लक्षणों को सुधारने के प्रयास में त्वचा पर प्रकाश डाला जाता है

हालाँकि, ऐसा हो सकता है कि ये उपचार काम न करें और नियमित रूप से इनको करने की सलाह नहीं दी जाती है।

जटिलतायें

मुँहासे का निशान कभी-कभी मुँहासे की जटिलता के रूप में विकसित हो सकता है। किसी भी प्रकार के मुँहासे दाग-धब्बे में बदल सकते हैं, लेकिन यह अधिक सामान्य है जब सबसे गंभीर प्रकार के धब्बे (गाँठ और पुटक) फट जाते हैं और आसपास की त्वचा को नुकसान पहुँचाते हैं।

यदि आप अपने धब्बों को कुचलते या दबाते हैं, तो निशान भी पड़ सकती है, इसलिए ऐसा न करना महत्वपूर्ण है।

मुँहासे के निशान के तीन मुख्य प्रकार हैं:

  • आइस पिक निशान - आपकी त्वचा की सतह में छोटे, गहरे छेद जो देखने में लगते हैं मानो त्वचा को नुकीली चीज से भोंक दिया गया हो
  • रोलिंग निशान - ऊतक के बैंड के कारण त्वचा के नीचे बनने वाले निशान जो त्वचा की सतह को रोलिंग और असमान रूप देता है
  • बॉक्सकार निशान - त्वचा में गोल या अंडाकार अवसाद, या क्रेटर

मुँहासों के निशान का इलाज

मुँहासे के निशान के उपचार को एक प्रकार की कॉस्मेटिक सर्जरी के रूप में माना जाता है, जो आमतौर पर एनएचएस पर उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, अतीत में, अपवाद बनाए गए हैं जब यह दिखाया गया है कि मुँहासे के निशान गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट का कारण बने हैं।

यदि आप कॉस्मेटिक सर्जरी कराने पर विचार कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें। वो आपके साथ आपके विकल्पों पर बात करेंगे और आपको एनएचएस पर की गई प्रक्रिया के होने की संभावना के बारे में सलाह देंगे।

कई निजी क्लीनिक मुँहासे निशान के लिए उपचार प्रदान करते हैं।

कॉस्मेटिक उपचार से क्या प्राप्त होने वाला है, इसके बारे में यथार्थवादी अपेक्षाएँ रखना महत्वपूर्ण है। जबकि उपचार निश्चित रूप से आपके निशान की उपस्थिति में सुधार कर सकता है, यह पूरी तरह से उनसे छुटकारा नहीं पा सकता है।

मुँहासे के निशान के लिए उपचार के बाद, अधिकांश लोग अपनी चेहरे में 50-75% सुधार पाते हैं।

मुँहासे के दाग के लिए उपलब्ध उपचारों में से कुछ नीचे बताये गए हैं।

चरम-अपघर्षण

चरम-अपघर्षण में या तो लेज़र या विशेष रूप से निर्मित तार ब्रश का उपयोग कर त्वचा की ऊपरी परत को हटाना शामिल है।

प्रक्रिया के बाद, आपकी त्वचा कई महीनों तक लाल और सूजी दिखेगी, लेकिन ठीक होते-होते आपको अपने निशान की स्थिति में सुधार दिख जायेगा।

लेज़र उपचार

लेज़र उपचार का उपयोग हल्के से मध्यम मुँहासे के निशान के इलाज के लिए किया जा सकता है। लेज़र उपचार के दो प्रकार हैं:

  • अपादान लेज़र उपचार - जहाँ लेज़र का उपयोग त्वचा के एक छोटे से हिस्से को हटाने के लिए किया जाता है, जिससे त्वचा का नया, चिकना दिखने वाला क्षेत्र उत्पन्न होता है
  • गैर-अपादान लेज़र उपचार - जहाँ लेज़र का उपयोग नए कोलेजन (त्वचा में पाया जाने वाला एक प्रकार का प्रोटीन) के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता है, जो दाग-धब्बों से होने वाले कुछ नुकसानों को ठीक करने में मदद करता है और उपस्थिति में सुधार करता है।

पंच तकनीक

पंच तकनीक का उपयोग आइस पिक निशान और बॉक्सकार निशान के इलाज के लिए किया जाता है। पंच तकनीक तीन प्रकार के होते हैं:

  • पंच छाँटना - हल्के आइस पिक के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। निशान को शल्य चिकित्सा से हटा दिया जाता है और शेष घाव को सील कर दिया जाता है। घाव के ठीक होने के बाद, यह एक चिकनी और समान त्वचा क्षेत्र देता है।
  • पंच उत्थान - बॉक्सकार निशान के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। निशान के आधार को शल्य चिकित्सा से हटा दिया जाता है, जिससे निशान के किनारे रह जाते हैं। आधार को किनारों के साथ पुनः जोड़ दिया जाता है, लेकिन उठा हुआ ताकि यह त्वचा की सतह के स्तर पर हो। इससे निशान बहुत आसानी से नहीं दिखता।
  • पंच ग्राफ्टिंग - बहुत गहरी आइस पिक निशान के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। एक पंच छंटनी के रूप में, निशान हटा दिया जाता है, लेकिन शरीर पर कहीं और (आमतौर पर कान के पीछे से) त्वचा का एक नमूना लेकर घाव को "ढक" किया जाता है।

सबसिशन

सबसिशन एक शल्य उपचार है जिसका उपयोग रोलिंग निशान के इलाज के लिए किया जा सकता है। सर्जरी के दौरान, त्वचा की ऊपरी परत अंतर्निहित निशान ऊतक से हटा दी जाती है। यह प्रभावित क्षेत्र के नीचे रक्त को इकठ्ठा होने की अनुमति देता है। रक्त का थक्का संयोजी ऊतक बनाने में मदद करता है, जो रोलिंग निशान को ऊपर धकेलता है ताकि यह त्वचा की शेष सतह के साथ समतल हो जाए।

एक बार सबसिशन पूरा होने के बाद, अतिरिक्त उपचार, जैसे कि लेज़र उपचार और चरम-अपघर्षण का उपयोग निशान की उपस्थिति को और बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।

अवसाद

मुँहासे अक्सर चिंता और तनाव की तीव्र भावनाओं का कारण बन सकते हैं, जो कभी-कभी लोगों की स्थिति में सामाजिक रूप से निकलने को बढ़ावा दे सकते हैं। कारकों के इस संयोजन से लोग अवसादग्रस्त हो सकते हैं।

आप उदास हो सकते हैं यदि पिछले महीने के दौरान आप अक्सर निराश, खिन्न या आशाहीन महसूस कर रहे हों, और चीजों को करने में बहुत कम रुचि या खुशी होती है।

अगर आपको लगता है कि आपको या आपके बच्चे को अवसाद हो सकता है, तो अपने डॉक्टर से बात करना आवश्यक है।

अवसाद के उपचार में शामिल हैं:

  • जैसी वार्तालापी उपचार संज्ञानात्मक व्यवहारवादी उपचार (सीबीटी)
  • एक प्रकार का अवसादरोधी जिसे सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (SSRI) कहा जाता है

अवसाद के उपचार के बारे में और पढ़ें।

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