4 प्रकार के पेट दर्द और आप क्या कर सकते/सकती हैं

ऐसा दर्द, जो आपकी छाती और पेड़ू-जांघ जोड़ के बीच के क्षेत्र में होता है, उसे पेट दर्द कहते है। कारण के अनुसार , पेट दर्द हल्का, तीव्र, मरोड़ने जैसा अथवा छुरे से काटने जैसा महसूस हो सकता है। यह दर्द लगातार हो सकता है अथवा यह तरंगो में आ और जा सकता है।

Centers for Disease and Control के अध्ययन के अनुसार, अमेरिका में पेट दर्द, आपातकालीन विभाग में जाने के सभी कारणों में से एक अत्यंत आम कारण है International Association for the Study of Pain द्वारा प्रसारित आंकड़ें (pdf) भी दर्शाते हैं कि किसी भी समय पर जनसंख्या के 15-25% व्यक्ति पेट (तोंद) दर्द से पीड़ित हो सकते हैं।

कुछ व्यक्तियों में पेट का दर्द IBS अथवा आँत या पेट में जलन जैसे पाचनसंबंधी कारणों से होता है , और मिचली, उल्टी अथवा जुलाब जैसे अन्यलक्षण शामिल हो सकते हैं। इस कारण कुछ लोग सब पेट दर्द को ‘पेट से सम्बंधित दर्द' अथवा “तोंद दर्द" कहते हैं।

आपके उदर में केवल पेट ही नहीं होता है। आपका लीवर (कलेजा), अपेंडिक्स, और आंतड़ियाँ (इंटेस्टाइन), सब आपकी छाती और कूल्हे के बीच के क्षेत्र में होते हैं। इनमें से किसी एक अंग को प्रभावित करने वाली बीमारियाँ पेट दर्द पैदा कर सकती हैं।

इसलिए दर्द का सटीक कारण जानना कठिन हो सकता है और आपके लिये यह मानना सरल हो जाता है कि कुछ गंभीर रूप से गलत हो रहा है। घबराने का प्रयास न करें हालांकि पेट दर्द उत्पन्न करने वाली कुछ बीमारियों में तुरन्त चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता होती है, परन्तु आप अत्यंत आम प्रेरको की घर में ही देखभाल कर सकते/सकती हैं।

आपकी दर्द के कारण का पता लगाने का उपयोगी तरीका है कि आप सोचे कि किसी स्वास्थ्य पेशेवर को आप कैसे इसका वर्णन करेंगे। यदि आप निश्चित कर सकते/सकती हैं कि आप इसे अचानक ठेस पहुंचाने वाला दर्द, मरोड़ दर्द अथवा कोई दर्द बोल कर कैसे वर्णन करेंगे/करेंगी, तो आप संभावित कारणों तक पहुंचना आरम्भ कर सकते/सकती हैं।

इस प्रकार आप अन्य लक्षणों के बारे में भी सोच सकते/सकती हैं - उदाहरणार्थ पेट-फूलना अथवा उल्टी-करना - अथवा अपने दर्द की सामान्य लोकेशन का निर्धारण कर सकते/सकती हैं। भिन्न परस्थितियाँ जो उदरीय दर्द उत्पन्न कर सकती हैं विशिष्ट क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं, और अपने दर्द की लोकेशन जानने का महत्वपूर्ण परिज्ञान प्रदान कर सकटी हैं।

इन भागों के दर्द पर विशेष ध्यान दें

  • ऊपरी भाग
  • निचला भाग
  • उदर का दाया भाग
  • उदर का बाया भाग

यहाँ, आप उदरीय दर्द के 11 आम कारणों के बारे में, उनके लक्षणों, स्थान और उपचारों की जानकारी पढ़ सकते/सकती हैं,

कब चिंता करें

कभी-कभी उदरीय दर्द गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, विशेषत: यदि यह निम्न लक्षणों के साथ हो :

  • उदरीय दर्द बिलकुल अचानक से हो जाये अथवा कष्टदाई हो
  • पेट छूने पर दर्द करता हो
  • आपको रक्त की उल्टी आ रही हो अथवा आपकी उल्टी पिसी हुई कॉफी की तरह दिखती हो
  • आपके संडास में रक्त हो
  • आपका संडास काला, चिपचिपा और अत्यंत बदबूदार हो
  • आप पिशाब नहीं कर सकते/सकती हैं
  • आप संडास त्याग अथवा पाद नहीं सकते/सकती हैं
  • आप सांस नहीं ले सकते/सकती हैं
  • आपके छाती में दर्द है
  • आपको मधुमेह है और उल्टी कर रहे/रही हैं
  • कोई अचानक गिर गया है

यदि आपने उपरोक्त लक्षणों में से किसी का अनुभव किया है, तो आपको तुरन्त चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करनी चाहिये।

ऊपरी उदरीय दर्द के आम कारण

अटकी हुई वायु

हर कोई गैस उत्पन्न करता है; यह पाचन प्रक्रिया का प्राकृतिक उपफल है। कुछ लोग अधिक गैस उत्पन्न करते हैं।

कभी-कभी, यह अत्यधिक अतिरिक्त गैस अटक सकती है और पेट दर्द कर सकती है। इसे “अटकी हुई वायु” कहते है। यदि आप अटकी हुई वायु का अनुभव कर रहे/रही हैं तो आप निम्न लक्षणों का अनुभव भी कर रहे/रही होंगे/होंगी :

  • फुला हुआ पेट अथवा उदर
  • बारंबार पाद अथवा डकार मारना
  • खाने के बाद बेचैन और भरा हुआ महसूस करना
  • आपके पेट में घड़घड़ाहट अथवा गड़गड़ाहट का शोर
  • पेट के मरोड़
  • मिचली

अटकी हुई वायु कई लोगो को प्रभावित करती है। कुछ लोगो के लिये यह केवल तभी होता है जब उन्होंने अधिक खा लिया हो, परन्तु अन्य के लिये यह दैनिक क्रिया है जो उनके जीवन-स्तर को प्रभावित कर सकती है।

अतिरिक्त गैस को कम करने के प्रयास में निम्न खाद्य कम करें :

  • फलियां
  • प्याज़
  • हरी गोभी
  • बंद गोभी
  • स्प्राउट
  • फूलगोभी

धीरे खाना और खाते समय बात न करना भी सहायक हो सकता है। इस प्रकार खाते समय आप कम वायु निगलेंगे/निगलेंगी। गैस वाले पेय के उपभोग कम करना और च्विंग-गम खाने से बचना भी अतिरिक्त गैस को कम करने में सहायक होता है।

कभी कभी में अटकी हुई वायु सिलियाक रोग (जिसमे शरीर ग्लूटेन नाम के पदार्थ का पाचन नहीं कर सकता) जैसी चिंताजनक बीमारी का संकेत भी हो सकता है। यह एक आहार असहिष्णुता अथवा नाज़ुक अंतड़ी के लक्षण का संकेत भी हो सकता है।

अधिक अध्ययन करें

हमारे हैल्थ A-Z में अटकी हुई वायु के बारे में अधिक जानकारी लें।

कब चिंता करें

यदि आपको लगातार अटकी हुई वायु कीे समस्या है तो किसी गंभीर बीमारी को खारिज करने के लिये आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना होगा।

अम्ल प्रतिवाह (एसिडिटी)

अम्ल प्रतिवाह एक सामान्य बीमारी है जो आपके गले के पीछे कष्टदाई जलन महसूस करवा सकती है। यह दिल की जगह में भी जलन उत्पन्न कर सकती है जिससे आपकी छाती के बीच में जलन महसूस होती है।

अम्ल प्रतिवाह के अन्य लक्षण निम्न हैं :

  • बार बार होने वाले खांसी अथवा हिचकियाँ
  • भारी आवाज
  • सांस में बदबू
  • पेट फूलना
  • बीमार महसूस करना

जब आपके पेट से एसिड ऊपर आपकी भोजन-नलिका में बहता हुआ जलन महसूस करवाता है, तो इसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। यह किसी भी आयु के व्यक्तियों को पीड़ित सकता है और यह अधिक खाने जैसे जीवनशैली कारकों के कारण होता है। हालांकि, अभी भी कुछ कारण नामालूम हैं।

इसके अतिरिक्त, एसिड रिफ्लक्स की संभावना तब बढ़ती है जब आप

  • अधिक वज़न
  • धूम्रपान
  • गर्भवती
  • टेंशन अथवा चिंता
  • इबुप्रोफेन जैसी औषधियाँ
  • हियाट्स हर्निया

अम्ल प्रतिवाह में आहार भी अपनी भूमिका अदा करता है, और निम्न खाद्य अम्ल प्रतिवाह को बढ़ाते हैं :

  • कैफ़िन
  • मदिरा
  • मसालेदार खाद्य
  • चॉक्लेट
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (कोल्ड ड्रिंक)
  • अम्लीय रस (खट्टे रस)

अम्ल प्रतिवाह का व्यवस्था करने हेतु आप अपने आहार में परिवर्तन कर सकते हैं और इन खाद्य पदार्थो अथवा किसी अन्य जो आपकी बीमारी को ट्रिगर करता है, से दूर रह सकते/सकती हैं।

कुछ अन्य उपयोगी टिप्पणी :

  • कम मात्रा में परन्तु बार बार खायें
  • सोते समय अपनी छाती और सिर को अपनी कमर के स्तर से ऊपर रखें
  • यदि आप अधिक वज़नदार है, तो वजन कम करें
  • धूम्रपान न करें
  • अपने मदिरापान की मात्रा सीमित रखें
  • सोने से 3-4 घंटे पहले कुछ न खायें

यदि यह परिवर्तन सहायता नहीं करते हैं, तो आप कुछ अन्य उपचारों के बारे में विचार कर सकते/सकती हैं। किसी फार्मासिस्ट के पास जाएँ और वह आपके लिये उपयुक्त अमल-रोधक जैसी औषधियों की सलाह दे सकता है।

अधिक अध्ययन करें

अम्ल प्रतिवाहसे संबन्धित अन्य बीमारियों के बारे में हमारे हैल्थ A-Z में जानकारी प्राप्त करें।

कब चिंता करें

आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये, यदि :

  • जीवनशैली में परिवर्तन और बिना नुसखे की औषधि-प्रयोग के आपमें अभी भी लक्षण विद्यमान हैं
  • आप अपने लक्षणों के बारे में चिंतित हैं
  • आपको तीन सप्ताह अथवा अधिक से बारंबार छाती में जलन हो रही है
  • आपको निगलने में कठिनाई विकसित हो रही है
  • बिना किसी कारण के आपके वजन में कमी आई है
  • आप लगातार उल्टी अथवा खूनी उल्टी कर रहे/रही हैं
  • आप बारंबार खांसी अथवा खूनी की खांसी कर रहे/रही हैं
  • आपकी आवाज भारी है

पेट के अल्सर

पेट के अल्सर अत्यधिक दर्दनाक हो सकते हैं और आपके पेट के बीच में तीखी दर्द उत्पन्न कर सकते हैं। इसके साथ-साथ, कुछ व्यक्तियों में न्यूनतम लक्षण होते हैं और उन्हें केवल दिल में जलन और प्रतिवाह ही होता है।

यदि आपमें निम्न लक्षण हैं तो आपको पेट का अल्सर हो सकता है :

  • दिल के भाग में जलन
  • बीमार होना अथवा बीमारी महसूस करना
  • अपज
  • भूख में कमी

यह स्पष्ट नहीं है कि पेट के अल्सर से कितने लोग पीड़ित हैं परन्तु वे वास्तव में ये अत्यंत सामान्य हैं। वे किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं, आयु अथवा लिंग पर ध्यान दिये बिना । वे 60 वर्ष से अधिक की आयु के लोगो में अत्यंत सामान्य होते हैं और महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक प्रभावित करते हैं।

आपके पेट की परत को नुकसान की स्थिति में पेट के अल्सर होते जो इबुप्रोफेन अथवा एस्प्रिन जैसी सूजन-रोधक औषधियां लेने के साइड इफैक्ट के कारण _Helicobacter pylori_or नामक बैक्टीरिया से उत्पन्न होते हैं।

यदि आपके पेट के अल्सर का कारण H. pylori है तो आपके डॉक्टर आपको एंटिबायोओटिक का नुस्खा देंगे और आपके पेट में एसिडिटी की मात्रा कम करने के लिये एक दूसरी दवाई - प्रोटोन पम्प प्रावरोधक (PPI) की सिफ़ारिश भी करेंगे।

ऐसा होने पर भी, यदि सूजनरोधक औषधियों के कारण आपके पेट का अल्सर होता है तो आपके डॉक्टर PPIs का नुस्खा दे सकते हैं और आपको इबुप्रोफेन के स्थान पर पैरासिटामोल की सिफ़ारिश कर सकते हैं।

: पेट के अल्सर 1-2 महीनों में ठीक हो जाते हैं, और ठीक होने की संभावना बढ़ाने के लिये आपको निम्न से दूर रहने का प्रयास करना चाहिये :

  • मानसिक दबाव
  • मसालेदार खाना
  • धूम्रपान

तुरन्त आराम के लिये आप कोई भी अम्लत्वनाशक (antacid) ले सकते हैं

अधिक अध्ययन करें

पेट के अल्सर के बारे में हमारे हैल्थ A-Z में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

कब चिंता करें

यदि आपको खूनी उल्टी आ रही हैं, आपको अचानक तीव्र पेट का दर्द हो रहा है, अथवा आपकी संडास काले रंग की और चिपचिपी है, तो तुरन्त चिकित्सीय परामर्श लें।

दिल का दौरा (एंजाइना)

दिल का दौरा एक चिकित्सीय आपात स्थिति है, अत: यदि आप के विचार में आपको दिल का दौरा पड़ा है तो आपको तुरन्त चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता है।

आम तौर पर, दिल का दौरा झेलने वाले व्यक्तियों की छाती में दर्द होता है। ऐसा होने पर भी, कभी-कभी वास्तव में लोग इसे ऊपरी पेट दर्द अथवा दिल में जलन होना कहते हैं। दर्द एक जलन के रूप में महसूस होता है अथवा ऐसा लगता है कि आपकी छाती किसी भारी वस्तु से दबाई अथवा निचोड़ी जा रही है। दर्द जबड़े, गर्दन अथवा बाजुओं तक भी जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, किसी दिल के दौरा झेलने वाले व्यक्ति में निम्न लक्षण हो सकते हैं :

  • सांस फूलना
  • पसीना आना
  • कमजोर और/अथवा चंचल महसूस करना
  • मिचली अथवा उल्टी

साधारण तौर पे : दिल के दौरे ह्रदय-धमनी रोग के कारण पड़ते हैं जिसमें आपके दिल को रक्त आपूर्ति करने वाली नाड़ियों को कोलेस्ट्रल डिपोज़िट, जिन्हें प्राय: प्लाक कहा जाता है, से बंद हो जाती हैं। यदि प्लाक फट जाता है तो यह दिल की रक्त आपूर्ति रोक देता है जिससे दिल का दौरा पड़ जाता है।

ये आपके ह्रदय-धमनी रोग की संभावना बढ़ाते हैं

  • धूम्रपान
  • मधुमेह
  • उच्च कोलेस्ट्रल (चर्बी)
  • उच्च रक्त-छाप
  • मोटापा
  • ज़्यादा चर्बीवाला खाना इसलिये, दिल का दौरा रोकने के लिये आपको :
  • स्वस्थ और संतुलित आहार खाना चाहिये
  • धूम्रपान से बचना चाहिये
  • यदि आप अधिक वज़नदार है, तो वजन कम करना चाहिये
  • नियमित व्यायाम करना चाहिये
  • अपना मदिरापान कम करना चाहिये

अधिक अध्ययन करें

दिल के दौरों पर अधिक जानकारी के लिये हमारे हैल्थ A-Z में पढ़ें।

कब चिंता करें

यदि आप निम्न लक्षणों के किसी मिश्रण का अनुभव करते हैं :

  • छाती में दर्द
  • सांस उखड़ना
  • कमजोर और/अथवा चंचल महसूस करना

बहुत ही ज़्यादा बेचैनी या घबराहटइसका मतलब है कि आपको संभवत: दिल का दौरा पड़ा है और आपको तुरन्त चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता है।

निचले पेट दर्द के आम कारण

माहवारी (महीने) का दर्द

कई महिलाओं की माहवारी उनके मासिक-धर्म से पहले और उसके दौरान, दोनों में प्रभावित करती हैं और हर महिला इसे अलग प्रकार से अनुभव करती है। यह दर्द खीझ दिलाने वाले से लेकर हलके दर्द से अति कठिन और दुर्बल करने वाला दर्द की मात्रा सकता है।

माहवारी दर्द दो प्रकार के होते हैं : प्राथमिक कष्टार्तव (dysmenorrhea) और द्वितीयक कष्टार्तव।

यदि आप प्राथमिक कष्टार्तव के लक्षण झेल रही हैं जिसमें निम्न के साथ निचला उदरीय दर्द होता है :

  • थकावट
  • बीमार होना अथवा महसूस करना
  • दस्त
  • पीठ दर्द
  • सिरदर्द
  • पेट फूलना

भावनात्मक लक्षण

यदि आपकी माहवारी दर्द का कारण द्वितीयक कष्टार्तव है तो आप निम्न का अनुभव करेंगी :

  • बोझिल माहवारी अथवा अनियमित माहवारी
  • दो माहवारियों के बीच रक्तस्त्राव
  • आपकी योनि से असामान्य स्राव
  • दर्दनाक संभोग अथवा संभोग के पश्चात रक्तस्त्राव

प्राय: प्राथमिक कष्टार्तव का दर्द मासिक-धर्म से सम्बंधित है । विशेषत: यह आपकी प्रथम माहवारी के 6-12 महीनों में शुरू होता है और दर्द की अवधि आठ घंटों से लेकर तीन दिन तक होती है।

द्वितीयक कष्टार्तव वह माहवारी दर्द है जो एक गर्भकला-अस्थानता (endometriosis) जैसी विशिष्ट बीमारी द्वारा उत्पन्न होता है। इस प्रकार का माहवारी दर्द आपके 30 और 40 वर्षों की आयु में अधिक कॉमन होते हैं और आपके मासिक-धर्म के दौरान किसी भी समय पर हो सकता है।

दर्दनाक माहवारियों का उपचार करने के लिए आपको दर्द का कारण मालूम होना चाहिये, यदि यह प्राथमिक कष्टार्तव है तो आप दर्द-निवारक औषधियों व कुछ निम्न घरेलू उपचारों से इसका उपचार कार सकती हैं :

  • गर्मी - गर्मी का पैच अथवा गरम पानी की बोतल
  • दर्द के स्थान के निकट रखी जाने वाली एक परात्वचीय विद्युत तंत्रिका उत्तेजन (TENS) मशीन यह आपके मस्तिष्क को भेजे जा रहे दर्द के इशारों को इससे भेजे गये विद्युत सिग्नलों से तोड़ कर, दर्द कम करने में सहायता कर सकती है।
  • यदि आप धूम्रपान करती है तो धूम्रपान छोड़ें
  • कुछ शारीरिक गतिविधि

यदि आपको द्वितीयक कष्टार्तव है, तो आपके डॉक्टर उसे उत्पन्न करने वाली बीमारी को जानने का प्रयास करेंगे व निदान करने के पश्चात आपके साथ उपचार के विकल्पों की चर्चा करेंगे।

अधिक अध्ययन करें

माहवारी दर्दके बारे में हमारे हैल्थ A-Z में और अधिक पढ़ें।

कब चिंता करें

यदि आपको कष्टदाई माहवारी दर्द अथवा आपकी माहवारी में अचानक परिवर्तन आते हैं, उदाहरणार्थ यदि वे सामान्य से अधिक अथवा अनियमित होते हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अत्यधिक दर्द अथवा बोझिल माहवारी जैसे द्वितीयक कष्टार्तव के लक्षणों में भी आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।

कब्ज़ी

कब्ज़ी सामान्य और सार्वजनिक है । यह वास्तव में प्रति वर्ष लगभग 20% अमेरिकन लोगों को प्रभावित करती है। कई मामलों में, कब्ज़ी कुछ खाने, आपकी जीवनशैली के विकल्प, औषधि-प्रयोग अथवा किसी बीमारी के कारण होती है। परन्तु कुछ व्यक्तियों को उनकी कब्ज़ी का कारण ज्ञात नहीं है और इसे ‘पुराना अज्ञातहेतुक कब्ज़ी कहते है।

कब्ज़ी के लक्षण

  • एक सप्ताह में आपने 3 बार से कम मलत्याग किया है
  • मलत्याग कठिन होता है और आपको ज़ोर लगाना पड़ता है
  • आपका मल सामान्य से बड़ा है
  • आपका मल सूखा, कठोर अथवा ढेलेदार है

कब्ज़ी के इन लक्षणों के अतिरिक्त पेट फ़ूलना और दर्द सहित अन्य अप्रिय साइड इफैक्ट भी हो सकते हैं। ये लक्षण आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव कर सकते है, परन्तु संयोग से आप घर पर कई नुस्खों उपयोग करके कब्ज़ी से मुक्ति पा सकते/सकती हैं।

आप अपने आहार में कुछ सरल परिवर्तन से शुरुआत सकते है। उदाहरणार्थ, आप निम्न से प्रयत्न कर सकते/सकती हैं :

  • अधिक जल और कम मदिरा पीना
  • खाने में फ़ाइबर की वृद्धि
  • अपने आहार में कुछ गेहूं की भूसी, जई (Oats) अथवा अलसी का समावेश

आप अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नियमित रूप से टॉयलेट जाने का प्रयास भी कर सकते/सकती हैं। उदाहरणार्थ, नियत समय पर टॉयलेट जायें और आवश्यकता पड़ने पर संडास करने में देर न करें। पश्चिमी टॉयलेट पर बैठते समय अपने पैर एक छोटे स्टूल पर रखें, आदर्शत: आपके घुटने आपके कूल्हे से ऊंचे होने चाहिये।

यदि इन परिवर्तनों से सुधार नहीं हो रहा है तो अपने फार्मासिस्ट से बात करें और वे आपको कोई लैक्सेटिव लेने का परामर्श दे सकते हैं जो तीन दिन के भीतर सुधार कर सकते हैं। लेकिन वे दीर्घ-उपयोग के लिये उपयुक्त नहीं हैं।

अधिक अध्ययन करें

कब्ज़के बारे में हमारे हैल्थ A-Z में और अधिक पढ़ें

कब चिंता करें

आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये, यदि :

  • आहार में परिवर्तन के पश्चात भी कोई सुधार नहीं हो रहा
  • नियमित रूप से कब्ज़ से पीड़ित हैं
  • बारंबार पेट फ़ूलने से पीड़ित हैं
  • आपके मल में रक्त आता है
  • अनपेक्षित कारण से वजन में कमी आई है
  • हमेशा थके-थके महसूस करते हैं

UTI

UTI अत्यंत साधारण हैं।हालांकि पुरुष और महिलायें दोनों को यह हो सकता है , ये महिलाओं में अधिक होता है । वस्तुतः, National Kidney Foundation ने यह पाया है कि 5 में से 1 महिला को अपने जीवन में UTI होता ही है (pdf).

अच्छी खबर यह है कि यदि शीघ्र उपचार किया जाये तो UTI चिंताजनक नहीं होते हैं, यदि आपके विचार में आपको UTI है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये, संभवत: संक्रमण दूर करने के लिये वे आपको एंटिबायोटिक्स का उपयुक्त नुस्खा देंगे।

ऐसा होने पर भी, यदि UTI का उपचार नहीं किया जाता है तो यह गुर्दों तक फैल सकता है और तब संक्रमण अधिक चिंताजनक हो सकता है।

UTI के लक्षणों में निम्न सम्मिलित हैं :

  • अचानक अथवा सामान्य से अधिक बार पिशाब करने की आवश्यकता होना
  • मूत्रत्याग करते समय जलन महसूस करना
  • बदबूदार अथवा धुंधला पिशाब
  • पिशाब में रक्त आना
  • निचले पेट में दर्द
  • थका-थका और अस्वस्थ महसूस करना
  • बुजुर्गों में व्याकुलता अथवा चिड़चिड़ेपन जैसे व्यवहार में परिवर्तन आ सकते हैं।

कोई भी UTI के अप्रिय लक्षणों का अनुभव नहीं करना चाहता, और हालांकि आप इसे सदैव रोक नहीं सकते/सकती हैं, आप कुछ सावधानियाँ अपनाकर इनकी संभावना कम ज़रूर कर सकते/सकती हैं।

इसमें निम्न सम्मिलित हैं :

  • टॉयलेट जाने पर आगे से पीछे की ओर पोंछना
  • मूत्र करते समय पूरा ब्लेडर रिक्त करना
  • अधिक पानी पीना
  • टब के स्थान पर फुहारे से स्नान करना
  • ढीले सूती अंतर्वस्त्र पहनना
  • संभोग के पश्चात यथाशीघ्र [पिशाब -त्याग करना

और निम्न न करें :

  • सुगंधित बुलबुला स्नान, साबुन अथवा टैलकम पाउडर का उपयोग
  • पिशाब-त्याग करने की महसूस होने पर उसे रोकना
  • नायलॉन जैसे तंग, सिंथेटिक अंतर्वस्त्र पहनना
  • तंग जीन्स अथवा पैंटें पहनना
  • शुक्राणुनाशक चिकनाई का उपयोग कोई गैर-शुक्राणुनाशक चिकनाई अथवा अलग प्रकार के गर्भनिरोधक का उपयोग करना

UTI को रोका जा सकता है और प्राय: इनका सरलता से उपचार किया जा सकता है। लक्षणों को जानने और शीघ्र उपचार प्राप्त करने से किडनी (गुर्दा) संक्रमण जैसे अन्य गंभीर रोग रोकने में सहायता मिल सकती है।

अधिक अध्ययन करें

UTIs पर अधिक जानकारी हमारे हैल्थ A-Zपर प्राप्त करें।

कब चिंता करें

यदि आप पुरुष अथवा गर्भवती है और आपके विचार में आपको UTI के लक्षण हैं तो आपको किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये। आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये,जब :

  • यह आपका प्रथम UTI है
  • आपके पिशाब में रक्त आया है
  • कुछ ही दिनों में आपके लक्षणों में सुधार नहीं आया है
  • उपचार के पश्चात आपके लक्षण लौट आये हैं

आपको तुरन्त उपचार लेना होगा जब :

  • आपके कमर की दिशा मेंअथवा पीठ के निचले भाग में दर्द हो
  • ज्वर, गरम अथवा कँपकँपाहट महसूस हो रही हो
  • बीमार थे अथवा बीमारी महसूस कर रहे हों
  • जुलाब हो

पेट के दाई ओर दर्द के आम कारण

पित्त पथरी

लोगों में पित्त पथरी होना आम बात है और पश्चिमी गोलार्ध में लगभग 35% व्यक्ति इससे ग्रसित हैं। ये छोटे पत्थर हैं - रेत के दाने से लेकर गोल्फ की गेंद के आकार तक - जो आपके पित्ताशय की थैली में विकसित होते हैं, और ज़्यादातर : वे कोलेस्ट्रल से बनते हैं।

पित्त पथरी से ग्रसित प्रत्येक व्यक्ति में लक्षण दिखना आवश्यक नहीं हैं, परन्तु दर्द से ग्रसित प्रत्येक व्यक्ति में ये होते ही हैं। अक्सर ये दर्द पेट के ऊपरी दाई ओर से उत्पन्न होता हैं और आपके दाये कंधे की हड्डी तक फैल सकता हैं।

अधिक विकट मामलों में आपको निम्न लक्षण भी हो सकते हैं :

  • बीमार महसूस करना
  • उल्टी करना
  • उच्च ज्वर होना
  • कंपकंपी और पसीना आना
  • अधिक नियमित दर्द होना
  • तेज हृदय धड़कन
  • त्वचा और आँखों में पीलापन
  • त्वचा में खुजली
  • जुलाब
  • व्याकुलता
  • भूख में कमी

प्राय: आपके पित्ताशय की थैली में कोलेस्ट्रल अथवा बिलिरूबिन नमक व्यर्थ-वस्तु के असामान्य रूप से उच्च मात्रा होने से पित्त पथरी बनती है। हालांकि कुछ कारणों का हमें अभी भी पूरा ज्ञान नहीं है।

यह माना जाता है कि पित्त पथरी बनने से रोकने में स्वस्थ और संतुलित आहार सहायक होता है। यदि आपको पित्त पथरी होने की चिंता है तो आपको तुरन्त ही अपने डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेनी चाहिये। वे यह जांच कर पायेंगे कि आपको पित्त पथरी है अथवा नहीं, और आपको उपचार हेतु उचित परामर्श दे पायेंगे।

उपचार आपके लक्षणों अथवा परेशानियों जैसे कई कारणों के आधार पर निर्भर करता है। इसमें लक्षणों, आहार परिवर्तन, पित्त पथरी को भंग करने हेतु औषधि-प्रयोग पर निगरानी अथवा सर्जरी अथवा इंडोस्कोपिक प्रतिगामी कोलंजीओ-पैनक्रियाटोग्राफी (ERCP) प्रक्रिया के माध्यम से पित्त की थैली हटाना सम्मिलित हो सकता है।

अधिक अध्ययन करें

पित्त पथरी के बारे में अतिरिक्त जानकारी हमारे हैल्थ A-Zपर लें।

कब चिंता करें

धिक विकट लक्षण का अनुभव होने पर आपको तुरन्त ही अपने डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेनी चाहिये। आपके लक्षणों की विकटता और बारंबारता के आधार पर उपचार के कई विकल्प उपलब्ध हैं।

अपेंडिसाइटिस

तुलनात्मक रूप से अपेंडिसाइटिस आम प्रचलित रोग हैं, और अपने जीवन में यह लगभग 13 में से एक व्यक्ति को पीड़ित करता है। यह बीमारी किसी भी आयु में हो सकती हैं परन्तु 10 से 20 वर्ष की आयु में यह अधिक सामान्य होती है।

अपेंडिसाइटिस समय-समय पर साधारण पेट दर्द उत्पन्न करता है, परन्तु कुछ घंटों में प्राय: दर्द पेट के निचली दाई ओर की तरफ बढ़ जाता है और जहां यह स्थिर होकर अधिक विकट बन जाती है। खांसने अथवा चलने से दर्द और अधिक बढ़ जाती है।

अन्य लक्षणों में निम्न सम्मिलित हो सकते हैं :

  • बीमार होना अथवा महसूस करना
  • भूख में कमी
  • जुलाब
  • उच्च ज्वर और लाल चेहरा

अपेंडिक्स का शरीर में वस्तुतः कोई उपयोग नहीं होता परन्तु यह सूज सकता है। चूंकि इसे हटाने से कोई दीर्घकालिक समस्या नहीं होती है, अपेंडिसाइटिस के उपचार में सर्जिकल प्रक्रिया लिप्त होती है और इसे समय पर करना लाभकारी होता है।

आदर्शतः, सूजे हुए अपेंडिक्स को फटने और संक्रमित द्रव को पेट में फैलने से पहले सर्जन उसे हटा देता है। अत: यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यदि आपको अपेंडिसाइटिस होने का शक है तो किसी डॉक्टर से संपर्क करें।

अधिक अध्ययन करें

अपेंडिसाइटिस के बारे में अधिक जानकारी हमारे हैल्थ A-Z में प्राप्त करें।

कब चिंता करें

समय के साथ पेट के दर्द का विकट होना कई बीमारियों का संकेत हो सकता हैं, परन्तु इन लक्षणों के कारण पर ध्यान देने के स्थान पर आपको किसी डॉक्टर से तुरन्त संपर्क करना चाहिये।

और, यदि आपको अचानक अत्यधिक दर्द हो और वह आपके पूरे पेट में फैल जाये तो आपको एक ऐम्बुलेंस बुलानी चाहिये, क्योंकि यह आपके अपेंडिक्स फट जाने का लक्षण हो सकता है। एक फटे हये अपेंडिक्स से पेट की अंदुरनी परत पर संक्रमण, पेर्टीटोनाइटिस, हो सकता है और यह अत्यंत चिंताजनक हो सकता है।

पेट के बाई ओर दर्द के आम कारण

गुर्दे की पथरी और गुर्दे का संक्रमण

गुर्दे की पथरी अथवा गुर्दे का संक्रमण आपके पेट के बाई अथवा दाई ओर में अत्यधिक दर्द उत्पन्न कर सकता है। आपके गुर्दे आपकी रीढ़ के दोनों ओर पंजर के ठीक नीचे स्थित होते हैं, और वे आपके पेट से गंदा और अतिरिक्त द्रव हटाते हैं

तुलनात्मक रूप से गुर्दे की पथरी अधिक सामान्य होती है और लगभग 20 में से 3 पुरुषों, और 20 में से 2 महिलाओं को, और आम तौर पर 30-60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को प्रभावित करती है।

गुर्दे की पथरी और गुर्दे के संक्रमण में निम्न लक्षण हैं :

  • आपके बायें और/अथवा दायें पेट में दर्द, पीठ पर नीचे की ओर दर्द अथवा आपके गुप्तांग के इर्द-गिर्द दर्द
  • ज्वर, कंपकंपी अथवा
  • कमजोरी अथवा थकावट महसूस करना
  • भूख में कमी
  • बीमार होना अथवा महसूस करना

सभी गुर्दे के पत्थर लक्षण उत्पन्न नहीं करते हैं, परन्तु बड़े पत्थर, अथवा जो आपकी मूत्र-वाहिनी (नल्ली जहां से गुर्दे से मूत्राशय में मूत्र जाता है) में बाधा पहुंचाता है, निम्न समस्यायें उत्पन्न कर सकते हैं :

  • पीठ पर नीचे लगातार दर्द और कभी-कभी पेड़ू-जांघ जोड़ में दर्द (पुरुषों में उनके अंडकोश और अंडकोश की थैली में दर्द हो सकता है)
  • आपके पीठ पर अथवा पेट के दोनों ओर अत्यधिक दर्द जिसकी अवधि कुछ मिनट अथवा घंटों की हो सकती है
  • व्याकुलता महसूस होना
  • सामान्य से अधिक बार मूत्र-त्याग
  • मूत्र-त्याग करते हुए दर्द
  • मूत्र में रक्त आना

आपके पिशाब में कुछ साल्ट अथवा खनिज की उपस्थिती से गुर्दे के पत्थर बनते हैं अधिकतर गुर्दे के पत्थर अपने आप निकल जाते हैं और आप इस प्रक्रिया को अत्यधिक पानी पीकर सुगम बना सकते/सकती हैं। यदि आपको अत्यधिक दर्द हो रहा है अथवा आप बीमार महसूस कर रहे/रही हैं, तो आपके डॉक्टर आपको मिचली-रोधक औषधि अथवा कोई दर्द-निवारक दवाई दे सकते हैं।

कभी-कभी आपको हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा क्योंकि आपका गुर्दे का पत्थर अत्यंत बड़ा होने के कारण अपने आप नहीं निकल सकता है, अथवा यह आपकीे मूत्रवाहिनी में चला गया है और अत्यधिक दर्द और संभावित परेशानियाँ उत्पन्न कर रहा है।

हॉस्पिटल में गुर्दे के पत्थर को छोटे-छोटेे टुकड़ों में तोड़ने अथवा हाथ से हटाने के कई प्रकार के उपचार उपलब्ध है।

गुर्दे के पत्थर उत्पन्न होने की संभावना से बचने के लिये आपको अपने डॉक्टर के साथ उसके कारण की खोज करने हेतु कार्य, और फिर उसके अनुसार व्यवस्था करनी होगी। इसके अतिरिक्त, व्यर्थ उत्पादों को बनने से रोकने के लिये हाइड्रेटेड रहना (ज़्यादा पानी पीना) सदैव उपयोगी रहता है।

अधिक अध्ययन करें

पित्त पथरी के बारे में अतिरिक्त जानकारी हमारे हैल्थ A-Zपर लें।

अधिक अध्ययन करें

गुर्दे के संक्रमण पर अधिक जानकारी हमारे हैल्थ A-Zपर प्राप्त करें।

कब चिंता करें

अधिकतर, गुर्दे के पत्थर, बिना चिकित्सीय उपचार के भी दूर हो जाते हैं परन्तु आपको किसी डॉक्टर से तुरन्त संपर्क करना होगा यदि :

  • आपको ज्वर, कंपकंपी अथवा कंपन का आरम्भ हो रहा है।
  • दर्द अचानक से विकट और गंभीर हो रहा है।

विपटीशोथ (Diverticulitis)

विपटीशोथ एक संक्रमण है जो निम्न रोक से उत्पन्न हो सकता है : विपुटीय का तात्पर्य उन छोटे उभारों से है जो बड़ी आंतड़ी के एक ओर विकसित और निकल सकते हैं।

जब तक छोटे उभारों में सूजन अथवा संक्रमण नहीं होता, विपुटीय से ग्रसित व्यक्तियों में बहुत कम लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसे विपटीशोथ के नाम से जाना जाता है।

विपटीशोथ के निम्न लक्षण होते हैं :

  • उदर में लगातार, गहन दर्द
  • बुखार
  • बीमार होना अथवा उल्टी करना
  • थका-थका महसूस करना
  • पिशाब में रक्त अथवा संडास की जगह से से रक्तस्त्राव

ये लक्षण विपुटीय रोग से भिन्न होते हैं, विपुटीय रोग में र निम्न लक्षण होते हैं :

  • पेट में बाई नीचे की ओर दर्द आता-जाता रहता है परन्तु खाने के पश्चात अधिक हो जाता है।
  • फ़ूला हुआ पेट
  • कब्ज़ी , जुलाब अथवा दोनों
  • आपके संडास में आंव (म्यूकस )

विपुटीय रोग का कोई ठोस कारण नहीं है परन्तु इसका सम्बंध आयु, आहार और जीवनशैली और आनुवंशिकी में पाया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि आयु के बढ्ने के साथ-साथ विपुटीय रोग की संभावना अधिक होती है, विशेषत: क्योंकि आपकी आंतड़ियों की दीवारें इतनी मजबूत नहीं होती और इसलिए कठोर संडास के दबाव से छोटे उभार, अथवा पॉकेट बन सकते हैं।

अन्य संदिग्ध कारण :

  • आहार में रेशे के कमी
  • धूम्रपान
  • मोटापा
  • बारंबार कब्ज़ी
  • इबुप्रोफेन और एस्प्रिन जैसी दवा-निवारकों का अति-उपयोग
  • आनुवंशिकी - अगर आपके किसी रिश्तेदार को, विशेषत: उनकी 50 वर्ष की आयु से पूर्व, कोई रोग था अथवा है तो आपको भी होने की संभावना होती है

प्राय: विपुटीय रोग का उपचार आहार में अधिक रेशे वाले खाद्य की मात्रा बढाने से किया जा सकता है। आहार के साथ-साथ आपके डॉक्टर आपको कुछ औषधियाँ लेने का परामर्श दे सकते हैं, उदाहरणार्थ कब्ज़ी या दस्त के लक्षणों को कम करने में सहायक औषध - बल्क-फॉर्मिंग लैक्सेटिव। वे आपको एक दर्द-निवारक लेने की सलाह भी दे सकते हैं।

यदि आपको विपटीशोथ है तो उसकी विकटता के आधार पर आपको एंटिबायोटिक्स लेने अथवा हॉस्पिटल में भर्ती होने का परामर्श दिया जा सकता है। हॉस्पिटल में उपचार में इन्ट्रावेनस एंटिबायोटिक्स और द्रव सम्मिलित हो सकते हैं, परन्तु अधिक चिंताजनक मामलों में सर्जरी की आवश्यकता भी हो सकती है।

अधिक अध्ययन करें

विपुटीय रोग और विपटीशोथ के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्थ A-Z का अध्ययन करें।

कब चिंता करें

यदि दोनों रोगो में से आपको किसी के भी लक्षण दिख रहे हों तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिये। और यदि आपको रक्तस्त्राव अथवा अत्यधिक दर्द है तो किसी डॉक्टर से तुरन्त संपर्क करें।

निष्कर्ष

उदरीय दर्द कई भिन्न बीमारियों, तुलनात्मक रूप से आँत या पेट में जलन जैसे साधारण मामलों से लेकर अत्यंत गंभीर अपेंडिसाइटिस जैसी बीमारियों , के कारण हो सकता हैँ। कई मामलों में, उदरीय दर्द अपने आप ठीक हो जाते हैं परन्तु यदि आप अपनी दर्द के बारे में चिंतित है, तो आपको शीघ्रताशीघ्र किसी डॉक्टर से मिलना चाहिये।

वे किसी चिंताजनक चिकित्सीय बीमारी के बारे में जांच करेंगे, और आपको दर्द की देख-भाल करने में सहायता करेंगे।

आपको तुरन्त चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिये, यदि आपका दर्द अचानक और अत्यधिक है, अथवा :

  • पेट छूने पर दर्द करता हो
  • आपको रक्त की उल्टी आ रही हो अथवा आपकी उल्टी पिसी हुई कॉफी की तरह दिखती हो
  • आपके मल (संडास) में रक्त हो
  • आपका मल काला, चिपचिपा और अत्यंत बदबूदार हो
  • आप पिशाब नहीं कर सकते/सकती हैं
  • आप मल त्याग अथवा पाद नहीं सकते/सकती हैं
  • आप सांस नहीं ले सकते/सकती हैं
  • आपके छाती में दर्द है
  • आपको मधुमेह है और उल्टी कर रहे/रही हैं
  • कोई अचानक गिर गया है

मेरे लक्षण चेक करें

यदि आप अभी भी सुनिश्चित नहीं है कि आपको पेट दर्द क्यों हो रहा है तो हमारी लक्षण जांचकर्ता आजमायें।

लक्षण जाँचकर्ता आजमायें

NHS Logo
शीर्ष पर लौटें